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नोएडा के सेक्टर 121 में हुए लेबर प्रोटेस्ट के दौरान हालात उस वक्त बिगड़ गए जब मजदूरों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें सामने आईं। इस ग्राउंड रिपोर्ट में हम आपको घटनास्थल से पूरी सच्चाई दिखाते हैं।

क्या मजदूरों और घरेलू मेड पर लाठीचार्ज किया गया? मौके पर मौजूद मजदूरों, युवकों और घरेलू कामगार महिलाओं ने कैमरे पर अपनी आपबीती साझा की। कई लोगों ने अपने शरीर पर लाठीचार्ज के निशान भी दिखाए और आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना चेतावनी के कार्रवाई की।

कुछ लोगों का दावा है कि वे प्रदर्शन में शामिल नहीं थे और काम पर जा रहे थे, इसके बावजूद उन्हें भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। वहीं, Cleo County के निवासियों की बात इन दावों से अलग नजर आती है।

इस रिपोर्ट में देखिए—आखिर सच्चाई क्या है? मजदूरों की मांग, कम वेतन और बढ़ती महंगाई के बीच उनकी लड़ाई, और पुलिस कार्रवाई पर उठते सवाल।

देखिए OneIndia Hindi की यह एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट।

Tensions escalated during the labour protest in Noida Sector 121, where clashes between workers and police were reported. In this ground report, we bring you the reality from the ground.

Were both labourers and domestic workers subjected to a lathi charge? Workers, youths, and domestic maids shared their accounts on camera, with some even showing visible injury marks and alleging police action without warning.

Some individuals claimed they were not part of the protest and were on their way to work, yet were affected by the police action. On the other hand, the version shared by Cleo County residents appears different.

Watch this exclusive ground report by OneIndia Hindi to understand the full story, including workers' demands, low wages, and rising cost of living.

#Noida #LabourProtest #GroundReport #Mazdoor #DomesticWorkers #NoidaNews #IndiaNews #LathiCharge #WorkersProtest #CleoCounty

