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  • 4 minutes ago
क्या कोई बेटा ₹93,500 प्रतिमाह कमाने के बाद भी अपनी बुजुर्ग मां को भरण-पोषण (Maintenance) देने से मना कर सकता है? Supreme Court में एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां TCS में काम करने वाले एक शख्स के खिलाफ उसकी अपनी मां को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि Justice Sanjay Karol की पीठ (Bench) के सामने जब यह मामला आया, तो कोर्ट ने क्या सख्त टिप्पणी की। जज साहब का कहना था— “What have we come to?” (आखिर हम कहाँ आ गए हैं?)। इस पूरे कानूनी और सामाजिक मुद्दे पर हमने Supreme Court के सीनियर एडवोकेट विशाल सिंह चंदेल (Vishal Singh Chandel) से खास बातचीत की है। उन्होंने समझाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 (पहले की CrPC 125) और Senior Citizens Act 2007 के तहत ऐसी औलाद को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

TCS कर्मी बेटे और बुजुर्ग मां का पूरा मामला क्या है?

Justice Sanjay Karol की टिप्पणी "What have we come to?" के क्या मायने हैं?

सीनियर एडवोकेट विशाल सिंह चंदेल का कानूनी विश्लेषण (Legal Analysis)।

क्या माता-पिता का खर्च न उठाने पर सच में जेल हो सकती है?

नए कानून BNSS की धारा 144 और Maintenance Act 2007 की पूरी जानकारी।

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~HT.410~PR.548~ED.520~GR.510~VG.HM~

