00:01लिए जो सरकार ने ऐलान किया है आप लोग की माँखे मानी लेकिं यहां पर कंपनी जाहँ बता रहा हूं
00:09कि उन माँखों को मानती नहीं है ना अभी आपको बुला करके बात करीब ही आपकी माँखे मान नहीं है
00:23अगर सरकार इलान पे रहती रहती है और यहाँ पर आपको धरातल पर नहीं नहीं किया है तो अगे क्या
00:31रहती है जब
00:34तक हम लोगा भी सजार नहीं होगा आट गंडे का तब तक हम लोग सुटी पे रहेंगे ऐसा
00:40ही रहे हैं लेकित इनका कोई अचार की तरफ से एलान होता है जमीन पर जो इस्तिती है यह लोग
01:03खड़े हुआ इनका कहना यह है कि जब तक वास्तम में नहीं होगा जो एलान हुआ है
01:09वो कमपनी यहाँ पर जरातल पर नहीं आएंगी तब तक विसान में लों को बढ़ाते रहेंगे मुकर्द
01:13बिल्कुल मैं आपके पीचे भी सेर कुछ करमचारी देख पा रहा हूँ वो भी अपने बात शायद रखना चाहते हैं
01:17कुछ कहना चाहते हैं इन से समझने कोशिश करते हैं
01:22बिल्कुल मैं कोशिश करता हूँ कुछ आप कहना चाहते हैं
01:25था साल भी नहीं ही जलतका आपकाम नहीं का रहे हैं
01:28सीदा देखिया दो तुटा है
01:32अफ़ाद लिए ज़ेता है
02:03कि तेरा जार के बीच और जिस तरह बता रहा है नोईडा जैसे सहर में जो यह रहते हैं बताते
02:10हैं पांस से शेजार के बीच में घर है इस साल उसका भी किराया पांस अब बारा है
02:16और यहां कि जो आटो से जो अगर कहीं रहते हैं वहां से आते हैं तो वह भी बड़ा है
02:23और सबसे बड़ी चीज जो हो गई है खाना जिसको चाहते तो यह बात यह भी मुकुम सुने बादी जो
02:41बता रहे हैं आपकी ओवर टाइम बाली बात भी इंसके कूशता हूं इनका कहना
02:55अगर हमाने के दाम बढ़ा चाय के दाम बढ़ा है कुल मिला के पहना जाने का बढ़ गए
03:02इक चीज यह आ रही है सरकार पिए कहा है कि ओवर टाइम दुगना कर देंगे तिंगल मिल रहा थी
03:10अब जो ऐलान किया आपको लगता अब तो मिलना थी
03:14अब मिलना चाहिए जरूर हमको दौर टाइम होना जाहिए आठ गंटे की कम से कम दिजार होना चाहिए तो क्या
03:26पचास रुपए इनकी सैलरी दिहारी के हिसाब से या उसमें कोई बढ़ातरी के साथ इने मिलता है
03:33और अगर छुट्टी वाले दिन भी अगर काम कर रहे हैं तो उसका क्या अतिरिक्त भुक्तान इने हो रहा है
03:38डवल ट्रुपल सेलरी की जो बात कही जा रही है अगर आपका वर्किंग डे नहीं है उस पर इनकी क्या
03:43राय है और उनके साथ क्या हो रहा है
03:47कि एग मनें तुनों यह जो ओवर टाइम में इसता है आप तो यह पचास रुपर किस रसाप से मिलता
03:54है पचास रुपर गंटा अच्छा अच्छा अच्छा अपको मिला पचास रुपर तो आपकी सहली कितनी है
