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नोएडा के सेक्टर 121 में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए, जहां पथराव और लाठीचार्ज की घटनाएं सामने आईं। इस ग्राउंड रिपोर्ट में हम आपको मौके की पूरी सच्चाई दिखाते हैं।

क्या इस प्रदर्शन में घरेलू मेड भी शामिल थीं? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने Cleo County के निवासियों से बात की। उन्होंने उस दिन क्या देखा और क्या दावा किया—यह जानना बेहद जरूरी है।

साथ ही मजदूरों की मांग, कम वेतन और महंगाई के बीच उनके संघर्ष की कहानी भी इस रिपोर्ट में शामिल है। क्या 12-13 हजार रुपये में गुजारा संभव है? आखिर क्यों भड़का यह प्रदर्शन?

देखिए OneIndia Hindi की यह एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट, जहां हर पक्ष की आवाज आपके सामने रखी गई है।

#Noida #LabourProtest #GroundReport #CleoCounty #Mazdoor

Tensions escalated during a labour protest in Noida Sector 121, where incidents of stone pelting and police lathi charge were reported. In this ground report, we bring you the complete reality from the spot.

Were domestic maids also part of the protest? To verify this, we spoke to residents of Cleo County, who shared what they witnessed and their perspective on the incident.

The video also highlights workers’ demands, low wages, and the struggle to survive amid rising costs. Is it really possible to live on ₹12–13K per month?

Watch this exclusive ground report by OneIndia Hindi for a balanced and on-ground perspective.

#Noida #LabourProtest #GroundReport #Workers #CleoCounty

#Noida #LabourProtest #GroundReport #CleoCounty #Workers #Mazdoor #NoidaNews #IndiaNews #LathiCharge #StonePelting

