Skip to playerSkip to main content
  • 5 minutes ago
यह वीडियो 26 अप्रैल 2026 को ऋषिकेश में "भगवद्गीता" सत्र से पहले हुई मीडिया बातचीत से लिया गया है।

🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00031

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00031

📄 AP फ्रेमवर्क
आचार्य प्रशांत के दर्शन का पूरा विवरण 🔥
🔗 यहाँ पढ़ें: https://acharyaprashant.org/hi/ap-framework

Category

📚
Learning
Transcript
00:00अश्रारे जी, हम चाहते हैं कि जैसे बहुत सारी फीमेल्स हैं, तो फीमेल्स को हम कहते हैं कि उन्हें अपने
00:06धर्म के बारे में जानकारी नहीं है, वो भटक रही हैं, उस पर आप क्या खेना चाहेंगे?
00:10देखिए, पहला भटकाओ तो तभी शुरू हो जाता है, जब आप एक मनुष्य को फीमेल्स बोल देते हैं, और वो
00:20जो मनुष्य है, चाहे वो नर देह में है, चाहे वो नारी देह में है, जब वो खुद को नहीं
00:26जानता, तो वो जिन्दगी में जितने भी चुनाओ करेगा,
00:30वो सब अटपटे और बेढगे ही होंगे, ये तो छोड़िये, कि उसे अपने लिए साथी चुनने की समझ है तमीज
00:38नहीं होगी, उसको अपने लिए साड़ी चुनने की भी समझ नहीं होगी, उसको ये नहीं पता होगा, कि मैं अगर
00:47आभूशन पहन रही हूं, तो क्यों प
01:00जब मुझे नहीं नहीं पता कि भाई मैं कैसे जीओं तो उसके बाद जिस दिशा में कुछ रोशनी कुछ चका
01:09चौन्द कुछ वादा कुछ आगर्शन दिखेगा मैं उधर कोई खिचा चला जाओंगा और यही चारो तरफ होता है लेकिन जब
01:16ऐसी हरकतें सामाजिक माननेता क
01:30जब सामाजिक माननेता के प्रतुगूल जाने लगता है तो हमको लगता है कि अरे कुछ विचितर हो गया कुछ भयानक
01:36हो गया इसको रोको
01:37बिल्कुल रोको लेकिन जड़ से रोको
01:40इन सब बातों की जड़ में अज्ञान बैठा हुआ है
01:43और वो अज्ञान किसी लिंग को देख करके नहीं आता
01:47वो मनुष्य मात्र की चेतना का अज्ञान है
01:50और उसी को हटाने के लिए नाम है धर्म
Comments