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Noida Labour Protest: 20000 सैलरी की मांग पर भड़की हिंसा, क्या मज़दूर अब पूरे शहर को ठप कर देंगे? नोएडा की सड़कों पर मज़दूरों का गुस्सा फूट पड़ा है और पुलिस के एक्शन के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।

The industrial hub of Noida is witnessing intense protests by laborers demanding a minimum monthly salary of ₹20,000. The situation escalated into violence, leading to the torching of several vehicles and the arrest of over 300 protesters. The UP Police have intensified security measures as laborers set a deadline for their 3 major demands. This video covers the ground reality of the Noida labor unrest and the Yogi government's response.

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~PR.250~HT.408~ED.106~GR.508~

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00:01लिए जो सरकार ने ऐलान किया है आप लोग की माँखे मानी लेकिं यहां पर कंपनी जाहँ बता रहा हूं
00:09कि उन माँखों को मानती नहीं है ना अभी आपको बुला करके बात करीब ही आपकी माँखे मान नहीं है
00:23अगर सरकार इलान पे रहती रहती है और यहाँ पर आपको धरातल पर नहीं नहीं किया है तो अगे क्या
00:31रहती है जब
00:34तक हम लोगा भी सजार नहीं होगा आट गंडे का तब तक हम लोग सुटी पे रहेंगे ऐसा
00:40ही रहे हैं लेकित इनका कोई अचार की तरफ से एलान होता है जमीन पर जो इस्तिती है यह लोग
01:03खड़े हुआ इनका कहना यह है कि जब तक वास्तम में नहीं होगा जो एलान हुआ है
01:09वो कमपनी यहाँ पर जरातल पर नहीं आएंगी तब तक विसान में लों को बढ़ाते रहेंगे मुकर्द
01:13बिल्कुल मैं आपके पीचे भी सेर कुछ करमचारी देख पा रहा हूँ वो भी अपने बात शायद रखना चाहते हैं
01:17कुछ कहना चाहते हैं इन से समझने कोशिश करते हैं
01:22बिल्कुल मैं कोशिश करता हूँ कुछ आप कहना चाहते हैं
01:25था साल भी नहीं ही जलतका आपकाम नहीं का रहे हैं
01:28सीदा देखिया दो तुटा है
01:32अफ़ाद लिए ज़ेता है
02:03कि तेरा जार के बीच और जिस तरह बता रहा है नोईडा जैसे सहर में जो यह रहते हैं बताते
02:10हैं पांस से शेजार के बीच में घर है इस साल उसका भी किराया पांस अब बारा है
02:16और यहां कि जो आटो से जो अगर कहीं रहते हैं वहां से आते हैं तो वह भी बड़ा है
02:23और सबसे बड़ी चीज जो हो गई है खाना जिसको चाहते तो यह बात यह भी मुकुम सुने बादी जो
02:41बता रहे हैं आपकी ओवर टाइम बाली बात भी इंसके कूशता हूं इनका कहना
02:55अगर हमाने के दाम बढ़ा चाय के दाम बढ़ा है कुल मिला के पहना जाने का बढ़ गए
03:02इक चीज यह आ रही है सरकार पिए कहा है कि ओवर टाइम दुगना कर देंगे तिंगल मिल रहा थी
03:10अब जो ऐलान किया आपको लगता अब तो मिलना थी
03:14अब मिलना चाहिए जरूर हमको दौर टाइम होना जाहिए आठ गंटे की कम से कम दिजार होना चाहिए तो क्या
03:26पचास रुपए इनकी सैलरी दिहारी के हिसाब से या उसमें कोई बढ़ातरी के साथ इने मिलता है
