00:00देश की सबसे बड़ी जाच एजेंसियों में से एक सीबी आई पर अक्सर आरोप लगते हैं कि वह सरकार के
00:05इंफ्लिएंस में आकर एक्शन लेते हैं।
00:07ये आरोप ज्यादातर विपक्षी तरफ से ही लगते हैं फिर चाहे वह किसी भी पार्ट ही का।
00:12ये आरोप आज से नहीं बलकि तब से लग रहे हैं जब से सीबी आई अपने अस्तितों में आई हैं।
00:17साथ ही अगर मामला राजने देखो तो ये आरोप और ज्यादा गहरे हो जाते हैं।
00:22उधारण के लिए हाले मामला पटना का है जहां पर रेप और मडर केस में भी सीबी आई का लापरवाही
00:28भरा रवईया देखने हुए जब वह इस केस में चार्ट शीट पेश करना कोर्ट में भूल गे।
00:34इसके अलावा पीडिता के कपड़ों से मिले सीमन का मिलान भी आरोपियों से कराना भी ज़रूरी नहीं समझाया फिर से
00:40भूल गे।
00:40आरोप फिर लगे कि सीबी आई किसी बड़े चहरे को बचाने की कोशिश कर रही है।
00:45लेकिन अब सीबी आई ही नहीं बलकि उन सभी एजेंसियों को दिमाग में ये बात जरूर रखनी चाहिए कि सक्ता
00:50आती जाती रहती है लेकिन इस देश की कोट परमनेंट।
00:54आप आज जो किसी के दबाओ या फिर किसी के प्रभाओ में कर रहे हैं तो हो सकता है कि
01:00कल के दिन कोट आपको इस मामले में सजा सुना दे।
01:04ऐसा एक मामला आया है दिल्ली की 30,000 कोट से जहां 26 साल बाद ऐसा फैसला दिया है जिससे
01:10मौझूदा वक्त के सभी CBI अधिकारी सक्ते में है और उन्हें इस सबक जरूर लेना चाहिए।
01:17दरसल इस मामले में कोट ने CBI के मौझूदा जोईन डिरेक्टर रमनीश गीर और दिल्ली पुलिस के रेटाइड ACP वी
01:25के पांडे जो की तब CBI में हुआ करते थे दौनों को एक IRS अधिकारी के घर पर रेड डालने
01:32और गिरफतारी के दोरान क्रिमिनल प्रेस पासिंग, मार
01:35पीट और बड सलूकी का दोशी ठेराया है। मामला क्या है वो भी जान लेते हैं। दरसल साल 2000 की
01:42बात है, अक्तुबर के महीने में ततकालीन IRS अधिकारी अशोक कुमार अगरवाल दौरा एक मामला दरुशकर आया गया। जिसमें उन्होंने
01:50आरोप लगाए कि 19 अक्टुबर
01:522000 को CBI और पुलिस की टीम ने पश्चिम विहार इस्तित उनके घर में जबरन घुसकर उनके साथ मार पीट
01:59की। मामला कोट पहुचा और केस में सुनवाई शुरू हुई। अगरवाल 1985 के IRS अधिकारी थे, वे अपने वकील शुभम
02:08असरी के साथ कोट में पेश हुए। इस �
02:10तोरान उन्होंने बताया कि वह 1999 में enforcement directorate यानि की ED के दिल्ली जोन में deputy director थे और
02:18कई high profile मामलों की जाश कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि फेरा उलंगन के मामले में जिस अभिशेक
02:25वर्मा की वो जाश कर रहे थे वह CBI से जाकर मिल गए। अब फेरा क्या है पहले उ
02:40कानून जिसको लिए कर वह जाश कर रहे थे। बकॉल अगरवाल अभिशेक वर्मा ने CBI अधिकारियों के साथ मिलकर उन्हें
02:47जूटे भरष्टा चार केस में फसादिया। इसके बाद मार्च 1999 में उनके घर पर चापे के बाद उनके खिलाफ आई
02:54से अधिक संपत्ती का केस
02:56दर्ज हुआ। इसके एक साल बाद उन्हें दिली से बाहर ट्रांसफर कर सस्पेंड कर दिया गया। लेकिन सितंबर 2000 में
03:03Central Administrative Tribunal यानि की CAT ने उनके ट्रांसफर पर रोक लगाया। इसके बावजूद CAT के आदेश के एक महीने
03:11से भी कम समय में ऐसा होता है कि एक सुबह करी
03:22है कि इस दोरान एजेंसी के अधिकारियों ने उनके गेट कीपर को पीटा और फिर उनके घर में एंट्री ली।
03:28इस दोरान उनके परिवार को एक कमरे में बंद कर दिया गया और उन्हें बेडरूम से जबरन घसीट कर बाहर
03:35निकाल लगा। जिससे उनके दाहिने हाथ में �
03:38चोटाई इस मामले में तारीखें चलती रही और अब फैसला आया है इस मामले में तीस हजारी कोट के जिडिश्यल
03:45मजिस्ट्रेट शशांक नंदन भट ने दोनों आदिकारियों को दो शीट ठेहराया है यानि की रमणीख, गीर और वीके पांटे इन
03:55दोनों को दो शीट ठ
03:59अठारा अप्रेल को सुनाए इस फैसले में कोट ने साफ कहा कि तलाशी और गिरफतारी के दोरान बिना किसी ठोस
04:07कारण के घर का दर्वाजा तोड़ना मिस्टीफ यानिकी शरारत पूर्ण नुकसान है और अपनी पावर का गलत इस्तमाल करते हुए
04:15किसी की संपत्ती में घु
04:19कोट ने यह भी कहा कि पूरी तलाशी और गिरफतारी की प्रक्रिया कानुन द्वारा दी गई शक्तियों का सीधा सीधा
04:26उलंगन थी और अधिकारी इसके लिए सीधे सीधे जिम्मेदार कोट ने यह भी माना कि 18 अक्टुवर 2000 तक सी
04:34एटी को जवाब देने के बजाए सी बी
04:48के लिए की गई थी कोट ने ये भी कहा कि आरोपियों ने यह थाबित नहीं किया कि घर में
05:06घुसना बेहत जरूरी था
05:08वहीं इंडियन एक्स्प्रेस से बात करते हुए अगरवाल के वकील शुभम असरी ने बताया कि अगरवाल को पहले ही आए
05:14से अधिक संपत्ति वाले केस और CBI के केस दोनों मेंबरी किया जा चुका है।
05:38और मेडल भी ले रहे हैं। खेर अब सभी को सब्सक्राइब का इंतिजार है और देखना होगा कि कोड क्या
05:45सजा देता है। आपके इस मामले में क्या रहा है हमें कॉमेंट में ज़रूर बताएं और देखते रहे हैं वन
05:49इंडिया तौनस्कार।
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