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  • 19 hours ago

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00:00अभी कोई political party आजाए आपके यहां चुनाओं होने वाले हो वो आपसे बोले जात उसको आप वोट दे आओगे
00:06तुरंट कोई आगे बोले ए फ्री में फलानी चीज दे देंगे उसको भी वोट दे आओगे धर्म की बात है
00:11उसको भी आप वोट दे आओगे फिर एक कोई party आई
00:27तो आप वोट दोगे उसको तो क्यों करे कोई आपसे ढंकी बात अब तथ्वी बरवाद होती हो तो हो जाए
00:32कभी कोई आगे बोलेगा यह सब नेता चोर होते हैं कभी कोई बोलेगा यह सब बावा लोग चोर होते हैं
00:37उन्हें हम नहीं उहां सरताज बनाया है अजार जी अ�
00:57119 ओफिशिल लोगों की मौत हो गई है लगभग उनका इस पर ध्यान क्यों नहीं जा रहा है कि जो
01:08चीज कोई सुनना नहीं चाहता वो भी लोगों के पीछे पढ़ पढ़ के सुनाएं ये तो सीधा-सीधा लोगों के
01:13जिंदगी और मौत का फैसला है ना मतलब यह ऐसा नहीं ह
01:16हो गई हो रहा है कि जहां आपको सच दिखाया जा रहा हो पूरी प्रत्वी का सच आने वाली सब
01:28पीडियों को खा जाने वाला सच वहां आप नहीं देखना चाहते तो कोई क्या करें इसमें
01:32climate change कोई भविश्य की बात नहीं है भाई। वो हो रहा है। वो आज की बात है अब, 20
01:38साल से climate change के बारे में बोले जा रहा हूँ, कि अभी भविश्य की बात है, दोदाशक दो बीदगये,
01:43कौन सा भविश्य है?
01:45वो आज की बात है
01:47आपको नहीं पता प्रथवी का तापमान पहले ही कितना बढ़ चुका है
01:49भविश्य में नहीं अभी बढ़ चुका है
01:52और पल्टा नहीं जा सकता, इल्रिवर्सिबिल है
01:54आपको नहीं पता ग्लेशियर कितने पिघल चुकियों पल्टे नहीं जा सकते हैं उन पहाड़ों पर बर्ष कभी वापस नहीं आएगी
02:00आपको नहीं पता है कि
02:03तो क्लाइमेट चेंज से फर्क शरीर पर पड़ेगा, गरीबों पर पड़ेगा
02:07फसलों पर पड़ेगा, नदियों पर पड़ेगा, जनसंख्याओं पर पड़ेगा
02:12दूसरे पे इलजाम लगाने से पहले आमादमी की और देखो
02:15सबसे बड़ा चोर आमादमी है, सबसे बड़ा पाखंडी आमादमी है
02:18चुकि मेहनत कर रहा हूँ इसलिए इस मंच से कहने का अधिकार रखता हूँ कि आम आदनी पाखंडी है वो
02:23होगा पाखंडी मैं उससे प्रेम करता हूँ
02:32चुकि मेरा नाम तुशार है अजार जी हाली में अभी इन्वर्मेंटल रिबोट आई है दोजर चब्वीस की उसमें कुछ मुख्य
02:42बिंदू है कुछ फैक्ट्स है जो मैं प्रस्तुत करना चाहता हूं तो कर सकता हूं
02:47पहला है अचार जी एक्स्ट्रीम वेदर इवेंट्स लगभग 365 में से 360 दिन ऐसे थे भारत में जिसमें एक्स्ट्रीम वेदर
02:56इवेंट्स देखे गए कहीं न कहीं कहीं बाढ़ आई कहीं एक्स्ट्रीम गर्मी हो गई कहीं भूकम और भी बहुत चीज़े
03:03दूसरा है अचार
03:09119 ओफिशियल लोगों की मौत हो गई है 2025 में ही एक्स्रीम क्लाइमेट इवेंट के कारण और अचायर जी लगभग
03:16एक करोड चोहतर लाख हेक्टर की जो फसले हैं वो बरबाद हो गई किसानों को भारी नुकसान हो इसके वज़ा
03:24से तीसरा अचायर जी इसमें जो राइजिं�
03:39में बार तेजी से आ रहे हैं और इसके बाद है अचायर जी जो human and animal conflict है वो
03:45दिन बर दिन बढ़ते जा रहा है तो मेरा सवाल ये है तो इतना कुछ होने के बावजूद भी जो
03:54mainstream media है social media है even जो maximum लोग halls में हैं उनका इस पर ध्यान क्यों नहीं जा
04:01रहा है लोग इस पर इतना ग
04:09मिलेंगे लाइक्स मिलेंगे इसलिए थोड़ी जाता है कि वहाँ अपना अकाउंट थप कराएगा
04:16hall में कोई movie इसलिए दिखाई जाती है कि लोग देखने आएंगे तो पैसा देंगे hall में movie इसलिए थोड़ी
04:21लगाई जाती है कि सामने खाली कुरसियां रहेंगी