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Transcript
00:00हर माता-पिता का अधिकार है कि वो भरन पोशड अपने बच्चे से पाई और जो लोग नहीं देंगे तो
00:05125 के एक्जीकूशन में वो बच्चे जेल भी जा सकते हैं उनकी रेपूटेटेड नौकरी पर भी खत्रा पड़ सकता है
00:11मजिस्ट्रेट कोटिस में आडर कर सकती है बच्चों के खिलाब कि आपको मेंटेन करना पड़ेगा पास एक लाख रुपए की
00:17सेल्डी है तो हाई कोट और सुप्रीम कोट उस ओडर को चैलेंज करे गई
00:20लेकिन मेरा मानना है कि कानून के हिसाब से परिवारिक सन्रचना नहीं चलती है कुछ सन्रचना है कुछ समाजिक चीजे
00:27भी होती है जिसको सभी बच्चों को मानना चाहिए
00:29बात कबदाओं की हो सहिप की हो या भारतिय समाज की हो जब बेटा पैदा होता है तो मा बाप
00:39यह सोचते हैं कि मेरे बुड़ापे का सहरा बना होगा एक फिल्म भी थी उसका गाना था तुझे सूरच कहूं
00:47या चंदा उसकी एक पंती और थी जब मैं बुड़ा हो जाऊं �
00:51लेकिन उन सबसे इतर आज सुप्रेम कोट में एक माँ आई है वो कहती है कि मेरे पास अपने भन
01:00पोस्ट की कोई विवस्ता नहीं है
01:01मैंने बेटे को पढ़ाय लिखाया आज काम्याब है एक लाग के आसपास तंखा ले रहा है लेकिन मुझे रोटी खिलाने
01:10से इंकार करता अब सुप्रिम कोट ने क्या खा इसको समझने के जरूरत थी सुप्रिम कोट के किसी सीनियर एड़ोकेट
01:17की हमारे साथ जुड़े हैं
01:20बिशाल सिंचंदेल जी जो सीनियर एड़ोकेट है सुप्रिम कोट के साथ स्वागत है आपका ये बड़ा मार्मिक एक किस्सा आ
01:29गया सुप्रिम कोट में और आज जरूरती क्या मामला है और क्या सुप्रिम कोट ने का टिपनी भी वड़ी शक्त
01:37की है देखिए ओनरिबल सु
01:50अगर माता पिता हैं तो वो भी कर सकते हैं और ना सिर्फ लड़के से बलकि लड़कियों से भी मेंटेनिंस
01:56का अधिकार मांगा जा सकता है माता पिता के द्वारा आज ऑनरिबल सुप्रिम कोट में जो मामला लगा हुआ था
02:01उसमें एक पैरेंट्स का यही डिमांड था कि उ
02:18अपने माता पिता को मेंटेन करने के लिए समय नहीं है और आप अपने डिपेंडेंट्स जो उन्होंने बताया भी कि
02:22उनकी वाइफ और बच्चे हैं उनको आप लोग मेंटेन कर रहे हैं और इसको तो आपको घर में ही सेटल
02:28कर लेना चाहिए था कोट तक आने की क्या जरू
02:47के लिए कोट में अप्लीकेशन लगा सकते हैं और बच्चों को यह लीगल जिमिदारी होगी कि उनको मेंटेन करें और
02:53इसी हफ्ते एक बार और सुप्रीम कोट ने कहा था कि ऐसे लोग जो यह सोच रहें कि अपने माता
02:59पिता को हम मेंटेन नहीं करेंगे बड़त पोर्शन नह
03:13इसका सीधा सता कि हम किस जगह पर आगें अब सवाल यह है कि माता पिता और बेटे का संब्द
03:20सिर्फ कानूनी नहीं होता यह प्रेम का संब्द होता है जिम्मेदारी का संब्द होता है करतब का संब्द होता है
03:27भाबना का संब्द होता है अगर एक मा को अपने बेटे से को�
03:42पाला यहां तक आए हम सब भी भूड़े होंगे हमारे भी बच्चे हैं तो सवाल जी है कि समाज में
03:49कहां कमी आ रही वकील साफ कानून ते तो क्या फैसला दिया वो तो आपने बताई कि भरण पोस्ट का
03:55आदेश दे दिया होगा जी नहीं आज के दिन जो है एड़र्णमेंट
03:58दे दिया था क्योंकि जो लड़की की तरफ से वकील थे वो थे नहीं उन्होंने एड़र्णमेंट फाइल कर दिया था
04:02लेकिन कोट ने सक्त टिपड़ी की है कि ऐसे मुकदमे को तो आपको घर पर सुलह कर लेना चाहिए यानि
04:07कि लगता है कि फैसला फिर जाएगा इस टिप
04:25बात कि कई बार लोग यह सबस्ते हैं कि हम कोई बच्चे को एडॉप्ट कर लिए हैं तो उस पर
04:29हमारा यह लीगल राइट नहीं बनता उस पर भी ऑनरेबल सुप्रीम कोट बहुत ही क्लियर है अगर कोई एडॉप्टीव फादर
04:34एंड मदर है वो भी आस्क कर सकता है मेंटे
04:53सुप्रीम कोट का ही जज्जमेंट है जिसमें उन्रेबल सुप्रीम कोट ने एक लड़की को यह आदेश दिया था कि आप
04:58ऐसा नहीं है कि बहन है या बच्ची है या महिला है तो अपने माता-पिदा को मेंटेन नहीं करेंगी
05:02और आप से कोई मेंटेनेंस का राइट भले आ
05:07आप जिस माता-पिदा के बच्चे हैं उनको मेंटेन करने का आपका पूरा हक है और एक बात मैं और
05:12बता देना चाहता हूं सन 2005 में ऑन्रेबल सुप्रीम कोट ने बहुत सारे ऐसे आमेंडमेंट किये जिसमें कि अब बच्चीयों
05:19को भी एंसेस्ट्रल प्रॉपर्टी में प
05:37सुप्रिम कोट तक आ गई बनना सुप्रिम कोट आने में असान नहीं सब के पास यह चाहें आप जैसे वकील
05:43हैं जो कई बार लोगों की फ्रीवी हल्प कर देते हैं या लीगल एड का रास्ता दिखा देते हैं पर
05:47है आप बता देते कि बहां चले जाओ लेकिन सवाल है कि स�
05:52दोजार साथ में जो आपने 144 का कानून बताया वो भी आ चुका है तो यह यह भन पोस्टर क्या
