00:00क्या देश के सबसे बड़े एजुकेशन बोर्ड में बच्चों के भविश्य के साथ खिलवाड हो रहा था?
00:05क्या करोडो छात्रों की कौपियां जाचने वाले सिस्टम के पीछे कोई बहुत बड़ा खेल चल रहा था?
00:11यह सवाल इसलिए क्योंकि केंदर सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरे देश के शिक्षा जगत को हिला
00:18कर रख दिया है
00:19एक ही जटके में ततकाल प्रभाव से CBSC यानि Central Board of Secondary Education के चैर्मेन राहुल सिंग और सचीव
00:29हिमांशु गुपता दोनों को उनके पदों से सस्पेंड या कहें हटा दिया गया है
00:35जी हाँ दर्शकों जो भी स्टूडेंट्स की मांग थी उसके बाद अब आक्शन लिया गया है और इस वक्त की
00:42सबसे बड़ी खबर ही यही है कि CBSC के चैर्मेन को हटा दिया गया है
00:48लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि सरकार को इतनी बड़ी कारवाही करनी पड़ी इसके पीछे की पूरी इंसाइट स्टोरी क्या
00:54है
00:54क्या है OSM का विवाद और कैसे एक टेंडर की वज़े से CBSC के इन दो सबसे बड़ी अधिकारियों की
01:02कुरसी चली गई
01:03इस वीडियो के अंदर हम इस पूरी कहानी किये के एक परत खोलेंगे
01:07क्या है ये पूरा मामला
01:08चर्चा की शुरुआत करते हैं उस शब्द से जिसने इस पूरे बवाल को जरन दिया
01:13OSM यानि On Screen Marking
01:16आज कल जब आप बोर्ड एक्जाम्स देते हैं तो आपकी कॉपियां सिरफ पेन कागस से नहीं जाची जाती
01:21कॉपियों को स्कैन किया जाता है और टीचर्स कंप्यूटर स्क्रीन पर देखकर उन्हें डिजिटल तरीके से चेक करते हैं
01:28और इसी को OSM कहते हैं
01:31अब सोचिए करोणों बच्चों के भविश्य का फैसला इसी डिजिटल चेकिंग से होता है
01:36जाहिर है इसके लिए जिस सौफ्ट्वेर या कंपनी की मदद ली जाएगी वो बेहत सुरक्षित और पारदर्शी होनी चाहिए
01:43और यहीं पर एंट्री होती है हाइदराबाद की एक कंपनी की जिसका नाम है कोएप्ट
01:48CBSC ने इस ओन स्क्रीन मार्किंग सेवा का टेंडर इस कंपनी को दिया था
01:53लेकिन आरोब है कि इस टेंडर को देने की प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रख दिया गया
01:58पारदर्शिता यानि ट्रांस्परेंसी की भारी कमी थी और जब टेंडर के नियमों में अच्छानक बदलाफ किये गए
02:05तो धीरे धीरे ये बात प्रशासने कलियानों तक पहुँच गई
02:09अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर एक कास कम्पनी को फायदा पहुचाने के लिए नियमों में बदलाफ क्यों किये
02:16गए
02:16अब सरकार का अक्छन क्या है और कैसे उन्होंने इतनी चल्दी फैसला लिया
02:21जब पानी सर से उपर चला गया और CBSE की लगातार किरकिर होने लगी
02:25तो मोधी सरकार ने बिना वक्त कवाए सीधे आक्छन लेने का फैसला ले लिया है
02:29ये कोई छोटा मोटा ट्रांसफर नहीं था ये सीधे तोर पे बोर्ड के सर और धड को अलग करने जैसा
02:35था
02:36राहुल सिंग जिने सरकार ने पिछले दिनों ही दो साल की सेवा विस्ताद दिया था
02:41यानि उनका कारेकाल 11 नवेंबर 2027 तक था उन्हें अच्चानक हटा दिया गया
02:47साथी साथ बोर्ड के दूसरे सबसे ताकतवर अफसर हिमानशुग गुपता जो सचीफ थे
02:53उन्हें भी ततकाल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है
02:56शिक्षा जगत के इतिहास में ऐसा बहुत कम देखा गया है
03:00जब एक साथ CBSC बोर्ड के चेर्मेन और सेक्रेटरी दोनों पर इस तरहां कास किरी हो
03:07इस वैसले ने साफ कर दिया है कि जब बातेश के करोडों चातरों और परीक्षा की विश्वासनियत की आएगी
03:13तो सरकार किसी भी स्टार के अधिकारी को बक्षने के मूड में नहीं है
03:18सरफ तबादला नहीं अब होगी क्राइम ब्रांश टाइल में जाज
03:22सरकार सरफ अधिकारियों को हटा कर शांत नहीं बैठी है
03:25इस पूरे घोटाले या गडबड की तह तक जाने के लिए
03:28एक हाई लेवल इंक्वाइरी कमिटी भी बना दी गई है
03:31और इस जाच समीती की कमांड सौपी गई है सुश्री एस राधा चोहान को
03:35राधा चोहान जी देश की बेहत सीनियर और सक्थ प्रशासनिक अधिकारियों में गिनी जाती है
03:41उन्हें साफ निर्देश दिये गए हैं कि वो इस टेंडर और अलोट्मेंट प्रक्रिया की एक एक दस्तावेस को खंगाले
03:48इस कमिटी को कुछ खास पावर्ज भी दी गई है एक कि वो जांच के लिए देश के किसी भी
03:53सरकारी विभाग की अधिकारी की मदद ले सकते हैं
03:56और दो इस कमिटी को एसिस्ट करने के लिए कपासिटी बिल्डिंग कमिशन सचेवाले सहयता देगी
04:02और तीन, सबसे बड़ी बाद की कमिटी को अपनी पूरी जांच रिपोर्ट सिरफ एक महीने के भीतर Department of Personal
04:09Training को सौपनी होगी
04:11यानि सिरफ तीस तिनों के अंदर दूद का दूद और पानी का पानी हो जाएगा
04:16एक पत्रकार के तौर पर अगर हम इस पूरी घटना का विशलेशन करें तो इसके तीन बहुत बड़े माइने निकलते
04:22हैं
04:22पहला है Zero Tolerance का Message
04:24सरकार ने साफ कह दिया है कि परिक्षाओं और Education System में किसी भी तरह की Lobbing या Corruption को
04:30बरताश नहीं किया जाएगा
04:32चहे सामने कितना भी बड़ा ब्यूरोक्राट हो
04:34दूसरा System पर सवाल
04:36ये घटना बताती है कि हमारी इतने बड़ी परिक्षा बोज में Tendering और Vendor Selection की प्रक्रिया में अभी भी
04:43कितनी खामिया है
04:44जिने आसानी से Manipulate किया जाता है
04:46तीसरा और सबसे जरूरी छात्रों का भरोसा
04:49जब देश के सबसे बड़े बोर्ड के मुखिया पर ही सवाल उठ जाए
04:53तो आम छात्रों और आम माता पिता के मन में डर बैट जाता है
04:57कि उनकी कौपियां सही तरीके से चेक भी हो रही है के नहीं
05:01अब ये देखना होगा सुष्री एस राधा चोहान जी की कमिटी
05:04अपनी एक महीने की चार्च में क्या-क्या खुलासे करती है
05:07लेकिन तब तक के लिए आप ऐसे ही बने रही है One India के साथ
05:10मैं हुआ कर उश्कौश है
Comments