03:33और अगर छुट्टी वाले दिन भी अगर काम कर रहे हैं तो उसका क्या अतिरिक्त भुक्तान इने हो रहा है
03:38डवल ट्रुपल सेलरी की जो बात कही जा रही है अगर आपका वर्किंग डे नहीं है उस पर इनकी क्या
03:43राय है और उनके साथ क्या हो रहा है
03:47कि एग मनें तुनों यह जो ओवर टाइम में इसता है आप तो यह पचास रुपर किस रसाप से मिलता
03:54है पचास रुपर गंटा अच्छा अच्छा अच्छा अपको मिला पचास रुपर तो आपकी सहली कितनी है
04:16टुस्ती वाले किन काम करते है अच्छा अच्छा त्युक्त सुन्पा रहे हैं आपके हमको
04:36जी जी बिल्कुल शिविन जी ये इनकी बाते है सीधी सीधी बात ये कि भरातल पर नहीं है मुकुण बास्तिक
04:44बात है मान है सरकार की मांगा उम्मीद है कि आंदोनन के बाद ये आवास तो उठेगी उठी
04:51बिल्कुल शिविन जी के कुछ नेटवकेशन नज़र आ रहा है तो सीधी से आप कह सकते हैं वो दर्द मजदूरों
04:57का जलकता नज़र आ रहा है जहां सरकार ने एलान कर दिये मीडिया हेडलाइन्स में आ गया आपने कई सोचल
05:02मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर देख लिया हो�
05:16जो कि काईदे से अगर सैलरी के हिसाब सी भी है तो वो सौ रुपय होनी चाहिए इसके अतरिक छुट्टी
05:21को लेकर भी सरकार का एलान है कि हफते की एक छुट्टी होगी लेकिन अगर उस छुट्टी के दिन किसी
05:27विकारण वश कोई कंपनी कोई सुनस्थान उस करमचारी से
05:30काम चाहती है पहनताना उसको डबल देना पड़ेगा पर इस पर कितना काम होगा इस पर अभी भी शन्षय बना
05:36हुआ है जैसा कि शिव इंजिन ने फिल्ट से हम समझाया करमचारी भाईयों से जाननी की कोशिश की हमने कि
05:42उनके साथ आकर हूँ क्या रहा है और धरातल पिस्
05:59एक फैरिस्ट आती है उस फैरिस्ट के हिसाब से धरातल पे यानि की जब आप फैक्टरीज में जाएंगे ऑफिसे में
06:05जाएंगे तो इस्थिती बिल्कुल उलट है परे है हाँ शिव इनका जो बात ही वही बात है कि इनका जो
06:13ओवर टाइम है वो इनकी सेल्डी के साथ से कर
06:15कि चीज़ें के जाता है उससाफ फीक घंटे का लिया जाता है लेकिन कई चीजह है लेड़ इतना ही नहीरिंत
06:22कहना यह जो लगातार जो 2,5 लगशा विश भेस भीशान यहां जाता है है अगर यह और तरुट
06:37करना चाहते हैं हमारा किसी को डवल नहीं दिया जाता है तिखाते डवल उनको सिंगल दिया जाता है
06:46जो गाली देते गलोज देते हमारे परकुरों के साथ किया जा रहा है इस गवर्मेंट में कोई सुने को तैयार
06:52नहीं है
06:53आप多ा सुर्कार सुनति है ना उद्रोखपति सुनते हैं कोई सुने को तैया लिए है बात्या करता कागजों नहीं के ना
07:04Teber Marina कागज में धाध के लगा जाते है
07:23कि निकाल देगे बाहर निए अगर कोई बोलेगा उसे निकाल देगे तो लिए किसी की कंपणी में डबल दिखाएंगे जबर
07:35करों सिंगल देते हैं
07:36सेंद्री 11000 आज कितनी महंगाई होती जा रही है आज सेलंडर के से बात करते हैं हमारी केस एक जार
07:44रुपए का आसा है
07:46करने के लिए आते हैं और उपनि रुप करने के लिए आते हैं तो वह पे डवल दिका दीए जाता
07:55है delivered.
