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The World Meteorological Organization (WMO) has issued a fresh El Nino alert, raising concerns over weather patterns across the globe. Scientists estimate an 80% chance of El Nino developing in the coming months, which could impact monsoon rainfall in India. A weaker monsoon may affect agriculture, water resources, and daily life for millions. What does this warning mean for India, and can other weather systems reduce the impact? Watch the full report.

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने एल नीनो को लेकर नई चेतावनी जारी की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक आने वाले महीनों में एल नीनो बनने की संभावना 80% तक पहुंच गई है। इससे भारत में कमजोर मानसून, कम बारिश और सूखे जैसी परिस्थितियों की आशंका बढ़ सकती है। खेती, जलाशयों और पेयजल पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि IOD और MJO जैसे मौसमीय कारक राहत भी दे सकते हैं। आखिर भारत के लिए यह चेतावनी कितनी गंभीर है? जानिए पूरी रिपोर्ट में।

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00:00अगर अगले कुछ महीनों में बारिश ने साथ नहीं दिया तो खेट सूख सकते हैं, जलाशियों का जल सर घट
00:06सकता है और कहीं राजियों में पानी का संकट घहरा सकता है
00:10क्योंकि दुनिया के मौसम विज्ञानिकों ने एक बार फिर उस नाम को लेकर चितावनी जारी की है, जिससे भारत में
00:17अक्सर कमदोर मौन्सून और सूखे से जोड कर देखा जाता है
00:27अल नीनो, विश्व मौसम विज्ञान संगठन यानी WMO के मताबिक जून से अगस्त के बीच अल नीनो बनने की संभावना
00:3580% तक पहुच गई है
00:37इतना ही नहीं, नवंबर तक इसके बने रहने की भी संभावना 90% से जादा बताई जा रही है
00:44यानि आने वाले महीनों में दुनिया के मौसम का मिजाज बदल सकता है और इसका असर भारत पर भी पढ़
00:51सकता है
00:51अब सवाल ये है कि आखिर अल नीनो है क्या और भारत के लिए इसे लेकर इसी चिंता क्यों जताई
00:58जा रही है
00:59दरसल रशांत महसागर के एक्वेटर यानि धर्ती के बीच वाले हिस्से के आजपास जब समुद्री हवाई कमजोर पढ़ने लगती है
01:08तो समुद्र का पानी समान्य से जादा गरम हो जाता है
01:11इस सिटी को अलनीनो कहा जाता है सुनने में ये सिरफ समुद्र के सापमान में बदलाव लगता है लेकिन इसका
01:18अशर हजारों किलोमीटर दूर भारत के मौसम तक पौचता है
01:21ये वज़ा है कि जब धी अलनीनो सक्रिय होता है मौसम विज्ञानिक भारत के मौनसून पर खास नजर रखना शुरू
01:29कर देते हैं
01:29क्योंकि भारत की खेती पीने का पानी बिजली उत्पादित और करोडों लोगों की रोजमरा की जिल्गी काफी हद तक मौनसून
01:37पर निर्भर करती है और इतिहास भी इसकी कवाई देता है
01:41देश में 1957-58 के बीच, 65-66 के बीच, 72-73 के बीच, 87-88 और 2015-16 जैसे
01:53कई साल ऐसे रहे जब अल्मीनों के दुरान सूखे जैसी परस्टितिया देखने को मिली
01:59हाला कि हर बार अल्मीनों आने का मतलब सूखा पड़े ऐसा भी नहीं है
02:02लेकिन इस बार चिंता इसले बढ़ गई है क्योंकि WMO के विज्यानिकों को समुद्र की सतय के नीचे का पानी
02:09समाने से करीब 6 डिग्री सेल्शियस जादा गरम मिला है
02:13विज्यानिकों का कहना है कि समुद्र के भीतर जमा यही अतरिक गर्मी अल्मीनों को और ताकत दे सकती है
02:20यानि अगर हालत किसी तरह बनी रही तो मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं
02:26इसका असर सिरफ भारत तक सीमित नहीं रहेगा
02:28WMO ने चितावनी दी है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सूखा, बार, समुद्री और सलियर, हीट वेज जैसी
02:36चरम मौसमी घटनाएं देखने को मिल सकती है
02:39यही वज़ा है कि प्रभाविट देशों को पहले से तयार रहने की सला दी गई है
02:44भारत में भी केंडर सरकार ने संभाविट खत्रे को देखते हुए तयारी शुरू करती है
02:49क्रिशी मंत्राले ने राज्यों और संबंदत एजेंसियों को निर्देश दिये हैं
02:54कि समान्य से कम मौन्सून के आशंका को देख से हुए जीलस्तर पर सयारियां लागू करती जाए
03:00साथ ही किसानों तक समय पर जानकारी पहुचाने के लिए
03:03डिजिटल प्लाटफॉर्म और कॉल सेंटर से वाओ को भी मजबूत करने को कहा गया है
03:08हाला कि भारत के लिए अभी उमीद पूरी तरह खतम नहीं हुई है
03:12मौसम विज्ञानिकों का कहना है कि जो बड़े सिस्टम अलनीनों के असर को कमतोर कर सकते हैं
03:18पहला है इंडियन ओशिन डाइपोल यानि आई ओडी
03:22इसे हिंद महासागर का अलनीनों भी कहा जाता है
03:25अगर इसका फेस पॉजिटिव रहता है तो ये अलनीनों के प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर सकता है
03:32और अच्छी बारिश की संभावना बड़ा सकता है
03:34दूसरा है मडैन जूलियन ओस्पिलेशिन यानि MJO
03:38ये बादलो और हवाओ का एक वैश्विक चक्र है जो जब भारत के उपर सक्री होता है
03:44तो कमजोर मॉन्सून के दुरान भी अच्छी बारिश का दौर लगता है
03:49यानि फिलाल तस्वीर पूरी तरे नकरात्मक नहीं है
03:52लेकिन खत्रे की घंटी जरूर बच चुकी है
04:08की चुनौर्टी का सामना करना पड़ सकता है
04:11आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी
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