00:00खुशामतीद, आज के इस तफसीली जाइजे में हम एक ऐसे मौजू पर बात करने वाले हैं, जो हम सब के
00:05लिए बहुत मानूस है, लेकिन इसका स्केल, यकीन करें आपको हैरान कर देगा.
00:10हम बात कर रहे हैं कराची की 2026 की मौवेशी मंडियों और ईदोलजा की तयारियों की. मतलब अगर हम सिर्फ
00:18इसके मौजी हजम को देखें, तो ये किसी भी बड़ी इंडस्ट्री को पीछे छोड़ सकता है.
00:23लेकिन ठेरें, आगे बढ़ने से पहले जरा ये बताएं, क्या आप कभी जहन में ये बात आई है कि करोडों
00:29रुपए का बैल, जी हाँ, करोडों रुपए का आखिर देखता कैसा होगा?
00:33आज हम इन्ही मंडियों में मौजूद इन हैरत अंगेज जानवरों और उनकी होश उड़ा देने वाली कीमतों के पीछे छुपे
00:40हकाइक पर से परदा उठाने वाले हैं.
00:42अच्छा, तो जल्दी से देख लेते हैं कि आज हम किन-किन चीज़ों को कवर करेंगे.
00:46हम शुरुआत करेंगे कराची की मंडियों से. फिर सीधा चलेंगे एशिया की सबसे बड़ी मंडि की तरफ. उसके बाद कीमतें
00:55और वो स्पेशल वी आईपी जानवर. फिर मार्केट के चैलेंजस पर बात होगी और आखिर में देखेंगे कि फाइनल सेल्स
01:01और ट्रेंड्स
01:02क्या रहे? तो आईए पहले हिस्से से शुरू करते हैं. कराची की 2026 की मवेशी मंडिया. सबसे पहले तो ये
01:10देखना जरूरी है कि इस साल कमिशनर कराची की तरफ से कितनी मंडियों को ओफिशल स्टेटिस दिया गया? तो हुआ
01:17कुछ यूं कि हकूमत ने अलाम की सहूलत को
01:19मदे नजर रखते हुए साथ मुखतलिफ अजला में कुल 21 मखसूस मकामात की मनजूरी दी. अब अगर ब्रेक डाउन देखें
01:27तो सबसे ज्यादा मंडिया सेंट्रिल, इस्ट और कुरंगी के अजला में हैं. यानि हर एक में चार-चार मकामात. ये
01:34पूरा सेट अप इसलिए
01:48मोहिम शुरू की. ये 20 मईस से 16 जून तक मुल्क भर की 54 मंडियों में चली. मकसद क्या था?
01:55ये ही के ब्योपारी और खरीदार दोनों को जानवर, चारे, पानी या पार्किंग के लिए लाखों का कैश जेब में
02:01रखकर ना घूमना पड़े. सब कुछ डिजिटल. सच पू�
02:15मोकस अब इस मंडी पर होगा, जो इन तमाम मकामात का मरकज है, यानी Northern Bypass की मंडी. और भई,
02:23ये नमबर ज़रा चेक करें, 1200 एकर. ये हुजम वाकई दंग कर देने वाला है. मतलब ये सिर्फ एक बाजार
02:30नहीं है, बिलकि आप इसे लाइव स्टॉक के लिए बसाया गया एक
02:34आर्जी, लेकिन बिलकुल मुकमल शहर कह सकते हैं. एक पूरा शहर जो सिर्फ जानवरों के लिए आबाद होता है. अब
02:42जाहिर है इतने बड़े शहर को चलाना, कोई ऐसान काम तो है नहीं, इसके लिए जबरदस किसम की प्लैनिंग और
02:48लॉजिस्टिक्स चाहिए होती हैं.
