00:15वो नेता जुसने पश्चिमी घाट का हर पहार नापा, वो नेता जुसने हर चुनाव जीता, वही नेता अब केरलम की
00:24सत्ता संभालेगा
00:25केरलम की राजनीती में कई दिनों से चल रही सस्पेंस भरी उठा पटक का खिरकार खत्म हो गई है
00:31कौंगरस हाई कमान ने लंबे मन्थन और कई दोरों की बैठक और सहयोगी दलों से चर्चा के बाद वीडी सतीशन
00:37के नाम परंती मुहर लगा दी है
00:39अब वीडी सतीशन केरलम के अगले मुख्यमंतरे बनने जा रहे हैं
00:43बताया जा रहा है कि 28 माई को तीरुवनंत पूरम में उनका भव्यशपत ग्रहन समारो भी हो सकता है
00:48लेकिन आज हम आपको वीडी सतीशन के सिर्फ राजनीतिक नहीं
00:52बलकि उनकी जिन्दगी से जुड़ी 10 दिल्चस्प बाते बताने वाले हैं
00:56जिन्हें जानकर आप एक अलग व्यक्तित्व को जानेंगे
00:59कैसे चातर राजनीति से निकला ये नेता कॉंग्रिस का सबसे भरोसे मंद चहरा बन गया
01:04और आखिर क्यूं कॉंग्रिस ने कई बड़े नेताओं को पीछे छोड़ कर उन्हें पर भरोसा किया
01:09ये तो एक तरफ की कहानी है राजनेदिक पक्ष है
01:12दूसरी तरफ उनका किताबों से अनोखा प्रेम
01:15वो शौक जो सदियों से एक जैसा है जो उनके अलग व्यक्तित्व की एक छवी है
01:19उनका पेशा साथी उनकी जाती और राजनीति की सभी पहलूं से आउगत कराएंगे
01:25नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी
01:29पशिमी घाट का हर पहाड नाप चुके हैं वीडी सतीशन
01:33वीडी सतीशन सिर्फ राजनीतिक नेता नहीं है बलकि प्रकृति प्रेमी भी है
01:38उन्हें जंगलों पहाडों और ट्रेकिंग का बेहद शौक है
01:41कहा जाता है कि उन्होंने पशिमी घाट की लगबगार बड़ी चोटी पर ट्रेकिंग की है
01:46राजनीति की भाग दौड और तनाव के बीच वे समय निकाल कर प्रकृति के करीब रहना पसंद करते हैं
01:53उनके करीबी बताते हैं कि सतीशन घंटों जंगलों और पहाडों जैसे इलाके में घूम सकते हैं
01:58शाद यही वज़े है कि उनकी छवी एक शांत संतुलित और धैरवान नेता की बनी हुई है
02:04और उनके जो प्रशन सक हैं जो आमकारे करता हैं उन्हें बहुत पसंद करते हैं
02:10रोज कम से कम पचास पन्ने पढ़ते हैं
02:13आज की राशनीती में जहाँ ज्यादा तरनेता सिर्फ भाशनों तक सिमित रहते हैं
02:17वहीं वीडी सतीशन की पहचान एक रीडिंग पॉलिटीशन की है
02:20कहा जाता है कि वे रोजाना कम से कम पचास पन्ने किताब पढ़ते हैं
02:25राशनीती सम्विधान कानून अर्थवयवस्था इतिहास और अंतराष्ट्रिय मामलों पर उनकी गहरी पकड मानी जाती है
02:30विधान सभा में उनके भाशनों को सुनकर अक्सर विरोधी नेता भी हैरान रह जाते हैं
02:35वे बिना तयारी के शायद ही कभी बोलते हैं
02:38चात्र राजनीती से शुरू हुआ सफर
02:40वीडी सतीशन का जन केरलम के एरना कुलंजिले के नेटूर इलाके में हुआ
02:45राजनीती में उनकी एंट्री किसी बड़ी राजनीतिक परिवार के जरिये नहीं हुई
02:49उन्होंने चात्र राजनीती से शुरू आत की
03:04यानी NSUI में सक्रियता ने उन्हें कॉंग्रेस संगठन के भीतर पहचान दिलाई
03:09यहीं से उनका राजनीतिक नेटवर्क मजबूत होना शुरू हो गया
