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00:00कोई पुरुष तुम्हारी उपर चड़ा आ रहा है उसका मूझ क्यों नहीं तोड़ देना है क्या हो जाएगा तुम बेंडेज
00:06लगा लगा के जखम को छुपा रहे हो बस ताकि तुम्हें जखम की जड़ का पता ना करना पड़े क्योंकि
00:12जखम की जड़ तुम खुद हो
00:37पैसे के लिए अगर खुद को बेचना भी पड़े तो जब बेच दे जुनू इतने कम एफिल पियार के
00:43बावजूद भारत में तीन करोड महिलाएं काम करती है उसमें से सत्तर प्रतिशत कह रही है हमें फोस्टेटी जहलनी पड़ती
00:48है बताओ पॉश में कम्प्लेंट्स कितनी आती है
00:53तुम्हारा शोशन नहीं हो सकता अगर तुम
01:07आपको जितने भी आकड़े पता है ना यौन शोशन के वो कम है यह वही ताह हुए जो दिन भर
01:12बैटके राइटम नमबर देख रहा था तब तुमने विरोध करा क्या तब तो तुमने का नॉर्मल है ज्वैलरी का एड
01:17है तो लड़की की छाती तो दिखानी पड़ेगी ना
01:20और यह सब कुछ समायत में नॉर्मल माना जाता है ना और महिलाएं इसमें सिर्फ विक्टिम नहीं है महिलाएं हिस्सा
01:26है यह देवी को भी अब जिन रूपों में दिखा रहे है थोड़ा ध्यान से देखना क्या हम इस पूरी
01:33सिच्वेशन को इस आंगल से नहीं देख सकते क
01:35कि वो जो फीमेल्स थी उन्हें कोई ना कोई उनकी जो मझबूरी रहे होगी जो उन्हें उस जॉम में भले
01:43ही वो हरास हो रही थी बट से इसका मैं जवाब नहीं दूँगा
01:54प्रणाम अचारे जी अचारे जी मेरा प्रश्ण अभी हाली में जो केस टीसियस नाशिक का केस था उस से रिलेटेड
02:04है अप्रोक्स आठ फीमेल्स चार साल तक चिलाती रहें अब जाके जस्टिस शाद मिलेगा
02:13उनके HR मैनेजर जो खुद एक फीमेल थी कंप्लेंस को दबाने का अरोप है अचारे जी ये एक कॉर्परेट सेक्टर
02:23है यहाँ पे बहुत सारे मेकैनिजम्स हैं पॉलिसीज हैं लॉज रूल्स रेगुलेशन्स कमिटीज फीमेल विमन कमिटीज हैं जो ये सब
02:34ना हो उसका �
02:35ध्यान रखती हैं उसके बाद भी अचाय जी हमें ये लगातार बेसिस पे आए दिन दिखती रहती हैं और ये
02:42एक बड़ा केस है तो इसलिए जादा उभर क्या आया है तो अचाय जी मैं पहला प्रशन तो है कि
02:50मैं इसको समझना चाहूंगी कि ये अभी तक ऐसा क्यों है चल
02:57ही रहा है इसमें कोई बदलाव नहीं आ रहा है अचाय जी ये मेरा प्रशन है आप लोगों को ताज्यूब
03:04क्यों हो जाता है जब ऐसी कोई घटना सामने आती है मुझे इस बात का ताज्यूब है
03:12तीन चीजें हैं टीजियस नासिक वाले मामले में ठीक है और तीनों बताना कोई अपरिचित अजनभी बाते हैं आपके लिए
03:25पहली
03:30कुछ पुरुश है जो महिला के शरीर पर चड़ बैटना चाहते हैं सेक्शूल हरेस्मेंट
03:39यह आपको अपनी दिन्दगी में पहली बार पता चल रहा है बोलो
03:45कि एक इनसान दूसरे के शरीर पर अपने तापकालिक प्लेजर के लिए कबजा कर लेना चाहता है
03:55दूसरे के शरीर को वो तोड़ने मरोड़ने च्छत विक्षत करने को भी तयार हो जाता है यह पहली बार तो
04:01नहीं पता चल रहा
04:02ठीक है तो यह सेक्शूल हरेस्मेंट वाला हो गया
04:07दूसरा केस आ गया
04:12कॉर्पोरेट इंप्रोपरिटी का
04:17कि यह जो है कॉर्पोरेट मिस्गवर्नेंस का केस है
04:23कि जहां पर पॉश
04:28जैसे नियम मौजूद है प्रेशन और सेक्शूल हरेस्मेंट पॉश
04:34और महिला को अधिकार भी मिले हुए है
04:36वो इमेल लिख सकती है यह सब मिला हुआ है
04:39लेकिन उसके बाद भी एक बड़ी कंपनी में