04:27सोशल मीडिया पर इसकी बात क्यों नहीं हो रही है टीवी पर क्यों नहीं आ रहा है इस पर फिल्में
04:32क्यों नहीं बन रही है अख़बारों में क्यों नहीं छप रहा है क्योंकि तुम्हें पढ़ना नहीं है क्योंकि तुम्हें देखना
04:36नहीं है
04:41अभी हाल में ये रिपोर्ट आई है अभी हाल में एक फिल्म भी आई है
04:45तुम कोशिश कर लो कि अगले दो दिनों में तुम्हें उसका टिकेट मिल जाए नहीं मिलेगा
04:50क्योंकि लोगों को देखनी है
04:54और जब वो फिल्म चल गई तो अब उस तरह की दस और बनेंगी
04:57क्योंकि लोगों को देखनी है
05:00अब तुम को ये हॉल वालों की गलती है
05:02पी वी आर वालों की या जो और चेंस है थीटर्स की उनकी गलती है
05:08कि वो क्लाइमिट पर अधारित मूवी क्यों नहीं चला रहे
05:11उनको अपना धंदा खराब करना है क्या
05:14उनको भी अपने घर चलाना है
05:15भाई, वो कहते हैं जंता जो देखना चाती है
05:17वी तो दिखाईंगे
05:21जंता जो देखना चाती हे वो दिखा देते हैं
05:29आप ऐसे क्यों हो
05:33कि आपको कहीं उतेजना दिखाई दे जाए
05:35तो आप कूद पढ़ते हो
05:36चल दी से टिकट ले लूँ देखा हूँ
05:40आपको कहीं
05:41विचारधारा दिखाई दे जाए
05:43वहाँ पर आप कूद पड़ते हो
05:44पर जहाँ आपको सच दिखाया जा रहा हो
05:48विभाजित सच नहीं
05:50ताकालिक सच नहीं
05:53पूरी प्रत्वी का सच
05:56आने वाली
05:57सब पीड़ियों को खा जाने वाला सच
06:00वहाँ आप नहीं देखना
06:01चाते तो कोई क्या करे इसमें
06:02और फिर जब आप नहीं देखना चाते
06:04तो फिर पूरी दुनिया भार के जो नेटा हैं
06:07वो भी इस मुद्दे पर कुछ काम नहीं करना चाते
06:10Paris Agreement हो चुका
06:12एक के बाद एक COP होते रहते हैं
06:15कोई कदम नहीं लिया जा रहा
06:17प्रत्वी बर्बाद हो रही है
06:18क्योंकि प्रत्वी सिर्फ उन नेताओं की नहीं है
06:20प्रत्वी आपकी है
06:22आपको जागर के दुरंदर देखनी है
06:24तो ठीक है प्रत्वी बर्बाद होती रहे
06:31अचार जी मेरा प्रशन इसमें में ये है कि
06:33ये तो सीधा सीधा लोगों के जिन्दगी और मौत का फैसल है ना
06:37मतलब ये ऐसा नहीं होगा ये हो रहा है
06:40अहंकार खुद को बचाने के लिए
06:43किसी की भी बर्बादी बर्दाश्ट कर सकता है
06:46बर्दाश्ट ही नहीं कर सकता हो किसी को भी बर्बाद कर सकता है
06:50यहां तक कि वो स्वयम को
06:52माने अपने शरीर को भी बर्दाश्ट कर सकता है
06:54अपने आपको बचाने के लिए
06:58क्लाइमेट चेंज होगा
06:59तो असर तुम्हारे शरीर पर पड़ेगा, तुम्हारी जेब पर पड़ेगा, तुम्हारी मानसिक स्थिदी पर पड़ेगा, तुम्हारे समाज पर पड़ेगा, ये
07:06सब बरबाद किये जा सकते हैं और इनको बरबाद करने से अहंकार बचता है तो
07:11एक आतंक्वाद ही अपने हंकार को बचाने के लिए क्या करता है वो जाकि सुसाइट बॉम्बिंग कर लेता है देखो
07:17क्या किया उसने
07:19हंकार ने अपने आपको बढ़ा करने के लिए शरीर कोई बम से उड़ा दिया किसके शरीर को अपने ही शरीर
07:25को
07:25अहंकार ऐसी चीज़ है
07:26जो अपने शरीर का भी सगा नहीं है
07:29वो अपने शरीर का भी शिकार करता है
07:33तो क्लाइमेट चेंज से
07:35फर्क शरीर पर पड़ेगा, गरीबों पर पड़ेगा
07:37फसलों पर पड़ेगा, नदियों पर पड़ेगा
07:40जन संख्याओं पर पड़ेगा
07:44अहंकार कहता है
07:45इन सबसे मुझे क्या लेना देना है
07:46मुझे तो इस बात से मतलब है कि मैं महान हूँ
07:48अगर सब बरबाद करके
07:51मैं ये दावाग ठोक सकूँ
07:52कि मैं महान हूँ
07:53तो सब बरबाद हो जाए
07:54मैं महान हूँ
07:58मैं महान हूँ बस
08:01climate change कोई भविश्य की बात नहीं है भाई
08:04वो हो रहा है वो आज की बात है अब
08:09जब मैं तुम्हारी उम्र का था उस समय पर climate change लगता था भविश्य की बात है
