00:03एक ऐसे भगवान जो इंसानों की तरह बिमार पड़ते हैं उन्हें बुखार आता है 15 दिनों तक उन्हें काड़े का
00:10भोग लगाया जाता है और जैसे ही वो ठीक होते हैं तो खुद अपनी गद्दी छोड़कर करोड़ों की भीड़ के
00:17बीच सड़त पर उतराते हैं
00:19जी हां हम बात कर रहे हैं उडेचा के पूरी की जगनात रथियात्रा की लेकिन क्या आपने कभी सोचा है
00:25कि ब्रह्मान के नायक को हर साथ मंदिर से बाहरा कर इस तप्ती धूप में सड़क पर क्यों घूमना पड़ता
00:33है इसके पीछे की कहानी क्या है चलिए बताते हैं आपको
00:49श्री कृष्ण की बहन सुभद्रा ने अपने भायों क्रिष्ण और बलराम से एक इच्छा जाहिर की भाया मैंने सुना है
00:57कि आपकी बाल लिलाओं की भूमी वो व्रिंदावन वो गोकुल बेहत खुबसूरत है क्या आप मुझे वहां गुमाने नहीं ले
01:05जाएंगे अपनी
01:18की दिन से इस नगर यात्रा की परंपरा शुरू हुई जिसे आज हम रत यात्रा कहते हैं महीं इसके पीछे
01:26की एक कहानी और है और वो यह है कि असाड महिने के शुकल पक्ष के दूसरे थी भगवान जगन्ना
01:33बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपने त
01:44नौ दिनों तक अराम करते हैं तरह तरह के पक्मान खाते हैं और फिर वहां से वापस लोड़ते हैं इसी
01:50यात्रा को जगन्नात रत्यात्रा कहा जाता है मैं कई लोगों के मन में ये भी सवाल होता है कि हर
01:56साल नए रत क्यों बनाय जाते हैं तो बताते जगन्नात रत्यात्रा
01:59कि सबसे अनोखी परंपराओं में से एक है ये कि भगबान के तीनों रत हर साल नए बनाय जाते हैं
02:06रत निर्मान के शुरवात अच्छे तृत्या के दिन होती है
02:10इसके लिए फासी, धोरा, आसन और सिमिली जैसे विशेश लकडियों का उपियोग किया जाता है
02:18परंपरागत महराना कारिगर पीडियों से इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं
02:23रत निर्मान के दौरान तैधार्मिक नियमों और शास्त्रे परंपराओं का विशेश रूप से पालन किया जाता है
02:29कहते हैं जो भी इंसान इस रत यात्रा में शामिल होकर भगवान के रत की रसी को एक बार छू
02:36लेता है
02:36उसे जनम मरन के चक्र से मुक्ती मिल जाती है
02:39उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगे
02:42फिलाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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