04:43इस तरह का ब्लंडर चलता रहा
04:48यह भी को यह पहली बार देख रहे हो
04:50और यह ब्लंडर चलता रहा और वो महिला है
04:53चार साल तक उस कंपनी में टिकी भी रही
04:56यह आप पहली बार देख रहे हो क्या
04:58कि एक कॉर्पोरेशन्स में किसी का शोशन भी हो रहा है
05:02पर फिर भी वो
05:04वहाँ पर काम करे ही जा रहा है
05:05करे ही जा रहा है यह पहली बार देखा है
05:07यह जो यहाँ पर लोग बैठे हैं इसमें से भी न जाने कितने होंगे
05:10आप में से कितने लोग हैं जो अपने इंप्लॉयर्स से खुश नहीं है
05:14पैफ वाले हाथ नहीं उठाएंगे
05:18बाखी लोग उठाएंगे
05:26उसके बाद भी कल सुबह वहीं पहुच जाएंगे
05:29तो यह कोई आप पहली बार तो देख नहीं रहे हो
05:32कि कॉर्परेशन्स के अंदर
05:34इंप्लॉयर्स का शोशन हो रहा है चाहे वो मेल हो चाहे फीमेल हो पर इंप्लॉयर्स फिर भी
05:38वहां रुका हुआ है कोई खुल करके ना आवाज उठा रहा है ना विद्रो कर रहा है ठीक
05:43और तीसरी एक समें एक और चीज़ है जो आपने सवाल ने पूछी नहीं पता नहीं क्यों नहीं पूछी
05:48क्योंकि मीडिया में इस मामले का वही पक्ष चाहा हुआ है
05:52वो है religious coercion
05:55क्योंकि इसमें ये भी आ रहा है कि जो वहां पर उनके supervisors थे और जो AGM था
06:00और जो HR की इसमें महिला थी ये सब Muslim थे
06:06और कहा जा रहा है कि इसमें sexual conversion के लिए भी दबाव डाला गया है
06:12तो ये भी कोई आप पहले बार देख रहे हो
06:15कि जहां religion को एक tribal identity बना दिया गया है
06:21और कोशिश की गई है कि चलो तादाद बढ़ाएं तादाद बढ़ाएं
06:25conversion कराएं और अफसोस जताया जा रहा है कि अरे फलाने की तादाद बढ़ रही है
06:30हमारी संख्या कम हो रही है ये सब तो आएदिन अख़बारों में रहता है
06:33तो इसमें नई चीज क्या हो रही है
06:36नई चीज क्या हो रही है
06:39religion का अर्थ बरबाद कर दिया गया है
06:44मजहब का मतलब तादाद कर दिया गया है
06:48ये कोई नई बात है
06:49तो ताज्यूब किस बात का है
06:53पुरुष महिला का
06:54यौन शोशन करने को आतूर है
06:57ये कोई आपने इतिहास में पहली बार देखा
07:00तो इसमें ताज्यूब क्या हो रहा इतना
07:04बड़ी बड़ी कम्पनियों के भीतर भी
07:07जबरदस तरीके के घोटाले चल रहे हैं
07:13केरियर कोई सिंदगी मान लिया गया है
07:17इसी लिए आपका शोशन भी हो रहा हो
07:19तो भी आप उसी नौकरी में बसे रहते हैं
07:22ये सब आपने पहली बार देखाए गया
07:26तो आपको आश्चर क्यों हो जाता है
07:28मुझे आश्चर ये कि ये मुद्दा हफते भर से
07:32ऐसे चल रहा है जैसे पूरा देश
07:35हका बका अरे
07:37ये अनपेक्षित क्या हो गया है नई चीज क्या हो गई
07:40ये तो इस समाज में लगातार चल रही है
07:43पूरी दुनिया में लगातार चल रही है
07:45हर जगे हो रही है हर घर में हो रही है
07:48कम्पिनियों में भी जो लोग जाते हैं
07:49हमारे घरों और हमारे समाज से उठकर के जाते हैं
07:52जो घरों में, समाज में
07:54संसकार में चल रहा है
07:56वो कॉर्पोरेशन देखिर भी तो चलेगा
07:58ही चलेगा न?
07:59कि नहीं चलेगा?
08:02तो वह हुआ है
08:03और तीनों मुद्दे जो हैं यौन शोशन, कॉर्पोरेट, ब्लंडर, मिस्गवर्नेंस और रिलिजियस कोर्शन, धार्मिक, खेत्र में जबरदस्ती से किसी को
08:24दबाना, जोकाना या उसको धर्म परवणतन के लिए उकसाना इन तीनों ही चीजों के केंदर में कौन है?
