00:00कई बार यूद्ध की सबसे खतरनाख खबर वो नहीं होती जो मोर्चे से आती है बलकि वो होती है जो
00:05ये संकीत देती है कि जंग का दाइरा आप सिमाओ को पार कर चुका है
00:09मिडिलिस में पिछले कई हफतों से तनाव चरम पर है इसराइल इरान और अमेरिका के बीच लगतार बढ़ती तन अतनी
00:16ने पूरी दुनिया की चुंता बढ़ा रखी है लेकिन अब जो खबर सामने आई है उसने संगर्श को बिलकुल नए
00:21और बेहत खतरनाक मोड पर लाकर ख
00:36शेतर के सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाला घटना क्रम माना जाएगा कुछ वीडियो भी आ रहे हैं जिस वक्त
00:43यह हमला हुआ वो वीडियो देखर आपका दिल रह जाएगा इरानी मीडिया रिपोर्ट के अनुजार इरान की एरोस्पेस पोर्स ने
00:49आब उ�
01:03लावा है कि हमले में एर बेस के विमान हैंगरों को निशाना बनाया गया जहां मिराज 2000 लडाकों विमान और
01:09विंग लूंग कॉमबेट ड्रोन तैना थे इरानी पक्ष को कहना है कि हमला किसे विस्तारवादी नीदी का हिस्सा नहीं है
01:15बलकि हालिया घटनाओं के जवाब मे
01:18किया गया संतुलित प्रतिकार है दरसल इरान का रोप है कि उसके महतोपूर्ण ठेकानों खासकर बंदर अबास छेत्र और लावान
01:25और रिफाइनरी पर हुए हमलों में यूए ने प्रत्यक्ष रिया फिर अब प्रत्यक्ष रूप से यूएस को सहयोग किया था
01:31हलाकि यू�
01:46इस सरकार ने भी अभी तक किसी बड़े नुकसान या फिर हताहतों के अधिकारिक जानकारी साज़ा नहीं किया लेकिन इस
01:51पूरी घटना का महत्व सर्फ इतना नहीं कि एक देश ने दूसरे पर हमला किया असली चुनता ये है कि
01:57अभी संगर्ष उन्तेशु तक पहुंचता
01:58दिखाई दे रहा है जो अब तक सीधे युद्ध का हिस्सा नहीं माने जा रहे थे रक्षा पीशी शग्यों का
02:03मानना है कि UAE अमेरिका और पश्चमी देशों का एक महत्वपुन रणेतिक साज़तार है फितियस रक्षा सेन सहयोग और खूपया
02:10जानकारी साज़ा करने में �
02:12बड़ी भूमिका रही है ऐसे में UAE किसी सेन ठीकाने को निशाना बनाया जाना व्यापक छेत्रिय संदीश के रूप में
02:18देखा जा रहा है ये घटा क्रम उस समय सामने आया है जब हाल के दिनों में अमेरिका और इरान
02:23के बीच तनाव बहग बढ़ा है पहले अमेरिकी कार�
02:26पाई फिर इरान की जवाबी प्रतिक्रिया और UAE तक संघर्ष का फैलना इस बात का संकेत है कि हालात ज्यादा
02:32जटिल होते जा रहे हैं पूरे खाड़ी छेत्र में सुरक्ष्वा एजंसिया हाई अलर्ट पर हैं दुनिया की नजरें अब इस
02:37बात पटिकी है कि UAE की प्रति
02:43जुनितीक प्रयास इस बढ़ते तनाव को रोप पाएंगे फिलाल एक बात तो साफ है मिडिलिस्ट में चल रहा संकट अब
02:48सिर्फ छेत्री संगर्ष में ही रह गया है हर नया हमला हर नई मिसाइल और हर नया आरोप इस आशंका
02:54को मजबूत कर रहा है कि हालात नहीं संबले �
03:25तो इसका असर पूरी दुनिया को भूगतना पड़ेगा
03:37अमेरिकी मीडिया दिगर्थ CBS की एक चौकाने वाली रिपोर्ट सामयाई है इस रिपोर्ट के मताविक कुवेत में मौजूद अमेरिकी सेन्य
03:44अड़े पर इरान ने अपनी बालस्टिक मिसाइलों से सीधा हमला किया है
03:48तारीक थी 24 माई की राज जब पूरी दुनिया सो रही थी तब इरान की मिसाइले कुवेत की सरहत को
03:54पार करते हुए अमेरिकी ठिकाने पर काल बन कर टूटती है
03:57इस हमले में 4 अमेरिकी सेनेक और 3 अमेरिकी ठेकेदार यानि कुल 7 अमेरिकी नागरिक घायल हुए