08:14आज से 10-20 साल पहले 25 साल पहले कह सकते थे कि climate change भविश्य की बात है
08:2320 साल से climate change के बारे में बोले जा रहा हूँ बोले जा रहा हूँ कि आभी भविश्य की
08:27बात है
08:27दोदशक तो बीद गए कौन सा भविश्य है आपको नहीं पता प्रत्री का तापमान पहले ही कितना बढ़ चुका है
08:36और पल्टा नहीं जा सकता इर्रिवर्सिबिल है आपको नहीं पता glacier कितने पिखल चुके हो पल्टे नहीं जा सकते उन
08:42पहाड़ों पर बर्फ कभी वापस नहीं आएगी
08:45आपको नहीं पता कि carbon dioxide कितने parts per million हो चुकी है और अब वहाँ से वो और उपर
08:50ही जाएगी वापस सोखी नहीं जा सकती
08:54वो आज की बात है पर हंकार उसको नहीं देखना चाहेगा हो गएगा मुझे दूसरी जिवर्स जादा मतलब है
09:03क्यों नहीं देखना जाएगा कारण और बताऊं साफ क्योंकि carbon dioxide खुद अहंकार का ही निर्माण है
09:11CO2 कम करनी है तो अहंकार कम करना पड़ेगा
09:16इगो जितनी ज्यादा होती है emission उतना ज्यादा होता है
09:19E
09:21वो जो CO2E लिखा जाता है नो CO2 equivalent तो चलो ठीक वो CO2E है
09:27अहंकार जितना ज्यादा होगा emission उतना ज्यादा होगा
09:30अभी यह जो लड़ाई चल रही है
09:33अमेरिका इसराइल इरान वाली
09:35इसकी climate cost पता है ना इसमें कितनी emission हो रहे हैं पता है ना यह क्यों हो रहा है
09:40राष्ट्री अहंकार है और धार्मे का हंकार है
09:44और आर्थिक भूख है और यह सारी चीज़ें अहंकार की है
09:50इसाई हैं यहूदी हैं इधर मुसल्मान हैं शिया मुसल्मान
09:53यह हुआ धार्मे का हंकार
09:57हम उन्नत राष्ट्र हैं, हम
09:59इहां धियोक्रेसी है यह हूआ धार्मिक
10:08और मैं हंकार हूँ, मैं अधूरा हूँ, मुझे और खाना है, खाने के लिए तेल चाहिए
10:13यह हूआ हंकार का अर्थिक पक्ष
10:19जहाँ ego है वहाँ emissions होंगे
10:21एक-एक bum जो गिर रहा है
10:23वो climate के साथ बलातकार है
10:26आपको सोचिए पहले कि एक bum गिरता होगा
10:28तो कितनी carbon dioxide उसमें से
10:30आप एक साधारन सी गाड़ी चलाते हो
10:33और फिर कहते हो गाड़ी चला रहा हूँ
10:35उसको इवी ले लेता हूँ
10:37तो यह बताओ यह जो fighter jet उड़ रहा है
10:39यह कितना emission करता होगा
10:40गाड़ी का तो इवी बना दोगे
10:42टैंक का
10:45और fighter jet का क्या बनाओगे
10:47और वो कितना carbon फेक रहे होंगे
10:55और जो दिन रात सेकड़ों की तादाद में
10:57मिसाईले धर उधर चल रही है
10:58इनका क्या हो रहा होगा
10:59और जो drones जा रहे हैं
11:01इनका carbon dioxide से क्या लेना देना
11:02पर जहाँ ego है वहाँ emission है
11:10यह तीन ease
11:13बिलकुल साथ चलते हैं
11:14ego, emotion, emission
11:17ego, emotion, emission
11:19जहाँ ego है वहाँ emission होगा
11:21और जहाँ emotion है वहाँ emission होगा
11:24इमोशन के ख्षण में आप सहीमित और विवेकी नहीं रह सकते
11:30जहां इमोशन आया तहां आप एमिशन शुरू कर देते हो
11:35आप जब बहुत खुश होते हो तो आप कहते हो गाजा बाजा लगाओ
11:47जब आप दुखी होते हो तब भी आप यही कहते हो चलो चाहीं कुछ करते हैं कुछ करके आते हैं
11:51खाते हैं पीते हैं फिर एमिशन शुरू
11:56आपको किसी पर क्रोध आता है आप उस पर जा करके चढ़ बैठते हो एमिशन शुरू
12:05तो अहंकार क्यों करेगा climate change की बात
12:08अहंकार खुद climate change है
12:11ego is emission
12:14वो नहीं करने वाला बात
12:17और आपने बड़ी मासूमियत से
12:19बलकि नादानी से सवाल पूछ दिया
12:20पर climate change की बात
12:22मीडिया क्यों नहीं कर रहा है
12:23मीडिया वाले देव पुरुश है
12:26उन्हें अपना चैनल बंद कराना है
