00:00पिछले साल एप्रिल 22 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान और चाइना की मिली बगत सामने आई है
00:08और इसका खुलासा किया है नाशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी या केंद्रे अजांच एजेंसी एनाए ने
00:15नाए के मताबिक ये जो तीन आतंक वादी थे जन्होंने ये आतंकी गटना अंजाम दी 22 एपरिल 2025 को जब
00:24उन नहते मासूम टूरिस्टों को चुन चुन कर गोली मार दी गई बैसरन के खुले मैदानों में उन आतंक वादियों
00:33ने पहले ही इस स्पोट की रखी की थी और यहा
00:45ये टरर अटाक एक्जेक्वीट करने की और इनको इंस्ट्रक्शन भी मिले थे और इनका और इन सारी बातों का जिक्र
00:54अब इनका खुलासा हुआ है वह इस बात से वहा क्योंकि जो डिजिटल डिवाइसे इन आतंक वादियों से रिकवर किये
01:02गए थे जो तीन आतंक वादी
01:03ऑपरेशन महादे में मारे गए थे और तीनों के तीनों पाकिस्तानी आतंक वादी थे कहीं न कहीं इन से जो
01:09डिजिटल डिवाइसे रिकवर होते जिन में दो फोन्स भी थे चाइनीज फोन्स भी थे और कहा जाता है एक तो
01:16रेडमी 90 था और एक रेडमी नोट 12 ये जो दो �
01:22जियोमी के दो फोन्स रिकवर के गये थे इन आतंक वादीओं से एनकाउंटर के बाद इनकी लोकेशन कंडू कर नथे
01:29यही दिखा दिये कि यह शिप किये थे पाकिस्तान के दो शहरों में कराचि और लाहोर और सूत्रों के मताबिक
01:37यह जो स्क्रीन शॉत इन आतंक वाद्य
01:41ने लिये थे अपरिल पंडरा और अपरिल सोला को इन ही फोन से और पांच से छे दिन पहले इस
01:48बैसनन वादी में उन्होंने रैकी की थी है और वहां पर स्क्रीन शौर्ट लिये थे, इस आथे के हमले में
01:55जो बाईस अपरिल दोहजार पचीस को आवा था पचीस नहत्ते सैला
02:01जो अपने परिवार के साथ, अपने दोस्तों के साथ, यहां कश्मीर आये थे, पहलगाम आये थे, खुशिया मनाने के लिए,
02:08उन लोगों को, उन नहते परियाटकू को आतंक वादियों ने चुन-चुन कर मार लिया बैसरन की उस खुबसूरत वादी
02:17में.
02:17साथी साथ उस बैसरन वादी में एक गोडे वाला जिसने आतंक वादियों से लड़ने की कोशिश की और टूरिस्ट को
02:24बचाने की कोशिश की थी और जिसका नाम आदिल हुसैन शाह था, उसे भी आतंक वादियों ने गोली मार कर
02:31हत्या कर दी थी.
02:31तो जो एनाए का है, एनाए का ये मानना है, एनाए की तफ्तीश में जो संसनी खेज खुला से हुई,
02:39उसके मताबिक ये जो डिजिटल डिवाइसिज हैं, ये चाइनी चाइना की जो दो फोन्स रिकवर कियेंगे, जियोमी के, ये कही
02:48न कहीं पाकिस्तान पहले शिप होए थ
03:00है, इनका इंस्ट्रक्शन कंटिनुवर्सली मिल रही थी, हाला कि जब अटाइक भी चल रहा था, जब हमला भी चल रहा
03:07तो जब वो नहते लोगों को मार रहे थे, उनको चुन-चुन के मार रहे थे, तो उन्हें अपने हैंडलर
03:14से पाकिस्तान से इंस्ट्रक्शन मिल रही �
03:16तो यह आतंक की हमला जो है, बहिसरन में हुआ था पिछले साल और जो डिवाइसीज रिकवर हैं, इस उन
03:25डिवाइसीज की मदद से केंद्रिय जहांच एजनसी यह कामयाब हुई है, यह एक जो चाइना और पाकिस्तान का लिंक है,
03:34यह एस्टैबलिश करने में कामयाब हो ग
03:46पर जिए और वहां से फिर आतंक वादियों के हाथ में आएं और यह आतंक वादी जो थे तीन आतंक
03:52वादी जिनका नाम फैसल जट और जिसका कोडनेम सुलैमान, हभीब ताहिर, जिसका कोडनेम जिबरान बाई और हमजा अफगानी जो इस
04:02पहल गाम अटैक में मुलवश थ
04:16के जंगलों में मारा गया था, तो कहीं न कहीं इन आतंक वादियों से जो रिकावरी हुई थी, कहीं न
04:24कहीं यह साफ तोर पर जाहिर करती है कि चाइना और पाकिस्तान का एक नेक्सस रहा इस आतंक वादी हमले
04:34में जिसे लशकरी तोईबा ने अन्जाम लिया, जो इन्वेस
