00:00कोचर सर के पास चलते हैं, कोचर सर एरान के बड़े सैन अधिकारी हैं, उन्होंने एक इंटर्व्यू में कहा है
00:04कि अगर अब सीजफायर के बाद भी युद्ध शुरू होता है और वो जारी रहता है तो इसकी ज्यादा सम्हावना
00:11है कि वो युद्ध विश्युद्ध में ब�
00:28वो बहुत इंपॉर्टिट है समझना चाइना और रश्या और तो कोई देश शामिल होने के लाइक नहीं है यहां और
00:37इसको मुझे इसको लगता नहीं को और कोई इसको एरान का दोस्त भी है तो जो आप इसको एरान इसको
00:46पॉपिलर कांट्री के वहीं उसके पास जाते थे
00:53जिस तरीके से एरान अपनी रिजीम को चलाता है और एक एक्सेज ओफ रिजिस्टेंस अपना रखता है यह स्टेटमेंट्स जो
01:03आती है ना जो इनके सीनर ओफसर दे रहें जो भी दे रहें यह एक वोई प्रॉपगेंडा वैल्यू में आप
01:10इसको एड कर सकते हैं कि में इस
01:22चैना जो लड़ सकता है और उसके पास ताकत है अब उसके पास एसे एकस्पेशनरी प्रॉर्स नहीं है चबिचिनी प्रॉइव
01:31आपको बहुत सारे aircraft carrier चाहिए होते हैं चाइना के पास मुश्किल से चाहर हैं तो चाइना तो अब इसको
01:41यूएस के पास गया रहा है तो इसको यूएस इसलिए फैला हुआ
01:48और चैना के अप्रेट करें लिए और यह स्काइब करें अप्रेट करसका है लोकिती और यूएस के पास पाकिस्तान का
02:11वाधरपोर्ट है तो पास नराओ करेंगा
02:14because अभी इसको पाकिस्तान फसा है इसको बुरी तरीके से इसको अमरिका के साथ
02:20क्या पाकिस्तान अलाउग करेगा कि दौदर से चाइना ऑपरेट करें
02:25तो यह चाइना के लिए मुश्किल है और यह इसको लूजली हम चाइना का नाम भी ले लेते हैं
02:37चाइना दूसरों की लड़ाई नहीं लड़ता है वो जो उसका प्रिंसिपल है महों से चला रहा है तो विन अ
02:44वार विदाउट फारिंग बुलिट और चाइना ऐसे ही करता है उसने लड़ाग में भी लड़ाई नहीं छेडी भारत के साथ
02:52और गल्वान के बाव जहुत तो इस
03:01सारी जो चीजें हैं जो यह बूट को सुन लेना चाहिए को यह जो बड़ाई नहीं है कोई बीडेश के
03:10साथ इस जिता बूट सब्राउं दो आप भूली जाओं बिकॉज यह जो भी जिकर कर रहे हैं यह बूट सब्रावन
03:17का जिकर कर बिकौज बिकॉज बिटियरल है तो मि
03:36सब तो चाहिना से आई हुए तबी तो यह लोग अपना बना पारें रश्या ने इनका जो शाहिद दो था
03:45136 उसको रश्या ने और भी बेतर बना के इनको दिया यह लड़ने के लिए
03:52और सुखोई भी दिया अब क्रेटन सहाब को ज्यादा पता हुए सुखोई भी आयों यहां पर और उनकी ट्रेनिंग भी
04:00आई थी हमने उसमें फोटोग्राफ भी देखिए थी पाइलेट साहिए रश्या पाइलोटी को ट्रेनिंग देने के लिए तो यह सारी
04:07चीजे तो हो रह
04:19यह एक है करने के लिए और काफी जो चैनल भी है जो शोर मचाते वर्ल्ड वार आ रहा है
04:26तो वह सब ना वह अपने के लिए करते हैं उनमें कोई ऐसी सचाही देगा बिल्कुल आदेवनासर के पास इसी
04:36सवाल को लेकर चलते हैं देवनासर इरान की ओर से ऐसा बयान दिया ग
04:49और अमेरिका जैसे ताकत और � देश के खिलाब लिकिन आपको चीन को लेकर क्या लग रहा है चीन और
04:55इरान तो बहुत ही अइक दूसरे से जुड़े हुए देश हैं पर विकास पर फोकस किया है आपको आने वाले
05:13निकड भविष में चीन कहीं पर उलज़ता हुआ नज़र
05:19जब जी, कम्मिनिस्ट पाटी ऑफ चाइना को शीजिंग पीक में बहुत ही क्लियर इंडिकेशन दिया है।
05:25पॉलिट बेरो जो है बहुत ही क्लियर है कि चीन का एकमात्र धे है तैवान, तैवान, तैवान.