12:30क्यों करें कोई बात
12:32क्यों करें सब मेरी तरह पागल है
12:35कि जो चीज कोई सुनना नहीं चाहता
12:37वो भी लोगों के पीछे पढ़ पढ़ के सुनाए
12:42नहीं करें कोई बात
12:45अभी कोई political party आ जाए
12:46आपके हाँ चुनाओं होने वाले हो
12:48वो आपसे बोले जात
12:51उसको आप वोट दे आओगे तुरंट
12:52कोई आके बोले ए फ्री में फलानी चीज दे देंगे
12:55उसको भी वोट दे आओगे
12:56ए आजाओ धर्म की बात है
12:58उसको भी आप वोट दे आओगे
13:00फिर एक कोई party आयो बोले climate
13:03उसको वोट दोगे नहीं दोगे
13:05तो कोई political party क्यों करे climate की बात
13:09क्यों करे
13:11घटिया से घटिया मुद्दे पर आपसे वोट लिया जा सकता
13:14और घटिया मुद्दे पर ही आप वोट दे देते हो
13:17पर कोई आपसे धंकी बात कर दे तो आप वोट दोगे उसको
13:21तो क्यों करे कोई आपसे धंकी बात
13:23अब प्रत्वी बरबाद होती हो तो हो जाए
13:28किसी और पर दोश्मत लगाया गरो
13:30कभी कोई आगे बोलेगा ये सब नेता चोर होते हैं
13:33कभी कोई बोलेगा ये सब बावा लोग चोर होते हैं
13:35कभी चैनल वाले चोर हैं
13:38कभी सोशल मीडिया पर सब लफंगे बैठे हुए है
13:41दूसरे पे इलजाम लगाने से पहले आम आदमी की और देखो
13:44सबसे बड़ा चोर आम आदमी है
13:45सबसे बड़ा पाखंडी आम आदमी है
13:47वो धंका होता
13:52वो धंका होता तो ऐसे नेता चुनता
13:55वो ढंका होता तो ऐसे चैनल देखता
13:58वो ढंका होता तो ऐसी मुवी हिट होती
14:00वो ढंका होता तो दुनिया जैसी है क्या ऐसी होती
14:04बोलो
14:04तो किसी दूसरे को बुरा या गिरा बताने से पहले
14:10आम आदमी की और देख लिया गरो सबसे गिरा हुआ वो ही है
14:14और जब तक ये आम आदमी माने तुम और मैं हम नहीं बदलेंगे हम नहीं सुधरेंगे तब तक हमें किसी
14:20दूसरे का दोश निकालने के कोई हक नहीं है
14:23उन्हें हम नहीं चुनाए है उन्हें हम नहीं वहां सर्ताज बनाया है
14:27चैनल को TRP से मतलब है
14:29TRP देने वाले तुम हो
14:34मतलब यही कारण है कि हम देखते हैं
14:36कि आम आदमी विद्रो तो छोड़ो
14:37उल्टा उनको सपोर्ट करता है जो उनका शोशन कर रहे हैं
14:40अरे भाई वो आम आदमी के ही
14:41चढ़ाए हुए चढ़े हैं
14:46चैनल एड़ोर्टीजमेंट पर चलता है
14:48विज्ञापन दाता यही देखकर आता है
14:50कि इस चैनलो कितने लोग देख रहे हैं
14:54तुम देख रहे हो इसलिए उसको विज्ञापन मिलते हैं
14:56उसी से उसकी कमाई है इसलिए चैनल चल रहा है
15:01तुम घटिया चीज़े देखनी बंद कर दो
15:04तो दुनिया में घटिया चीज़ें कम हो जाएंगी
15:09पर जो चीज जितनी गिरी हुई है वो उतनी तेजी से फैलती है
15:12फैलाने वाले हम है
15:16सच्चाई तो आप तक लाने के लिए
15:20दिन रात मशक्कत करनी पड़ती है आपका पीछा करना पड़ता है
15:27गीता सत्रों में अभी नजाने कितनों ने अगले महीने के लिए
15:30रिजिस्टर नहीं करा है
15:33और वो तब है जब हम कह रहे हैं आजाओ
15:35जैसी तुम्हारी आरफिस्तिके जो भी कर सकते हैं
15:38पचिस-पचास जो तुम्हारे बहुत गरीब हो हम उस बात का भी स्वागत करते हैं आजाओ
15:43सबका सम्मान है
15:48तो भी नहीं
15:49यहां से फोन भी करते रहें आजाओ आजाओ
15:51गीता की बात हो रही है ग्यान की बात हो रही है
15:54संतवानी है आजाओ नहीं आते
15:58और यह जो तो मूवी हिट कराते हो क्या उन्होंने तुम्हें फोन करा था तब गई थे देखने
16:04मूवी तो खुदी कूद करके देखा है
16:07और टिकेट भी मैं देख रहा हूँ कि साधारण जो डाम होते हैं उससे दोगुने भी है तो भी देखने
16:13जा रहे हो
16:14जो सबसे महंगे रिक्लाइनर सीट होती हैं वो भी नहीं मिल रही है दोदोहजार वाली वो भी सीट नहीं मिल
16:19रही है
16:23उन्होंने फोन करा था वो दिन राद तुमको मेसेज़िस भेशते थे