~HT.410~PR.548~ED.520~GR.538~

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Transcript
00:00जो खोड़ के आ रहा था मेरे तो पर रोल ली रहेता है तो जब लाथी चली तो सब के
00:19पडि
00:25पर दिखाई नहीं दिखाई नहीं दिखाई दिखाई दुआ धुआ हो जाए हम पर नहीं हर्ताल कर रहे थे कि सुसाइटी
00:31में पैसे बढ़ाने चेटी अब इमा भी बात कर जा रहा हूं तो एक सज्जन मिले बोले आप लोग जो
00:38है तीसरी पैती पैती हिजार रुपय कमाते ह
00:50होली पे भी हम बहुत देते हैं कुछ नहीं देते हैं पूरी करो पूरी करो इससे पहले वीडियो में आपने
01:03देखा कि किस तरीके से लोगों ने बताया कि पत्रा हुआ पुलिस की लाड़ी की बात भी आई निकलके लेकि
01:09सवाल यह कि हुआ किस तरह से चोट लगी है
01:11यहां कुछ दूर है सर मैं इस्टामाट का होटल लेकर अब जैसे देखी जब लाठी पड़ी तो किसी के भी
01:17पड़ी यह देखिए लाठी यह मारी गई है यह बच्छी इसके हाथ में देखिए चोट लगी है
01:35जब लाठी चली तो सबके पड़ी एक बच्छी और थी मुझे बता रही थी कोई यह देखिए इसके गाल पे
01:45जो है लगा है और यह लाठी यह जंके पड़ी
01:53अब नहीं करा लिया भी नहीं करा लिया विद्ध कर लाठी नहीं पानी पिलाया बहुत चक्कर आये और उन्हों नहीं
02:14आई थी सुबा साथ वजय काम करने तो यह दो
02:21सब्सक्राइब करते हैं यह लोग मुझे पच्छी सो तीन जार ऐसे पैसे देते हैं और अगर इनके आप चुट्टी कर
02:29लो तो इनके दस फोन आते हैं हमारे पास दमकी देते हैं कि तुम लोग चुट्टी करोगे इतनी तो हम
02:36चीजा काम से निकाल देंगे गेट पर लगव
02:41हो ऐसे और भी महला हो जाती होंगी तो क्या नोकरी जब जब जब करते रहते हैं मजबूरी होती है
02:48करते रहते हैं तब भी नोकरी करते हैं और पुलिस बाले को
02:53चार जार रुपे का गैस है ठीक है छे हजार रुपे रूम का किराया है ठीक है हमारी इतनी आठ
02:59जार रुपे तो हम कहां से लाए फिर काम तो करना पड़ेगा न मजबूरी है और सब के बच्चे इतनी
03:04दूर है आपको अधर पंद्रावी सिर्ट लगते हैं इतरा पेटरा �
03:36इतने दूर है गोडाम आपको शाइड में ले जाके बेल्टों से मारे थी पुलिस वाले
04:05सब्सक्राइब करने वाला भी आपके लोग काम करते हैं मतलब ऐसा है कि
04:14आपके घर के लोग काम करते हैं आप सब मेड़ हो आप भी आगई थी उस समय हम भी आगई
04:22थी हम लोग काम करते हैं यह घर तक पहुंच गई पुलिस
04:32अप्मादी को मारे जाता वैसे हम लोगों को मारा किया थी घर और चेटार था रहें थे अप्टा नहीं का
04:54था तक्वाप दिखाई नहीं दे था
04:57आप लोग क्या इनके आंदोलन में सामिल हुई थी नहीं परसानी तो बता रही हो कि हमें कम सहली मिलती
05:06है हम बस बैठे हुए थे हमारे कोई किसी जगड़ा नहीं हुआ कुछ भी नहीं हुआ यह पूछना था पुलिस
05:12वालों को कि तुम यहां कैसे बैठे हो और वह क्यों बै�
05:25सब्सक्राइब करें रहा हुए तो एक सज्जन मिले बोले आप लोग जो है 35,000 रुपए कमाते हैं पांच हजार
05:44लेते हैं पांच हजार कमाते हैं होली बहुत देते हैं
05:58मांग क्या आएं आप लोगों की चुटे चाहिए बादमां की चाहिए और दिन
06:26करती हैं कि रहते हैं हम तो खाना बनाते हैं बनाने आदमियों में या या इसी कोगी यह यह लोग
06:40देते नहीं चार लोग है तो छहाजार शाथ जादा नहीं जाते हैं
06:48पूरा दिन के मतलब तीनों टाइम के आपकी मांग है अभी कितने मिल रहे हैं पूछना चाहिए था पूछना यह
07:02चाहिए था यहां पे लोग कैसे बैठे हो आये हैं तुरंत मानने लगे
07:14पूछना था तुम सब लोग यहां क्यों बैठे पूछना था पूछना था यहां सब लोग क्यों बैठे वह तो आये
07:34सुधा मानने लगे
07:37तो यह आप देखें और अधर कॉछछ लोग है आप लोग करते हैं यही पर कुछ और जाने के बाद
07:58में सारा बंद कर
08:03वह दिननियो दिलीवरी हाये तक अनुरु ऑन्हें नहीं चलाएं पहले पत्रहाँ हुआ कि पहले लाणे चलाए लाटी चाज की कोई
08:15वार्निंग नहीं धी डायेक।
08:23पिर उसके बाद हम लोगों के जो आप नहीं करते हैं कि अर्बन कंपनी में करते हैं तो इदर ही
08:29जा रहे जा रहे हैं तो इस तरह आप नहीं देखा इस तरह से भी बात कर रहे थे
08:41कि अर्वन कंपनी वाले के डिलीवरी करते हो जी इस्टामाटर में करता हूं कहां चोट लग गई तो आपने बताया
08:51नहीं में मजदूर नहीं में उन्हों
08:52कुछ ने बुजा से टंड़ा पर साथ यह मार्केट सब बंदो गया सारा अच्छा क्यास मिलनी रही है शारी चूले
09:07लगाए से कामियाभी नहीं मिल रही है क्योंकि कहां तक बंद बनाएगा और लगड़ी इतनी कोश्ट ले कोई लेक्वार रहे
09:14तो वैसे और यह सब बबाल क
09:17मार्केट काफी बंद है बंद यह इसी वज़े से है क्योंकि कल 65 में बहुत बड़ा अंगाम हुआ बहुत बड़ा
09:24अंगाम हुआ इस वज़े से पब्लिक डर रही है और यह बिना पूछे मारा है वे हिसाम मारा है तो
09:35यह हालात है अब हम देखने कोशिस करेंगे अगली वी
09:50परवार के लोग कैसे जीवन्यापन कर रहा है क्या सुब्दाइं है क्या नहीं है फिलाल इस वीडियो में इतना ही
09:54आप जो पूलिस की पूरी कारवाई है और इन्नों की जो जवाब है उन पर आपका क्या कहना आप कमेंट
10:00बॉक्स में बता सकते हैं कैमरा परसंट दीपक ब
10:15उन्हустить और इतना हैं किर दो ड्रीक इंवरा है और डपक पूलिस की जवार कि दीवदी दोते हैं कि एतना
10:16है खूलिस वीडियों आपका क्या है खूलिए।
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