00:08प्रती इसे को पत्थर मारना जिसे रमी अल्जमारत कहा जाता है एक बेहद महत्रपूर्ण पवित्र इस्लामी रसम है ये मेका
00:15के पास मीना शहर में निभाई जाती है इसमें हज यात्री तीन दिवारों के पहले खंबो पर कंकर मारते हैं
00:21जो शेटान का प्रतीक है ये रस्मा
00:23हसرت इबराहिम के बलिदान और अल्ला के प्रती अटूट निश्टा की याद में की जाती है
00:28जब अल्ला की हुकम पर वो अपने बेटे की कुर्बानी देने जा रहे थे
00:32तब शेतान ने उन्हें बहकाने की कोशिश की थी
00:34इबराहिम ने उसे पत्थर मार कर भगा दिया था
00:37यह रस्म बुराई के त्याग और विश्वास की जीत को दर्शाती है
00:40मेरा नाम है रिताना मित्तुल और आज में बताऊंगी आपको इस रस्म के बारे में
00:51इसलाम में हज यात्रा को जीवन के पांच संबों में से एक माना गया है
00:55और रमी अल्जमारत इस यात्रा का एक अनिवार्य हिस्सा है
00:59यह रस्म इद उल अहजा बकरीद से दिन शुरू होती है और अगले दो या तीन दिनों तक चलती है
01:04इस पूरी प्रक्विया को गहराई से समझने के लिए इसकी एतिहास भार्विक महत्व और आज के समय में इसकी अर्योजना
01:11कैसे करी जाती है उसको समझना जरूरी है
01:15एतिहासिक और धार्मिक प्रिष्ट भूमी के अरुसार ये प्रमपरा पेगामबर अबराहिम के जीवन से जुड़ी है
01:20माना जाता है कि अल्ला ने अबराहिम की परिक्षा लेने के लिए उनसे उनकी सबसे प्रियाचीज यानि उनकी बेटे हजरत
01:26इसमाईल की कुरबानी मांगी थी
01:28जब अबराहिम के आदेश को पूरा करने के लिए वजा रहे थे तो रास्ते में मीना के स्थन पर शेतान
01:33ने तीन अलग अलग जगाव पर उन्हें रोकने और अल्ला की आदेश की अवेल ना करने के लिए बहकाया
01:39उसने इबराहिम के मन में शंका पैदा करने ही कोशिश की कि कोई पिता अपने ही बेटेई करुबानी कैसे दे
01:44सकता है
01:45तब अल्ला के फृरिष्टे जबराहिम से कहा कि शैतान पर पत्थर फेक है
01:49इबराहिम ने जगा पर साथ साथ कंकर मार कर शैतान को दुटकार दिया और आगे बढ़ गए
01:54इबराहिम के इसी दृत संकल्प और अल्ला के प्रती उनकी अटूट शद्दा को याद करते हुए
02:00हर साल लाखो हज यातरी इस रस्म को धुराते हैं
02:03यह रस्म केवल एक शारी क्रिया नहीं है बलकि इसका बहुत गहरा अध्यात्मिक महत्व भी है
02:09पत्थर मारना इस बात का प्रतीक है कि इनसान अपने अंदर का लालच अहंकार और शैतानी प्रवतियों को दूर कर
02:15सकता है खुदी से
02:16यह रस्म यात्रियों को याद दिलाती है कि जीवन में जब भी बुराई या कोई गरत विचार उनके सही रस्ते
02:22से भटकाने की कोशिश करे तो उन्हें पूरी ताकत से उनका मुकाबला करना चाहिए
02:26आज के समय में भीड के प्रभंदन और सुरक्षा के लिए इस रस्म को बहुत व्यवस्तित रूप से दिया गया
02:33है
02:33साओधी अरब सरकार ने मीना में जमारत ब्रिज का निर्मान किया है जो एक बहु मनजला परीसर है
02:39पहले यहां केवल तीन कंबे हुआ करते थे लेकिन अब सुरक्षा कारणों से उनके जगा दिवारे बना दी गई है
02:45ताकि कंकड असानी से उपर लग सके और धुरकटनाओं की आशंका कम हो
02:50यात्री मीना के मैदान से छोटे-छोटे कंकड एक खटा करते हैं और ते नियमों के अनुसार उने निश्चित करम
02:56में दिवारों पर मारते हैं
02:57इस प्रकारी रस्म अनुशासन एक्ता और बुराई के खिलाफ सामूहिक संकल्प का एक बड़ा संदेश देती है
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