16:27कि जल्दी से किप्रया री इंरॉल्मेंट कर लीजिए
16:31तब गयो हाँ हाँ हाँ हाँ बहुत बार वो बुला रहा है हमें देखने के लिए
16:35तो अब जाकर उसकी पिक्चर देखी लेते है
16:39अब शिकायत करने मता ना
16:42कि क्यों धर्म की हानी हो रही है
16:46क्योंकि जहां धर्म है वहां आम आदमी नहीं है
16:48आम आदमी के वरीता हैं दूसरी है
16:50उसको उनमाद में जीना है
16:51उसको बेहोशी में जीना है
16:56और ये बात मैं सिर्फ शिकायत के तौर पर
16:58नहीं कहा रहा हूँ, ये बात अगर बुरी लगती है
17:00तो फिर जूजो, आओ, मेरा साथ दो
17:03अगर मैं कह रहा हूँ कि आम आदमी खुद पाखंडी है तो फिर उस पाखंड को हटाने के लिए दिन
17:09रात महनत भी कर रहा हूँ
17:10चुकि महनत कर रहा हूँ इसलिए इस मंच से कहने का अधिकार रखता हूँ कि आम आदमी पाखंडी है
17:14वो होगा पाखंडी मैं उससे प्रेम करता हूँ
17:23वो करता होगा मेरी उपेक्षा मैं बार बार उसके पीछे जाता हूँ
17:26वो देता होगा मुझे गाली में फिर भी उसके सामने हाँ जोड़ के खड़ा रहता हूँ
17:30चल मेरे साथ
17:34तो यह कहकर कि भी करतव की इतिश्री नहीं हो जाती
17:37कि दोश चैनल का नहीं है और दोश सोचल मीडिया का नहीं है
17:41और दोश पॉलिटीशन का नहीं है दोश आम आदमी का आम आदमी का अगर दोश है
17:45तो जाओ आम आदमी के साथ खड़े हो
17:49उसकी नादानी हटाओ
17:51उसका ज्ञान मिटाओ
17:52उसका अंधेरा मिटाओ
17:55उसके लिए प्रेम चाहिए
17:58प्रेम प्यादा करो
18:00यह जारे जी
18:03धन्यवाद आचारे जी
18:10आपको खुशी होगी इसनाते
18:12जो हमारी अपनी एप है
18:14जिसमें हमारी गीता और बाकी सब कारेकरम चलते हैं
18:17यहाँ पर बुद्ध हैं
18:19गीता हैं उपनिशद हैं
18:20अश्टावक्र हैं
18:21यह मुझे मिले मेरी जिंदगी बदली
18:23यह तुम्हें मिलेंगे तो महारी जिंदगी भी बदलेगी
18:26सच पूछी है तो मतलब लाखों नहीं तो कम से कम हजारों जिंदगी आ तो हैं जो बिलकुल बदली हैं
18:31दो लाख से अधिक गीता प्रतिभागियों के साथ जुड़े आचार्य प्रशान्त एप पर
18:36पहला महीना बिलकुल फ्री गीता मिशन का पूरा एक्सिस एप पर आपको मिलेंगे नियमित लाइफ सत्र
18:43हर दिन आचार्य प्रशान्त के विशेश समवाद, गीता कम्यूनिटी का एक्सिस, गीता परीक्षा, चैनित समाचार, ओडियो बुक्स, कोट्स और भी
18:54बहुत कुछ
18:54गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर पर आचार्य प्रशान्त सर्च करें और अभी दाउनलोड करें
19:01नमस्कार आचारे जी, मैं डोक्टर लोकेश हूँ, मैं यहां एम्स रिशिकेश में हूँ
19:06अचार जी, मैं यहां आठ सालों से हूँ, और देख रहा हूँ कि एक ट्रेंड है कि लोग यहां पर
19:11आते हैं घुमने के लिए
19:12और पहारों पे चुकि यहां पर अच्छा एक चीज है, नेच्छल सेनरी, अपने यहां पर है, सेनरी हैं
19:19तो वो लोग तो आ जाते हैं, उनको लगता है कि कुछ मुझे ब्रेक मिल जाएगा उन लोगों को, लेकिन
19:24यहां पर आने के बाद जो ट्राफिक जैम होगा, जो प्लास्टिक कच्रा फेलेगा, जो अब उनके लिए प्लॉट्स कटने लगे
19:35हैं हाइट्स पे, तो वहां से ज
19:48यहां पर रहते हैं दिल्ली हर्याना में, वहां यह सब चीज़ें नहीं हैं, तो वो अपनी जगे ऐसा है कि
19:55उनके पास कोई आप्शन नहीं आने के लावा, यहां के लिए ऐसा है कि यहां नुक्सान बहुत हो रहा है,
20:00हाला कि पैसा मिलता है, टूरिजम इंक्रीज हो रहा है
20:03लेकिन उसको बैलेंस नहीं कर पा रहे हैं दोनों ही लोग, यह बैलेंस हो भी नहीं सकती, कोई तरीका नहीं
20:11है, कोई बैलेंस नहीं है कि इतने लोग और जैसे लोग हैं, उस तरीके के लोग, यहां आएंगे और परवत
20:18बचे रह जाएंगे, बचे क्या रह जाएंगे, आ�
20:21आप आठ साल से देख रहे हो, मैं बीस साल से देख रहा हूँ, मैंने बीस साल में ही भारी