04:16टुस्ती वाले किन काम करते है अच्छा अच्छा त्युक्त सुन्पा रहे हैं आपके हमको
04:36जी जी बिल्कुल शिविन जी ये इनकी बाते है सीधी सीधी बात ये कि भरातल पर नहीं है मुकुण बास्तिक
04:44बात है मान है सरकार की मांगा उम्मीद है कि आंदोनन के बाद ये आवास तो उठेगी उठी
04:51बिल्कुल शिविन जी के कुछ नेटवकेशन नज़र आ रहा है तो सीधी से आप कह सकते हैं वो दर्द मजदूरों
04:57का जलकता नज़र आ रहा है जहां सरकार ने एलान कर दिये मीडिया हेडलाइन्स में आ गया आपने कई सोचल
05:02मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर देख लिया हो�
05:16जो कि काईदे से अगर सैलरी के हिसाब सी भी है तो वो सौ रुपय होनी चाहिए इसके अतरिक छुट्टी
05:21को लेकर भी सरकार का एलान है कि हफते की एक छुट्टी होगी लेकिन अगर उस छुट्टी के दिन किसी
05:27विकारण वश कोई कंपनी कोई सुनस्थान उस करमचारी से
05:30काम चाहती है पहनताना उसको डबल देना पड़ेगा पर इस पर कितना काम होगा इस पर अभी भी शन्षय बना
05:36हुआ है जैसा कि शिव इंजिन ने फिल्ट से हम समझाया करमचारी भाईयों से जाननी की कोशिश की हमने कि
05:42उनके साथ आकर हूँ क्या रहा है और धरातल पिस्
05:59एक फैरिस्ट आती है उस फैरिस्ट के हिसाब से धरातल पे यानि की जब आप फैक्टरीज में जाएंगे ऑफिसे में
06:05जाएंगे तो इस्थिती बिल्कुल उलट है परे है हाँ शिव इनका जो बात ही वही बात है कि इनका जो
06:13ओवर टाइम है वो इनकी सेल्डी के साथ से कर
06:15कि चीज़ें के जाता है उससाफ फीक घंटे का लिया जाता है लेकिन कई चीजह है लेड़ इतना ही नहीरिंत
06:22कहना यह जो लगातार जो 2,5 लगशा विश भेस भीशान यहां जाता है है अगर यह और तरुट
06:37करना चाहते हैं हमारा किसी को डवल नहीं दिया जाता है तिखाते डवल उनको सिंगल दिया जाता है
06:46जो गाली देते गलोज देते हमारे परकुरों के साथ किया जा रहा है इस गवर्मेंट में कोई सुने को तैयार
06:52नहीं है
06:53आप多ा सुर्कार सुनति है ना उद्रोखपति सुनते हैं कोई सुने को तैया लिए है बात्या करता कागजों नहीं के ना
07:04Teber Marina कागज में धाध के लगा जाते है
07:23कि निकाल देगे बाहर निए अगर कोई बोलेगा उसे निकाल देगे तो लिए किसी की कंपणी में डबल दिखाएंगे जबर
07:35करों सिंगल देते हैं
07:36सेंद्री 11000 आज कितनी महंगाई होती जा रही है आज सेलंडर के से बात करते हैं हमारी केस एक जार
07:44रुपए का आसा है
07:46करने के लिए आते हैं और उपनि रुप करने के लिए आते हैं तो वह पे डवल दिका दीए जाता
07:55है delivered.