05:34तैवान के अलवा चीन अपनी शक्ति, अब कहीं भी शीन्ड यानि कमजोर नहीं करना चाहता।
05:42उनकी जो टोटल नेशनल पावर है, युद लड़ने की शमता, आर्थिक शमता, एकमात्र शमता, ट्रेड, टेकनोलोजी, जो डिप्लोमेटिक पावर है,
05:54वो सिरफ तैवान पर केंद्रित रखनी है।
05:59ये उनके पॉलिट बिरो का डिरेक्टिव है, तो वो किसी भी तरह से उसको कहीं और जाया नहीं करेंगे।
06:06वेनेजुला में हमने देख लिया, चीन वेनेजुला से बहुत ज़्यादा कच्छाते लेता था, क्योंकि उभैपक्ष को बड़ा फाइदा था।
06:15लेकिन जैसे ही वेनेजुला पर अमरीका ने हमला किया, चीन चुपचाप वहाँ से निकल गया।
06:23जबकि उस दिन सुबह जिस दिन निकुला मादरवी को हाईजक किया गया, उसी दिन वहाँ पर चाइनीज डेलेगेशन घूम रहा
06:31था, वेनेजुला में, करकस में।
06:35तो चीन बहुत क्लियर है कि वहाँ अपने आर्थिक हित के लिए काम करता है, कुछ हद तक इमानदारी से
06:44अपने दोस्तों के साथ रहता है, लेकिन अगर दोस्ती का मतलब यह है कि अमरीका से युद करना है, तो
06:53चीन उस से थोड़ा दूर रहना चाहेगा।
06:56इरान के युद में चीन हर तरह से इरान के साथ है, मदद भी करता है, करता रहेगा, जैसे कि
07:03हमने 40 दिन के युद में देखा, कि थोड़ा सा इंडिलिएंस दे दिया, आर्थिक मदद दे रही, चीन ने दुनिया
07:11में एक राजनितिक और कुपनितिक माहौल बनाने की पुश
07:19दिखाई दिया, लेकिन इससे जदा चीन कुछ नहीं करेगा, चीन क्या युद करेगा, नहीं, चीन क्या अपने पी एले के
07:29आर्मी ने भी एर फोर्स को किसी भी तरह से दुनिया में और कहीं डेप्लॉई करके, दुनिया में और कहीं
07:36अमरीका को ठ्रेटन करेगा, जैसे कि �
07:39अभी कर सकता है कि तैवान पा दवाव डाल देंगे लिए चीन की सेना को लेकर भी सैनिकों को लेकर
07:48भी बहुत सारी बाते होती हैं जैसे अमेरिका को लेकर कहा जाता है कि वह अभ्यास था युद्ध लड़ने के
07:52चोटी-मूटी लडाईया इधर-उधर करते रहते हैं और पि
08:08जो यह बयान आते हैं यह बयान अगर आप किसी military officers से पुछेंगे तो जो professional military officers हैं
08:19वो आपको ऐसा कहेंगे कि
08:23अदुश्मन मेरे हाथ में नई चम्चमाती तल्वार है और दुश्मनके हाथ में एक जंग लगा हूँआ चकु है
08:32तो हाई हमें तो ट्रेन किया गया है? एरफोस में और आर्मी में कि दुश्मन के हाथ में हमें मेरी
08:40तलवार. नई नव ले लिए चमक रही है. दार दार। ए लेकिन दुश्मन के हाथ में तूट के रहना है.
