00:0038 साल की उम्र, fit body, gym lifestyle और अचानक मौत
00:04प्रतीक यादो की मौत ने सिर्फ यादो परिवार ही नहीं पूरे देश को हैरान कर दिया है
00:09Post-mortem report में cardiac arrest और pulmonary embolism की बात सामने आई
00:14लेकिन social media पर सवालों और साजिश की theory का तूफान ठम नहीं रहा
00:19इसे बीच बंद कमरे में अखिले श्यादो और परनायादो की भावुक बाचीत, परिवार की खामोशी और एक जोची से जुड़ा
00:27रहसे में इदावा, चर्चा का नया केंद्र बन गया है
00:31आखिर उस रात क्या हुआ था? क्या बिमारी पहले से थी या कोई और राज छिपा हुआ है? इस रिपोर्ट
00:36में जानिये प्रतिक यादो की मौट से जुड़ी हर सवाल और उसका पूरा सच
00:40नमस्कार मेरे नाम है रिचा पर आशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:44लखनव के कालिदास मार्क स्थित घर से लेकर सैफरी तक शोक का महौल है लेकिन इस दुख के बीच कई
00:51ऐसे घटना क्रम सामने आए हैं जिन्होंने इस पूरे मामले को सिर्फ एक सामाने मौट से कहीं ज्यादा चर्चित बना
00:56दिया है
00:56अखिलेश यादव और अपड़ना यादव के बीच बंद कमरे में कुछ बार्चित हुई जोच्छी से संपर्क हुआ अस्पताल छोड़ने का
01:04पैसला और पोस्ट मौटम रिपोर्ट के बाद अब ये मामला लोगों के बीच ज्यादा बड़ा बनता जा रहा है
01:11वुद्वार 13 माई की देर शाम जब अपड़ना यादव असम से लखनव पहुँची तो कोहराम बच गया
01:17कुछी देर में अखिलेश यादव भी वहां पहुँचे
01:20प्रतीक के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित करनी के बाद अखिलेश और अपड़ना एक बंद कमरे में चले गए
01:26बाहर डिंपल यादव, शिपाल यादव और अनिरिष्टिदार मौजूब थे
01:31लेकिन करीब 15-20 मिनिट तक दोनों के बीच एक आंत में बादचीत हुई है
01:35राजवतिक गलियारों और परिवार के करीबी सूत्रों के बीच इस बादचीत को लेकर कई कयास है
01:40बना जा रहा है कि अखिलेश ने अपढ़ना से प्रतीक के हालिया बिजनिस ट्रेस, पैर की सर्जूरी के बाद के
01:47सित्थी और इलाज में हुई किसी भी तरह की चूप पर चर्चा की
01:51अखिलेश ने मीडिया से कहा भी कि प्रतीक बिजनिस प्रेशर में थे और कई बार वेपारिक नुकसान मानसिक दवाब पैदा
01:58कर देता है
02:00परिवार अब एक जुट होकर आगे की कानूनी और निजी प्रक्रिया पर फैसला लेगा
02:05सूत्रों के मुताबिक 13 माई की सुभह करीब साढ़े पांच बजे घर के स्टाफ ने प्रतीक यादों को बेहोशी के
02:12हालत में देखा
02:12बताया जा रहा है कि वो घर के किचिन एरिया में गिरे और उस समय घर में उनकी दोनों बेटियां
02:20और घरेलू स्टाफ भी मौजूद थे
02:23हाला कि पतनी अपढ़ना यादो असम एक सरकारी कारेक्रम में शामिल होने गई थी
02:28नौकर ने तुरंत सिविल अस्पताल और परिवार को सूचना दी डॉक्टर मौके पर पहुँचे लेकिन तब तक कि शरीर में
02:36कोई प्रतिक्रिया नहीं थी
02:39बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां सुबह 6 बच कर 55 मिनट पर उन्हें बृत गोशित कर दिया
02:44गया
02:45इसे बीच एक और जानकारी सामने आई कि मंगलवार रात करीब 11 बजे में ही उनकी तबियत बिगड़ी थी
02:51उनके करीबी और जिम से जुड़े लोगों का दावा है कि उन्हें अस्पताल में ले चाया गया था