07:56पहले से बर्करों को यह को बहिए जाता है, किसका कोई inhibitता ना हमसे over time नहीं किया जाता है
08:02करवाया जाता है, हम लोगों को डर से बुलना पढ़ता है
08:05तो हम लुग काम कर पाते हैं नहीं को company सा मुगहों नीकाल लिया जाता है
08:22बिल्कुल बिल्कुल शिवेज जी इनकड़ कात्त है
08:52जैसा है बता रहा है और जब यह लोग अलग अलग हैं की बुठी बंद नहीं है जब अलग अलग
08:57है तो इन्हें तुरण तुमाह से इंको बाहर निकाला जाता है गेट पास बनाए जाता है इप चलिए उठिये जाई
09:03गेट पर इसको निकाल दीजिए अगर कोई बोलता है आ�
09:21कहा जागा वो तो वो डर नौकरी जाने का डर तुरण एक दम कोई कोई नोटिस नहीं कोई नहीं कोई
09:29समय नहीं वो जो तरीका है शिकायत पेटी को लिकर भी मैं चाहूंगा शिविन जी आप एक सवाल ले ले
09:34हमारे करमचारियों से सरकार ने जो फैसला किया है कि शिकायत �
09:39पेटी भी निवारे होनी चाहिए जब हम फैक्टरीज की बात करते हैं तो बहुत जादा उम्मीद नहीं करते हैं जड़ा
09:44पता लगाई इन लोग से भी कि आख शिकायत पेटी का कोई प्रावधान है पेटी है भी या नहीं और
09:48अगर शिकायत उसमें आप डालते हैं किसी व
10:13प्रावधान है कि जो भी चीजें आप अगरों पर पूरा पूरा किया जाता है शिकायत पेटी है आप शिकायत कर
10:35सकते हो
10:36लेकिन जो शिकायत सुनने वाला है जब वो आएगा तो ये बता रहे हैं कि बहुत सिकायत पेटी वाली शिकायत
10:42उस तक नहीं पहुशती बात नमबर एक और जो बोलना चाहते तो अलग अलग चुकी इनके कौन कच्ची दुनिया है
10:48दुनिया बहुत कच्ची है कि अभी गय
10:51तो अभी जिन्दगी विकार सुड़क पे आना मतलब हालात ये बच्चे बच्चे लेके का तुरंच जाए तो उस समय का
10:57डराज ये लोग एकत रुए मुट्टी बंदी हिम्मत कर ली अब ये फिर जब ये अंदोलन खटम होगा आज ताजा
11:04हो गया लेकिन वो काग्जों प
11:20हमारे साथ जुड़ गए हैं क्योंकि हमारे करमचारी साथियों ने बहुत अच्छी और अंदर की बात रखी किशव जी इनका
11:28कहना है कि सरकार के जो नियम आते हैं जैसा कि दोगुना पे करना ओवर टाइम के लिए छुट्टी वाले
11:34दिन अगर कोई करमचारी आता है तो उ
11:49हम तो लगातार वही काम कर रहे हैं जो सरकार की योजना है जो सरकार ने एक फैरिस्त बनाई है
11:53कि यह यह रहत मिलने वाली है उसमें डवल पे करना हो या फिर बस की सुविदा हो या दूसरी
11:59कोई भी खाने पीने की सुविदा कंपनी के अंदर तो सर्फ जिन लोगों से आ�
12:17है उनका पना पकच है दूसरी तरफ फैक्तारी लिरी मालिक का प्रबंधन का अपना पक्ष है बोनों अपनी अपनी जगह
12:26सही साउंट करते हैं जहां तक कि की बात है गूई
12:30है कोई भी मैनॉफ एक तर ने हो हो उसके जो'll करता है ॉ
12:41वैँश लेम
12:43मिलनी चाहिए वहाँ पर शिकायल को सारे के सारे कंप्लैंस कि जा रहा है
12:53करीब मैं जिस राफ्तिय से आज आ रहा था वहाँ पर करीब मुझे लगता है कि
13:03और मुझे दो के अंदर जाने का भी मौका मिला मैंने उन लोगों ने प्रबंधन का कहना है कि जो