08:51दुश्मन को कभी भी अंडर एस्टिमेट नहीं कर सकते हैं
08:56जो प्रोफिशनल आर्मीज हैं वो कभी भी दुश्मन को खम्जोर नहीं समझती है
09:01लेकिये युद तीन मुद्दाओं पर लड़ा जाता है
09:04जैसे जनरल कोचर मेरे साथ हैं
09:07एक जवानों का और यंग आफिसर्स का जज़बा
09:11भारत के पास कोई कमी नहीं है
09:14दूसरा है कि उनके पास लड़ने के लिए
09:19वेपन सिस्टम कैपिटल यानि जो हतियार के वेपन सिस्टम में क्या है
09:24टैंक कैसे हैं तोप कैसे हैं एर डिफेंस मिसाल कैसे हैं
09:28शिप्स कैसे हैं फाइटर विमान कैसी है
09:31लेकिन तीसरी चीज सबसे बड़ी होती है वेवब जी
09:35जो की शायद जनरल कोचर और मैं जानते हैं
09:39वो यह है कि बेहतरीन जज़बा हो
09:41बेहतरीन वेपन सिस्टम हो
09:44लेकिन अगर आपके टैंक के गोले बीस दिन के बाद खतम हो जाएं
09:49आपकी एर डिफेंस मिसाईल हैं दस दिन की लड़ाई के बाद खतम हो जाएं
09:53और आपकी स्ट्रेटेजिक मिसाईल साथ दिन के लड़ाई के बाद खतम हो जाएं
10:00तो आप युद्ध कैसे करेंगे ये समझना पड़ेगा जितने हमारे defense के strategists हैं कुछ जोशिले होते हैं जो की
10:11ये कहते हैं कि चीन की जो फौज है वो कच्ची फौज है लेकिन ये समझना पड़ेगा कि चीन को
10:19एक बहुत बड़ा advantage है आज अगर युद्ध हो जाए तो भारत म
10:23हमारी ordinance factories एक दिन में 1500 टैंक के गोले बना सकते हैं मैं आपको बताता हूँ वैवववव जी जब
10:31युद्ध चालू हो जाएगा ना ये कारगिल में जो हुआ तो लड़ाई नहीं थी अगर 1965 जैसा या 1971 जैसा
10:39युद्ध हो जाए तो 1500 गोले तो इंडियन आर्मी के टैंक महच
10:43तीन घंटे के युद्ध में राजस्तान, गुजरात, पंजाब, अरियाना और जेंड के में फायर कर देंगे हमारी ordinance factory अगर
10:51तीन शिफ्ट में काम करती है तो 1500 टैंक के गोले बना सकती है जो कि हमारी आर्मी महच तीन
11:00घंटे के युद्ध में फायर कर सकती है जबकि चाइन
11:05में उनका एक एडवांटेज है अगर उनके टैंक 1500 गोले तीन घंटे में फायर कर सकती है तो चाइनीज ओर्डनेस
11:13factory जो है वो उस दिन 5000 टैंक के गोले बना सकती है अब ये जो operational logistics aspect है
11:23कि intense जब फायरिंग युद्ध होता है तो उसमें कितना अमनिशन खास दोर से महनगा वाल
11:35operations खासों से वो वाले अमनिशन जो की imported होते हैं अब कहां से लाएंगे तो युद्ध भारती जवान और
11:44यंग officers भादूर है ठीक है लेकिन वो भादूर जिसे एक बहुत भादूर जावान है एक बहुत भादूर lieutenant है
11:51लेकिन तीन दिन की लड़ाई के बाद अगर आप उसको
12:05तीर दिन का स्टॉक है ओपन सोर्स है मैं बता देता हूं
Comments