00:00बहुत सारे ऐसे लोगों को मैं जानती हूँ जो पलटकर अपने ही माबाप को फोन करने में दस बार सोचते
00:05हैं
00:30आज मेरे लिए ये बना दे वो बना दे बाप के पीछे चलते थे कि पापा सो का एक पत्ता
00:34और दीजिएगा
00:34आज तुमको सो का वो पत्ता बहुत से मिलता है तो बहुत के आगे पीछे जूलते हूँ
00:43पहले माथी जीवन में आज प्रेमिकाया पत्नी आ गई है तो उसके पीछे पीछे आचल पकड़के घुनते हूँ
00:50पच्चों में इसलिए निस्वार्थता के बीज डालें इसको कहते हैं संसकार
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