13:11सरकार के द्वारा इसने भी नियम बनाए गए हैं सारे नियमों का पालन किया जा रहा है
13:18उन्हीं कंपनी कहीं भी डिफॉल्टर नहीं है रही बात सेलरी बरहाने की मांग को ले करके तो सेलरी समय समय
13:25पर रिवाइज जाता है इस बार भी जब सेलरी का रिवीजन होगा तो उसको फॉलो किया जाएगा तो उसके प्रबंधन
13:32का ये भी कहना है कि ये सारे बवाल की द
13:46रहा है है ने मजदूरों की काम कर रहे हैं वह बड़ी हुई की डिमंड कर रहे हैं प्रेक्री मालिकों
14:08के अनुसार यह सारे मामले की
14:11जड़ है कि बात पर जो और श्रर्क सामने में आपको
14:29लगाया गया है इस ग्रेड में काम करने वाले वेक्टिय मीच्ट होती है
14:40सब कुछ लिख रखा है सामने क्या आपको यह सारी चीजे नहीं मिलती है उसके मुताबिक उन्हें सुविधा और वेतन
15:03नहीं मिलता है
15:04तो यह जो विसंगती है अब जो एक कोई सक्षम ऑथुरीटी हो जो कॉंपिटेंट ऑथुरीटी हो सरकार को इस पर
15:12ध्यान देना चाहिए और एक कॉंपिटेंट ऑथुरीटी से पूरे मामले की जाच करवानी चाहिए अभी भी आप सुन रहे थे
15:20इसी लाइब में हमारे साथ
15:23कि स्वेंद्र जी है वो जिन मजदूरों के साथ हैं वो कह रहे हैं कि फैक्टरी दो तरह के डॉकुमेंट्स
15:28बनाये रखती है एक और्डिक के परपस से कॉंप्लेंस को फॉलो करते हुए दूसरे डॉकुमेंट्स होते हैं जिस पर रियल
15:34ट्रांजक्शन होता है अब आंतरि
15:50अगर आना जाना चाहते है तो यह बहुत ही मुश्की रहे हैं एक जोड़ दूसमें फिर आप मैं चाहूँ पूरा
15:59जवाब देजिए फिर शिवन जी के पास चड़ेंगे
16:01सर्फ मांगू को लेकर हमने शिवन जी से भी यही सवाल किया था कि कई मांगे ऐसी हैं जिसमें लगभग
16:07देखा जा रहा है कि पूरी हो गए उसमें डवल पे की बात है उसमें बात महिलाओं की सुरक्षा को
16:12लेकर है शिकायत बीटी वाली बात हो चुट्टी वाली बात हो �
16:15लेकिन अब और कौन सी मांगे ऐसी बची है जिनको लेकर ये प्रदेशन कहीं कहीं हमें नजर आ रहा है
16:20कई प्रैफिक भी इस चक्कर में हमें बाधित कई जगहों पर दिखाई दे रहा है या फिर सिर्फ यहां पर
16:26भी वही समस्या है कि कागजों में जारी हो गया है धरातल
16:30पर कब लागू होगा जब तक लागू नहीं होगा हटेंगे नहीं बिल्कुल मुकुल यही यही असल बात है आप अभी
16:37जो कह रहे हैं दरसल मांगे मानली है किसने मांगे मांली है मांगे सरकार ने मांली है कि उन्हें ओवर
16:44टाइम भी मिलेगा मैं जिन फैक्टरी पे गया �
16:46तारिकुर्ट्यूर्ड भर्कुर्स ने बताया कि पिछले महीने के पहली तारिक से याने की मार्च एक से फ्याक्ट्री में सटर्डे को
16:56जो मद कर दिया है जो बंद कर दिया
17:12है कि हर एक को अपने कर्म कर्मचारियों को दस महीने की दस भी तारिक तक सेलरी देना ज़रूरी हो
17:18जाएगा ओवर टाइम का डबल पैसा देना होगा बोनस दें उनके काते में आएंगे महिलाओं की शिकायतों के लिए पॉस्ट
17:27कमीटी बनाई जाए यह सरकार ने सारी मांगे
17:30माली अब सवाल है कि यह जो प्रदर्शन कर रहे हैं यह जो प्रोटेस्ट कर रहे हैं यह सरकार के
