00:00एक आदमी के पास एक खुबसूरत कुटा था, जिसे वो बेहच चाहता था, वो उसे अपने पास बिठा कर खिलाता,
00:06प्यार करता और बाती भी करता था। कुटा भी अपने मालिक का वफादार था। जहां वो जाता, कुटा दुम हिलाता
00:12उसके पीछे-पीछे चलता और उसक
00:29कुट्टे को मजेदार खाना भी खिला रहा था और गोद में बिठा कर प्यार भी कर रहा था।
00:33ये देखकर गधे के दिल में हसत पैदा हुआ।
00:36उसने सोचा, मैं भी ऐसा ही करूँगा, शायद मुझे भी प्यार मिल जाए।
00:39अगले ही लमहे वो जोर-जोर से ढेंचू करने लगा और दुम हिलाता हुआ मालिक के कमरे में घुज गया।
00:45फिर क्या था? वो उचला, कूदा, दांत निकाले और दुम ऐसे हिलाई कि बरतन और शीशे सब नीचे गिर कर
00:50तूट गए।
00:51हद तो तब हुई जब वो सीधा मालिक की गोद में जा बैठा। मालिक घबरा गया, उसे लगा गधा पागल
00:57हो गया है।
00:58शोर मचा तो लोग जमा हो गए और सब ने मिलकर उसे मार कर बाहर निकाल दिया।
01:02बिचारा गधा बाहर खड़ा सोच रहा था, मैंने तो वही किया जो कुत्ता करता है, फिर भी मुझे सजा क्यों
01:07मिली।
01:07सबक, हर किसी की अपनी जगह और अपनी पहचान होती है, दूसरों की नकल नहीं, अपनी हकीकत ही असल ताकत
01:14होती है।
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