20:25भारी तबाही देखी है यहां परवतों की, रिशगेश वो है ही नहीं, जो बीस क्या दस साल पहले भी होता
20:32थे, जो आप बैलेंस मांग रहे हो, वही गलती है, बैलेंस संभव नहीं ह
20:42इतने सारे लोग और इस तरह के लोग बहुत बुरी क्वालिटी और बहुत ज्यादा क्वांटिटी
20:51कोई तरीका नहीं है कि यह यहां आए और परवत तबाह ना हो, होंगे
20:58अब बताओ क्या करना है
21:01अरी कैसे लोग हैं, जो यहां आ रहे हैं, कौन से लोग हैं, जो गंदी नौकरियां कर रहे हैं
21:07जिन्ने पता ही नहीं था, वो करके आ रहे हैं, किसी भी तरीके से उन्होंने कुछ पढ़ाई पूरी कर ली
21:12क्योंकि सब करते थे
21:14फिर जा करके कोई
21:16मीडियोकर डिगरी के साथ
21:18कोई मीडियोकर जॉब ले ली है
21:21अब वो
21:22जो नौकरी है उस पे उनका खून चूसा जाता है
21:24साथी साथ वो शादी बया करके
21:26दो-चार बच्चे पैदा करके बैठ गए है
21:28तो जिन्दगी जेली नहीं जाती
21:31पर
21:32दस-बीस साल बीद गए नौकरी करते
21:34करते तो किसी तरह से एक छोटी कार
21:36खरीद ली है तो उसको जल्दी से
21:38वो वीकेंड पर
21:39बुर भगा करके आरशिकेश में आ जाते हैं
21:42क्योंकि कहीं और जा नहीं सकते
21:44ये आदमी जिसकी
21:45जिन्दगी तबाह है ये जब
21:47परवतों पर आएगा तो क्या परवतों को तबाह नहीं करेगा
21:51आप क्या उमीद कर रहे हो
21:56तो दो-तीन बाते हैं
21:58या तो
22:00चलाओ वैश्विक आंदोलन
22:01साथ दो हमारा बढ़ाओ गीता कारे करम
22:04को जनसंख्या
22:05की चेतना का स्तर ही थोड़ा बढ़े
22:08लोग बहतर हो पाएं
22:11पर वो थोड़ा
22:12लंबा कारे करम है
22:13रातो रात
22:15आप लोगों के दिल नहीं बदल सकते
22:19तो तब तक अगर
22:22उत्तरांचल वासियों में
22:24अपने परवतों और नदियों के लिए
22:26प्यार हो तो एंट्री टैरिफ लगा दो
22:28मद घुसने तो इतने
22:30लोगों को भले ही वो बात नाइंसाफी
22:32की लगे भले ही फिर इलजाम लगाए
22:34जाएं कि अरे क्या गरीबों
22:36के लिए इस
22:38दुनिया में कोई जगए नहीं क्या गरीबों को
22:53नहीं प्रवेश कर पाए आम आदमी
22:57और बिलकुल आम आदमी इस बात पर तिल में ला जाएगा
23:00वो कहेगा तो क्या करें हम
23:02क्या हमें पहाडों की चोटियों और ठंडक का अधिकार नहीं है
23:06अभी क्लाइमेट चेंज हो गया इतनी गर्मी होगी दिल्ली में
23:08क्या हमें हक नहीं है कि हम भी जाए परिशिकेश और नैनिताल मसूरी घूमे
23:14बात तुम्हारी नहीं है
23:15तुम जोटी चीज हो तुम आए हो चले जाओगे
23:20बात इस ग्रह की है प्रथवी की है और इसकी करोडों प्रजातियों की है
23:25इसके वनों के विनाश की है
23:32और अगर तुम्हें दिखाई दे रहा है कि तुम्हें अब दर्द हो रहा है
23:37तो कम सिकम इतना करो कि जन संख्या और मत बढ़ाओ
23:41तुम अपने दर्द को ही कोई सही काम करने का कारण बनाओ
23:49और अगर तुम्हें सचमुच प्यार ही है वनों से और नदियों से और परवतों से
23:55तो फिर जितना entry tax लग रहा है उतना दे दो और आ जाओ
24:01उतना entry tax देने के लिए अगर तुम्हें अपनी तनखा का 25 प्रतिशत भी देना पड़ता है तो दो ना
24:08क्योंकि तुम्हें तो प्यार है प्यार में तो दिया जा सकता है पर आसानी से यहां आ करके
24:16विध्वन्स मचाना इसके अनुमती नहीं होनी चाहिए और जब मैं बोल रहा हूँ बात ना इंसाफी के नहीं समझिएगा
24:21मैं बस यह कहा रहा घाए हूं कि आम आदमी जो यहां पर आता है वो बड़े सब्सिडाइज तरीके से
24:26परवतों का विनाष कर रहा है
24:29क्योंकि जब वो यहां आ रहा है तो उसके यहां आने की ecological cost आप calculate नहीं कर रहे है,
24:35factor in नहीं कर रहे है
24:36आप उससे यह छोटा मूटा जो toll tax ले ले लेते हो उससे कुछ नहीं होता
