00:00क्या समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंग यादफ के छोटे बेटे प्रतीक यादफ को अपनी मौत का अभास पहले से
00:07हो गया था या फिर पारिवारिक तनाव और रिष्टों की खटास ने उने एक ऐसा फैसला लेने पर मजबूर कर
00:13दिया जिसकी चर्चा इस �
00:15वक्त पूरे यूपी के सियासी और समाजिक गलियारों में हो रही है सवाल बहुत चौकाने वाला है प्रतीक यादफ के
00:22अचानक निधन के बाद अब उनकी एक कठित वसीयत यानी एक विल को लेकर सोशल मीडिया और सियासी हलकों में
00:30दावे किये जा रहे हैं दावा यह है क
00:42को इसमें से एक पैसा भी नहीं दिया आखिर इस वसीयत के पीछे की हकीकत क्या है कि सच में
00:49प्रतीक और परना के रिष्टों में ऐसी कड़वाट आ चुकी थी और इस करोडों की प्रॉपर्टी में क्या-क्या शामिल
00:55है आज इस वीडियो के अंदर आईया आपको मैं पूर
01:11तरफ उनकी प्रॉपर्टी और वसीयत को लेकर एक नहीं बहस शड़ गई है जो खबरें और दावे सामने आ रही
01:17है उनके मुताबित प्रतीक यादव ने अपनी वसीयत में अपनी दोनों बेटियां प्रतमा और प्रतीक्षा के नाम करोडों की आशियां
01:26और जमीन कर दी है
01:27इस प्रॉपर्टी में लखनों की 22 बीगा क्रिशी भूमी यानि अगरिकल्ट्रल लैंड है लखनों के ही केंट एरिया में मौझूद
01:34एक बेहद बड़ी और कीमती बिल्लिंग है और उनके कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट भी इसके अंदर शामिल है लेकिन इस
01:42वसीयत मे
01:43जो सबसे हैरान करने वाली बात बताई जा रही है वो है इसकी एक स्ट्रिक कंडिशन दावा किया जा रहा
01:49है कि वसीयत में 27 साल की शर्त रखी गई है यानि जब तक उनकी बेटिया इस उमर तक नहीं
01:55पहुंच जाती तब तक इस प्रॉपर्टी को ना तो बेचा जा सकता है
01:59और ना ही किसी के नाम पर ट्रांशफर किया जा सकता है और इसी बज़े से ये सवाल उट रहा
02:05है कि क्या उन्हें अपनी मौत का कोई अंदेशा पहले से ही था और क्या अपनी धरम पतनी अपरनायादव से
02:12कड़वाहट थी उन पे भरोसा ही नहीं था अब इस पूरे मामले क
02:16दूसरे पहलू को समझे यानि अपरनायादव और प्रतीक यादव के रिष्टे की हकीकत को एक जर्नलिस्ट के तौर पर अगर
02:23हम पिछले कुछ महीनों का रिकॉर्ड देखें तो यह बात छुपी नहीं है कि इस हाई प्रोफाइल कपल के बीच
02:28सब कुछ ठीक नहीं चल रह
02:41था और उन पर पारिवारिक रिष्टे खराब करने के अरोप लगाते हुए तलाक लेने का एलान भी कर दिया था
02:48तब यह खबर आई थी कि दोनों के बीच विवाद इस हद तक बढ़ गया कि बात कोट और तलाक
02:53तक पहुँच चुकी है यही वज़े है कि जब उनके निधन
03:09पर सिरफ उनकी बेटियों का हक रहे और उनकी पतनी को भी हक ना मिले लेकिन यहां पर एक जिम्मेदार
03:16जर्निस्ट के तौर पर हमें अफवाएं और हकीकत के बीच फरक समझना होगा प्रतीक यादव की मौत अचानक कार्डियो रेस्पेरेटरी
03:24को लाप्स की वज़े से ह�
03:36जहां तक इस वसीयत और परनायादफ को एक पैसा ना मिलने का दावा है तो आपको बता दें कि इलेक्शन
03:42अफिडेविट के मुताबित दोनों पती-पत्नी के पास लगभग 23 करोड की संपत्ती है जिसमें से एक बड़ा हिस्सा पहले
03:49से ही दोनों के जॉइंट या अलग-�
03:54डिवाइड़ है वसीयत में बेटियों के फ्यूचर को सिक्यूर करने के लिए ट्रस्ट या शर्ते रखना एक आम बिजनेस फ्राक्टिस
04:01भी हो सकती है जिससे सोशल मीडिया पर मौत का अंदेशा बताकर संसेनी फैलाई जा रही हो लेकिन दर्शकों इसके
04:08पीछे एक और हक
04:24परिवार जाने की तैयारियों में है और परिवार की तरफ से इस वसीयत पर अभी तक कोई ऑफिशल स्टेटमेंट नहीं
04:30आया है वो अभी सग में से उभर रहे है यूपी के सबसे बड़े सियासी परिवार की अंदरूनी जिंदकी हमेशा
04:36से ही हैडलाइन्स में रही है प्र
04:48पतीक यादफ का अपनी बेटियों के नाम ये फैसला सच में पारिवारिक विवाद का नतीजा था
04:53या एक बाप का अपनी मासूम बच्चों के लिए एक सोची समझी लीगल सिक्यॉरिटी स्टेप
04:58आपको क्या लगता है अपनी राए हमें कॉमें सेक्शन में जरूर बताएं आप देख रहे हैं वान इंडिया मैं हुआ
05:03खुर्श कॉशन
Comments