04:03कि कोई मामली जड़त नहीं थी धमाके की लहरे इतनी तेज थी की उड़ते हुए मलबिक और छरों ने वहां
04:09मौजूद अमेरिकी कर्मियों को लहुलुहान कर दिया
04:11घायल सानिकों को तुरंत मिलिटरी हॉस्पिटल ले जाया गया और कुछ को बहतर इलाज के लिए दूसरी जगों पर एयर
04:18लिफ्ट किया गया है
04:19राहत की बात बस इतनी है कि अधिकारियों के मताविक फिलहाल किसी की जान को खत्रा नहीं है लेकिन इस
04:24हमले ने जो खाव दिये है उसकी गूज बहुत दूर तक जाएगी
04:28हमले का शुकार बना है अली अल्स सलेम एर बेस उतरी कुवेत में स्थित ये बेस को या मिलिट्री क्याम्प
04:34नहीं है
04:34कि खाड़ी छेत्र में अमेरिका की रीड की हड़ी पूरे मिडल इस में अमेरिका जुतने भी हवाई ओपरेशन चलाता है
04:41जुतनी भी जासूती और सर्विलान्स मिशन करता है या अपनी सेना को लॉजिस्टिक पहुँचाता है ये बेस उसका सबसे बड़ा
04:48एपिसेंडर
05:04इसे बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट मोर मान रहे हैं क्यों कि इससे पहले जब भी इरान या उसके समर्थित गुटों
05:10के हमले हुए वो इराथ में हुए सीर्या में हुए या फिर साउधी अरब में हुए ये तिहास में पहली
05:16बार हुआ है जब इरान ने सीधे किसी ज
05:30हमला और भी जाधा तबाही बचा सकता था लाशों के धेर लग सकते थे लेकिन अमेरिका की अरली वर्निंग सिस्टम
05:36और एर डिफेंस नेट्वर्क ने समय रहते खतरे को घाप लिया जिससे हाता हातों की संख्या सीमित रहे हैं पर
05:42सबसे बड़ा डर ये है कि कड़े सुरक
06:00साइले दाककर दुनिया के सबसे बहतरीन डिफेंस सिस्टम को भी पंगू बना सकते हैं एरानी की बार देखिए एक तरफ
06:06वाशिंग्टन और तेहरान की बीच परदे के पीछे इंडारेक्ट टॉक्स चल रहे हैं दोनों पक्ष टेबल पर बैटकर पूठनीती रास्ता
06:12नि
06:26के निशाने पर होगा पिलाल पेंटागॉन और अमेरिकी सेंट्रल कमान ने इस नुक्सान की पूरी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया
06:33है लेकिन दैरान का संदेश बिलकुल स्ताफ है हम बात भी कर सकते हैं और हम बर्बाद भी कर सकते
06:39हैं इस हमले ने अमेरिका में ट्र�
06:55करता है तो क्या हम तीसरे विश्वयूद की दहलीस पर खड़े हैं सवाल बड़े और इनके जवाब आने वाले कुछ
07:01दिनों में पूरी दुनिया का भूगोल और भविश्वत तै करें खेर ज्वाते ज्वाते आपकी लेक सवाल क्या आपको लगता है
07:07कि अमेरिका इस बार �
07:08चुब बैठेगा या फिर मिडलीस में एक ऐसे महायूद की शुरुवात होने वाली है जो से रोकना किसी के भी
07:13बस में नहीं होगा
07:20शांती के टेबल अब टूट चुकी है और बारूद सुलक चुका है डिपलुमसी इस डेड जी हाँ
07:26मिडलीस इस वक्की सबसे बड़ी और खौफनाख खबर यही है कि इरान ने कागस के वो सारे पन्ने फाड़ दिये
07:33हैं जुन पर अमेरिका के साथ शांती की इबादत लिखी जा रही थी
07:37अब कोई बार चीत नहीं होगी कोई समझाता नहीं होगा और ना ही परदे के पीछे कोई डीलिंग होगी
07:43इरान ने अधिकारिक तोर पर वाशिंग्टन से अपना हाथ पीछे खीच लिया है और इस बार यह कोई छोटी मोटी
07:49नाराजगी अपरेक नहीं है
07:50यह सीधे सीधे युद्ध का एलान है तहरान ने ऐसी शर्त सामने रखती है जुन्हें मानना अमेरिका के लिए नामुम्किन
07:58है और ना मानना पूरी दुनिया कोई कैसे आर्थिक और सैन्ने महाविनाश्व की तरफ धकेलना है जिसकी कल्पना से ही