17:36खिलाप प्रोटेस्ट नहीं कर रहे हैं यह फैक्टरी मालिकों के खिलाप फैक्टरी प्रवंधन के खिलाप मैनेजमेंट के खिलाप यह प्रोटेस्ट
17:43कर रहे हैं अब क्या
17:44management ने उनकी ये सारे grievances को मान ली है
17:47तो मैंने जिन factory के management से बात की है
17:50उन्होंने कहा वो तो पहले ही सही सारे
17:52compliance को follow कर रहे हैं
17:54ये factory के सामने में था मैं नाम नहीं लेगा
17:57चाहूंदा उसके प्रबंदर ने बताया
17:58कि उनके यहां पहले से ही
18:00post committee है, सरकार जो
18:02बनाती है, उत्रप्रदेश की सरकार
18:05उसको follow करते हैं
18:07हाँ, श्चनिवार और रविवार की काम को
18:09लेकर के उन्होंने बताया
18:11कि
18:13अभी demand कम है
18:14उनके पाई काम कम है
18:17जो geopolitical situation
18:19बना है, उसकी वज़ा से
18:21यहां पर export का काम होता है, हम लोग जानते हैं
18:23तो बाहर माल आने जाने में अभी
18:25अस्विधा हो रही है, तो इसलिए उनके पास
18:27काम कम है, अब उनके पास
18:29दो option थे, या तो वो
18:31अपने करमचारियों की
18:33छटनी करें, या सब को
18:35इसी तरह से, किसी ने
18:37किसी तरह से employ रखें, उन्होंने
18:39कहा, कि अगर हम शनिवार
18:41रविवार को काम बंद करते हैं, फैट्री
18:43बंद करते हैं, तो इसने
18:45जो हमारे overhead cost हैं, वो
18:47बचते हैं, other overhead cost, जैसे
18:50कि बिजली, पानी, ये
18:51internet infrastructure का जो cost है, वो
18:54बच जाता है, जो
18:56पैसे employee को
18:57salary देने में काम आता है, तो
19:00battery management का कहना ये है, कि
19:02इस वज़े से उन्होंने शनिवार को
19:04काम बंद किया है, लेकिन जब दूसरी
19:06तरफ देखते हैं, तो मजदूर की
19:08जो एक महीने में कुछ
19:09अतरिक्त कमाई आ जाती थी,
19:12इन मुश्किलों में
19:14उनकी वो कमाई भी बंद हो गई है,
19:16तो इसलिए उनका प्रतिरोध चल रहा है,
19:19शिविन जी, आपके पास लॉटना चाहूंगा,
19:20यह जो gap है, वो कैसे gap
19:23manage होगा, यहाँ पर
19:25सरकार की भूमिका बहुत अहम हो जाती है,
19:27और खासकर नोईडा जैसी
19:28इस्थिती, जैसा कि
19:30मैंने देखा है, बहुत ही कठिन,
19:33इस्थिती है, मैं खुद
19:344 सारे 4 घंटे तक उसमें फंसा रहा,
19:36आप लोगों से contact करने की
19:38भी मैं कोशिश कर रहा था, लेकिन
19:39jammer लगे हुए थे, जगे जगे, फोन भी नहीं हो रहा था,
19:42message नहीं जा रहे थे,
19:43पुलिस की गाड़ी को गिरा दिया गया है,
19:46लास्ट में पुलिस भी आई थी,
19:47लेकिन यह, जिस योगी
19:49model की बात करते हैं, मुकुंद,
19:51मैं out of the way जाकर यहां पर कहता हूँ,
19:544 सारे 4 घंटे तक,
19:56नोईडा की सड़गों पर
19:57प्रशासन नाम की कोई चीज,
19:59एटलिस्ट मुझे नहीं दिखी थी,
20:12बलकुल, बलकुल,
20:13लेकिन उनको देखने वाला,
20:15रास्ता खाली कराने वाला,
