00:00हर माता-पिता का अधिकार है कि वो भरन पोशड अपने बच्चे से पाई और जो लोग नहीं देंगे तो
00:05125 के एक्जीकूशन में वो बच्चे जेल भी जा सकते हैं उनकी रेपूटेटेड नौकरी पर भी खत्रा पड़ सकता है
00:11मजिस्ट्रेट कोटिस में आडर कर सकती है बच्चों के खिलाब कि आपको मेंटेन करना पड़ेगा पास एक लाख रुपए की
00:17सेल्डी है तो हाई कोट और सुप्रीम कोट उस ओडर को चैलेंज करे गई
00:20लेकिन मेरा मानना है कि कानून के हिसाब से परिवारिक सन्रचना नहीं चलती है कुछ सन्रचना है कुछ समाजिक चीजे
00:27भी होती है जिसको सभी बच्चों को मानना चाहिए
00:29बात कबदाओं की हो सहिप की हो या भारतिय समाज की हो जब बेटा पैदा होता है तो मा बाप
00:39यह सोचते हैं कि मेरे बुड़ापे का सहरा बना होगा एक फिल्म भी थी उसका गाना था तुझे सूरच कहूं
00:47या चंदा उसकी एक पंती और थी जब मैं बुड़ा हो जाऊं �
00:51लेकिन उन सबसे इतर आज सुप्रेम कोट में एक माँ आई है वो कहती है कि मेरे पास अपने भन
01:00पोस्ट की कोई विवस्ता नहीं है
01:01मैंने बेटे को पढ़ाय लिखाया आज काम्याब है एक लाग के आसपास तंखा ले रहा है लेकिन मुझे रोटी खिलाने
01:10से इंकार करता अब सुप्रिम कोट ने क्या खा इसको समझने के जरूरत थी सुप्रिम कोट के किसी सीनियर एड़ोकेट
01:17की हमारे साथ जुड़े हैं
01:20बिशाल सिंचंदेल जी जो सीनियर एड़ोकेट है सुप्रिम कोट के साथ स्वागत है आपका ये बड़ा मार्मिक एक किस्सा आ
01:29गया सुप्रिम कोट में और आज जरूरती क्या मामला है और क्या सुप्रिम कोट ने का टिपनी भी वड़ी शक्त
01:37की है देखिए ओनरिबल सु
01:50अगर माता पिता हैं तो वो भी कर सकते हैं और ना सिर्फ लड़के से बलकि लड़कियों से भी मेंटेनिंस
01:56का अधिकार मांगा जा सकता है माता पिता के द्वारा आज ऑनरिबल सुप्रिम कोट में जो मामला लगा हुआ था
02:01उसमें एक पैरेंट्स का यही डिमांड था कि उ
02:18अपने माता पिता को मेंटेन करने के लिए समय नहीं है और आप अपने डिपेंडेंट्स जो उन्होंने बताया भी कि
02:22उनकी वाइफ और बच्चे हैं उनको आप लोग मेंटेन कर रहे हैं और इसको तो आपको घर में ही सेटल
02:28कर लेना चाहिए था कोट तक आने की क्या जरू
02:47के लिए कोट में अप्लीकेशन लगा सकते हैं और बच्चों को यह लीगल जिमिदारी होगी कि उनको मेंटेन करें और
02:53इसी हफ्ते एक बार और सुप्रीम कोट ने कहा था कि ऐसे लोग जो यह सोच रहें कि अपने माता
02:59पिता को हम मेंटेन नहीं करेंगे बड़त पोर्शन नह
03:13इसका सीधा सता कि हम किस जगह पर आगें अब सवाल यह है कि माता पिता और बेटे का संब्द
03:20सिर्फ कानूनी नहीं होता यह प्रेम का संब्द होता है जिम्मेदारी का संब्द होता है करतब का संब्द होता है
03:27भाबना का संब्द होता है अगर एक मा को अपने बेटे से को�
03:42पाला यहां तक आए हम सब भी भूड़े होंगे हमारे भी बच्चे हैं तो सवाल जी है कि समाज में
03:49कहां कमी आ रही वकील साफ कानून ते तो क्या फैसला दिया वो तो आपने बताई कि भरण पोस्ट का
03:55आदेश दे दिया होगा जी नहीं आज के दिन जो है एड़र्णमेंट
