00:03अगर आप भी इंडोनेशिया से हच पर जाने का सपना अपनी आखों में लिए बैठे हैं और सालों से मक्का
00:08मदीना के बुलावे का इंतिजार कर रहे हैं तो आज का ये वीडियो खास आपके लिए है आज हम आपको
00:13बताएंगे कि आप ज्यादा वक्त तक इंतिजार किये बि
00:29करीब आ सके दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देशों में से एक इंडोनेशिया में लोगों को हच के लिए काफी
00:36इंतिजार भी करना पड़ता है ये इंतिजार कभी-कभी 11-40 साल तक भी हो जाता है इंडोनेशिया में दुनिया
00:43की सबसे बड़ी मुस्लिम पॉपुलेश
00:56तक भी हो जाता है इंडोनेशिया में हच का नंबर इन दो तरीकों से आता है सीट आवंटन सौधी अरब
01:02से मिले तैकोटे के मुताबिक हर साल सरकार उन आवेदकों को हच पर भेजती है जिनोंने कई साल पहले अपलाई
01:09किया था और अपनी बारी का लंबा समय पूरा कर लिया
01:12दूसरा होता है लौटरी या ड्रॉव सिस्टम कोटे से जुड़ी कुछ हास या आरक्षित सीटों जैसे बुज़ुर्गों के लिए और
01:19कई बात वेटिंग लिस्ट से अचानक खाली हुई सीटों के लिए वहां की सरकार लौटरी या रैंडम ड्रॉव सिस्टम निकालती
01:25ह
01:25ताकि प्रॉसस बेहत ट्रांस्पारेंट रहे वहां की सरकार अब इस कतार यानि वेटिंग लिस्ट को कम करने के लिए टिकेट
01:31वाल यानि फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व जैसे नई तरीकों को भी लागू करने की सोच रही है
01:36तो चलिए अब समझते हैं इंडोनेशिया में हज की क्या अहमियत है
01:41यहां इसलाम सिर्फ मजब नहीं बलकि लोगों की जिन्देगी का हिस्सा है
01:44हर घर में बच्पन से ही खुआब होता है
01:47एक दिन हम भी हज जरूर करेंगे
01:49लोग अपनी पूरी जिन्देगी की कमाई सिर्फ इस सफर के लिए जोडते हैं
01:53अब बात करते हैं इसलाम में हज इतना जरूरी क्यों है
01:56हज इसलाम के पांच अरकान में से एक है
01:59कुरान में अल्ला फर्माता है जो शक्स ताकत रखता है उस पर हज फर्ज है
02:03हजरत मुहमद सललाओ अल्ला फर्माया
02:05जो हज करता है और गुनाहों से बचता है वो ऐसे लोटता है जैसे अभी पैदा हुआ हो
02:10तो चलिए अब हज ट्रिप की तरफ बढ़ते हैं
02:13आपको बता दें कि आप दो तरीके से हज ट्रिप प्लान कर सकते हैं
02:17पेहला तरीका ग़र्मेंट हज पैकेज का है और दूसरा प्राइविट या इस्पेशिल हज पैकेज
02:22पहले बात करते हैं गवरर्मेंट हज पैकेज की इंडोनेसिया में हज का सिस्टम पूरी तरह गवर्मेंट कंट्रोल रहे
02:28सबसे पहले रजिस्ट्रेशन होता है Ministry of Religious Affairs के मनाग में
02:33फिर बैंक में हज सेविंग अकाउंट खोला जाता है इसके बाद मिलता है क्यों नमबर
02:38और यही तै करता है कि हज 10, 20 या 40 साल बाद मिलेगा
02:42इसमें वेटिंग टाइम लगभग 11 से 40 साल तक भी हो जाता है
02:46जो लोग रजिस्टर करते हैं उनकी संख्या लगबग 55 लाग होती है
02:50इसके बाद आता है Training Phase
02:51जब नमबर करीब आता है तो Government Training देती है
02:54हज, Rituals Training, Health Check-ups, Travel Guidance, Basic, Arabic Support
02:59अब बात करते हैं उस सफर की जो एक सपना हाकिकत में बदलता है