08:37अहंकार, उसको कुछ नहीं पता धर्म क्या होता है, उसके लिए धर्म माने गुट बंदी, उसके लिए धर्म माने गिरोह
08:45बंदी, उसके लिए धर्म माने इधर वाले एक कभीले के, इधर वाले दूसरे कभीले के, चलो उनको मारते हैं, मारूंगा,
08:56उसके लिए धर्म माने अहंकार का और फलना भूलना और चरबी इकठा करना
09:02आम आदमी के लिए धर्म का मतलब अहंकार का घटना नहीं होता
09:07आम आदमी का मतलब होता है धर्म अहंकार की सबसे बड़ी अभी व्यक्ति
09:15धर्म माने अहंकार का पहला नारा
09:22मैं मुसल्मान हूँ
09:24काफिरों को मौत की घाट उतार दूँगा
09:26या मैं इसाई हूँ, हिंदू हूँ, बौध हूँ, कुछ भी और हूँ
09:31धर्म नारा है मेरा
09:36जब धर्म नारा है मेरा तो ठीक है
09:39धर्म के नाम पे फिर और क्या होगा
09:41जो कमजोर मिल गया उसको पकड़ो, कभी उसको लालच दो, कभी उसको धमकी दो
09:45और काओ चल तू, मेरे तरफ आजा, मेरी साईड आजा
09:50जो मिलन से बुझा है, तो किसकी साईड है
09:54बैनर देखा, अपना बैनर
09:56क्या बैनर लगा रखा है तूने
10:03इसमें नया गया है, यह सब हमारे इसी माहौल से, हमारी इसी हवा से उठ रहा है
10:11जब इनसान धर्म को बिलकुल बिकाओ चीज समझ चुका है
10:17जब इनसान धर्म को गैंगिंग अप का रूप दे चुका है
10:23गैंग बनाना है, मेरा गैंग, मेरा गैंग
10:25और अगर बड़ा धर्म है तो मेरा इंटरनेशनल गैंग, मेरा इंटरनेशनल गैंग
10:30जब इनसान धर्म को इतना गिरा चुका है
10:34तो फिर वो अपनी तादाद बढ़ाने के लिए जहां कहीं पाएगा वहां पर करवनरिजन की कोशिश करेगा
10:39और क्या करेगा
10:41और क्या करेगा
10:45ताशर क्या है
10:51जब अहंकार शरीर को अपनी संपत्ति समझ लेता है
10:58तो अपनी बेचैनी को फिर वो शरीर के ही तो माध्यम से मिटाना चाहेगा ना
11:02अब जवान हो गए हो और भीतर अहंकार बिलकुल तड़ा परा है बेचैन है अपनी अपूर्णता में
11:09जिंदगी पता ही नहीं क्या होती है कैसे जीना है क्या करना है कुछ पता नहीं है
11:16तो पहली चीज क्या है पहला औजार क्या मिला हुआ है दें अपनी बेचैनी को चलो दें के माध्यम से
11:23मिटाते हैं दें के माध्यम से कैसे मिटाएं ये कुछ रड़किया है
11:29इन पे मेरा बस चलता है ये मुझे रिपोर्ट करती है और मुझे लग रहा इन्हें पैसे की जरूरत भी
11:35है चलो उनको पकड़ लो उनका sexual harassment करो आपको पता है अभी एक LinkedIn सर्वे हुआ था
11:43harassment तो नहीं लेकिन काम करने वाली 70% महिलाओं ने कहा कि उन्हें sexual hostility जहिलनी पड़ती है
11:52hostility ज़रूरी नहीं है harassment बने पर काम करने वाली 70% महिलाओं ने कहा उन्हें sexual hostility जहिलनी पड़ती
12:00है
12:03बहुत होता है 70% महारत में लगबद 3 करोड महिलाएं हैं जो काम करती है
12:09यद्यपी बहुत कम है ये हमारा FLPR 32% है
12:12बाकी दुनिया का 52% है हमारा 32% है
12:18इतने कम FLPR के बावजूद भारत में 3 करोड महिलाएं काम करती है
12:22उसमें से 70% कह रही है हमें
12:23hostility जहलनी पड़ती है
12:25बताओ पॉश में complaints कितनी आती है
12:29private listed sector में 3000 से भी कम
12:35पॉश कानून 2013 का है बहुत पुराना है
12:3710 साल ज्यादा पुराना हो गया
12:39और आज भी उसमें साल भर में
12:42जो sexual harassment की महिलाएं कम्प्लेन करती है
12:46उसमें अभी PSU हो गए रहा और जोड़ दो
12:47तो 10-20,000 हो जाएगा
12:49public भी जोड़ दो public sector
12:51तो 3000 से बढ़के मानलो
12:5310,000 हो जाएगा 20,000 हो जाएगा
12:55तो अभी 3 करोड के सामने 10-20,000 क्या होता है
12:580.1% से भी कम
13:010.1% से भी कम
13:0670% महिलाएं कह रही है
13:08कि वर्क प्लेस पर
13:12sexual hostility है
13:14और शिकायत करने कितनी कही है
13:19तो बाकी क्या कर रही है
13:22बाकी कैरियर बना रही है
13:24क्योंकि हम एक ऐसे समाज से आते है
13:26जहां हमें बताया जाता है
13:28your money is your identity
13:33पैसे के लिए अगर खुद को बेचना भी पड़े
13:35तो जाब बेच दे जुननू
13:38जा
13:42जा
13:48मैं victim blaming नहीं कर रहा हूं बिलकुल
13:50बिलकुल भी नहीं कर रहा हूं लेकिन आद रखो
13:54तुम्हारा शोशर नहीं हो सकता
13:57अगर तुम
13:59मुठी बीच कर
14:00खड़े हो जाओ कि नहीं होगा
14:10बिलकुल F.I.R होनी चाहिए
14:12दोशियों को सजा मिलनी चाहिए
14:13और मिलेगी भी केस मीडिया में
14:16इतना आ गया है दोशियों को बिलकुल सजा मिलेगी