24:41आप गिन ही नहीं रहे है अगर वो यहां आया है तो उससे कुल वो नुकसान यहां कितना करके जाएगा
24:46और जितना वो नुकसान करके जाएगा उतना उससे पहले ही ले लो
24:49यह कोई नाइंसाफी की बात तो नहीं हुई न भाई तो यहां आया है
24:52तू यहाँ एक जबरदस तरीके से नुकसान करके जाएगा
24:55पहले हम उस नुकसान का हिसाब नहीं रखते थे
24:57पर आप हम उस नुकसान का हिसाब रखना चाहते हैं
25:00और आने से पहले इतना पैसा दे दे
25:02क्योंकि तू इतने पैसे का नुकसान करने जा रहा है
25:04यह हम नाइन साफी नहीं कर रहे
25:06तू आया आये तो तू इतना नुक्सान करेगा
25:08वो उतना पैसा तू में पहले ही दे दे
25:09और नहीं दे सकता तो कृपा करके मता
25:22देखो यह हो नहीं है
25:23मैं जैसे बोल रहा हूँ
25:25बात अन्याय की और कुरूरता की लगेगी
25:27पर यह हो ही रहा है
25:31जितनी भी ऐसी जगहें है
25:34जहां अभी भी ताजी हवा है
25:36और थोड़ा सा सुन्दर मनोरम द्रिश्य है
25:39साफ पानी है
25:40वो जगहें सब अमीरों द्वारा हड़पी ली जा रही है
25:46यह जिन्होंने अपनी तादाद बढ़ा दी है
25:52बिलकुल कीड़े मकोड़ों की तरह है
25:55इनका तो भविश्य वैसे भी परबाद है
26:03यह कितने दिनों तक परवतों का भी शोशन कर लेंगे
26:09टाइमेट चेंज होगा है और बढ़ गया तापमान 4-5 डिगरी
26:12तो जमीन यहां सोने के भाव भिकेगी क्योंकि यहां ठंड होगी
26:16तो क्या आम आदमी खरीदेगा वो जमीन
26:20आम आदमी के लिए तो वैसे भी कोई भविश्य नहीं है
26:23आम आदमी तो बस फसा हुआ है अपनी बेहोशी में नशे में
26:26अपने सपनों में
26:27बिना यह जाने कि वो कैसी दुनिया में जी रहा है और दुनिया को क्या बना रहा है
26:33बिना यह जाने कि यह जो अमीर है वो गरीबों के ही शोशन पर और खून पर अमीर बने है
26:41और उन्हीं अमीरों को अपना आदर्श मानता है
26:44तो जब हो इतनी बड़ी-बड़ी गलतियां कर रहा है
26:47तो फिर जिंदगी इसको सजा देगी न
26:50उसको अगर सजा मिल रही है तो इस बात आपको नाइनसाफी की क्यों लग रही है
26:56जैसे अपनी जिंदगी गंदी
26:58जैसे अपनी रिष्टे गंदे
26:59जैसे अपनी कमाई गंदी
27:00जैसे अपनी पढ़ाई गंदी
27:02वैसे ही आकर के यहाँ पर
27:03पानी की बोतलें, चिप्स के पैकेट
27:06जितने तरही गंदगियां हो सकती हैं करते हैं
27:15शुपुरियोगरा में चले जाओ पता नहीं क्या हाल है
27:18नंगे पाओं चलो तो बियर की बोतल के काँच धस जाए
27:24ये कोई यहाँ पर शांते और मुक्ति के लिए आ रहा है
27:31ये यहाँ जो करने आ रहा है बस उस नाश की कीमत उससे पहले ही वसूल कर लो
27:38प्योंकि तु यहाँ पर कोई परोतों का सम्मान करने नहीं आ रहा है
27:43तु आ रहा है राफ्टिंग करने और कितने भद्ध्य तरीके से वो करता है
27:48और क्या गा रहा होता है और गंगा के तड़ पर कोई बैठा है शांती के लिए सामने ते चार
27:53राफ्ट निकलेंगे
27:55और बत्तमीजी और अश्लीलता की इंतहां हो जाएगी
27:59तु ये सब करने आ रहा है तो इसकी पूरी कीमत चुका के आ
28:11और उससे जो फिर पैसा ही कठा हो
28:14उसका इस्तेमाल होना चाहिए प्रकृति के संगरक्षन में
28:24पर वो तभी हो पाएगा जब पहले प्रदेश वासियों के भीतर कोई प्रेम और सम्मान आएगा
28:30अपनी ही प्राकृतिक धरोहर के लिए अगर प्रदेश वासी खुदी तैयार बैठे हैं
28:36जंगल को जमीन को और पानी को बेच खाने के लिए तो फिर कुछ नहीं हो सकता
28:54को कुछ मिल रहा है पैसा उनको अच्छा लग रहा होते हैं और लोग दुखी हो रहे होते हैं क्यों
28:58आ गए हैं क्यों आ गए हैं
28:59मैं तभी बोल रहा हूँ ना आप जो बैलेंस माय रहे हो नहीं मिल सकता विनाश सुनिश्चित है और यंग
29:06फोल्ट माउंटेंस हैं ये
29:10ये जो है ना ठोस नहीं है अरावली की तरह ये भुरभुरे पहाड़ हैं ये अभी भी बन रहे हैं