02:57हलाकि आस्पताल प्रशासन इस बाद की पुष्टी नहीं कर रहा है
03:01गटना के वक्त अपड़ना यादव असम में थी
03:03लेकिन सूत्र बताते हैं कि वो लगातार फोन पर परिवार और स्टाफ के संपर्क में थी
03:09पती की तबियत को लेकर वो बहर चिंतित थी
03:12बताया ये भी जा रहा है कि उन्होंने एक करीबी जोच्छी से भी संपर्क किया था
03:16और घर जाकर हालात देखने के लिए कहा था
03:19हलाकि जोच्छी खुद नहीं पहुँच सके लेकिन उन्होंने घर के स्टाफ से बात करके प्रतीक की स्थिथी की जानकारी ले
03:28स्टाफ ने बताया कि वो अपने कमरे में आराम कर रहे हैं
03:31यहीं जानकारी बात में अपनायादों तक पहुँचाई गई यही से सोचल मीडिया पर जोच्छी एंगल जर्चा में आ गया हलाकि
03:39परिवार या पुलिस की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है
03:44लेकिन इंटरनेट पर उस बात को लेकर तरह तरह की अटकले जरूर लगाई जा रही है
03:49जोच्छी वाला वो एंगल जिसने सबको चौकाया इस पूरी तरासदी में वही जोच्छी एंगल का जो जिक्र है वो बार
03:56-बार हो रहा है
03:56अब जसा की बताया जा रहा है कि असम से अपर नयादों ने किसी जोच्छी को फोन किया घर जाकर
04:02प्रतीक को देखने की हाल चाल लेने की गुजारिश की
04:05जोच्छी घर नहीं गए उन्होंने फोन करके पता लगाया या किसी को भेजा लेकिन अकिर जोच्छी से वो क्या बात
04:12करना चाहती थी कि वो क्या जानना चाहती थी इस बात का भी खुलासा अभी तक नहीं हुआ है
04:17अब स्टाफ ने जो बताया कि अभी प्रतीक हैं अपने कमरे में अराम कर रहे हैं ये बातें स्टाफ ने
04:24जोच्छी को बताई थी
04:25उस वक्त जवाब यहीं मिला था कि प्रतीक सो रहे थे अब रात एक बज़े अपना ने फिर्फ उन किया
04:30लेकिन बात नहीं हो सकी उनसे
04:31ये एंगल दिखाता है कि परिवार को अन्होनी का आभास पहले से ही था लेकिन प्रतीक की अडियल प्रवरिती शायद
04:39उनकी जान पर भारी पड़ गई
04:41क्योंकि इस कहानी का जो सबसे बड़ा और भावक हिस सबू है जब डॉक्टरों ने प्रतीक क्यादों को आईस्यू से
04:48बाहर ना जाने की सलाह दी थी
04:50डॉक्टरों के मुताबिक वो पिछले पांच सालों से डीप वेन थ्रॉम्बोसिस यानि की डीवीटी जैसी गंभीर बिमारी से जूच रहे
04:59थे
04:59ये एक ऐसी बिमारी होती है जिसमें पैरों की नसों में खून का ठक्का जम जाता है
05:05अगर ये थका तूट कर फेफडों तक पहुँच जाए तो पल्मनरी एमबोलिजम जैसी जानलेवा स्तिथी बन जाती है
05:11और प्रतीक की मौत का कारण यही बिमारी है
05:15डॉक्टरों के अनुसार अप्रेल के आखिर में उनकी हालत अचानक बिगड़ गई थी
05:19सांस लेने में परिशानी हो रही थी चक्कर और सीने में दर्द के बाद उन्हें आईसीउ में भर्ती कराया गया
05:24था
05:25हालात कुछ स्थिर हुई लेकिन एक मई को उन्हें अस्पताल छोड़ने का फैसला लिया
05:30डॉक्टरों ने उन्हें साफ चेतावनी दी थी
05:32कि इस हालत में आईसीउ छोड़ना जानलेवा हो सकता है लेकिन प्रतीक घर लोड़ना चाहते थे
05:37बताय जा रहा है कि आईसीउ का महौल उन्हें मांसिक रुप से परिशान कर रहा था
05:42मशीनों की आवाज, लगतार निगरानी और अस्पताल का तनाव उन्हें बेच्यायन कर रहा था
05:48सुंत्रों के मुताबिक अपढ़ना यादों ने उन्हें रोकने की काफी कोशिश की लेकिन वो नहीं माने