03:13पेशे से वकील भी हैं
03:14बहुत कम लोग जानते हैं कि वीडी सतीशन राजनीती में आने से पहले कानून की पढ़ाई कर चुके हैं
03:20उन्होंने केरलम हाई कोट में वकालत भी की है
03:23और यहीं वज़ा है कि विधान सभा में उनकी बहसें सिर्फ राजनीतिक नहीं होती
03:27बलकि कानूनी तत्यों और सम्विधान की गहरी समझ पर आधारित होती है
03:32कई बार उन्होंने विधान सभा में सरकार को ऐसी कानूनी सवालों में घेरा कि मंत्री जवाब देने में असहज हो
03:38गए
03:38पहली बार चुनाव हार गए थे
03:40अभी तक आप ये बार-बार सुन रहे हैं कि अब तक वो कोई चुनाव नहीं हारे
03:44लेकिन अब तक जो चुनाव नहीं हारने से पहले जो पहला चुनाव था वो हारे थे
03:49आज लगतार जीतने वाले सतीशन के राजनीतिक करियर की शुरुआत हार से हुई थी
03:551990 के दशक में मध्य में उन्होंने पहली बार परवूर विधान सभा सीट से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए
04:02लेकिन उस हार ने उन्हें कमजोर नहीं किया
04:05उन्होंने अगले कई साल अपने शेतर में लगतार काम किया
04:09लोगों के बीच रहे स्थानियों मुद्दो को उठाया और संगठन को मिजबूत किया
04:13फिर आया साल 2001 उन्होंने परवूर सीट जीत ली
04:17इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा
04:1925 साल से एक ही सीट पर जीत रहे हैं
04:23वीडी सतीशन पिछले 25 सालों से परवूर विधान सभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं
04:272001, 2006, 2011, 2016, 2020, अब 2026 भी जीत चुके हैं
04:33लगतार छे बार विधायक चुने जाना कोई छोटी बात नहीं है
04:362016 के चुनाओ में उन्होंने CPIU मिद्वार को 20,000 से ज्यादा वोटों से हराएं
04:41यह दिखाता है कि उनकी जमीनी पकड कितनी मजबूत है
04:43कॉंग्रेस के सबसे आकरामक विपक्षी नेता बने
04:472021 में कॉंग्रेस चुनाओ हार गई थी
04:49इसके बाद वीडी सेतीशन को विधान सभमे विपक्ष का नेता बनाया गया
04:52यही से उनका राजनीतिक कड तेजी से बढ़ा
04:55उन्होंने वा मोचा सरकार को हर मुद्दे पर घेरा
04:59सोना तसकरी मामला, ब्रष्टा चार, बेरोजगारी, प्रिशाफनिक विफलता
05:03हर मुद्दे पर वे सरकार के खिलाफ सबसे मुखरावाज बने
05:06उनकी बहस करने कि शैली बहत अलग मानी जाती है
05:09वे सिर्फ आरोप नहीं लगाते बलकि फाइल, दस्तावेज और कानूनी तरकों के साथ सरकार को घेरते हैं
05:15नायर समुदाय से आते हैं, लेकिन अलग राजनीती करते हैं
05:19वीजी सतीशन नायर समुदाय से आते हैं, लेकिन दिल्चस्ट बात यह है कि वे खुद को पूरी तरह से धर्म
05:25निर्पेक्ष नेता मानते हैं
05:26उनका नायर सर्विस सोसाइटी यानि की NSS से कोई खास जुडाओ नहीं रहा
05:30वे हमेशा ऐसी राजनीती की बात करते रहे हैं, जो जाती और धर्म से उपर हो
05:34यही वज़ा है कि वे अल्प संख्यकों और उदारवादी वोटरों के बीच काफी लोग प्रिया हैं
05:40कॉंग्रस में एक हफते तक क्यूं चला घमसान
05:42केरल चुनाओ में कॉंग्रस गठमंधन UDF को जीत मिली
