00:01बहुत जानदार ज्वाइनिंग हुआ है इसके लिए निसान जी को और पूरे जनतादली परिवार को बधाई सुबकामना
00:12बिहर की राचनीती में मंगलवार 21 से अप्रील की ये तारीक नोट कर लिजिए
00:18एक ऐसा दिन जो की बड़े बदलाफ का गवाह बन चुका है
00:21जब नितीश कुमार के स्तीफे के बाद श्रवन कुमार को सर्व सम्मत्ती से जीडियू इधायकल का निता चुल लिया गया
00:28नालंदव इधनसवा सीट से लवातार जीत दर्स करने वाले श्रवन कुमार, नितीश कुमार के सबसे भरूर सिमन सहयोग्यों में अपनी
00:36जग है, अपनी पहचान रखते हैं
00:38किसान परिवार से तालोग रखने वाले श्रवन कुमार का ये जयन उनके दश को लंबे संखर्ष और अटूप वफादारी का
00:45प्रतिफल है
00:45जीपी आंदोलन से तपकर निकले इस निता ने नाकेबल पार्टी को मजबूती दी बलकि बिहार के ग्रामी इडविकास को नई
00:52उचाईयों पढ़ ले जाने में काफी एहम भूमिका ने भाई है
00:56श्रवन कुमार की ये सफलता रातो रात में ही आई बलकि इसकी बुनियाद साल 1974 के उस दौर में पड़ी
01:02जब जय प्रिकाश नारायन के आहवान पर देश का युवा सड़कों पर हुआ करता था
01:07नेदीश कुमार और लालु पिसात की तरह श्रवन कुमार भी इसी आंदूलन की उपज है राजनीती के शुरुआती दिनों में
01:14उन्हें जननायक करपूरी ठाकुर का सानिध्य भी प्राप्त हुआ
01:18और इसी सानिद्य के साथ उन्होंने राजनीदी के गूढ सिधान्त भी सीखे जनसेवा का पार्ट भी पढ़ा
01:25उनका चुनावी सफर काफी संघर्ष पूर्ण रहा साल 1985 में जब उन्होंने पहली बार नालंदस सीट से चुनाव लड़ा तो
01:32नहीं करारी शिकस्त जेलनी पड़ी और मात्र 2400 वोट से वे हार गए अब इस हार से वो निराश तो
01:38काफी हुए लेकिन सफर वही थमा नहीं सफर
01:42पर पूर्ण विराम नहीं लगाया तब करपूरी ठाकुर ने उन्हें एक ऐसा मंत्र दिया जिसने उनके जीवन की दिशा पूरी
01:49तरह बदल दी करपूरी ठाकुर ने उनसे कहा था कि पार्टी टिकर्ट सर्फ चुनाव जीदने के लिए नहीं बलकि नेता
01:55बनाने के लिए �
01:56आपको सौपती है और जो 2400 लोग विप्रीत लहर में उनके साथ खड़े रहे वो उनके अस्क्री समर्थक हैं इस
02:04सीखने श्रवन कुमार को जमीन पर जाकर काम करने की अस्क्री प्रिर्णा दी थी उन्होंने हार को सीखने का अफसर
02:10वाना और अगले पांच वर्षों तर ग
02:24चुनाव में हार के बावजूद उनके वूट बढ़कर पच्चास हजार के पार पहुँच गए अखिरकार 1995 के चुनाव में उन्होंने
02:32नालंदा सीट पर आतिहासिक जीत दर्स की और तब से लेकर आज तक इस सीट पर उनका एक छत्र राज
02:38कायम है पर नितीश कुमार के स�
02:41पैसालार बन कर उभरे 1994 में समतापाटी का जब गठन हुआ तब श्रवन कुमार उनकी ने चुने लोगों में शामिल
02:48थे जिनोंने नितीश कुमार और जॉर्ज फांडनाडिस के साथ नई राज नितिक जमीन तयार कर ली साल 2005 में जब
02:55बिहार में सत्ता पईवर्तन हुआ औ
02:59मुख्या सचे तक बना दिया गया हलाकि मंत्री मंडल में शामिल होने के लिए उन्हें लंबा इंदजार करना पड़ा और
03:062014 में उन्हें पहली बार मंत्री पत की जिम्मदारी भी सौप दी गई उन्होंने ग्रामे इडविकास और संसद्यकारी जैस्से महत्वपून
03:14विवा
03:28अगे बढ़ाया अपने सपनों को उड़ान दी को काविले तारीफ है उनकी सादगी और जुजहरुपन कभी दूर नहीं हो सकता
03:36कभी भुलाया नहीं जा सकता और जब उन्हें विधायक दल के नेता जैसी बड़ी जिम्मदारी मिली तो ये उनके धहर्या
03:42उनकी निरंतरता क
03:44वो सम्मान है जिससे हर एक नेता को हर एक व्यक्ति को निजी तोर पर सीख लेनी चाहिए जाहिए जाहिर
03:51तोर पर अब इस सम्मान ने उन्हें बिहार की राजनीती में एक करदावर चहरा बना दिया और बिहार उन्हें हमेशा
03:58याद रखेगा एक सम्मान एक उच्छ पद के
04:02साथ बेराल अब श्रवन कुबार की इस ताज पोशी पर आपकी क्या राय है कॉमेंट वॉक्स आपके लिए है अपनी
04:08टपणी महां जिरूर दीजेगा मेरा नाम है मुकुंद आप बनी रहे वन इंडिया के साथ शुक्रिया
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