14:18बहुत अच्छी बात है सजा मिले
14:21लेकिन उनको सजा मिलने से
14:23महिलाओं का यौन शोशन रुके गा नहीं
14:26महिलाओं का यौन शोशन सिर्फ महिला खुद रोक सकती है
14:29और कोई नहीं रोक सकता
14:38बात आ रहे है समझ में
14:40लोग क्या रहे है पॉश ने काम नहीं किया
14:43पॉश ने काम नहीं किया
14:45मैनेजमेंट ने ध्यान नहीं दिया
14:47इतनी इमेल्स गई थी इतने वाटसेप किये गए
14:49किसी ने ध्यान नहीं दिया
14:50आप यह जताना चाते हो
14:52कि विवस्था तो ठीक बनी है
14:55विवस्था का पालन नहीं हुआ
14:59आप पताना चाहते हो कि
15:01problem procedural है
15:02procedure का पालन नहीं हुआ
15:04मैं आपसे कहा रहा हूँ problem structural है
15:08बात यह नहीं है कि विवस्था
15:10अच्छी थी
15:13ठीक से चलाई ही नहीं गई
15:14मैं कहा रहा हूँ तुमने जो विवस्था बनाई है
15:17वो खड़ी ही गलत बुनियाद पर है
15:19problem structural है
15:21पाउश औगेरा बिलकुल होने चाहिए
15:25पर क्या करोगे अगर महिलावाँ
15:27शिकायत करना ही न जाए तो
15:31तो
15:31क्या कर लोगे
15:34और जितने
15:35मामलों में शिकायत होती है
15:36उनमें भी conviction कितनों में हो जाता है
15:39क्या कर लोगे
15:43याद रखो जब तक हम
15:45उस जमीन को यह नहीं बदलेंगे
15:49जिससे
15:49इस तरीके के
15:51विश वरक्ष पैदा होते हैं
15:55तो अलग अलग जहरीले पेड़ों
15:57वो काटने से कुछ नहीं होगा
15:58तुम तीन काटोगे तीस तैयार हो जाएंगे
16:04बात आ रही है समझ में
16:06ये इनसान है भाई इनसान
16:11इसको नहीं पता ये कौन है
16:14तो ये आँख बंद करके
16:17कटर हो करके
16:18मजहब कोई अपनी पहचान मान लेता है
16:21बिना ये जाने कि वो खुद कौन है
16:23उसको नहीं पता
16:24कि मैं कौन हूँ और मजहब माने क्या
16:26पर ओके अदा नहीं मैं यही हूँ
16:28और यह कर दूँगा और जान ले लूँगा और यह कर दूँगा
16:30कुछ भी कर दूँगा
16:33अपना बदन भी उड़ा दूँगा
16:34असुसाइड कर दूँगा, जिहादी बन जाओंगा, ये इंसान है, इस इंसान को सही शिक्षा की जरूरत है, और मैं उस
16:44शिक्षा की यह नहीं बात कर रहा है, जो हमारे स्कूल कॉलेज में है, वो शिक्षा तो उन TCS वालों
16:47के पास भी रही होगी, मैं इनर एजुकेशन की ब
17:03पबलिक हो, IT सेक्टर में हो, कहीं और हो, तुम्हें इस तरह के घोटाले मिलते ही रहेंगे, ये वारदाते होती
17:10रहेंगी, और सो में से छिट पुट एक दो वारदात जब सामने आ जाएगी, तो तुम उस पे कुछ दिनों
17:16के लिए शोर मचा लोगे, फिर मामला ठंडा प�
17:34घाओ पर हम बेंडेज लगा रहे हैं, रंगीन बेंडेज, सुगंधित बेंडेज, और मैं आप से कह रहा हूँ, तुम बेंडेज
17:49लगा लगा के जखम को छुपा रहे हो बस, ताकि तुम्हें जखम की जड़ का पता ना करना पड़े, क्योंकि
17:56जखम की जड़ तुम खु�
18:00रहा हूँ, दाइगो, अहंकार, वही कह रहा है कि उसको जखम लगे हुए हैं, और जखम की जड़ तक जाएगा
18:07नहीं वो, क्योंकि वहाँ पर उखुद को खड़ा पाएगा, जब तक हम अपनी शिक्षा को, अपने समाज को ही नहीं
18:16बदल देते, तब तक ऐसे मामले कभी �
18:19इस रूप में, कभी उस रूप में चलते ही रहेंगे, तुम नहीं रोक पाओगे, आरही है बात समझ में है,
18:32हाँ, सेंसेशन बनाने के लिए, मीडिया को मसाला मिल जाएगा, लोगों को बात करने के लिए, जबान चलाने के लिए,
18:40एक आध हफते के लिए समगरी मिल जाए�
18:45खासकर जहां जवान महिला शामिल हो, खासकर जहां यौन उत्पीडन शामिल हो, खासकर जहां पर मजहभी कोड हो, जहां हिंदू
18:53मुसलिम शामिल हो, जहां धर्मांतरन का मुद्दा शामिल हो, वहां मसाला पर्याप्त मिल जाता है, मसाला मिल जाएगा, इस से
19:03जादा कुछ
19:03नहीं होगा जो
19:05शोषन चल रहा है
19:07जो नलाइकी चल रही है
19:09वो ऐसी की ऐसी चलती रहेगी
19:13बदलो घरों को बदलो
19:14शिक्षा को बदलो परऔरिष को बदलो
19:16एक-एक इनसान तक
19:21खुद की पहचान को ले
19:23कर करजा हो आत्मवलोकन
19:25और आत्म ग्यान के अलावा कोई विकल्प नहीं है
19:27ये बात सुनने में आपको
19:29बोरिंग लगे तो लगे पर इसके अलावा
19:31कोई दवाई नहीं है
19:41अचारी जी इसी पर एक छोटी सी बात और है
19:44क्या हम इस
19:45पूरी सिच्वेशन को इस एंगल से
19:47नहीं देख सकती कि वो जो फीमेल्स थी
19:49उन्हें कोई ना कोई
19:51उनकी जो मजबूरी रही होगी
19:53जो उन्हें उस जॉब में
19:56भले ही वो हरास हो रही थी
19:57और ऐसे कई महिलाएं
20:0070% of the working
20:01फीमेल्स अगर उसमें झेल रहे हैं