07:56पहले से बर्करों को यह को बहिए जाता है, किसका कोई inhibitता ना हमसे over time नहीं किया जाता है
08:02करवाया जाता है, हम लोगों को डर से बुलना पढ़ता है
08:05तो हम लुग काम कर पाते हैं नहीं को company सा मुगहों नीकाल लिया जाता है
08:22बिल्कुल बिल्कुल शिवेज जी इनकड़ कात्त है
08:52जैसा है बता रहा है और जब यह लोग अलग अलग हैं की बुठी बंद नहीं है जब अलग अलग
08:57है तो इन्हें तुरण तुमाह से इंको बाहर निकाला जाता है गेट पास बनाए जाता है इप चलिए उठिये जाई
09:03गेट पर इसको निकाल दीजिए अगर कोई बोलता है आ�
09:21कहा जागा वो तो वो डर नौकरी जाने का डर तुरण एक दम कोई कोई नोटिस नहीं कोई नहीं कोई
09:29समय नहीं वो जो तरीका है शिकायत पेटी को लिकर भी मैं चाहूंगा शिविन जी आप एक सवाल ले ले
09:34हमारे करमचारियों से सरकार ने जो फैसला किया है कि शिकायत �
09:39पेटी भी निवारे होनी चाहिए जब हम फैक्टरीज की बात करते हैं तो बहुत जादा उम्मीद नहीं करते हैं जड़ा
09:44पता लगाई इन लोग से भी कि आख शिकायत पेटी का कोई प्रावधान है पेटी है भी या नहीं और
09:48अगर शिकायत उसमें आप डालते हैं किसी व
10:13प्रावधान है कि जो भी चीजें आप अगरों पर पूरा पूरा किया जाता है शिकायत पेटी है आप शिकायत कर
10:35सकते हो
10:36लेकिन जो शिकायत सुनने वाला है जब वो आएगा तो ये बता रहे हैं कि बहुत सिकायत पेटी वाली शिकायत
10:42उस तक नहीं पहुशती बात नमबर एक और जो बोलना चाहते तो अलग अलग चुकी इनके कौन कच्ची दुनिया है
10:48दुनिया बहुत कच्ची है कि अभी गय
10:51तो अभी जिन्दगी विकार सुड़क पे आना मतलब हालात ये बच्चे बच्चे लेके का तुरंच जाए तो उस समय का
10:57डराज ये लोग एकत रुए मुट्टी बंदी हिम्मत कर ली अब ये फिर जब ये अंदोलन खटम होगा आज ताजा
11:04हो गया लेकिन वो काग्जों प
11:20हमारे साथ जुड़ गए हैं क्योंकि हमारे करमचारी साथियों ने बहुत अच्छी और अंदर की बात रखी किशव जी इनका
11:28कहना है कि सरकार के जो नियम आते हैं जैसा कि दोगुना पे करना ओवर टाइम के लिए छुट्टी वाले
11:34दिन अगर कोई करमचारी आता है तो उ
11:49हम तो लगातार वही काम कर रहे हैं जो सरकार की योजना है जो सरकार ने एक फैरिस्त बनाई है
11:53कि यह यह रहत मिलने वाली है उसमें डवल पे करना हो या फिर बस की सुविदा हो या दूसरी
11:59कोई भी खाने पीने की सुविदा कंपनी के अंदर तो सर्फ जिन लोगों से आ�
12:17है उनका पना पकच है दूसरी तरफ फैक्तारी लिरी मालिक का प्रबंधन का अपना पक्ष है बोनों अपनी अपनी जगह
12:26सही साउंट करते हैं जहां तक कि की बात है गूई
12:30है कोई भी मैनॉफ एक तर ने हो हो उसके जो'll करता है ॉ
12:41वैँश लेम
12:43मिलनी चाहिए वहाँ पर शिकायल को सारे के सारे कंप्लैंस कि जा रहा है
12:53करीब मैं जिस राफ्तिय से आज आ रहा था वहाँ पर करीब मुझे लगता है कि
13:03और मुझे दो के अंदर जाने का भी मौका मिला मैंने उन लोगों ने प्रबंधन का कहना है कि जो