02:49मिसाल के तौर पर यहां बड़े बड़े ब्रैंड्स पर मुश्टमिल एक पूरी फूर्ड स्ट्रीट मौजूद है. सिक्योरिटी के लिए बारा
02:56सो से दो हजार तक पुलीस और रेंजर्स के हलकार ड्यूटी पर हैं. फिर सफायर, गोल्डन और कराची जैसे खास
03:02वी आई�
03:16चस्प हिस्से की तरफ, कीमतें और वी आईपी जानवर. चलें, अब जरा इस पूरे मेले के असल हीरोज, यनी जानवरों
03:25की बात करते हैं और देखते हैं कि यहां मौशी फर्क कितना ज्यादा है. मार्केट में आपको दो बिलकुल अलगी
03:32मनाजर देखने को मिलते हैं. एक
03:46दो लाख रुपए से कम बजट वाले जानवर भी बाहसानी मिल जाते हैं. यानि हर बजट के हिसाब से मार्केट
03:51मौजूद थी. अब जब इतनी हाई कीमतों की बात होती है, तो ब्यूपारियों का मौकफ भी सुनना बनता है. मार्केट
03:58के एक वेंडर का साफ कहना था कि बह
04:15करते हैं. मार्केट के चैलेंजिस. आखिर ग्राउंड पर ब्यापारियों और खरीदारों को किन मसाइल और लोजिस्टिक चैलेंजिस का सामना करना
04:24पड़ता है. ग्राउंड की हकीकतیں काफी मुखतलिफ होती है. अब देखें, इतने बड़े पैमाने पर मैनेजमेंट कैसी
04:31होती है. रोजाना बड़े जानवरों के लिए सकती से 30 लीटर और छोटों के लिए 10 लीटर पानी का कोटा
04:38फिक्स था. दूसरी तरफ खरीदारों की जेब पर भारी ट्रांसपोर्ट फीस का बोच था, जो फासले के हिसाब से 2
04:45-6,000 रुपै तक थी. और इन सब जमेलों के द
05:0125 आप देख रहे हैं न, ये दर असल एक काफी बतकस्मत और परेशान कुन वाके की तरफ इशारा कर
05:07रहा है. हुआ कुछ यूँ के मेन मंडियों में तो सख्त सेक्योरिटी थी, लेकिन शहर के अंदर मकामी सता पर
05:15चोरी के वाकियाद भी हुए. जैसे गुलिस्तान जोहर के
05:19ब्लॉक एट एक एक प्लॉट से रात के अंधिरे में 25 बकरे चोरी हो गए. सोचें जरा, चोर आए, बकरों
05:28को एक सुजूकी में डाला और बड़ी असानी से निकल गए. और जाहिर है, ये कोई छोटा मोटा नुकसान तो
05:34था नहीं. ये पूरे 19 लाक रुपे, यानी 1.9 मिल
05:49कितना बड़ा माशी धचका साबित हो सकती है. अब हम अपने आखरी हिस्से की तरफ बढ़ते हैं. फाइनल सेल्स और
05:56ट्रेंड्स. आईए जूम आउट करते हैं और 2026 के सीजन का मुकमल मौशी हाका देखते हैं. तो आखिर कार सेल्स
06:05का डेटा हमें क्या बताता है? अगर फ
06:19पांच लाक रुपए तक गया. इस से हमें अंदाजा होता है कि आम बजट और प्रीमियम लाइफ स्टॉक के दरमियान
06:26ट्रांजैक्शन का कितना बड़ा मार्जन मौजूद था. और अब बारी है एक ऐसे नंबर की जो इस पूरी लोकल एकॉनमी
06:34का असल हुजुम बताता है
06:351.2 मिलियन चीहां अंदाजे के मताबिक इस एक सीजन में शहर भर में 12 लाक जानवर फरोख्त हुए. ये
06:45वाकई एक बहुत बड़ा बहुत ही जबरदस्ट स्केल है. जब हम इस तादाद को मालियत में तबदील करते हैं ना
06:52तो पता चलता है कि 2026 में कराची की इस मवेशी म
07:05वैपारियों के लिए बलके उन देही किसानों के लिए भी लाइफ लाइन है जो पूरा साल इन जानवरों को पालते
07:11हैं. तो इस सब को देखने के बाद एक सवाल जरूर जहन में आता है. जिस तरह मसलसल महंगाई कुवत
07:18खरीद को मतासर कर रही है, क्या हम कह सकते हैं कि लो
07:35सदियों पुरानी रवायात की शकल बदल रहे हैं. आज के इस तफसीली जायजे में साथ रहने का बहुत शुक्रिया, उमीद
07:41है इस पूरी एकॉनमी के स्केल को समझने में आपको मजाया होगा.
Comments