03:58दे दिया था क्योंकि जो लड़की की तरफ से वकील थे वो थे नहीं उन्होंने एड़र्णमेंट फाइल कर दिया था
04:02लेकिन कोट ने सक्त टिपड़ी की है कि ऐसे मुकदमे को तो आपको घर पर सुलह कर लेना चाहिए यानि
04:07कि लगता है कि फैसला फिर जाएगा इस टिप
04:25बात कि कई बार लोग यह सबस्ते हैं कि हम कोई बच्चे को एडॉप्ट कर लिए हैं तो उस पर
04:29हमारा यह लीगल राइट नहीं बनता उस पर भी ऑनरेबल सुप्रीम कोट बहुत ही क्लियर है अगर कोई एडॉप्टीव फादर
04:34एंड मदर है वो भी आस्क कर सकता है मेंटे
04:53सुप्रीम कोट का ही जज्जमेंट है जिसमें उन्रेबल सुप्रीम कोट ने एक लड़की को यह आदेश दिया था कि आप
04:58ऐसा नहीं है कि बहन है या बच्ची है या महिला है तो अपने माता-पिदा को मेंटेन नहीं करेंगी
05:02और आप से कोई मेंटेनेंस का राइट भले आ
05:07आप जिस माता-पिदा के बच्चे हैं उनको मेंटेन करने का आपका पूरा हक है और एक बात मैं और
05:12बता देना चाहता हूं सन 2005 में ऑन्रेबल सुप्रीम कोट ने बहुत सारे ऐसे आमेंडमेंट किये जिसमें कि अब बच्चीयों
05:19को भी एंसेस्ट्रल प्रॉपर्टी में प
05:37सुप्रिम कोट तक आ गई बनना सुप्रिम कोट आने में असान नहीं सब के पास यह चाहें आप जैसे वकील
05:43हैं जो कई बार लोगों की फ्रीवी हल्प कर देते हैं या लीगल एड का रास्ता दिखा देते हैं पर
05:47है आप बता देते कि बहां चले जाओ लेकिन सवाल है कि स�
05:52दोजार साथ में जो आपने 144 का कानून बताया वो भी आ चुका है तो यह यह भन पोस्टर क्या
05:59एसी कोई विवस्ता है कानूनी चुकी मैं उन माताओं के लिए जो छोटे-छोटे सहरों में रह रही हैं क्या
06:04जिला अदालत से ऐसा नहीं दिला सकते वकीलें या फिर मैंजि
06:20क्योंकि CRPC में पहले सेक्षण 125 था उसी के तहत जिससे लोग साधी करके आते थे जब उसको डाइबोस के
06:27लिए फाइल करती थी वो लड़की तो उसको भरन पोस्टर का अधिकार दिया जाता था सेम वहीं सेक्षण माता पिता
06:33के लिए भी एलाओ करता है जी बिएन एसस का �
06:59सब्सक्राइब करेंगे क्योंकि आज एक सम्मिसन बच्चे की तरफ से यह दिया गया कि मैं तीन लोगों को मिंटेन करता
07:06हूं
07:06को अपने बच्चे को और मेरी सेल्डी 93,000 है तो कहीं न कहीं बच्चे कभी कभी चैलेंज अब जिसके
07:12पास एक लाख रुपए की सेल्डी है तो हाई कोट और सुप्रीम कोट उस होड़र को चैलेंज करे गई लेकिन
07:16मेरा मानना है कि कानून की हिसाब से परिवारिक सनरचना
07:20नहीं चलती है कुछ संरचना कुछ समाजिक चीजे भी होती हैं जिसको सभी बच्चों को मानना चैये अगर आप माता
07:26पीदा की प्रापरटी में हक ले रहे हैं
07:28अगर आप माता पीदा के पैसे से पढ़ाई किये हैं, अगर आप माता पीदा की वजह से आज वो पोजीशन
07:32हेल्ड करें जहां पे हैं, तो ऐसे में कहीं से भी ये सही नहीं होगा कि आप कमाने लगे तो
07:37अपने माता पीदा को ऐसे अनाथाले चोड़ रहे हैं, या फिर बृ�
07:42करना चोट दिया है यह चीजे गलत है यह उनका अधिकार है आपकी बात चीज समझ में आया कई वार
07:48यह होता है कि जैसे आपने का कि अगर आप प्रापर्टी में हख लिए हैं पहुत से लोग ऐसे इन