20:04तो उनके बस क्योंकि इन इंडिया
20:05या जो हमारी विवस्ता है
20:07जहां पे फीमेल्स को
20:08अपने इंडिपेंडेंस के लिए
20:12इंकम उर्न करना
20:13ये उनकी बेसिक निसिसिटी है
20:15तो उनकी मजबूरी
20:18पूरी तरह से
20:19उनके हरास्मेंट में
20:20इसका मैं जवाब नहीं दूँगा
20:22मेरी मजबूरी है
20:33पिछले 36 गंटों में
20:35मैं चौती बार आपके सामने खड़ा हुआ हूँ
20:37उसके लावा सडकों पे जहां जा रहा हूँ
20:39आ लोग मिल रहे हैं
20:40वो भी बात कर रहे हैं
20:41मेडिया से भी बात करी
20:42मैं बाइक चला कर आया था
20:44मैं बहुत ठक चुका हूँ
20:45मैं आपसे कोई बात नहीं करूँ
20:46मेरी मजबूरी है
20:46मुझे नहीं करनी
20:48में बस पर्याप करण है
20:50और मेरे सारे करण वाजब हैं
20:56मैं मजबूर हूँ
21:01दिखाओ कि मेरी मजबूरी जूट है
21:02नहीं है जूट
21:03एक एक बात जो बोल रहा हूँ
21:05वो factual है
21:06मैं मजबूर हूँ
21:06मैं आगे नहीं करूँ आपसे बात
21:14मर तो जाओगे ही एक दिन
21:19मौत के सामने तो मजबूर हो ही जाना है
21:22उससे पहले काई मजबूरी मजबूरी करो ना रो रहो
21:28सौधा होती है मजबूरी
21:32स्वार्थ होते हैं
21:35विक्टिम ब्लेमिंग फिर कह रहा हूँ
21:37नहीं कर रहा हूँ
21:40लेकिन ये एक चुनाओ की बात होती है
21:45मैं शोशन को मनजूर कर रहा हूँ
21:47क्योंकि बदले में मुझे कुछ लाभ मिल रहे है
21:54तुम्हें जो लाभ मिल रहे हो बहुत छोटे है
21:56और जो तुम गवार है वो बहुत बड़ा है
21:58लेकिन ये तुम्हें बताने वाला कोई नहीं है
22:01नहीं तो तुम ठीक अभी विद्रोह कर दो
22:04तुम जेलते नहीं रहोगे
22:06जो आएगा तुम पर चढ़ने के लिए ठीक अभी तुम मुझ तोड़ दोगे उसका
22:12पुरुष हो तुम्हारा बॉस हो सुपर्वाइजर हो हिंदू हो मुसल्मान हो किसी को नहीं बख्षोगे तुम
22:24क्या हो जाएगा नौकरी चली जाएगी
22:26तो करना न संघर्ष
22:28गुजरना मुश्किलों से
22:31थोड़ी कठिनाई उठाना खोजना दूसरी नौकरी
22:35यही तो होगा
22:38कठिनाई क्यों नहीं उठानी है
22:39संघर्ष क्यों नहीं करना है
22:43कोई पुरुष तुम्हारे उपर चला आ रहा है
22:45उसका मुझ क्यों नहीं तोड़ देना है
22:48क्या हो जाएगा
23:02शोशन करने वाला तो नालायक है
23:05जो शोशन बरदाश्ट करता चले
23:08उसके साथ भी सहानुभूती रखना उचित नहीं होता
23:23और क्या दम था इस मामले में शोशन करने वालों में
23:30यह कोई बहुत बड़े पद पर बैठे प्रभावशाली लोग नहीं थे
23:37एक सधारण किस्म के एम्पलॉई थे
23:39और यह शायद कॉल सेंटर था
23:42है न यह कोई बहुत कॉलिफाइड टेकनिकल प्रोफेशनल्स भी नहीं थे
23:49इनका विरोध करा जा सकता है इनको गिराया जा सकता है
23:56कोई तुम्हारे उपर दो दो दिशाओं से चड़ा आ रहा है तुमसे कह रहा है कि धर्म बदल लो
24:02तुमसे कह रहा है कपड़े उतारो
24:07तुम क्यों नहीं उसका मूँ तोड़ देते
24:12अब दीता चात रहो
24:15क्या बोलते है श्री कृष्ण
24:18स्वधर्मे निधनम श्रेय और परधर्म बह्यावा होता है
24:33पर कहां हमने विदान्त पढ़ना है
24:39हम तो खुद को कहेंगे हम सेकुलर रिशनलिस्ट से और विदान्त पढ़के तो हम
24:47रिग्रिसिव हो जाएंगे बैकवर्ड हो जाएंगे और्थोडॉक्स हो जाएंगे
24:50पिछडे पन की निशानी है फिलोसफी पढ़ना
25:02गांधी के पास क्या था ताकत थी क्या था
25:05दुबला पतला आदमी और नेत्रत तो भी गरीब लोगों का कर रहा है
25:11पर उस आदमी को अपनी नजर से जो कुछ भी इमानदारी से ठीक लगता था ना
25:19उस पे वो अड़ जाता था
25:22गांधी जी की ताकत थी उनकी जिद
25:27सच को लेकर उनका आग्रह
25:32अभी अलग बात है कि जिसको वो सच समझते थे
25:34वो किस हद तक सच था उस पर बहस हो सकती है पर एक बात पक्की थी
25:39जो उनको ठीक लगा
25:42फिर उससे पीछे नहीं हटते थे वो यह नहीं देखते थे कि
25:45दुश्मन कितना ताकत वर है
25:49यह नहीं देखते थे अंजाम क्या होगा
25:50और अंजाम कुछ भी हो सकता था
25:54कुछ निश्चित नहीं था
25:55अंग्रेजों का कुछ नहीं ब्याड़ जाता
25:56ऐसे ही इनकोई मार दे तो कितनों को मार दी अंग्रेजों ने
25:59एक लाठी लगनी थी
26:03बुड़ा आदमी
26:13निश्काम कर्म और क्या सिखाती ये गीता
26:15जो सही है
26:18उसके अंजाम की परवाह मत करो
26:23एक बार तो आप से ये भी कहा था मैंने
26:25कि सही काम के अंजाम की परवाह करना ही पाप है
26:42जिस इंसान के जीवन में
26:49कृष्ण का कृुक्षेत्र उतरने लग गया न
26:52उसको दबाया नहीं जा सकता
27:08समझ रहे हैं?