13:11सरकार के द्वारा इसने भी नियम बनाए गए हैं सारे नियमों का पालन किया जा रहा है
13:18उन्हीं कंपनी कहीं भी डिफॉल्टर नहीं है रही बात सेलरी बरहाने की मांग को ले करके तो सेलरी समय समय
13:25पर रिवाइज जाता है इस बार भी जब सेलरी का रिवीजन होगा तो उसको फॉलो किया जाएगा तो उसके प्रबंधन
13:32का ये भी कहना है कि ये सारे बवाल की द
13:46रहा है है ने मजदूरों की काम कर रहे हैं वह बड़ी हुई की डिमंड कर रहे हैं प्रेक्री मालिकों
14:08के अनुसार यह सारे मामले की
14:11जड़ है कि बात पर जो और श्रर्क सामने में आपको
14:29लगाया गया है इस ग्रेड में काम करने वाले वेक्टिय मीच्ट होती है
14:40सब कुछ लिख रखा है सामने क्या आपको यह सारी चीजे नहीं मिलती है उसके मुताबिक उन्हें सुविधा और वेतन
15:03नहीं मिलता है
15:04तो यह जो विसंगती है अब जो एक कोई सक्षम ऑथुरीटी हो जो कॉंपिटेंट ऑथुरीटी हो सरकार को इस पर
15:12ध्यान देना चाहिए और एक कॉंपिटेंट ऑथुरीटी से पूरे मामले की जाच करवानी चाहिए अभी भी आप सुन रहे थे
15:20इसी लाइब में हमारे साथ
15:23कि स्वेंद्र जी है वो जिन मजदूरों के साथ हैं वो कह रहे हैं कि फैक्टरी दो तरह के डॉकुमेंट्स
15:28बनाये रखती है एक और्डिक के परपस से कॉंप्लेंस को फॉलो करते हुए दूसरे डॉकुमेंट्स होते हैं जिस पर रियल
15:34ट्रांजक्शन होता है अब आंतरि
15:50अगर आना जाना चाहते है तो यह बहुत ही मुश्की रहे हैं एक जोड़ दूसमें फिर आप मैं चाहूँ पूरा
15:59जवाब देजिए फिर शिवन जी के पास चड़ेंगे
16:01सर्फ मांगू को लेकर हमने शिवन जी से भी यही सवाल किया था कि कई मांगे ऐसी हैं जिसमें लगभग
16:07देखा जा रहा है कि पूरी हो गए उसमें डवल पे की बात है उसमें बात महिलाओं की सुरक्षा को
16:12लेकर है शिकायत बीटी वाली बात हो चुट्टी वाली बात हो �
16:15लेकिन अब और कौन सी मांगे ऐसी बची है जिनको लेकर ये प्रदेशन कहीं कहीं हमें नजर आ रहा है
16:20कई प्रैफिक भी इस चक्कर में हमें बाधित कई जगहों पर दिखाई दे रहा है या फिर सिर्फ यहां पर
16:26भी वही समस्या है कि कागजों में जारी हो गया है धरातल
16:30पर कब लागू होगा जब तक लागू नहीं होगा हटेंगे नहीं बिल्कुल मुकुल यही यही असल बात है आप अभी
16:37जो कह रहे हैं दरसल मांगे मानली है किसने मांगे मांली है मांगे सरकार ने मांली है कि उन्हें ओवर
16:44टाइम भी मिलेगा मैं जिन फैक्टरी पे गया �
16:46तारिकुर्ट्यूर्ड भर्कुर्स ने बताया कि पिछले महीने के पहली तारिक से याने की मार्च एक से फ्याक्ट्री में सटर्डे को
16:56जो मद कर दिया है जो बंद कर दिया
17:12है कि हर एक को अपने कर्म कर्मचारियों को दस महीने की दस भी तारिक तक सेलरी देना ज़रूरी हो
17:18जाएगा ओवर टाइम का डबल पैसा देना होगा बोनस दें उनके काते में आएंगे महिलाओं की शिकायतों के लिए पॉस्ट
17:27कमीटी बनाई जाए यह सरकार ने सारी मांगे
