सवाईमाधोपुर. नगरपरिषद में ठेके पर लगे अस्थाई सफाईकर्मी पिछले दस माह से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक परेशानी झेल रहे है। तीन फर्मों का करीब ढाई करोड़ रुपए का भुगतान अटका है। इससे 930 कर्मचारियों का वेतन भी लंबित है। हालात इतने गंभीर हैं कि मजदूरों के परिवार बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और रोज़मर्रा के खर्च पूरे करने में असमर्थ हो गए हैं। कई कर्मचारी कर्ज लेकर घर चला रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी बजट नहीं होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। लगातार बदलते आयुक्तों की टालमटोल और नगरपरिषद की लापरवाही ने मजदूरों को हड़ताल और घेराव तक करने को मजबूर कर दिया है। उधर, मंगलवार को भी सभी कर्मचारी सामूहिक रूप से नगरपरिषद पहुंचे और प्रदर्शन किया।
930 कर्मचारियों का वेतन अटका
नगरपरिषद में ठेके पर लगे अस्थाई सफाईकर्मी पिछले दस माह से वेतन न मिलने के कारण गहरे आर्थिक संकट में हैं। तीन फर्मों का करीब ढाई करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है, जिससे 930 कर्मचारियों का वेतन भी लंबित है। मजदूरों का कहना है कि रोज़ाना काम करने के बावजूद उन्हें मेहनताना नहीं मिल रहा, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
जिम्मेदार से बच रहे जिम्मेदार
कर्मचारियों ने कई बार नगरपरिषद आयुक्त को मौखिक और लिखित शिकायतें दीं। ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। हर बार अधिकारी बजट का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचते रहे। मजदूरों का आरोप है कि उनकी आवाज़ को लगातार अनसुना किया जा रहा है।
हर आयुक्त ने टाला भुगतान
पिछले दो वर्षों में नगरपरिषद में सात‑आठ आयुक्त बदले गए। कर्मचारियों का आरोप है कि हर नया आयुक्त यह कहकर भुगतान से बचता रहा कि यह उसके समय का बकाया नहीं है। मजदूरों का कहना है कि काम तो नगरपरिषद का ही किया गया है, फिर भुगतान टालना अनुचित है। उधर, तीनों क्षेत्रों के ठेका सफाईकर्मियों ने भुगतान की मांग को लेकर मंगलवार को भी आयुक्त का घेराव किया। तीन दिन से लगातार हड़ताल चल रही है। आयुक्त से मिलने पर भी कोई जवाब नहीं मिला और वे गाड़ी में बैठकर रवाना हो गईं। इससे कर्मचारियों में गुस्सा और बढ़ गया।
कहां-कितना अटका है भुगतान
जानकारी के अनुसार राव हम्मीर प्लेसमेंट एण्ड सिक्योरिटी सर्विस कंपनी का नवम्बर 2023 से मई 2024 का छह माह का भुगतान बकाया है। यहां ठेके पर 180 कर्मचारियों ने कार्य किया था। इनका करीब एक करोड़ का भुगतान अटका है। इसी प्रकार स्टार ग्लोबल सिक्योरिटी सर्विस अलवर की कंपनी के ठेकेदार के जरिए दो माह तक 400 ठेके पर लगे कर्मचारियों ने कार्य किया था। इनका 90 लाख एवं सीएलसी संस्था का दो माह का 75 लाख का भुगतान लंबित है। यहां ठेेके पर 350 अस्थाई कार्मिेको ने कार्य किया था।
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ये बोले कर्मचारी...
बार-बार नगरपरिषद के काट रहे चक्कर
लंबे समय से भुगतान अटका हुआ है। बार‑बार नगरपरिषद आयुक्त के चक्कर काटने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। समय पर वेतन न मिलने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि रोज़ाना काम करने के बाद भी मेहनताना न मिलना परिवार के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है। बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च ठप पड़ गया है।
अमित गोयर, अस्थाई सफाई कर्मचारी, सवाईमाधोपुर
हो रही है परेशानी
वेतन न मिलने से परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट में है। दवाइयों और रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि बार‑बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद केवल आश्वासन मिलता है, समाधान नहीं। लगातार टालमटोल से कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ रहा है और अब वे आंदोलन के लिए मजबूर हो रहे हैं।
रामजीलाल, अस्थाई सफाई कर्मचारी, सवाईमाधोपुर
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