27:11और कुछ इजी सम्बंदित?
27:18इसी से अलमोस्स रेलेटेटेट एक क्वेस्चन था अभी अमने बात करी थी
27:22टी-स में हैं मैं कुछ बच्चों को पढ़ाता हूं वो 11-12 में होते हैं और उनमें काफी फीमेल्स
27:29हैं क्योंकि मैं गीता की बाते भी उन तक पहुचाता हूं आपकी लर्निंग्स भी तो उनमें से कुछ नोंने अपने
27:36साथ जो उनके साथ चाइल्ड होड में एक्स्पिरिय
27:51दी-दी या बड़ी बेहन इनके साथ करा और मैं जब यह सब कुछ देख रहा होता हूं तो मैं
27:57continuously क्योंकि उनको थोड़ा observe तो करता ही हूं कि how they proceed in life और वो जो भी छोटी
28:02-मोटी हरकते करते हैं तो मैं एक major impact of that distortion पाता हूं तो इस चीज़ को हम अगर
28:10जैसे पढ़ते हैं कि classically
28:13दीरे-दीरे बच्चा बड़ा होता है तो बहुत initially ही अगर इतना major sort of distortion हो जाए तो उसको
28:20identity का part बना लेता है और फिर कभी भी acceptance उसको देता नहीं है मतलब जब भी इन बच्चियों
28:26से मैंने पूछा कि आपने कभी पहले बताया क्यों नहीं और इन लड़कों से भी पूछा क
28:31कि पहले कभी खुल के बाद क्यों नहीं घरी इस पर तो वो कहते हैं कि हम तो भूल गए
28:34इसको और मैं देख पाता हूं कि हरकतों में आज भी वो सब छोटी-छोटी तरीके से मौजूद हैं और
28:42जब ये बात मुझे पता पड़ी दीरे-दीरे जब लोगों ने खुल के बता
28:45पाया तो फिर मुझे बहुत अजीब लगा और मुझे लगा मैंने उस समय खुद को भी थोड़ा असहाए पाया कि
28:52इतनी शुरुआती उम्र में अगर वो लड़का है तो उसके साथ डिस्टॉर्शन हो गया क्योंकि उसको भी नहीं पता उसने
28:58कैसे कर लिया बहुत छोटी �
29:07नहीं नहीं पता पर बहुत जादा होते हैं कि बहुत बचपन में ऐसे केसे होते हैं यार समस्या यह है
29:18कि तुम मुद्दा सिर्फ तब उठाते हो जब एक्चूल फिजिकल एग्रेशन हो जाता है तब तब तब तुमको लगता है
29:29कुछ हो गया
29:31घर में किसी नहीं आ करके घर की लड़की के साथ कुछ कर दिया जादातर हो घर का ही कोई
29:35सदद से होता है ठीक है उसने आ कर कुछ कर दिया तो तब तो लहते हो मुद्दा बन गया
29:41मुद्दा बन गया और उसी घर में टीवी चल रहा होता है जिसमें एक के बाद एक आइटम
29:45नंबर आ रहे होते हैं तब आप पत्ती करते हो गया यह जो ताओ जी आये थे घर की बच्ची
29:52का यह उन शोशन कल गए रात में चुपके से यह वही ताओ हुए जो दिन भर बैठके राइटम नंबर
29:56देख रहा था तब तुमने विरोध करा गया तब तो तुमने कहा नॉर्म
30:01इस वहां होता है पहले जब तुम बजट गिनते हो अरे एक फिल्म में 500 करोड कर गई और वो
30:12जो फिल्म है वो 500 करोड आधा इसलिए कर गई क्योंकि उसमें गजब का सेक्स और वाइलेंस था तब तुम
30:17कहते तो नॉर्मल सी बात ना हम ताउरीफ तो करेंगा ही किसी फिल्म
30:27का कमाना नॉर्मल है
30:30तो फिर घर में
30:31सेक्शूल वाइलेंस का होना भी नॉर्मल है
30:37ये मेटरिमोनियल एड जो होते हैं
30:39इन से ज्यादा
30:41अशलील तुमने कुछ और देखा
30:45लड़के की आमदनी बताएंगे
30:47ये बताएंगे वो बताएंगे
30:49लड़की का बताएंगे सुन्दर है
30:51ऐसा रंग है
30:52इतनी हाइट है
30:54दुबली पतली है
30:57जिस घर में ऐसे मेटरिमोनियल एड दिये जा रहे हो
31:00उस घर में किसी बच्ची का
31:02अगर मोलिस्टेशन भी चल रहा है तो तुमको ताज्यूब क्यों हो रहा है
31:08यह जाकर कि देखो यह जो सब
31:13जोलरी के होल्डिंग्स होते हैं
31:16जिनमें गहनों के विज्यापन होते हैं देखो
31:19उसमें बिलकुल एक कामीनी खड़ी कर दी जाएगी वहाँ पर
31:25जिसको देखते ही तुम में और कोई विचार आए ही ना सेक्स के अलावा