17:30माली अब सवाल है कि यह जो प्रदर्शन कर रहे हैं यह जो प्रोटेस्ट कर रहे हैं यह सरकार के
17:36खिलाप प्रोटेस्ट नहीं कर रहे हैं यह फैक्टरी मालिकों के खिलाप फैक्टरी प्रवंधन के खिलाप मैनेजमेंट के खिलाप यह प्रोटेस्ट
17:43कर रहे हैं अब क्या
17:44management ने उनकी ये सारे grievances को मान ली है
17:47तो मैंने जिन factory के management से बात की है
17:50उन्होंने कहा वो तो पहले ही सही सारे
17:52compliance को follow कर रहे हैं
17:54ये factory के सामने में था मैं नाम नहीं लेगा
17:57चाहूंदा उसके प्रबंदर ने बताया
17:58कि उनके यहां पहले से ही
18:00post committee है, सरकार जो
18:02बनाती है, उत्रप्रदेश की सरकार
18:05उसको follow करते हैं
18:07हाँ, श्चनिवार और रविवार की काम को
18:09लेकर के उन्होंने बताया
18:11कि
18:13अभी demand कम है
18:14उनके पाई काम कम है
18:17जो geopolitical situation
18:19बना है, उसकी वज़ा से
18:21यहां पर export का काम होता है, हम लोग जानते हैं
18:23तो बाहर माल आने जाने में अभी
18:25अस्विधा हो रही है, तो इसलिए उनके पास
18:27काम कम है, अब उनके पास
18:29दो option थे, या तो वो
18:31अपने करमचारियों की
18:33छटनी करें, या सब को
18:35इसी तरह से, किसी ने
18:37किसी तरह से employ रखें, उन्होंने
18:39कहा, कि अगर हम शनिवार
18:41रविवार को काम बंद करते हैं, फैट्री
18:43बंद करते हैं, तो इसने
18:45जो हमारे overhead cost हैं, वो
18:47बचते हैं, other overhead cost, जैसे
18:50कि बिजली, पानी, ये
18:51internet infrastructure का जो cost है, वो
18:54बच जाता है, जो
18:56पैसे employee को
18:57salary देने में काम आता है, तो
19:00battery management का कहना ये है, कि
19:02इस वज़े से उन्होंने शनिवार को
19:04काम बंद किया है, लेकिन जब दूसरी
19:06तरफ देखते हैं, तो मजदूर की
19:08जो एक महीने में कुछ
19:09अतरिक्त कमाई आ जाती थी,
19:12इन मुश्किलों में
19:14उनकी वो कमाई भी बंद हो गई है,
19:16तो इसलिए उनका प्रतिरोध चल रहा है,
19:19शिविन जी, आपके पास लॉटना चाहूंगा,
19:20यह जो gap है, वो कैसे gap
19:23manage होगा, यहाँ पर
19:25सरकार की भूमिका बहुत अहम हो जाती है,
19:27और खासकर नोईडा जैसी
19:28इस्थिती, जैसा कि
19:30मैंने देखा है, बहुत ही कठिन,
19:33इस्थिती है, मैं खुद
19:344 सारे 4 घंटे तक उसमें फंसा रहा,
19:36आप लोगों से contact करने की
19:38भी मैं कोशिश कर रहा था, लेकिन
19:39jammer लगे हुए थे, जगे जगे, फोन भी नहीं हो रहा था,
19:42message नहीं जा रहे थे,
19:43पुलिस की गाड़ी को गिरा दिया गया है,
19:46लास्ट में पुलिस भी आई थी,
19:47लेकिन यह, जिस योगी
19:49model की बात करते हैं, मुकुंद,
19:51मैं out of the way जाकर यहां पर कहता हूँ,
19:544 सारे 4 घंटे तक,
19:56नोईडा की सड़गों पर
19:57प्रशासन नाम की कोई चीज,
19:59एटलिस्ट मुझे नहीं दिखी थी,
20:12बलकुल, बलकुल,
20:13लेकिन उनको देखने वाला,
