00:00तमिलाडू की राजनीती में इस वक्त एक ऐसा राजनीतिक भुकम पाया है जिसके गून सिर्फ चन्नाई तक समित नहीं है
00:06इसके आवाज दिल्ली के सत्ता गल्यारों तक सुनाई दे रही है
00:09बीजेपी का सबसे आक्रामक, सबसे लोकप्रिया और सबसे चर्चिक चहरा अब पार्टी से अलग होने जा रहा है
00:16के अन्ना मलाई, जिसने तब और बीजेपी ने तमिलाडों में अपना सबसे बड़ा दाव लगाया था, अब अपनी अलग राजनीतिक
00:23जमीन तयार कर रहे है
00:24लेकिन क्या ये सिर्फ एक स्तीफा है, या दक्षिन भारत की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत
00:47क्योंकि ये किसी साधारण नेता की कहानी नहीं है, ये उस नेता की कहानी है जिसे बीजेपी ने तमिलनाडों में
00:53अपने भविश्य का चहरा माना था, आज की इस एक्स्प्लेइनर में हम जानेंगे कि अन्ना मलाई की आईपेस से राश्णिति
01:00तक का सफर कैसा रहा, क्या र
01:15रहे हैं, बीजेपी को कितना बड़ा जटका लगेगा, नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं, अन्ना
01:27मलाई की राजणिति कहानी किसी फिल्मी पठकता से कम नहीं है, करनाटा कैडर की आईपेस अधिकारी, तेस तरार छवी, इमांदार
01:35अफसर की प
01:45बहरे बन जाएंगे, 2020 में बीजेपी में शामिल होने के बाद उनका राजनितिक ग्राफ रोकेट की तरह उपर गया, सिर्फ
01:51एक साल बाद 2021 में पार्टी ने उन्हें तमिलाडू बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया, उस समय बीजेपी राज्य में
01:58हाशिय के ता
02:15यही से कहानी में पहला मोड आता है, अन्ना मलाई की सबसे बड़ी ताकत उनकी आकरामक शैली थी, लेकिन वही
02:21शैली बीजेपी के सहयोगी दल AIAGM को खटकने लगी, उन्होंने कई बार ऐसे बयान दिये जोने AIAGM के नित्रतों ने
02:29अपमान जनक माना खास कर, तमिल राजु
02:45माव लड़ी और इसका फाइदा DMK को मिला, यही से बीजेपी नित्रतों के सामने मुश्किल खड़ी हो गए, बीजेपी के
02:51सवाल थे कि क्या गटबंधन बचाया जाए अन्ना मलाई को खुली छोट दे जाए, AIAGM की शर्त और अन्ना मलाई
02:57की विदाई, राजनेतिक सूत्र
02:58के मुटाबिक जब बीजेपी और AIAGM के बीच दुबारा बाची शुरू हुई तो एक शर्त सामने आई, AIAGM के चाहती
03:05थी कि तमिलनाडू BJP का नित्रतों बदला जाए, कुछ समय बाद वही हुआ, अन्ना मलाई की जग है, नैनार नागेंदरन
03:12को प्रदेश अध्यक्ष ब
03:27अन्ना मलाई और BJP के रिष्टों में सबसे बड़ा मोड तव आया, जब 2026 के तमिलनाडू विधान सभाच चुनाव के
03:33लिए उमें द्वारो की सूझी सामने आई, पूरी राजनीतिक दुनिया की नजर सिर्फ एक नाम पढ़तेगी थी, के अन्ना मलाई,
03:39लेकिन जब सू�
03:52पूचाने के लिए लगतार संगर्श किया, वही नेता चुनावी मैदान से बाहर था, सारवजनेक तोर पर अन्ना मलाई ने कहा
03:58कि उनका टिकेट नहीं कटा है, वो पार्टी के स्टार प्रचारक की भूमिका निभाएंगे, लेकिन राजवितिक गल्यारों में ये संदेश
04:05बिल्कुल अलग तरीके से लिया गया, उनके समर्थकों को लगा कि जिस व्यक्ति ने तमिलनाडू में बीजेपी के पहचान बनाई,
04:11उसे चुनाव के सबसे एहम मौके पर किनारे कर दिया गया, यही वो छड़ था, जब पहली बार खुल कर
04:17सवाल उठने लगे कि क्या बी�
04:23बातन भी शुरू होगे तमिलनाडू में, इसे दुराने को और घटना करम ने इन अटकलों को और मजबूत कर दिया,
04:27तीन भाशा नीती को लेकर अन्ना मलाई का रुख अचानक बदलता हुआ दिखाई दिया, दिल्चस्प बात यह थी कि कुछ
04:33समय पहले तक वो राष्ट्