08:05रूफ काब जाए
08:06आये जानते हैं कि कैसे कूटनीती के आखरी रास्ते पर हमेशा के लिए ताला लग गया कहानी के शुरुवात होती
08:13है सोमवार एक जून से इरान के अज़ सरकारी मीडिया से कैसी खबर आई जुसने पूरी दुनिया के डिप्लोमाट्स के
08:20होश उड़ा दिये
08:20खबर थी कि तहरान की वाता टीम ने मीडियेटर्स के जरिये अमेरिका के साथ होने वाले संदेशों के लेन देन
08:28और बादचीत को हमेशा के लिए सस्पेंट यानि निलम्बित कर दिया है
08:32लेकिन इरान ने इतना बड़ा कदम आखिर उठाया क्यों? इसके पीछे वज़ा है लेबनॉन
08:37इरान ने अमेरिका के सामने एक शर्त साफ रखी थी कि अगर कोई भी सीस फायर यानि की समझोता होना
08:43है तो पहले लेबनॉन में इसराइल के हमलों को रोकना होगा
08:47इरान के मुताबिक इस शर्त का हर मोर्चे पर उलंगन किया गया जब पानी से से उपर चला गया तो
08:54इरानी प्रतीनिधी मंडल बाचीत की मेज से उठ खड़ा हुआ लेकिन बात सिर्फ मेज से उठने की नहीं है बात
09:00उस खौफनाक चेतावनी की है जो इरान ने जाते जात
09:03दुनिया को दी है इरान और उसके सहियोगी संगठिनों ने अब अपने एजेंडे में एक ऐसा आर्थिक परमाडू बम शामिल
09:10कर लिया है जो बिना कोई मिसाइल दागे पूरी दुनिया को घुटने पर ला सकता है और वो हतियार है
09:16स्ट्रेट ओफ होर्मूस को पूरी तरह
09:18बंद करना अगर इरान ने इसे थोड़ा सा भी बंद कर दिया तो ग्लोबल एकॉनिमी में रातो रात वो भूचाल
09:24आएगा जिसकी कलपना भी करना मुश्किल है महंगाई हर देश के घर में गुज जाएगी और सिर्फ यही नहीं लाल
09:30सागर में हूती विद्रोही पहले ही �
09:32बाबल मंदेब के रास्ते वेश्विक विपार की कमर तोड़ रहे हैं यानि अब चो तरफा घेरबंदी की तैयारी है अब
09:39सवाल उठता है कि या कि रचवाना कैसा क्या हुआ की बात इतनी बिगड़ गई इस्तिती को जनम किस ने
09:44दिया इसके लिए हमें चलना होगा लेब
10:02अकेले नहीं किये बलकि इसके पीछे वाशिंग्टन यानि अमेरिका के साथ पूरा ताल मेल और कोडिनेशन था जरा इस खेल
10:08को समझे एक तरफ अमेरिका और इरान के नुमाइंदे कूटनीती की भाशा बोल रहे थे परदे के सामने बात चीत
10:15का नाटक चल रहा था और ठी
10:17उसी समय परदे के पीछे वाशिंग्टन और तेल अवीव मिलकर लेबनौन की जबीन पर बारूद बरसा रहे थे इरान ने
10:24इस दोहरे खेल को भाप लिया और उसने तै कि अब बहुत हुआ
10:27मामला सिर्फ लेबनौन तक सीमित नहीं रहा पिछले कुछ दिनों में बात इतनी आगे बढ़ गए कि दोनों देश सीधे
10:34एक दूसरे पर हमला करने लगे वीकेंड पर अमेरिका ने सीधे इरान की सीमा के भीतर घुसकर उसके रडार, पृतिष्ठानों
10:41और कमार्ड और कं�
10:46ठोक कर कहा कि ये इरानी हरकतों का जवाब था, जवाब में इरान की इसलामिक रेविल्यूशनरी गार्ड कॉप्स आयार जीसी
10:52ने भी पलटवार किया, उन्होंने दावा किया कि उन्होंने उस अमेरिकी एर बेस को उड़ा दिया जहां से इरान के
10:58टेली कम्यूनिकेशन टा
11:13किया डॉनल्ड ट्रम् की उन कड़क शर्तों ने जो उन्होंने बाचीत की मेज पर भिजवाई थी, ट्रम्प ने इरान के
11:19परमाडू कारेक्रम को लेकर बेहद सक्त शर्त रखी और साफ कहा कि किसी भी समझोते के लिए होर्मूस को खुला
11:25रखना ही होगा, इरान के लिए य
11:39रक्षमन रेखा पार हो चुकी थी, आज रात इरान का संदेश पूरी दुनिया के लिए आइने की तरह बिल्कुल साफ