31:30और उसको खूब सारा सोना और चांदी और हीरे और रतन पहना दिये जाएंगे
31:36और साथ में उसका बलावस थोड़ा नीचा कर दिया जाएगा
31:39और यह सब कुछ समायत में नॉर्मल माना जाता है ना
31:42यह जो नॉर्मल सी बात है
31:46जोल्री का एड है तो लड़की की छाती तो दिखानी पड़ेगी न यह नॉर्मल है
31:53फिर अब जिस घर में वही मैट्रिमोनियल दिया गया और ऐसी ही जोल्री खरीदी गई
31:58उस घर में लड़की का मोलेस्टेशन हो रहा है तो तुमको आश्चर क्यों हो रहा है
32:05क्यों हो रहा है
32:10शादियों में जाकर के देखो
32:14अभदरता, अश्लीलता, फूहरता और हम बोलते हैं हम सज्जन लोग हैं और हमारे हैं वेडिंग हो रही है
32:20वो जो वेडिंग से तुम कर रहे होते हो वो सज्जनता होती है
32:26छोटा बच्चा भी वहाँ चला जाए तो जो कुछ शादियों में चल रहा होता उसको देख के बिगड़ जाए
32:34और घरों की लड़कियां महीने महीने पर पहले से शरीर को सजाना सवारना शुरू कर देंगी
32:43लाखो लाखो रुपे जाकर के सैलून्स पार्लर्स में लगाएंगी
32:51जितना रिवीलिंग हो सके उतना परिधान पहनेंगी
32:57चोली भाईया थोड़ी और बैकलेस हो सकती है क्या
33:01घांगरे में कट डाल दो भाईया
33:08ऐसी शादि
33:14के बाद फिर जो घर में लड़की पैदा होगी
33:18उसका मोलिस्टेशन हो घर में ही तो तुम्हें इसमें ताज्जुब क्या है
33:27अब महिलाएं इसमें सिर्फ विक्टिम नहीं है
33:29महिलाएं हिस्सा है
33:31अब तो घोड़ी के आगे महिलाएं भी नाच रही होती है
33:33और उतेने ही अश्लील तरीके से नाच रही होती है
33:36और यह सब कहते हैं हम तो अच्छे घर की बहु बेटी आएं
33:56आप बड़े भोले लोग हो ना
34:00आप सोचते हो सारी नालाएकी करोगे
34:03पर उसके अंजाम से बच जाओगे
34:06है ना जा करके ना जो पॉपुलर न्यूज वेब साइट से उनको भी देख लेना
34:16पहले के चार लिंक होते हैं न्यूज के उसके पास चौदा लिंक होते हैं
34:21कि किस एक्टरस का वाडरोब मैल फंक्शन हो गया
34:24कौन बिकनी में कितनी हॉट लग रही है
34:27और यह सब रिस्पेक्टेबल न्यूज वेब साइट से हैं
34:32और आप महाँ जाते हो गंभीर न्यूज सीकर बनके
34:44हॉटी की पॉटी
34:48और सबस्यादा क्लिक सुनी पर आते हैं
35:11आपको जितने भी आकड़े पता हैं न यौन शोशन के
35:15वो कम है
35:18सबका हो रहा है
35:29बात व्यक्ति की नहीं है वातावरण की है
35:33मनुष्य की नहीं है महौल की है
35:37जब हवा में यह जहर होगा
35:38तो सबके फेपड़ों में जाएगा
35:45यहां ताज्यूब उनका है जिन घरों में का जाता है
35:48नहीं हमारा घर तो exception है
35:49हमारा घर तो बहुत सात्विक है
35:52हम धार्मिक लोग है
35:53हमारे घरों में यह सब नहीं होता
35:57सबसे बड़े जुट्छे तो यह लोग है
36:03अगर कहीं नहीं हो रहा है
36:05तो उसकी भी सिर्फ एक बज़ा हो सकती है डर
36:12जिसमें करने की हवस है
36:13हो सकता है थोड़ा दब्बू हो
36:15और लड़की थोड़ा तेज तर्रार हो
36:17तो बुरी नियत के होते हुए भी
36:20अभी तक काम अंजाम तक नहीं पहुचा
36:24बस यह हो सकता है
36:25पर नियत ही खराब नहों यह तो बड़ा मुश्किल है
36:41और नियत खराब मतलब
36:44फिर उसमें ऐसा लग रहा है जैसे कि पुरुशों का ही दोश है
36:47महिलाएं भी बढ़चण कर अब इसमें भागिदार हो चुकी है
36:56मामला लगभग सौदे जैसा होता जा रहा है
37:19अभी नौदर्गा पर मैं हैरान था
37:23ये लोग या तो बहुत ही नालायक हैं
37:28या एकदम मूरक हैं
37:31ये देवी को भी अब जिन रूपों में देखा रहे हैं
37:34थोड़ा ध्यान से देखना
37:42इनकी मूर्खता, इनका अध्यान, इनकी कामना
37:45सब हदे पार कर चुके हैं
37:47देवी को भी नहीं छोड़ रहे हैं।
38:02छो देवी को नहीं छोड़ रहा, वो घर की बेवी को छोड़ेगा क्या?