20:16कोई नहीं था, मजदूर अपनी मांग पर वाजिब है,
20:19लेकिन मजदूरों को भी,
20:20इस बात का ध्यान रखना चाहिए,
20:22कि जो आवशक सुधाएं हैं,
20:23एम्बूलेंस हैं, बीमार आदमी हैं,
20:25जरूरत मंद हैं, उनके रास्ते में येसे अवरोध पैदा ना करें,
20:30खैर वो अपनी डिमांड मनमाने के लिए ब्लैक मेल तो करेंगे ही,
20:33लेकिन सरकार नाम की चीज,
20:34मैं जब 4-5 घंटे तक नोईडा की सरकू पर था,
20:38मुझे कहीं नहीं देखी,
20:39एक जगह देखी,
20:40जहाँ पर पुलीस की गारी को प्रदर्शन कारियों ने पलट दिया था,
20:54बल्कुल मतलब मजदूरों से ये पूरा प्रिशाशन धबराया रज़राया था,
21:07क्या उमीद कर सकते हैं कि शाम होते होते ये प्रदर्शन शायद अब चड़ जाएगा या फिर अभी और दिल्ली
21:13वाले इस ट्राफिक में फस्ते नज़राएंगे, परिशान रहेंगे,
21:17मुकुन्द ये समस्या पिछले 2-3 दिनों से चल रही है,
21:20मैंने फेक्टरी प्रबंधन से पूछा कि आप कर्मचारियों में ऐसा घरोसा क्यूं नहीं भाल करते हैं, उनसे बात क्यूं नहीं
21:26करते हैं,
21:26तो उनका कहना थे कि हम लगाता हैं, उनसे समवाज करने के कोशिश कर रहे हैं, वो अपनी मांगों पर
21:31डटे हुए हैं,
21:32हेक्टरी मालिक का कहना है, अगर उत्तर प्रदेश की सरकार कोट अनकोट उत्तर प्रदेश की सरकार सेलरी डिवाइज कर देती
21:40हैं, तो वो रिवाइज करने के पयार हैं, वो रिवाइज करेंगी, अब यह बॉल सरकार के खाते में डाल दी
21:46गई है, दूसरी बात मजदूरो
21:48का जो कहना है salary revision होता है साल में दूबार पिछले साल भी इस साल
21:53भी salary revise हुआ है लेकिन मजदूरों का कहना है कि दिवाली के मौके पर उनकी salary
21:58revision हुई जिसमें उनकी बढ़ोतरी औस्तन एक रुपे थी इसी तरह होली में
22:05भी जो salary revision हुआ, उसमें भी उसत बढ़ोतरी एक रुपे थी, तो ये तो मखौल उराना हो गया, किसी
22:13की आर्थिक अवस्था का, किसी की रोजगार का मखौल उराना हो गया, कि आप एक रुपे की बढ़ोतरी कर रहे
22:19हैं, सांकेतिक बढ़ोतरी का कुल मुल्य है कि या इस दे�
22:34कर रहे हैं, तो शिविन जी, आप से एक नया सवाल, और मैं चाहूंगा, जो करमचारी आपके आई रिद्गिर्द हैं,
22:39वो भी इस पर अपनी बात रखनी कोशिश करें, बोनस को लेकर, बोनस सुनते ही, आँखों में चमक आती है,
22:44वो करमचारी हो, मज़ूर हो, किसी भी व
23:03बताई है तबी, जो सरकार के नियमों के तहट, बोनस की भी बात होती है, बनाएं, क्या बोनस मिला आपको
23:12या मिलेगा या क्या है, बोनस मिलता ही नहीं है, बोनस मिलेगा ही नहीं है, उससे पहले ही आपको निकाल
23:18देंगे, किस से बात की जाए, एच आड़ वाले जी एम, �
23:21कि अपर रख से खाने नहीं पर नहीं करते हैं यह जो पहले निकाल देंगे बोन उसका संगा ने सुन्टें
23:25ज़िए दो चार में 10 15 दर पड़े निकाल रहने निए पर निया बन इस पर देंगे
23:33subscribe to one India and never miss an update
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