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नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र ‘बालेन’ शाह के एक बयान ने उनकी ही कुर्सी डगमगा दी है। भारत के साथ सीमा विवाद पर दिए इस बयान के बाद बालेन शाह को भारत से पंगा लेना बहुत भारी पड़ रहा है। देखिए कैसे जिस 'जेन-जी' (Gen-Z) पीढ़ी के दम पर वो सत्ता में आए थे, आज वही उनके इस्तीफे की मांग कर रही है।

The political crisis deepens in Nepal as Prime Minister Balendra 'Balen' Shah faces massive protests from Gen-Z youth and opposition parties over his controversial remarks on the India-Nepal border dispute. While Shah suggested third-party mediation like the UK, India's Ministry of External Affairs strictly rejected it, reaffirming that Kalapani, Lipulekh, and Limpiyadhura remain integral parts of India based on historical records.

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00:08नेपाल के जैन्जी प्रिधान मंत्री बालिन शाह के एक बयान ने अब उनकी पुर्सी डगमगा सी दी है
00:14भारत के साथ सीमा विवात पर दिये गए बयान के बाद बालिन शाह को भारत से पंगा लेना बहुत भारी
00:21पड़ा
00:21सबसे दिल्चस्प बात ये है कि सोशल मीडिया की जिस जैन्जी पीठी के दम पर बालिन शाह चुनाव जीत कर
00:28सत्ता के शुकर पर पहुंचे
00:29आज वही युवा और छात्र सड़कों पर उतर कर उनके खिलाफ सबसे बड़ा मूर्चा खोले हैं और उनके स्दीफे की
00:37मांग कर रही हैं
00:38ये पूरा ववाल तब शुरू हुआ जब पीएम बालिन शाह ने संसद में भारत के साथ सीमा विवाद को लेकर
00:44कुछ चैसी पणिया की जिनने नेपाल में देश की संप्रभुथा के खिलाफ और बेहत गैर जिम्मेदाराना माना गया
00:51जानकारू का कहना है कि पीएम के स्पयान ने भारत के साथ चल रही गंभीर कूट नीतिक बारचीत में खुद
00:57नेपाल का पक्ष कमजूर कर दिया
00:59इसके बाद काठमांडू के माईतिघर मंडला पर युवाओं और विपक्षी चात्र संगठनों ने जूरतार प्रदर्शन किया
01:07जो युवा कल तक बालेंशाह के सबसे बड़े समर्थक थे आज वही चलो संप्रभुथा की रक्षा करें ऐसे नारे लगा
01:14कर सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं
01:16संसद में विपक्षी पार्टियों ने दोनों सद्नों की कारेवाही ठप कर दी और पीम से माफी या स्तीफे की मांग
01:23पर अड़े हैं
01:24मामला हाथ से निकलता देख नेपाल की विदेश मंत्राले को तुरंट सफाई देनी पड़ी कि पीम का मतलब विवादित जमीनी
01:30दावों को छूड़ना नहीं था
01:32बलकि वे केवल नदियों का रास्ता बदलने जैसी जमीनी मुद्धों की बात कर रहे थे
01:37बालिन्शोह ने इस मामले में ब्रिटेन जैसी किसी तीसरी देश की मदद लेने का सुझाव भी दिया
01:42लेकिन भारतिय विदेश मंत्राले के प्रवक्ता रणदीर जैस्वाल ने तुरंत कड़ा रुखा बनाते हुए
01:48इसस सिरे से खारिच कर दिया
01:50भारत ने साफ कहा कि ये पूरी तरह से दोनों देशों का आपसी मामला है और इसमें किसी तीसरे पक्ष
01:56की कुई चगह नहीं है
01:57साथ ही भारत में दोहराया कि काला पानी, लिपुलेक और लिम्पया धुरा हमेशा से भारत के अटूट हिस्से रही है
02:04ये पूरा विवाद करीब 370 वर्या किलोमेटर की पहाड़ी लाके का है जो कि भारत, नेपाल और चीन के बॉर्डर
02:11के पास स्थित है
02:12और सेना के लिहाज से बहुत जरूरी है इस विवाद के जणे साल 1816 की सुगौली संधी में है जो
02:19कि अंग्रेजों और नेपाल के राजा के बीच हुई
02:21संधी में काली नदी को नेपाल की पश्यमी सीमा तै किया गया लेकिन दोनों देशों के बीच असली विवाद इस
02:28नदी के शुरू होनी की चखह को लेकर है
02:30नेपाल का दावा है कि नदी लिंपिया धुराजे निकलती है इसलिए ये इलाका उसका है जबकि भारत के पास मजबूत
02:38तैदिहासिक दस्तवीज और प्रिशाष्टिंग के गौर्ड है जो कि बताते हैं कि नदी काला पानी के पास से शुरू होती
02:44है
02:44ये इलागा उत्रखंट के पितोरागड में आता है और प्रसद्ध मानसरूवर यात्रा का मुख्या रास्ता है ऐसे में भारत जैसी
02:52महाशक्ती से बिना सूच समझे उलचना अब अपने ही समर्थक युवाओं को नारास करना है और बालिन शाह को जाहे
03:01तौत पर ये चूट
03:02अपनी महगी बढ़ रही है
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