03:03इंडोनेशिया से हज की पूरी यात्रा आमतौर पर 30 से 45 से दिन तक चलती है
03:07इसमें शामिल होता है Travel Time, मक्का स्टे, मदीना स्टे, मीना अरफात, मुझ दलिफा डेज, रिटर्न जर्नी
03:15हर पिल्ग्रिम को पूरा Group वाइज स्चेडूल दिया जाता है
03:18हज फ्लाइट्स आमतौर पर इन बड़े एरपोर्ट से जाती हैं
03:21जैसे जकार्ता, सियोकार्णो हट्टा इंटरनाशनल अशुटर्ट, सौराब्या, जॉंटा इंटरनाशनल अशुटर, मैदान, कुलानामू इंटरनाशनल अशुट, मकस्र, सुल्तान हसुनुद्दीन अशुट, हर साल
03:35हजारोप्र फिल्ग्रिम, गुरूप वाईज अलग-�
03:37पैचिस में भेचे जाते हैं। इंडोनेशिया से हच का सफर सीधा नहीं होता, आमतोर पर रूट होता है। जैसे इंडोनेशिया
03:43से मलेशिया, मिडल इस्ट, ट्रांजिट, जद्दा या फिर मदीना।
03:48कुछ फिलाइट्स डायरेक्ट भी होती हैं, लेकिन ज्यादतर में एक या दो स्टॉप ओवर होते हैं। पूरा सफर लगभग 10
03:54से 15 घंटे तक लग सकता है। अब बात करते हैं ट्रैवल एक्सपिरियंस की। हर गुरुप के साथ गाइड यानि
04:01मुतफिफ होता है। गौर्मे
04:16इस फ्लाइट्स में समय लगता है, लगभग 10 से 12 घंटे। अब बात करते हैं उस दूसरे तरीकी की जिसमें
04:22आप जल्दी हच कर सकते हैं। और वो है प्राइविटली या स्पेशल हच पैकेज। इसके जरीए भी हच किया जा
04:29सकता है। कुछ लाइसेंस प्राइविट ट्र
04:46इडियार से 250 मिलियन आइडियार तक है। तो ये प्रासेस कैसे होता है। रजिस्टर ट्रेवल एजनसी चुन्नी होती है, पासपोर्ट
04:53डॉक्यमेंट सम्मिट करने होते हैं, हच कोटा और वीजा अप्रूवल गवर्मेंट सिस्टम से ही होता है, एजनसी पूरी ट्रेवल क
05:12ग्रेट देता है, लेकिन हच का वेटिंग सिस्टम फूरी तरह खत्म नहीं करता है। अब समझते हैं हच करने में
05:17कितना खर्चा आता है। गवर्मेंट हच पैकेज की बात करें तो ये सबसे कॉमन आप्शन है, टोटल खर्चा इसमें 80
05:24मिलियन आईडियार से 120 मिलियन आई�
05:42इसमें खर्चा 150 मिलियन आईडियार से लेकर 250 मिलियन आईडियार तक आता है, यारी इंडियन रुपीज में बात करें तो
05:498 से 14 लाग। इसमें इंक्लूड होता है 4 to 5 स्टार होटल्स, काबा के पास, डारेक्ट और पास्टर फ्लाइट्स,
05:56बेटर रूम और फैसलिटीज, �
05:57गाइडेंस, एक्स्ट्रा हीडिन एक्सफेंसिज होते हैं, जैसे कि वीजा प्रोसेसिंग, लोकल ट्रांस्पोर अपग्रेट्स, परस्नल शॉपिंग, मैडिकल इंशॉरेंस, लगबग 6 से
06:0650 मिलियन आईडियार भी एक्स्ट्रा लग सकते हैं, होटल डिफरेंस की बात करें
06:10तो मदीना इस्टे आमद्वार पर 3-5 दिन होता है, मस्जिद नभीवी की पास होटल होता है, ये पीस्पूल स्पेच्वल
06:15स्टे होता है, मक्का इस्टे की बात करें तो सबसे लंबा इस्टे 15-25 दिन होता है, यहीं मुखे हज
06:22रिचुल होते हैं, होटल स्टीन कैटिगरी�
06:37नहीं होती, ये कैसी सफर में दाखिल होना होता है, जो इनसान की रुख को हिला देता है, सबसे पहले
06:43हाजियों का स्वागत होता है, मदीना या मक्का में, मदीना में सबसे पहले लोग जाते हैं, मस्जिद नभी यानि प्रॉफिट
06:49शल्ला अल्यावल रसलम की मज़िद, य
07:02जैसे ही इंसान हरम शरीफ यानी मक्का पहुंचता है उसको एक अलग ही एहसास होता है।