38:20कितनी ही महिलाओं ने आकर के पहले इधर उधर घुमा घुमा के बात करी और फिर अंत में मालूम है
38:26क्या गा है? घर में हमारी छोटी बेटी है, मैं इसको इसके पापा को देते हुए भी डरती हूँ।
38:36मैं नहीं चाहती इसके पापा इसको घुमाने भी ले जाएं, यहां तक कि इसको गोद में भी उठाएं, मुझे ठीक
38:42नहीं लगता, क्योंकि मैं इसके बाप को जानती हूँ कैसा है? यह खुद मा कह रही है।
39:03आगे गी बात ही होती है, पूछता हूँ एक बात बता, यह जबरदस्त खुलासा तुझे कब हुआ? बोलती है मुझे
39:11तो बहुत पहले से पता है, तो मैंने का बिटिया तो तेरी दो ही साल किये।
39:15जब तुझे बहुत पहले से यह सब पता था, तो तुने उसी पुरुष के साथ संतान पैदा करना क्यों चुना?
39:24वो कोई जवाब नहीं दे पाती क्योंकि उसने भी सौधा कर रखा है।
39:48और कुछ?
39:51सर बस इसी में यह चीज थी कि लोग अभी स्टूडेंट्स थे, मतलब वरी यंग, उन लोगों के लिए इस
39:59पूरे एक्सपीरियंस से बरना उन लोगों के लिए, मतलब वी गेट इट फ़र
40:05मैं इसमें क्या जवाब दे सकता हूँ, तुम चाहते हो मैं आउट्रेज करूँ, हाई हाई नारे लगा हूँ, क्या जवाब
40:12क्या चाह रहे है, समस्या क्या है?
40:16मतलब उनका इंडिविज्वल बाटल क्या है इसमें, क्योंकि at the end, it is the individual suffering for them, मतलब या
40:24फिर उनकी अपनी दिक्कत है, वो तो यह नहीं कह सकते है, समाज का था, ये था, वो ता, वो
40:29इससे कैसे रड़े, क्योंकि वो आए दिन,
40:31समाज में जो कुछ भी हो रहा है, उसका असर तुम तक आएगा ही आएगा, तुम सिर्फ एक तरीके से
40:37बच सकते हो, कि समाज से स्वार्थ और सुविधाएं कम से कम कर दो, जब तक तुम समाज के बीच
40:45रह रहे हो, समाज की हवा में सांस ले रहे हो, जो समाज का महौल है, �
40:49वो तुम्हारे दुआर तक पहुचेगा ही पहुचेगा।
40:52तुम बस ये कर सकते हो कि
40:53तुम उस सौधे को ही नामनजूर कर दो।
40:57तुम कह दो जो भी अंजाम होगा
40:59मुझे ये सौधा मनजूर नहीं है।
41:01बात खत्म।
41:03इतना चोटा कोई नहीं होता कि
41:04उसको कुछ बाते समझ में ना आए।
41:06भाई, स्टूडेंट है तो
41:09बारा, चौदा, सोला, अठारा साल का तो होगा।
41:12तो ये इतनी उम्र काफी होती है जानने के लिए
41:15कि मेरा एक्स्प्लॉइटेशन हो रहा है।
41:27आपको खुशी होगी इसना पे
41:29जो हमारी अपनी एप है जिसमें हमारे गीता और बाकी सब कारिकरम चलते हैं
41:33यहाँ पर बुद्ध हैं, गीता हैं, उपनिशद हैं, अश्टावक्र हैं
41:37ये मुझे मिले मेरी जिंदगी बदली, ये तुम्हें मिलेंगे तो महारी जिंदगी भी बदलेगी
41:42सच पूछिए तो मतलब लाखों नहीं तो कम सकम हजारों जिंदगी आ तो हैं जो बिलकुल बदली हैं
41:47दो लाख से अधिक गीता प्रतिभागियों के साथ जुड़े आचार्य प्रशान्थ एप पर
41:52पहला महीना बिलकुल फ्री गीता मिशन का पूरा एक्सिस एप पर आपको मिलेंगे नियमित लाइफ सत्र
41:59हर दिन आचार्य प्रशान्थ के विशेश समवाद, गीता कम्यूनिटी का एक्सिस, गीता परिक्षा, चैनित समाचार, ओडियो बुक्स, कोट्स और भी
42:10बहुत कुछ
42:11गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर पर आचार्य प्रशान्थ सर्च करें और अभी दाउनलोड करें
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