11:45है, शर्त नमबर एक, जब तक इसराइल, लेबनौन और गाजा से अपनी सेना पूरी तरह पीछे नहीं हटाता, कोई बात
11:51नहीं होगी, शर्त नमबर �
12:06एक ऐसी जगा पर खड़े हैं, जहां से किसी भी वक्त एक मल्टी फ्रंट वर छिड़ सकता है, जो पूरी
12:11दुनिया की अत्विवस्था को तेहस नहस कर देगा, अब सवाल यह नहीं रह गया है कि क्या अमेरिका और इरान
12:16की बीच समझोता जिन्दा है या मर चुका है, समझ
12:36दुनिया की सभी बड़ी जंगे हमेशा बंदूकों से नहीं लड़ी जाती, उच जंगे नक्षे पर खीची गई उन पतली नीली
12:43लकीरों पर लड़ी जाती हैं, जुन से पूरी दुनिया किस्ता से जुड़ी होती हैं, आज हम आपको ऐसे ही एक
12:49लकीर की कहानी बताने जा �
12:50रहे हैं, एक ऐसा समुद्री रास्ता जो दिखने में तो बेहत छोटा सा है, लेकिन अगर वहां संकट पैदा हो
12:57जाए तो दुनिया के बाजार हिल सकते हैं, तेल की कीमते आसमान चू सकती हैं, और करोडों लोगों की ज्वे
13:03पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, नाम है बा
13:20और आज यही दर्वाजा अंतराष्टिय तनाव की केंद्र में आ गया है, अब तक पूरी दुनिया की नजरें सिर्फ और
13:26सिर्फ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर थी, माना जा रहा था कि अगर इरान किसी समुद्री रास्ते को निशाना बनाएगा तो
13:32उसका पहला लक्ष ह
13:33हॉर्मूज होगा, लेकिन अब जिस तरह की खबरे सामने आ रही हैं, उसने सुरक्षा विशेशग्यों से लेकर पूरी दुनिया की
13:40चिंता कई गुणा बढ़ा दी है, क्योंकि आशंका जताई जा रही है, कि बाब अल्मन देब भी इस संगर्ष का
13:46नया मोर्चा बन सकता है
13:48पहरे समझे कि ये इतना महतोपुन क्यों है, यमन और अफ्रीका के हॉर्म शेतर के बीच मौजूद ये सक्रा समुद्री
13:55रास्ता रब सागर और अदन की खाडी को लाल सागर से जोडता है, यही लाल सागर आगे स्वेज नहर तक
14:03पहुंचता है और फिर यूरोप का रास्त
14:15से गुजरता है, तेल, गैस, कंटेनर, कारगो, खाद्यान, इलेक्ट्रोनिक्स, मशीने, सब कुछ यही से जाती है, यही वज़य है कि
14:25जब भी बाबल मंदेब का नाम किसी संकट से जुडता है, दुनिया के बाजारों में बेचैनी कई गुड़ा बढ़ जाती
14:31है, लेकिन �
14:33खत्रा और बढ़ा है, क्योंकि यह सिर्व एक समुद्री रास्ते का मामला नहीं है, कुछ समय से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज
14:39को लेकर भी तनाव बढ़ा हुआ है, ऐसे ही खाड़ी देशों में अपने तेल निर्यात के लिए वैकल्पिक रास्तों पर
14:45भरोसा बढ़ाया, स�
15:01उस्तेथी कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती है, विशिशग्यों का मानना है कि लाल सागर में सुरक्षा बढ़ने से जहाजों को
15:07अफ्रीका के दक्षणी छोड, केप ऑफ गुड होप के रास्ते जाना पड़ सकता है, इससे हजारों किलोमेटर अतरिक्त यात्रा करने
15:14पड़े
15:31और व्यापारिक पूर्ती का बड़ा हिस्सा इनी समुद्री मारगों पर निभर करता है, अगर तेल महंगा होता है तो उसका
15:37असर पेट्रॉल डीजल से लेकर रोजबना की वस्तों तक दिखाई पड़ता है, यानि समुद्र में पैदा हुआ संकट सीधे आम
15:44आदमी की रसो
15:57रहेगी या फिर gate of tears सच मुझ पूरी दुनिया के लिए आसों का दर्वाजा बन जाएगा
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