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Voter List Row: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को क्यों ठहराया वैध, विपक्ष क्यों हुआ हैरान? देश की सबसे बड़ी अदालत ने चुनाव आयोग के अधिकारों को लेकर एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला सुनाया है जिसने भारतीय राजनीति में भूचाल ला दिया है।


In a landmark judgment, the Supreme Court of India has upheld the constitutional validity of the Election Commission's Special Intensive Revision (SIR) process for voter lists.


#Supreme Court #ElectionCommission #VoterListVerdict #CJISuryakant

~HT.178~ED.514~ED.104~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:00माने सुप्रीम कोट ने कहा है कि जो 11 दस्तावेज कहे गए थे वो बिलकुट ठीक है और एलक्सन कमीशन
00:07ने जो प्रक्षिया अपनाई है वो भी बिलकुट ठीक है
00:09ये SIR जो किया गया वो भी बिलकुट ठीक है
00:11देश की सबसे बड़ी अदालत और चुनाव आयोग के अधिकारों पर आया एक ऐसा फैसला जिसने देश की राजनीती को
00:19फिर गर्मा दिया है
00:20सुप्रीम कोट ने मद्दाता सूची के विशेश गहन पुनरीक्षन यानि SIR को पूरी तरह वैध ठहराते हुए चुनाव आयोग को
00:28बड़ी रहत दे दी है
00:29अधालत ने साफ कहा है कि चुनाव आयोग के पास मद्दाता सूची की जाँच और विशेश पुनरीक्षन करने का सम्विधाने
00:36कधिकार है और इसे गएर कानूनी नहीं कहा जा सकता
00:39दरसल ये मामला उस SIR प्रक्रिया से जुड़ा था जिसके तहट चुनाव आयोग मद्दाता सूची की गहन जाँच करता है
00:46इसका उद्देश्य फर्जी, डुप्लिकेट और आयोग ये नामों को हटाना और पात्र मद्दाताओं को सूची में शामिल करना होता है
00:54इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोट में कई याचिकाएं दायर की गई थी
00:59याचिका करताओं का आरूप था कि चुनाव आयोग अपनी सीमाओं से बाहर जाकर काम कर रहा है और इससे मद्दाताओं
01:05के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं
01:07लेकिन सुनवाई के दोरान सुप्रीम कोट ने चुनाव आयोग के अधिकारों को बरकरार रखा
01:12चीफ चस्टिस सूर्यकांथ ने कहा कि सभी पक्षों की दलीले, रिकॉर्ड और घटना क्रम का अधिन करने के बाद अधालत
01:19इस निशकर्ष पर पहुँची है कि SIR प्रक्रिया कानून और संविधान के दाइरे में है
01:24सुनवाई के दौरान CGI सूर्यकांथ ने तीन एहम सवाल उठाए
01:28पहला, क्या चुनाव आयोग के पास SIR करने का अधिकार है?
01:32दूसरा, क्या ये प्रक्रिया किसी वैद उद्देश्य पर आधारित है?
01:36और तीसरा, क्या चुनाव आयोग ने ये प्रक्रिया रेप्रेजेंटेशन और पीपल आक्ट 1950 के खिलाफ जाकर अपनाई है?
01:42इन सवालों पर विचार करने के बाद, अधालत ने कहा कि चुनाव आयोग की कारवाई वैद है
01:48सुप्रीम कोर्ट ने सपष्ट किया कि कानून खुद चुनाव आयोग को विशेश परिस्थितियों में मद्दाता सूची का विशेश पुनरीक्षन करने
01:55की अनुमती देता है
01:56इसलिए इस प्रक्रिया को केवल इसलिए वैद नहीं कहा जा सकता कि ये सामान्य संशूधन प्रक्रिया से अलग है
02:02कोट ने ये भी कहा कि SIR प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहट चुनाव आयोग
02:11को मिले अधिकारों के भी तराती है
02:12अदालत के मुताबिक चुनाव आयोग ने अपनी वैधानिक सीमाओं का उलंखन नहीं किया है
02:17सुप्रीम कोट ने चुनाव आयोग की कारेप्रणाली को भी सही ठहराया और कहा कि ये प्रक्रिया एक वैध संविधाने कुद्देश
02:24पर आधारित थी और इसमें निश्पक्ष प्रक्रिया अपनाई गई
02:27लेकिन इस फैसले के बाद राजनीती भी तेज हो गई
02:31कॉंग्रिस समेत कई विपक्षी दलों ने कहा कि उन्हें अदालत के फैसले का संबान है
02:35लेकिन SIR प्रक्रिया का इस्तिमान राजनीतिक तरीके से नहीं होना चाहिए
02:40विपक्ष का आरोप है कि कई राजों में मद्दाताओं के नाम हटाने को लेकर पहले भी शिकायते सामने आ चुकी
02:46है
02:46कुछ क्षेत्रिय दलों ने भी चिंता जताई कि अगर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही
03:05और फरजी वोटिंग रोपने के लिए SIR जरूरी प्रक्रिया है
03:08फिलहाल सुप्रीम कोट के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि चुनाव आयोग को मद्दाता सूची की जाच और
03:14विशेश पुनरीक्षन का पूरा अधिकार है
03:17लेकिन राजनीतिक पहस अभी थम्ती नजर नहीं आ रही
03:28डाउनलोड थे वन इंडिया अपनाव
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