05:53पुस्मॉटम रिपोर्ट में मौत की वज़े कार्डियो रस्पिरेटरी फेलियर और मैसिव पल्मिनरी थ्रंबेलिज्म ही बताई गई है
06:01यानि शरीर में बना ब्लड गलॉट फेफडों तक पहुँच गया जिससे हाट और सास लेने की प्रक्रिया प्रभावी थोई
06:09रिपोर्ट में शरीर पर कुछ चोटों के निशान भी मिले थे लेकिन डॉक्टरों का कहना है ये चोटे गिरने की
06:14विज़े सी हुई थी और ब्लड थिनर दवायों के कारण ज्यादा गहरी दिख रही थी
06:19सबसे महत्वपुन बात ये रही कि रिपोर्ट में कहीं भी स्टेरोइड या किसी संदिक्ध पदार्थ का जिक्र नहीं है
06:26सोशल मीडिया पर लगतार फिटनेस और स्टेरोइड को लेकर जो बाते कही जा रही थी उन्हें मेडिकल रिपोर्ट सपोर्ट नहीं
06:33करती है
06:33जाच के लिए हाट और विसरा सुरक्षित रखे गए हैं ताकि आगे की फॉरेंसिक जाच पूरी हो सके और तस्वीर
06:42ज्यादा क्लियर हो सके
06:44लामा वो दो शब्द जिन्होंने सब बिगाड दिया
06:47प्रतीक यादों की मौत का सबसे बड़ा राज उनके पिछले 15 दिनों के मेडिकल इतिहास में छिपा है
06:53इंडिया चुटे के एक रिपोर्ट के अनुसार उनके डॉक्टर के मुताबिक प्रतीक पिछले 5 सालों से
07:03इसमें पैरों की नसों में खुन के ठकके, क्लॉट्स जम जाते हैं
07:06ती सप्रेल को उनके हालत विगडी और उन्हें मेदानता अस्पताल के आई-सीउ में भरती कराया गया
07:10डॉक्टर उन्हें चेताबनी दी कि वो बाहर ना जाएं, लेकिन एक माई को ऐसा फैसला ले लिया उन्हें कि मेडिकल
07:16भाष्वा में जिसे लामा कहा जाता है
07:17लीव अगेंस्ट मेडिकल अड्वाइज
07:20उन्हें अस्पताल की मशीनों की आवाज और माहौल पसंद नहीं आ रहा था, फिर डॉक्टरों ने उनको काफी समझाया
07:26लेकिन वो नहीं माने, हाथ पाव जोड़ने और फिर पत्मिया पढ़ना के गड़ाने के बावजूद प्रतीक जबरन डिस्चार्ज पेपर साइन
07:33किये और वहां से चले गए
07:36डॉक्टरों के शब्दों में उस वक्त अस्पताल छोड़ना खुदखुशी करने जैसा था
07:56साफ साफ पल्मोनरी एंबोलिज्म बताया गया है और काडिक अरेस्ट भी बताया गया है
08:01खुन का थक्का उनके पैर किनसों का जो है वो फेवरों तक पहुंच जाना सास लेने में दिक्कत और नली
08:06ब्लॉक हो गई
08:07इसके वज़े से नेले निशान चोट जो भी सारी थियरीज हम सब सुन रहे थे वह सब कुछ इसी बिमारी
08:13की वज़े से है क्योंकि इस बिमारी में ब्लेड थिनर लेना होता है खुन पतला करने वाली दवाई और इसका
08:18असर अगर उन्हें वह कभी व्यक्ति गिरता है उसको
08:37अगर पहुंच जाए मतलब धमनियों में फस्ता जाता है अगर वो फेफडों तक पहुंच जाता है तो फिर वहां पर
08:43इंसान को बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है और प्रतीक के मामले में उनके बाएपैर की सर्जरी भी हुई थी
08:48और सूजन बहुत जयाता थी सर्जरी
09:04प्रतीक की मौत ने बहुत सारे सबक भी लोगों को सिखाए है
09:20जैसे कि अगर आप अस्पिताल में जा रहे हैं तो आपके जो डॉक्टर आपको जो सलाह दे रहे हैं उसे
09:26जरूर सुनना चाहिए यह तो सबसे बड़ा साबक है
09:29इस ख़बर में इतना ही बाकि जो भी अप्रेट्स आएंगे वो भी आपको जरूर बताएंगे देखते रहे हैं वन इंडिया
09:36कराओ के साथिज वन इंडिया अन्डिया आपके स jeste अब हैं
09:42हाँ गड़ंग टॉल्ड वानगा थॉल्ड पॉल्ड नजय चाहिए
09:46झाल
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