04:46है, साजिद उसका भी हाथ है, साजिद एक ऐसा व्यक्ति है जिसने 2005 में कुलगाम आया था और उसने फिर
04:56एक प्रोस्टेटिक नकली लग लगाई जो फिर लंगडा भी नाम दिया गया था उसको, साजिद लंगडा और इसने यहां पर
05:05टेरर रेक्रूटमेंट की साउथ कश
05:16लशकरे तॉइबा की प्रोक्सी है, और इसी यह जो कॉंस्पिरेटर है साजिद जट इसी ने यहां पर जो पहलगाम अटाक
05:26है, उन हमलावरों के संपर्क में रहा, जब वो गोलिया चला रहे थे, मासूम लोगों को मार रहे थे, तो
05:32कहीं ने कहीं साजिद जट उनके साथ स
05:46कनल बन रही है सौनमर्ग में, ऑक्टूबर 20 को जो एक आतंग की हमला हुआ था, जिसमें कोई साथ लोग
05:53मारे गए थे, उसमें लंगडा और उसके तीन सही हो गएंगा का भी हाथ है, इससे पहली डांगरी अटाक जो
06:00हुआ था, जो इंडिन एर फोर्स की कॉनवाई पे भी
06:03पुंच में हमला हुआ था, रियास में भी हमला हुआ था, उसमें भी कही न कहीं साजित जटका नाम उबर
06:09के सामने आया है, तो कहीं न कहीं ये जो भैसरन में जो धरनाक हमला हुआ, इसकी रिकानिसेंस, इसकी पहले
06:19ही रिकी की हुई थी उन तीन आतंक, इन तीन पाकिस्ता
06:33जग बटाया जाता है और इन यह आतंक वादियों से जो आपरेशन महादे में मा रहे गए थे तीन जिन्हों
06:40ने पहलगा में एटक एग्जेगूट किया था उनसे वह एक गोप्रो कैमरा भी रिकवर किया था और एक
06:48एम फूर कारबाइन भी रिकवर कियी थी तो कहीं न कहीं एन आई के मताबिक आतंक वादि इन गोप्रो कैमरा
06:58का भी यूज कर रहे हैं और ताकि वो बाद में एक प्रॉपागंडा चलाए तो सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो
07:05वाइरल करें कैसे वो बारती फोज पर इंडि
07:18धाय के लिए ये भी जांचका एक विशह है कि कैसे गोप्रो कैमरा जो आतंक वादी हमलों में इसका सुराग
07:28लगा रहे है कि ये कहां से शिप हुआ कैसे आतंक वादियों तक पहुँचा लेकिन एक बात जो एन आई
07:34ने साबिद कर दी है कि कहीं न कहीं ये जो पहल गाम आत
07:48में मुलावस था क्योंकि ये सिर्फ लशकर तविबा का हमला नहीं था या और इसमें पाकिस्तान का भी एक बहुत
07:54बड़ा रोल था और पाकिस्तान के साथ-साथ चाइना का भी कहीं नहीं जिक्र हो रहा है कि कैसे ये
08:00चाइनीज मॉबाइल फोन्स पहले लाहूर और कराची प
08:15और फिर सुरक्षाबलों ने आपरेशन महादे में मार गरा है एनाय क्या और भी शायद आने वाले दून में और
08:21भी खुलासा होगा इस पहल गाम टेराड़ एक को लेकर और हर कोई कडी जोडी जा रही एनाय द्वारा ताकि
08:29आकरी मेंबर भी जो आकरी कॉंस्पिरेटर भी
08:32जो हो इस आतंकी हमले में मुलावस उसको सजा दी जाए साथी साथ एनाय ने जो दो टूरिस गाइड्स है
08:40उन्हेंसे एक का नाम परवेज हैं उनका भी जिकर करते हुए कहा कि अगर इस परवेज ने और परवेज ने
08:48वक्त रहते परवेज एहमद जोठार और बशीर आमद
08:53जोठार है अगर इन्होंने सुरक्षा बलों का अलर्ट किया होता क्योंकि आतंक वादी इनके पास इन्होंने आतंक वादियों को देखा
09:01था और ये टूरिस गाइड है और इन्होंने आतंक वादियों ने इन से खाने और पीने की भी बात की
09:07थी तो कहीं अगर इन आतंक वा
09:23की जाने बच जाती है तो अगर देखा जाए तो एना आए आकरी कड़ी जोड रही है एक एक चीज
09:30का माइनूटली आप्जरवेशन कर रही है इन्वेस्टिगेट कर रही है ताकि यह यह जो एक एक लेसन हो उन तमाम
09:40आतंक वादियों के लिए उनके सपोर्टर्स के लिए जि
09:45जिन्हों ने इतना ऐसा नरसंग हार किया जिसमें 26 नहत्ते ही लोग मारे गए तो आने वाले दिनों में शायद
09:52एनाए और गिरिफतारी आमल ने मिला या और संसनी खैस खुला से सामने आए इस हत्याकांड के बारे में जिसने
10:01पूरी दुनिया को हिला के रग दिया था श्र
10:15Download the OneIndia app now
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