05:59एसी कोई विवस्ता है कानूनी चुकी मैं उन माताओं के लिए जो छोटे-छोटे सहरों में रह रही हैं क्या
06:04जिला अदालत से ऐसा नहीं दिला सकते वकीलें या फिर मैंजि
06:20क्योंकि CRPC में पहले सेक्षण 125 था उसी के तहत जिससे लोग साधी करके आते थे जब उसको डाइबोस के
06:27लिए फाइल करती थी वो लड़की तो उसको भरन पोस्टर का अधिकार दिया जाता था सेम वहीं सेक्षण माता पिता
06:33के लिए भी एलाओ करता है जी बिएन एसस का �
06:59सब्सक्राइब करेंगे क्योंकि आज एक सम्मिसन बच्चे की तरफ से यह दिया गया कि मैं तीन लोगों को मिंटेन करता
07:06हूं
07:06को अपने बच्चे को और मेरी सेल्डी 93,000 है तो कहीं न कहीं बच्चे कभी कभी चैलेंज अब जिसके
07:12पास एक लाख रुपए की सेल्डी है तो हाई कोट और सुप्रीम कोट उस होड़र को चैलेंज करे गई लेकिन
07:16मेरा मानना है कि कानून की हिसाब से परिवारिक सनरचना
07:20नहीं चलती है कुछ संरचना कुछ समाजिक चीजे भी होती हैं जिसको सभी बच्चों को मानना चैये अगर आप माता
07:26पीदा की प्रापरटी में हक ले रहे हैं
07:28अगर आप माता पीदा के पैसे से पढ़ाई किये हैं, अगर आप माता पीदा की वजह से आज वो पोजीशन
07:32हेल्ड करें जहां पे हैं, तो ऐसे में कहीं से भी ये सही नहीं होगा कि आप कमाने लगे तो
07:37अपने माता पीदा को ऐसे अनाथाले चोड़ रहे हैं, या फिर बृ�
07:42करना चोट दिया है यह चीजे गलत है यह उनका अधिकार है आपकी बात चीज समझ में आया कई वार
07:48यह होता है कि जैसे आपने का कि अगर आप प्रापर्टी में हख लिए हैं पहुत से लोग ऐसे इन
07:54पर प्रापर्टी नहीं है मान लीजे हो सकता है कोई मजदूर ही उसने अ
08:11पैसों में चार बच्चों को भी पालता है ऑपनी कम कमाई मि छे बच्चों को भी पालते हैं सवाल यह
08:16यह नहीं नहीं है कि आपके ऊपर मापनी दोबके माटकु को पाल नहीं हूं तो मैं कैसे वालूं यह printer
08:33हुआ कानूनी कि मुझे नहीं
08:35लगता कि ये कोई तर्खुआ और एक ब्रिद्ध व्यक्ति हमारे चेंबर में आये तो उन्होंने मुझे से एक बात कही
08:39थी कि 6 बच्चों को माता-पिता पाल लेते हैं लेकिन 6 बच्चे मिलके एक माता-पिता का बुढ़ापे में
08:46सहारा नहीं बन पाते हैं और यही कारण है क
08:49इसमें इंटर्वेन कर रहा है पारलिया मेंट का स्पेस्फिक लौँ है इस पर कि पैरेंट्स और सीनियर सिटिजन्स को मेंटेन
08:56करने के लिए 2008 का एक एक अक्ट ही अलग से बनाया क्या है तो कहीं न कहीं मुझे लगता
09:01है कि ऐसे लोग जो ऑनरेबल सुप्रीम कोट का आदे
09:06नहीं मानेंगे उनको आदेश ना मानने के लिए जेल भी होता है जैसे कई बार संदेश में आप से चाहता
09:12हूं निवाओं के लिए माबाप को तो आपने बता दिया कि आप मैजिस्टेट कहां से ले सकते हैं लेकिन हमारा
09:17संदेश यह जाना चाहिए कोई भी युवा है कोई
09:36सकती सीधा सीधा उन्हें संदेश जाना चाहिए देखिए मैं सभी दर्सकों को कहना चाहता हूं कि हर माता-पिता का
09:41अधिकार है कि वह भरन पोशल अपने बच्चे से पाए और जो लोग नहीं देंगे तो 125 के एक्जीकूशन में
09:47वह बच्चे जेल भी जा सकते हैं उनकी र
10:04मोरल और लीगल रिस्पॉंसिबिल्टी बनती है उनको मेंटेन करना इसलिए पारलिया मेंन ने काफी सोच समझ कर ये कानून लाया
10:10और इस कानून के तहट कही सारे माता-पिता को भरन पोशल का अधिकार मिल भी रहा है इवेन ऑन्रेबल
10:16सुप्रीम कोड तो एक एक्स्टें
10:33करना हो लेकिन जिनके पास है उनमें कोई उनका लीगल राइड भी नहीं बनता यह ओन्रेबल सुप्रीम कोड करेस्ट देना
10:41ही पड़ेगा अगर नहीं देंगे तो जील जाएंगे जील जाने से अगर सरकारी नौकरी में है तो नौकरी चली जाएगी
10:46प्राइबेट नौकर
11:03पूसर देना होगा जैसे डाइवोस जब हाइल करती है कोई महिला और पती के उपर मिंटेनेंस का जब खर्चा पड़ता
11:09है और पती नहीं देता है तो उन्रिबल कोट उसे जेल भी भेजती है ऐसे इस केस में भी माता
11:14पिता चाहें तो बच्चों को जेल भी हो सकती है लेकिन �
11:17जो यह तो मां की बात थी पिता को भी मिलेगा ना जिर्ब माता पिता जिन्होंने एड़ॉब्ट किया है बच्चों
11:24को उनको भी मिलेगा जो बाइल लाजिकल फादर नहीं है उनके लिए भी एधिकार है तो यह आप लोगों ने
11:29सुना लखील साब बहु क्लियर कह दिया कान
11:47जहाज आपने माबाप का ख्याल रखें, उन्होंने आपको पाला है, बहुत उम्मीदों से पाला है, कोट के चक्कर ना लगवाएं,
11:54बरना ये समाज आपको कभी माफ ने करें.
11:56फ़ला इस वीडियो में इतना ही, आप लोग इस निरने को, इस बहस को, इस घटना को कैसे देखते हैं,
12:01कमेंट्स बाक्स में बताइए, कैमरा परचन आनिल कपूर के साथ, शिवेंद गौर, वन इंडिया, दिल्ली.
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