00:00पहल गाम वही वादिया वही रास्ते लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है
00:07एक साल पहले 22 अप्रिल 2025 को आतंक के साई में डूबी एक घाटी आज फिर से रौनक से भर
00:14गई
00:14जहां कभी गोलियों की आवाज गुंजी थी वही आज सेलानियों की चहल पहल लौट आई
00:20होटल फिर से भरने लगे हैं घोडे फिर से वादियों में दौड रहे हैं और बजारू में फिर वही पुरानी
00:27रौनक लौट आई
00:54स्थान ये लोगों का कहना है कि इस साल की शिरुवात भले ही डर और अन्शिता के साथ हुई थी
01:00लेकिन धीरे-धीरे हालाद बदलने लगे थी
01:03सुरक्ष्व एजिंसियों की कड़ी निग्रानी और प्रसाशन की पहल की चलते सेलानियों का भरोसा फिर से बना है
01:10पहलगाम के टूर ऑपरेटर्स और घोड़े चलाने वाले बताते हैं कि अब परियाटक पहले की तरह यहां आ रहे हैं
01:17उन्हें भरोसा दिलाया चुआ रहा है कि घाटी पूरी तरह सुरक्षत है
01:21सेलानियों की भी यही राय
01:23कई परियाटक कहते हैं कि उन्होंने खबरे जरूर देखी थी लेकिन यहां आकर उन्हें कहीं भी डर का महाल नहीं
01:29लगा
01:29यहां सब समान्य है कोई डर नहीं
01:32तो आज उसी पहलगां में आप खड़ी है आपको डर तो नहीं लग रहा है बिल्कुल नहीं बहुत से फिल
01:39भारती आरमी बहुत अच्छे से यहां पर तैनात है और किसी भी ट्रेवलर को डरने कोई जरुवत नहीं है बहुत
01:47से पहलगां
01:48तो जो आपके मित्र है जो आपके रिष्टदार है उन्हें क्या सथा देंगे बिल्कुल यह बहुत अच्छी जगह है बहुत
01:56अच्छा घुमने का था कूरी सेस्टी है कोई घुम कर तो दरने की बात मांकर
02:23सब्सक्राइब करना है अगर आप सोचते रहेंगे तो आनिंग नहीं कर पाएंगे
02:32आपको भान निकलना परेगा सेंग अगर आपको अच्छा चीज कुछ देखना परेगा तो घर से निकलना परेगा और स्पेशलिए जो
02:40अभी पैल गाम का जो सिक्यूरिटी है और जो भी आदमी लोग है बहुत हिल्फुल है बहुत अच्छा है और
02:49एक्सपिरियंस भी अच्�
03:02चाहिए ठीक है ना तो वो तो कोई फुल्फिल कर नहीं पाएगा और रही बात जो आप लास्ट एर के
03:08टैक्स की बाद कर रहे हो तो इसमें जैसा कि मैं इस चीज को लेकर ऐसा सोचता हूं कि
03:13इन चीजों से हमें डरना नहीं चाहिए आगे देखना चाहिए ये चीज़ें होती रहती हैं हर जगा होती हैं पूरी
03:18दुनिया में ही बट इन चीजों से आगे बढ़के हमें जो यहां देखने के लिए चीज़े हैं जो यह वादिया
03:24हैं इन्हें जाधा तरजी देनी चाहिए
03:28इंसानियत को ज़्यादा इंपोर्टेंस देनी चाहिए आपको रदर दें ड्रिलिजन और तो उस चीज को लेकर अगर हम कहें कि
03:33शद्धानजली के इसाफ से अगर हम देखे तो हाँ कह सकते हैं आपकी एक तरह से शद्धानजली भी आप दे
03:38सकते हो अगर आते हो तो यहां पर
03:39जहां इस हमले के एक साल बाद सेलानियों की आने से घाटी की तस्वीर बदल चुकी है वही सेलानियों की
03:46वज़ा से यहां की वेपारी और होटल इंडुस्ट्री से जुड़े लोग भी बेहत खुश है हाला कि उन्हें हमले का
03:53दर्द है लेकिन जिस तरह से लोग उस दर्द
03:56को भूल कर दुबारा घाटी पहुश रहे हैं उस बात की खुशी भी है तो कितना बदला है पहल गाम
04:07इस साल में और कितनी दुश्वारी हुई यहां के होटलेर्स को यहां के दोडेवाले को यहां से जो भी ताजर
04:13जुड़े है इस टूरिजम इंडस्ट्री से दुश्वा
04:23का कि हमारे जो इंडिया के लोग भे गू मिया यहां पर हम उसके मुस्ते वैलकम करें शुकूर करें हो
04:29आगे है तो जितना वीलोगो आ जाएँंग एस अतना हर पाइए तो हमम मुस्त वैलकम करें मिया जितना अजिस्ट आजिक
04:35आ अए ऐा डेIES को यहां पि educación फॉन को आतảo हि
05:01हालाकि इस रौनक की बीच उन जखमों की याद भी जिन्दा है जो एक साल पहले इस खाटी को मिली
05:07थी
05:07जबिस बेगुनाह जिन्दगियों की कुर्बानी आज भी लोगों के दिलों में ताजा है
05:12लेकिन अब पहलगाम ने तै कर लिया है कि डर के साय में नहीं बलखी उमीद और होसले के साथ
05:18आगे बढ़ना है
05:20आतंकी हमले के एक साल बाद पहलगाम में फिर एक बार रोनक लोट आई है
05:25आप मेरे पीछे देख सकते हैं कि कैसे दुकाने खुली है और कैसे परियतक यहां पर शॉपिंग कर रहे है
05:32और यह परियतक जो देश और विदेश से आये हैं खास दोर पर एपरेल 22 के दिन
05:38वो देश और देशवासियों को ये संदेश देना चाहते हैं
05:43कि वो आतंक बाद के आगे सर जुकाने वाले नहीं है
05:47पहल गाम से One India के लिए मैं इजहार अली है
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