00:00अगर अगले कुछ महीनों में बारिश ने साथ नहीं दिया तो खेट सूख सकते हैं, जलाशियों का जल सर घट
00:06सकता है और कहीं राजियों में पानी का संकट घहरा सकता है
00:10क्योंकि दुनिया के मौसम विज्ञानिकों ने एक बार फिर उस नाम को लेकर चितावनी जारी की है, जिससे भारत में
00:17अक्सर कमदोर मौन्सून और सूखे से जोड कर देखा जाता है
00:27अल नीनो, विश्व मौसम विज्ञान संगठन यानी WMO के मताबिक जून से अगस्त के बीच अल नीनो बनने की संभावना
00:3580% तक पहुच गई है
00:37इतना ही नहीं, नवंबर तक इसके बने रहने की भी संभावना 90% से जादा बताई जा रही है
00:44यानि आने वाले महीनों में दुनिया के मौसम का मिजाज बदल सकता है और इसका असर भारत पर भी पढ़
00:51सकता है
00:51अब सवाल ये है कि आखिर अल नीनो है क्या और भारत के लिए इसे लेकर इसी चिंता क्यों जताई
00:58जा रही है
00:59दरसल रशांत महसागर के एक्वेटर यानि धर्ती के बीच वाले हिस्से के आजपास जब समुद्री हवाई कमजोर पढ़ने लगती है
01:08तो समुद्र का पानी समान्य से जादा गरम हो जाता है
01:11इस सिटी को अलनीनो कहा जाता है सुनने में ये सिरफ समुद्र के सापमान में बदलाव लगता है लेकिन इसका
01:18अशर हजारों किलोमीटर दूर भारत के मौसम तक पौचता है
01:21ये वज़ा है कि जब धी अलनीनो सक्रिय होता है मौसम विज्ञानिक भारत के मौनसून पर खास नजर रखना शुरू
01:29कर देते हैं
01:29क्योंकि भारत की खेती पीने का पानी बिजली उत्पादित और करोडों लोगों की रोजमरा की जिल्गी काफी हद तक मौनसून
01:37पर निर्भर करती है और इतिहास भी इसकी कवाई देता है
01:41देश में 1957-58 के बीच, 65-66 के बीच, 72-73 के बीच, 87-88 और 2015-16 जैसे
01:53कई साल ऐसे रहे जब अल्मीनों के दुरान सूखे जैसी परस्टितिया देखने को मिली
01:59हाला कि हर बार अल्मीनों आने का मतलब सूखा पड़े ऐसा भी नहीं है
02:02लेकिन इस बार चिंता इसले बढ़ गई है क्योंकि WMO के विज्यानिकों को समुद्र की सतय के नीचे का पानी
02:09समाने से करीब 6 डिग्री सेल्शियस जादा गरम मिला है
02:13विज्यानिकों का कहना है कि समुद्र के भीतर जमा यही अतरिक गर्मी अल्मीनों को और ताकत दे सकती है
02:20यानि अगर हालत किसी तरह बनी रही तो मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं
02:26इसका असर सिरफ भारत तक सीमित नहीं रहेगा
02:28WMO ने चितावनी दी है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सूखा, बार, समुद्री और सलियर, हीट वेज जैसी
02:36चरम मौसमी घटनाएं देखने को मिल सकती है
02:39यही वज़ा है कि प्रभाविट देशों को पहले से तयार रहने की सला दी गई है
02:44भारत में भी केंडर सरकार ने संभाविट खत्रे को देखते हुए तयारी शुरू करती है
02:49क्रिशी मंत्राले ने राज्यों और संबंदत एजेंसियों को निर्देश दिये हैं
02:54कि समान्य से कम मौन्सून के आशंका को देख से हुए जीलस्तर पर सयारियां लागू करती जाए
03:00साथ ही किसानों तक समय पर जानकारी पहुचाने के लिए
03:03डिजिटल प्लाटफॉर्म और कॉल सेंटर से वाओ को भी मजबूत करने को कहा गया है
03:08हाला कि भारत के लिए अभी उमीद पूरी तरह खतम नहीं हुई है
03:12मौसम विज्ञानिकों का कहना है कि जो बड़े सिस्टम अलनीनों के असर को कमतोर कर सकते हैं
03:18पहला है इंडियन ओशिन डाइपोल यानि आई ओडी
03:22इसे हिंद महासागर का अलनीनों भी कहा जाता है
03:25अगर इसका फेस पॉजिटिव रहता है तो ये अलनीनों के प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर सकता है
03:32और अच्छी बारिश की संभावना बड़ा सकता है
03:34दूसरा है मडैन जूलियन ओस्पिलेशिन यानि MJO
03:38ये बादलो और हवाओ का एक वैश्विक चक्र है जो जब भारत के उपर सक्री होता है
03:44तो कमजोर मॉन्सून के दुरान भी अच्छी बारिश का दौर लगता है
03:49यानि फिलाल तस्वीर पूरी तरे नकरात्मक नहीं है
03:52लेकिन खत्रे की घंटी जरूर बच चुकी है
04:08की चुनौर्टी का सामना करना पड़ सकता है
04:11आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी
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