07:07यहां हर तरफ लाको लोग होते हैं लेकिन फिर भी एक अजीब सी शान्ती होती है।
07:11हर किसी के चहरे पर एक ही बात होती है, मैं अल्ला के कराया हूँ।
07:14इसके बात शुरू होता है एहराम, हज की शुरुवात होती है एहराम से, सफेर दो कपड़े, ना कोई ब्रैंड, ना
07:21कोई स्टैचू, ना अमीर, ना गरीब, सब एक जैसे।
07:23यहां इंसान को समझाता है कि मौत के बाद भी हम सब ऐसे ही जाएंगे।
07:27फिर शुरू होता है तवात, काबा के चारो तरफ साथ चकर, हर चकर में भीर नहीं दिखती, बस दिल दिखता
07:33है, कोई रो रहा होता है, कोई दुआ मांग रहा होता है, कोई बस चुप खड़ा होता है, और हर
07:38दिल की आवाज होती है, या अल्ला मुझे माफ कर दे।
07:41फिर लोग चलते हैं सफा और मर्वा के बीर, यह वो जगा है जहां हजरत हजर ने फानी की तलाश
07:47में दौड लगाई थी, यहां हर प्लिग्रिम को ऐसा एसास होता है, कि सबर और भरोसा क्या होता है, दोनों
07:52हिल मस्जित अलहरम के अंदर ही है, इनके बीच लगबग बिसं�
07:56450 से 500 मेटर दूर है, साथ राउंड्स पूरा करने पर टोटल वॉक लगबग 3.5 किलो मेटर से 4
08:02किलो मेटर होती है, यह पूरा सफर कवर्ड वॉक वे में होता है, AC सिस्टम भी होता है, इसके बाद
08:07हज का सफर जाता है मिना की तरह, मक्का से दूरी है लगबग 8 किलो मेटर,
08:11यहां लाखो लोग एक साथ टेंड्स पे रहते हैं, ना लगजरी ना कमफर्ट, सिर्फ एक चटाई, एक छोटा सा बैग
08:17और इबादत, यहां इनसान को मैसूस होता है कि दुनिया की सारी दॉलर टेंपररी है, यहां लाखो टेंड्स होते हैं,
08:23हज के 2-3 दिन सबसे ज़्या
08:39होते हैं, सूरच तेज होता है, घिर बहुत होती है, लेकिन लोग बस दुआ में लगे रहते हैं, कोई अपने
08:44गुनाहों की माफी मांग रहा होता है, कोई अपने परिवार के लिए रो रहा होता है, कहा जाता है, अगर
08:49आरफात नहीं हुआ तो हज़ पूरा नहीं होता, यह
08:52यहां इनसान अपने पूरे जीवन का हिसाब अल्ला के सामने रख देता है।
08:56इसके बाद आता है मुझद अलीफा, रात को हाजी मुझद अलीफा जाते हैं, अरफात से दूरी है लगभग 9-10
09:02किलो मिटर, मक्का से दूरी है लगभग 15-18 किलो मिटर, यहां रात में खुले आस्मान के बीच रुखना होता
09:08है, यहीं से रामी यानि जमरात के लिए पत्थर
09:11उठाये जाते हैं, यहां कोई होटल नहीं, कोई बिस्तर नहीं, बस जमीन है और आस्मान, लोग महीं रुखते हैं, पत्थर
09:17इखटा करते हैं और रात भर अल्ला को याद करते हैं, यह एक ऐसा एक्सपिरियंस है जो लाइफ में कभी
09:22नहीं भूला जा सकता, कई कैम्स पैद
09:37ताद्धों को छूड़ना, इसके बाद होता है कुर्बानी और हिर्कट, इसके बाद कुर्बानी की जाती हैं, यह इसे सीखता है
09:43की सेक्रिफाइज ही असली अबादत है, फिर बाल कटवाए जाते हैं, यह इस बात का सिमबल है कि इनसान अब
09:49�मया जीनल चुरू कर रहा है,
09:51और आखिर में जब हाजी आखरी बार काबा का तवाफ करता है
09:55तो वोपल बहुत इमोशनल होता है
09:57आप हुमें आसू होते हैं दिलभारी होता है
09:58और जुबान पर सिर्फ एक बात होती है
10:00या अल्ला तूने मुझे बुला लिया
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