00:00माने सुप्रीम कोट ने कहा है कि जो 11 दस्तावेज कहे गए थे वो बिलकुट ठीक है और एलक्सन कमीशन
00:07ने जो प्रक्षिया अपनाई है वो भी बिलकुट ठीक है
00:09ये SIR जो किया गया वो भी बिलकुट ठीक है
00:11देश की सबसे बड़ी अदालत और चुनाव आयोग के अधिकारों पर आया एक ऐसा फैसला जिसने देश की राजनीती को
00:19फिर गर्मा दिया है
00:20सुप्रीम कोट ने मद्दाता सूची के विशेश गहन पुनरीक्षन यानि SIR को पूरी तरह वैध ठहराते हुए चुनाव आयोग को
00:28बड़ी रहत दे दी है
00:29अधालत ने साफ कहा है कि चुनाव आयोग के पास मद्दाता सूची की जाँच और विशेश पुनरीक्षन करने का सम्विधाने
00:36कधिकार है और इसे गएर कानूनी नहीं कहा जा सकता
00:39दरसल ये मामला उस SIR प्रक्रिया से जुड़ा था जिसके तहट चुनाव आयोग मद्दाता सूची की गहन जाँच करता है
00:46इसका उद्देश्य फर्जी, डुप्लिकेट और आयोग ये नामों को हटाना और पात्र मद्दाताओं को सूची में शामिल करना होता है
00:54इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोट में कई याचिकाएं दायर की गई थी
00:59याचिका करताओं का आरूप था कि चुनाव आयोग अपनी सीमाओं से बाहर जाकर काम कर रहा है और इससे मद्दाताओं
01:05के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं
01:07लेकिन सुनवाई के दोरान सुप्रीम कोट ने चुनाव आयोग के अधिकारों को बरकरार रखा
01:12चीफ चस्टिस सूर्यकांथ ने कहा कि सभी पक्षों की दलीले, रिकॉर्ड और घटना क्रम का अधिन करने के बाद अधालत
01:19इस निशकर्ष पर पहुँची है कि SIR प्रक्रिया कानून और संविधान के दाइरे में है
01:24सुनवाई के दौरान CGI सूर्यकांथ ने तीन एहम सवाल उठाए
01:28पहला, क्या चुनाव आयोग के पास SIR करने का अधिकार है?
01:32दूसरा, क्या ये प्रक्रिया किसी वैद उद्देश्य पर आधारित है?
01:36और तीसरा, क्या चुनाव आयोग ने ये प्रक्रिया रेप्रेजेंटेशन और पीपल आक्ट 1950 के खिलाफ जाकर अपनाई है?
01:42इन सवालों पर विचार करने के बाद, अधालत ने कहा कि चुनाव आयोग की कारवाई वैद है
01:48सुप्रीम कोर्ट ने सपष्ट किया कि कानून खुद चुनाव आयोग को विशेश परिस्थितियों में मद्दाता सूची का विशेश पुनरीक्षन करने
01:55की अनुमती देता है
01:56इसलिए इस प्रक्रिया को केवल इसलिए वैद नहीं कहा जा सकता कि ये सामान्य संशूधन प्रक्रिया से अलग है
02:02कोट ने ये भी कहा कि SIR प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहट चुनाव आयोग
02:11को मिले अधिकारों के भी तराती है
02:12अदालत के मुताबिक चुनाव आयोग ने अपनी वैधानिक सीमाओं का उलंखन नहीं किया है
02:17सुप्रीम कोट ने चुनाव आयोग की कारेप्रणाली को भी सही ठहराया और कहा कि ये प्रक्रिया एक वैध संविधाने कुद्देश
02:24पर आधारित थी और इसमें निश्पक्ष प्रक्रिया अपनाई गई
02:27लेकिन इस फैसले के बाद राजनीती भी तेज हो गई
02:31कॉंग्रिस समेत कई विपक्षी दलों ने कहा कि उन्हें अदालत के फैसले का संबान है
02:35लेकिन SIR प्रक्रिया का इस्तिमान राजनीतिक तरीके से नहीं होना चाहिए
02:40विपक्ष का आरोप है कि कई राजों में मद्दाताओं के नाम हटाने को लेकर पहले भी शिकायते सामने आ चुकी
02:46है
02:46कुछ क्षेत्रिय दलों ने भी चिंता जताई कि अगर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही
03:05और फरजी वोटिंग रोपने के लिए SIR जरूरी प्रक्रिया है
03:08फिलहाल सुप्रीम कोट के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि चुनाव आयोग को मद्दाता सूची की जाच और
03:14विशेश पुनरीक्षन का पूरा अधिकार है
03:17लेकिन राजनीतिक पहस अभी थम्ती नजर नहीं आ रही
03:28डाउनलोड थे वन इंडिया अपनाव
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