29:20इनका कद अभी भी बढ़ रहा है
29:27जिस कदर ये गिर रहे हैं और गिरेंगे प्रदेश से धेला नहीं जाएगा
29:35मैंने अपनी आखों से इनका विनाश देखा है पिछले दो दश्कों में
29:41पहाड़ काट रहे हैं और जो मलवा निकल रहा है नीचे गंगा में फेक रहे हैं
29:47और ये काम आयोजित स्थर पर करा जा रहा है शायद स्वहम सरकार की दौरा करा जा रहा है
29:57तुम्हें क्या लग रहा है ये परवत तुम्हें माफ कर देंगे
30:02आप अगर प्रदेश के वासी हो और अपने ही परवतों के साथ ये बेभार कर रहे हो
30:07तो जो दिल्ली गुडगाओं चंडी घड से आएं ये तो अपनी अपनी गाड़ियां लेके भग जाएंगे वापस
30:12जेलना आपको है ये परवत आपके है
30:19इनको प्यार और संगरक्षन आपको देना है
30:25इन्हें बेचिये मत
30:29और ये सिर्फ उत्तराघंड के नहीं है ये पूरे भारत का जीवन है हिमालय नहीं तो उत्तर भारत में वर्षा
30:40नहीं होने वाली
30:44काटलो वनों को उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, पंजाब, हरियाना सब तरसेंगे पानी के लिए
30:55पिखलने दो ग्लेशियरों को, हम देखेंगे नदियों में फिर जल कैसे बचता है
31:01तो आप अगर अपनी प्राक्रतिक धरोहर को बचा रहे हैं तो आप पूरे राष्ट पर एहसान कर रहे हैं
31:08बचाईए इसको
31:15विकास के नाम पर प्रक्रतिक का शोशन इससे बड़ी मुर्खता नहीं हो सकती
31:25ये विकास नहीं हैं, ये पागलपन हैं और ये एर्रिवर्सिबल पागलपन होगा
31:34जब तक आपको बिलकुल प्रत्यक्ष प्रमान ही मिलेगा कि ये हमने क्या कर दिया
31:38तब तक बहुत देर हो चुकी होगी
31:41और वो प्रमान हो सकता है दस-बीज साल बाद नहीं, दो-ई-चार साल में आपके सामने आ जाए
31:48हाथ मले और सिर्धुने लालच बुरी बलाए, माघी गुड में धस रही, पंक रहे लिपटाए
31:55अब कुछ नहीं हो सकता, अब मरेगी वो, मख़्ी मत बनिये
32:07जोशी मत धस रहा था उस पर मैंने कुछ बात करी थी
32:13कल गीता चात्रा मिली, कोई बोली मैं जोशी मत सही हूँ, मैंने का अभी क्या हाल है
32:17बोली बस अब मीडिया में नहीं आता, धस तो अभी भी रहा है
32:23आज किसी ने मुझसे कहा कि रिशिकेश को तो आपने भुलाई दिया, किसने कहा था?
32:28आपने कहा था, बुरा लगता है
32:34एक समय था जब मैं रिशिकेश को हूम टाउन बोला करता था
32:37मैं कहाता था, यही मेरा शहर है, मैं सच मुझ यहां बसना चाह रहा था
32:42पर जो हाल किया है ना रिशिकेश का, बुरा लगता है
32:46चोट लगती है, देखने से बचता हूँ
32:52इसलिए कम आता हूँ रिशिकेश की तरफ
32:55बहुत प्यार किया है मैंने उस शहर को
32:57इसलिए उसे अब देखना नहीं चाहता
32:59जो दुर्दशागर्दी उसकी
33:03आउंगा यद्दे पे, इसी महिने में आउंगा
33:20बैठिए
33:40जो दुर्दशागर्दी नहीं चाहता हूँ
34:03जो दुर्दशागर्दी नहीं चाहता हूँ
34:31जो दुर्दशागर्दी नहीं चाहता हूँ
34:37जो दुर्दशागर्दी नहीं चाहता हूँ
34:38झाल झाल
35:16आपको खुशी होगी इसनाते जो हमारी अपनी एप है जिसमें हमारी गीता और बाकी सब कारिकरम चलते हैं यहाँ पर
35:24बुद्ध हैं गीता हैं उपनिश्यद हैं अश्टावक्र हैं यह मुझे मिले मेरी जिन्दगी बदली यह तुम्हें मिलेंगे तुम्हारी जिन्दगी भ
35:36हैं जो बिल्कुल बदली हैं दो लाग से अधिक गीता प्रतिभागियों के साथ जुड़े आचार्य प्रशांत एप पर पहला महीना
35:43बिल्कुल फ्री गीता मिशन का पूरा एक्सिस एप पर आपको मिलेंगे नियमित लाइफ सत्र हर दिन आचार्य प्रशांत के विशेश
35:52
35:52समवाद, गीता कम्यूनिटी का एक्सिस, गीता परीक्षा, चैनित समाचार, ओडियो बुक्स, कोट्स और भी बहुत कुछ, गूगल प्ले स्टोर या
36:03एपल एप स्टोर पर आचार्य प्रशांत सर्च करें और अभी दाउनलोड करें
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