20:15रास्ता खाली कराने वाला,
20:16कोई नहीं था, मजदूर अपनी मांग पर वाजिब है,
20:19लेकिन मजदूरों को भी,
20:20इस बात का ध्यान रखना चाहिए,
20:22कि जो आवशक सुधाएं हैं,
20:23एम्बूलेंस हैं, बीमार आदमी हैं,
20:25जरूरत मंद हैं, उनके रास्ते में येसे अवरोध पैदा ना करें,
20:30खैर वो अपनी डिमांड मनमाने के लिए ब्लैक मेल तो करेंगे ही,
20:33लेकिन सरकार नाम की चीज,
20:34मैं जब 4-5 घंटे तक नोईडा की सरकू पर था,
20:38मुझे कहीं नहीं देखी,
20:39एक जगह देखी,
20:40जहाँ पर पुलीस की गारी को प्रदर्शन कारियों ने पलट दिया था,
20:54बल्कुल मतलब मजदूरों से ये पूरा प्रिशाशन धबराया रज़राया था,
21:07क्या उमीद कर सकते हैं कि शाम होते होते ये प्रदर्शन शायद अब चड़ जाएगा या फिर अभी और दिल्ली
21:13वाले इस ट्राफिक में फस्ते नज़राएंगे, परिशान रहेंगे,
21:17मुकुन्द ये समस्या पिछले 2-3 दिनों से चल रही है,
21:20मैंने फेक्टरी प्रबंधन से पूछा कि आप कर्मचारियों में ऐसा घरोसा क्यूं नहीं भाल करते हैं, उनसे बात क्यूं नहीं
21:26करते हैं,
21:26तो उनका कहना थे कि हम लगाता हैं, उनसे समवाज करने के कोशिश कर रहे हैं, वो अपनी मांगों पर
21:31डटे हुए हैं,
21:32हेक्टरी मालिक का कहना है, अगर उत्तर प्रदेश की सरकार कोट अनकोट उत्तर प्रदेश की सरकार सेलरी डिवाइज कर देती
21:40हैं, तो वो रिवाइज करने के पयार हैं, वो रिवाइज करेंगी, अब यह बॉल सरकार के खाते में डाल दी
21:46गई है, दूसरी बात मजदूरो
21:48का जो कहना है salary revision होता है साल में दूबार पिछले साल भी इस साल
21:53भी salary revise हुआ है लेकिन मजदूरों का कहना है कि दिवाली के मौके पर उनकी salary
21:58revision हुई जिसमें उनकी बढ़ोतरी औस्तन एक रुपे थी इसी तरह होली में
22:05भी जो salary revision हुआ, उसमें भी उसत बढ़ोतरी एक रुपे थी, तो ये तो मखौल उराना हो गया, किसी
22:13की आर्थिक अवस्था का, किसी की रोजगार का मखौल उराना हो गया, कि आप एक रुपे की बढ़ोतरी कर रहे
22:19हैं, सांकेतिक बढ़ोतरी का कुल मुल्य है कि या इस दे�
22:34कर रहे हैं, तो शिविन जी, आप से एक नया सवाल, और मैं चाहूंगा, जो करमचारी आपके आई रिद्गिर्द हैं,
22:39वो भी इस पर अपनी बात रखनी कोशिश करें, बोनस को लेकर, बोनस सुनते ही, आँखों में चमक आती है,
22:44वो करमचारी हो, मज़ूर हो, किसी भी व
23:03बताई है तबी, जो सरकार के नियमों के तहट, बोनस की भी बात होती है, बनाएं, क्या बोनस मिला आपको
23:12या मिलेगा या क्या है, बोनस मिलता ही नहीं है, बोनस मिलेगा ही नहीं है, उससे पहले ही आपको निकाल
23:18देंगे, किस से बात की जाए, एच आड़ वाले जी एम, �
23:21कि अपर रख से खाने नहीं पर नहीं करते हैं यह जो पहले निकाल देंगे बोन उसका संगा ने सुन्टें
23:25ज़िए दो चार में 10 15 दर पड़े निकाल रहने निए पर निया बन इस पर देंगे
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