05:46लेकिन असली लड़ाई उसके बाद शुरू हुई
05:48मुख्यमंतरी कौन बनेगा
05:50रिस पे कई बड़े नाम थे केसी वेणू गोपाल जिसमें सबसे पहला नाम था
05:54इसके लावा थे रमेश चैनी थला और फिर थे VD सतीशन
05:58दिली में लगतार बैठकों का दौर चला राहूल गांधी और कॉंग्रस हाई कमान हर समी करन पर विचार कर रहे
06:03थे
06:03कहा जा रहा था कि केसी वेणू गोपाल राहूल गांधी के बेहत करीबी हैं इसलिए उनका नाम मजबूत माना जा
06:09रहा था
06:09लेकिन आखिर में कॉंग्रस ने VD सतीशन को चुना
06:12आखिर कॉंग्रस ने उन्हें पर भरोसा क्यों किया
06:15इसके पीछे कई बड़ी वजहें थी
06:17संगठन पर पकड़
06:18सतीशन पिछले पाच साल से कॉंग्रस कारे करताओं के सबसे लोग प्रियाव चेहरों में से एक है
06:23सहयोगी दरों का समर्थन
06:25इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानि कि आई यू एमल ने खुलकर उनके नाम का समर्थन किया
06:30उप्चुनाओ का खत्रा नहीं
06:31अगर केसी बेड़ो को पालवुखे मंत्री बनते तो उन्हें सांसत पाच छोड़ना पड़ता और उप्चुनाओ होते
06:36और कॉंग्रेस यह जोखिम नहीं लेना चाहती थी क्योंकि वैसे भी बचे कुछे स्टेट्स में ही कॉंग्रेस बचे होई है
06:41साफ छवी
06:42उनकी छवी पढ़े लिखे इमांदार और गंभीर नेता की है
06:46आकरामक लेकिन संतुलित नेता
06:48विसरकार पर हमला भी करते हैं और गटबंधन को साथ लेकर चलने की शमता भी रखते हैं
06:53शपत ग्रहन कब होगा सबसे जरूरी
06:55क्योंकि पूरी कहानी का जसार यही है कि अब वो केरलम के मुख्यमंतरी बनने वाले हैं
07:01तो शपत ग्रहन कब होगा
07:16राहुल गांधी समेट कई बड़े नेजा शामिल हो सकते हैं
07:19अब सबसे बड़ी चनौतिया क्या होंगी उनके लिए
07:21मुखेवंतरी बनने के बाद वीडी सतीशन के सामने कई बड़ी चनौतिया होंगी
07:25जिनमें केरल का बढ़ता कर्ज, बेरोजगारी, केंद्र राजे टकराओ, जलवायू संकट, कटबंधन में संतुलन, कॉंग्रेस के अंदर गुडबाजी
07:33और सबसे बड़ी चनौति होगी विपक्ष की आकरामकर नेती से प्रिशासनिक नेत्रतों की तरफ सफल बदलाओ करना
07:40कुल मिलाकर ये कह सकते हैं कि वीडी सतीशन की कहानी संगर्ष, धैर्य और तैयारी की कहानी है
07:47एक ऐसा नेता जिसने छातर राजनीती से शुरुवात की, हार देखी, लगतार मेहनत की, कानून पढ़ा, बहार चड़े, किताबे पढ़ी
07:58और अब केरलम की सत्ता के शीर्च तक पहुँच चुका है
08:01अब पुरा देश ये देखने वाला है, कि विपक्ष में सरकार को घेरने वाला येनेता, खुद सरकार चलाने में कितना
08:09सफल साबित होता है
08:10इस खबर में इतना ही, लेकिन वीडी सतीशन के बारे में जो पॉइंट्स हमने आपको बताये, उनमें से आप कितने
08:15पॉइंट्स जानते थे, उनके बारे में आप क्या क्या जानते थे
08:17यह कुछ ऐसी बाते हैं जो हमने मिस कर दी हों, जो हमें नहीं मालूम हो, यह हम कवर करना
08:21भूल गए हों, वो भी आप कॉमेंट में बताईए
08:23और ऐसी और खबरों के लिए देखते रहिए One India Hindi
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