04:48किया जा रहा है, उसे शात्रों और अभिभाव को परतिरिक दबाव पड़ेगा, पहली नजर में यह शिक्षा से जुड़ा सवान्य
04:54बयान लग सकता था, लेकिन तमिलनाडू की राजुनीती को करीब से देखने वाले विशलेशकों ने इसे कही ज्याता महतोपुन माना,
05:01�
05:01उनके अनुसार ये सिर्फ शिक्षा नीती पर टिबड़ी नहीं थी, बलकि दिली ने तरतों को दिया गया एक राजुनीतिक संकेत
05:06था, कि अन्ना मलाई अब हर मुद्धे पर पार्टी लाइन के साथ खड़े रहने के बजाए अपनी स्वतंत्र राजुनीतिक पहचान
05:13बना
05:16एक नया सवाल, क्या अन्ना मलाई अपनी अलग राजुनीतिक जमीन तयार कर रहे हैं? इस सवाल को हवात तब मिली
05:23जब उनके जन्दिन से पहले कोईमबटूर और तमिलनाडु के कई इलाकों में बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए इन पोस्टरों पर
05:29लिखा गया थ
05:30हमारे नेता आईये और हमारा नित्रत्व कीजिए यह सिर्फ जन्दन की शुब कामनाय नहीं थी इन पोस्टरों ने राजुनीतिक हलकों
05:37में यह संदेश दिया कि अन्ना मलाई के समर्थक उन्हें स्वतंत्र नेत्रत्व के रूप में देखना चाहते हैं इसके बाद
05:43कई रि
05:59राजुनीतिक पार्टी नहीं कहा गया लेकिन तमिल्लाडू की राजुनीति में शायद ही कोई ऐसा वो जिसने इसे सिर्फ एक समाजिक
06:05मंच के रूप में देखा हो क्योंकि अतिहास गवा है भारत में कई बड़े राजुनीतिक दलों की शुरुआत पहले समाजिक
06:11आंदलो
06:26उठाते हैं तो तमिल्लाडू की राजुनीति का समीका रण पूरी तरह बदल जाएगा इसकी वजह यह है कि अन्ना मलाई
06:33सिर्फ एक नेता नहीं है बल्कि एक राजुनीतिक ब्रांड बन चुके है पुर वह आई-पेस अधिकारी होने की वजह
06:38से उनकी अच्छी पकड़ ह
06:41सोशल मीजया परों की लोग प्रियता किसी भी छेत्रिया नेता से कम नहीं है और सबसे महतुपुन बात कि पचले
06:47कुछ वर्षों में तमिल्लाडू में बीज़पी का जो चेहरा सबसे ज्यादा दिखाई दिया वो अन्ना मलाई ही थे लेकिन क्या
06:54ये लोग प्रियता सीधे
06:55चुनावी सफलता में बदल सकती है यही सबसे बड़ा सवाल है तमिल्लाडू की राजूरीती पहले से ही बेहत प्रतिसपर्धी रही
07:02है एक तरफ डियम के है तूसरी तरफ एया ये डियम के और अब तो टीवी के वहां सरकार बना
07:07चुकी है विज़पी अपने जगे बनाने
07:23सबसे बड़ी चुनावती यही होगी कि क्या वो अपने व्यक्तिकर्प्रभाव को एक मजबूत राजनितिक संगठर ने बदल पाते हैं या
07:28फिर नहीं और सबसे बचस्त बात यह है कि अन्ना मलाई के संभावित अलगाव से सबसे ज्यादा चिंता बीजेपी को
07:35ही हो सकती ह
07:36क्योंकि तमिलाडू में बीजेपी की जो भी पहचान बनी है उसका बड़ा हिस्सा अन्ना मलाई के वेक्तितों से जुड़ा हुआ
07:41है अगर वो अलग रास्ता चुनते हैं तो बीजेपी को राज्य में नया चेहरा खड़ा करना होगा और ये काम
07:47आसान नहीं होगा खास कर कि
07:48तब जब थलापति विजय जैसा एक बड़ा नेता एक लोगप्रिया नेता एक सूपर स्टार राज्यूनीती में सीम बन चुका है
07:55फिलाल सबकी नजर अमित्यु शाह के साथ उनकी मुलाकात और आने वाले दिनों की राज्यूनीती गत्यविदियों पर है संभव है
08:01कि उन्
08:13अमलाई अब सिर्फ एक नेता नहीं जाए बलकि तमिलाडू की राज्यूनीती का सबसे बड़ा अनुतरित सवाल बन चुके हैं और
08:20इस सवाल का जवाब आने वाले महीनों में दक्षिन भारत की राज्यूनीती के दिशा ताय कर सकता है इस खबर
08:26में इतना ही लेकिन इस एक
08:43झाल
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