07:54पर प्रापर्टी नहीं है मान लीजे हो सकता है कोई मजदूर ही उसने अ
08:11पैसों में चार बच्चों को भी पालता है ऑपनी कम कमाई मि छे बच्चों को भी पालते हैं सवाल यह
08:16यह नहीं नहीं है कि आपके ऊपर मापनी दोबके माटकु को पाल नहीं हूं तो मैं कैसे वालूं यह printer
08:33हुआ कानूनी कि मुझे नहीं
08:35लगता कि ये कोई तर्खुआ और एक ब्रिद्ध व्यक्ति हमारे चेंबर में आये तो उन्होंने मुझे से एक बात कही
08:39थी कि 6 बच्चों को माता-पिता पाल लेते हैं लेकिन 6 बच्चे मिलके एक माता-पिता का बुढ़ापे में
08:46सहारा नहीं बन पाते हैं और यही कारण है क
08:49इसमें इंटर्वेन कर रहा है पारलिया मेंट का स्पेस्फिक लौँ है इस पर कि पैरेंट्स और सीनियर सिटिजन्स को मेंटेन
08:56करने के लिए 2008 का एक एक अक्ट ही अलग से बनाया क्या है तो कहीं न कहीं मुझे लगता
09:01है कि ऐसे लोग जो ऑनरेबल सुप्रीम कोट का आदे
09:06नहीं मानेंगे उनको आदेश ना मानने के लिए जेल भी होता है जैसे कई बार संदेश में आप से चाहता
09:12हूं निवाओं के लिए माबाप को तो आपने बता दिया कि आप मैजिस्टेट कहां से ले सकते हैं लेकिन हमारा
09:17संदेश यह जाना चाहिए कोई भी युवा है कोई
09:36सकती सीधा सीधा उन्हें संदेश जाना चाहिए देखिए मैं सभी दर्सकों को कहना चाहता हूं कि हर माता-पिता का
09:41अधिकार है कि वह भरन पोशल अपने बच्चे से पाए और जो लोग नहीं देंगे तो 125 के एक्जीकूशन में
09:47वह बच्चे जेल भी जा सकते हैं उनकी र
10:04मोरल और लीगल रिस्पॉंसिबिल्टी बनती है उनको मेंटेन करना इसलिए पारलिया मेंन ने काफी सोच समझ कर ये कानून लाया
10:10और इस कानून के तहट कही सारे माता-पिता को भरन पोशल का अधिकार मिल भी रहा है इवेन ऑन्रेबल
10:16सुप्रीम कोड तो एक एक्स्टें
10:33करना हो लेकिन जिनके पास है उनमें कोई उनका लीगल राइड भी नहीं बनता यह ओन्रेबल सुप्रीम कोड करेस्ट देना
10:41ही पड़ेगा अगर नहीं देंगे तो जील जाएंगे जील जाने से अगर सरकारी नौकरी में है तो नौकरी चली जाएगी
10:46प्राइबेट नौकर
11:03पूसर देना होगा जैसे डाइवोस जब हाइल करती है कोई महिला और पती के उपर मिंटेनेंस का जब खर्चा पड़ता
11:09है और पती नहीं देता है तो उन्रिबल कोट उसे जेल भी भेजती है ऐसे इस केस में भी माता
11:14पिता चाहें तो बच्चों को जेल भी हो सकती है लेकिन �
11:17जो यह तो मां की बात थी पिता को भी मिलेगा ना जिर्ब माता पिता जिन्होंने एड़ॉब्ट किया है बच्चों
11:24को उनको भी मिलेगा जो बाइल लाजिकल फादर नहीं है उनके लिए भी एधिकार है तो यह आप लोगों ने
11:29सुना लखील साब बहु क्लियर कह दिया कान
11:47जहाज आपने माबाप का ख्याल रखें, उन्होंने आपको पाला है, बहुत उम्मीदों से पाला है, कोट के चक्कर ना लगवाएं,
11:54बरना ये समाज आपको कभी माफ ने करें.
11:56फ़ला इस वीडियो में इतना ही, आप लोग इस निरने को, इस बहस को, इस घटना को कैसे देखते हैं,
12:01कमेंट्स बाक्स में बताइए, कैमरा परचन आनिल कपूर के साथ, शिवेंद गौर, वन इंडिया, दिल्ली.
Comments