00:04श्री जगनाग के उपर इस्तेत लाल ध्वज हमेशा हवा के विपरीत दिशा में लहराता है।
00:11ऐसा क्यूं होता है कि तो आप सभी भक्तों के मन में सवाल जरूर उठता होगा।
00:17इसके पीछे का कारण तो वैज्ञानिक ही बता सकते हैं।
00:20लेकिन आज हम आपको इससे जुड़ी कथा के बारे में बताएंगे।
00:27द्वज के विपरीत दिशा में लहराने की कथा या कारण हनुमान जी से जुड़ी है।
00:35दरसल हनुमान जी शेत्र की दशों दिशाओं से रक्षा करते हैं।
00:39यहाँ के कड़कर में हनुमान जी का निवास हैं।
00:42हनुमान जी ने यहाँ कई तरह के चमतकार बताए हैं।
00:48उनी में से एक है समुद्र के पास स्थत मंदर के भीतर समुद्र की आवाज को रोक देना।
00:54इस आवाज को रोकने के चक्कर में ध्वज की दिशा भी बदल गई थी।
00:59दरसे लेग बार नारज जी भगवान जगनात के दर्शन के लिए पहुँचे तो उनका सामना हनुमान जी से हुआ।
01:05हनुमान जी ने कहा कि इस वक्त तो प्रभू विश्राम कर रहे हैं। आपको इंतजार करना होगा।
01:12नारज जी द्वार के बाहर खड़े होकर इंतजार करने लगे। कुछ वक्त बीते तो उन्होंने मंदर के द्वार के भीतर
01:19जहाता।
01:19तो प्रभु जगनाश्री लक्ष्मी के साथ उदास बैठी थे, उन्होंने प्रभु से इसका कारण पूछा, तो उन्होंने कहा कि ये
01:27समुद्र की आवाज मुझे सोने नहीं दे रही, नारत जीस ने ये बात बाहर आकर हनुमान जी को बताई, हनुमान
01:35जी ने क्रोधित होकर स
01:47ये महावीर हनुमान, ये आवाज रोकना मेरे बसकी नहीं है, जहां तक पवन वेग चलेगा, ये आवाज वहां तक जाएगी,
01:55आपको इसके लिए अपने पिता पवन देव से विनती करनी होगी, तब हनुमान जी ने अपने पिता पवन देव का
02:03आवाहन किया, और उनसे कह
02:05ये आप मंदर के दिशा में ना बहें, इस पर पवन देव ने कहा कि पुत्र ये संभव नहीं है,
02:11परंतो तुम्हे एक उपाय बताता हो, तुम्हें मंदर के आसपास ध्वनी रहे, वायू कोशिय व्रत्ति या विवर्तन बनाना होगा, हनुमान
02:20जी समझ गए, तब हनुमान
02:22जी ने अपनी शक्ती से खुद को दो भागों में विभाजत किया, और फिर वो वायू से भी तेज गती
02:28से मंदर के आसपार चक्र लगाने लगे, इससे वायू का ऐसा चक्र बना, कि समुद्र की भनी मंदर के भीतर
02:40ना जाकर मंदर के आसपास ही घूमती रही, और मंदर में
02:43श्री जगनात जी आराम से सोते रहे, यही कारण है कि तभी से मंदर के सिंगद्वार में पहला करदम प्रवेश
02:51पर ही, आप सागर द्वारा निर्मिक किसी भी ध्वनी को नहीं सुन सकते, लेकिन इसे शाम को स्पष्ट रूप से
02:59अनुभव किया जा सकता है, इसी तरह मंद
03:08से बाहर निकलेंगे, तभी आपको लाशों के जलने की गंद महसूस होगी, यह कहानी आपको कैसे लगी, अब नीचे कॉमन
03:16सेक्षन पर लिख कर बताना ना भूलिएगा, तल देन वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चानल को भी जरूर
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