~HT.178~PR.548~GR.538~ED.520~

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00:00कुछ 10 यार रूपे तंखा मिलती है, सपोस करो, और उसमें से अगर वो 3 यार रूपे गैस के सिलिंडर
00:05में बरवाने देगा, तो 7 यार रूपे कैसे काम कर देगा, इसलिए ये प्रोटेस्ट जो आदमी का गुस्सा था, वो
00:14इस रूप में लिकला, अब सब्सक्र बड़ी समस
00:29कर दो कांश कूटे हैं, तावर के उसके बाद पुलिस आ गई, पुलिस ने वह पत्रा वो जो लाठी चार्ज
00:39वार्ज करी, पुलिस की पर भी लाठी पत्रा पत्रा पत्रा प्री ये इस सब्सक्राइटी में अगर एक मेट काम कर
00:45रही है, तित्तिस पैंशिस वजदे से या �
00:46आप मेना कमा रही है, चार घरवाँ से मिला के जो एक पढ़े लेकर ग्रेजूट को भी नहीं मिला है,
00:52तो उसके एचार से किसी की बात होई, तो बोला कि गौवर्मेंट टेक्स कम कर दे, तो हम सेली बढ़ा
00:58दें, गौवर्मेंट के सेली का क्या लेना देना, वह टेक्स ग�
01:13खड़ा हूँ क्लियो कॉंटी पर यह क्यों लगी है अभी इस साइड में भी देखेंगे आप तो वही इस्तिती है
01:30और हालात यह है कि यहां पर सुबह पत्थराव भी हुआ है
01:35तो देखना होना पत्फराव कहा हूँ क्या हुआ है कै अंदर तक पत्थर गए थे अच्छा-च्राव यहां देखेंगे यह
01:46भी फिलाल गेट बंध है इंट्री
01:47किससे तरफ से है तो यहां पर जो तो रटक यहां क्यों पथर नहीं कि एप अदर की था है।
01:58लगवक सौ से अधिक आदमी थे यहां पर जो पत्रबाजी सों स्थेорт आप दो करने लिट anti
02:06यह कि हमारे पैसा भाट बें पथा गया थी हां पुलिस आ गये था हो।
02:14तो पफर पनो प्पर हम क्या प्च्थर पर प्रूस तहते प्षिकह के दाएं पस्क्राइब से फटगा रही थे पहले हटा
02:37रहे
02:39पत्थर फेगने लगे तो देखेंगे और लोगों से भी बात करेंगे अगर कोई यहां पर यह तो खर गार्ड है
02:50इस्थानिय कोई व्यक्ति अगर मिलता है तो बात करते हैं यहां से काउंटी का गेट अभी बंद है तो लोगों
02:58से अगर वहां से निकलते हैं तो लोग बात कर
03:03काम करते हैंgeben कि इस पर आएजा कहां काम करते हैं पॅलॉप आज़ा बच्छांति 2 लंबाइख stratum
03:15भानों देखो एक विक्ति और मिले है यह नाम जाए लगोरी क्रेषिया करियो इंक Dopod
03:27यहां पर सुभेरे से आदमी जुटा हुआ था तो हम तो नहीं देखे थे कूँ आदमी यहां पर था तो
03:37पतल उठल हम नहीं देखे अंदर हम चले गए थे
03:46पतल लगा तो मैं की यहां पत्तर फेखे हुआ हम अंदर से देख रहे थे तो किडेर थे पत्तर फेखने
03:54वाली लोग पत्थल इधर से पत्तल बेग रहा था तो जो पुलीस वाले था उस एक उपर फेख रहा था
04:05पुलिस ने भगा दिया उन्हें क्या अंदर तो पत्थर नहीं किया अंदर नहीं किया अज़से आप तो काफी आपने शी
04:16से वे से भी तूटे बता रहें तो अरे कुछ नहीं सुभे साड़े साथ पहने आड़ वे की बात होगी
04:22यहां कुछ चार पांच लेडी ती जो इस सोस
04:35फ्लेड तो लगबग हर सुसाइटी में हर फ्लेड में दो-दो मेड्स तो आती आती हैं तो शुबह साड़े साथ
04:42से लेके आट वजे साड़े आट तक मैक्सिमम ले मेर्स आती हो डाइचो तीन सो मेड्स थी हैं तो उनको
04:49वो लोग जाने नहीं दे रहे थे अच्छ जो लो�
05:05थे एक्टरियां हम द्रम ब्लाज द्रम भी सब्सक्राइब को जाने निए उनको प्रोटेस्ट किया वह चाने लेना आपको
05:35हुआ क्या नहीं हुआ तो आप जैसे अब मैं ही घुम रहा था तो वह वह रहा है देखें तो
05:39यहीं सवाग है तो पुलिस पुलिस भी आगई तो यह लोग बिचारे भी थे सब नहीं अच्छा से किसी को
05:46अंदर नहीं जाने देते ना फिर तो फिर यहीं हला गुला होता रहा �
05:50फिर पुलिस आगई पुलिस ने यहां से बखा दिया वो गड़ी चौकंडी गली नंबर दो में चले गए फिर महां
05:56से कुछ और लोग आके खटा हो के पर पत्रा पत्रा पनने लगे पुलिस पर सोसाइटी पर भी फैंके हैं
06:02दो अंदर फैंके दो कांस तूटे हैं सोसाइ�
06:34पर लोग जैसे यह सब हो रहा है इसमें जो यह कुछ लोग मजदूरों का जो आंदूलह ने उसको खराब
06:43भी कर रहा है इस तरह से मांगे तो आपको भी ठीक लगती है क्या
06:52अब इसके लगती मजदूरों कि इस तरह से ग्यारा बारा हिया नोटा जैसी जगह पे वह अगर मांग कर रहा
07:00है थोड़ी सहली बढ़ाने की सरकार ने भी कहा है कि जो कोशल है अर्द कोशल है उनकी थोड़ी-थोड़ी
07:06बढ़ाई यह तीन तीन अजास सेथीस परसेंट क्य
07:08अब इसके लगता है इनकी आंदोलन जाइज मांगों के लिए भी होता है कभी नाजाइज के लिए भी यह कैसाद
07:18लगा आपको इसमें जो सबसे बड़ी मुझे जो मेरी अपनी ऑपीनियान है यह कुछ भी नहीं होता अगर यो गैस
07:26की जो असली जो परिशानी जो मेरी समझ
07:29है जो गैस की समस्या जो उनको रही किलो खरीद नी पड़ी अभी क्या होता था कि आपको पांच किलो
07:39का सिलेंडर 200 रुपे में भर गया अब उसको 10 रुपे तंखा मिलती है सपोर्ज करो और उसमें से अगर
07:46वो
07:46किन रुपे गैस के सिलेंडर में वर्वाने में में देगा तो साथ यार मों कैसे काम चला उनकी मांग तो
07:53जाइज थी या नहीं थी वो अपने अपने लेविल की बात है है ना लेकिन अब इसलिए ये प्रोटेस्ट जो
08:02आदमी का गुस्सा था वो इस रूप में निकला इक अ�
08:16मैड सामिल कोई नहीं ही यह तो सब कहने की बात हैं संकर मेड और प्रिस्ति होती है
08:44और किती सिल्ली आप मैक्सिमम दे सकते हो आप अपनी को जो सिल्ली मिलती है आपको जैसे एक लाग रुपे
08:51आप क्या तो बेड़ भी है सब इखटी थे उनका क्या राय थी किसी कि उनकी मेड़ों की कोई राय
08:57नहीं थी पैसे बहुत ठीक लगता को उनका जीवन सहली कैसी और �
09:00सब जीवन सहली अब इस सोसाइटी में अगर एक मेड काम कर रही है तितिस पैंटिस वजदिस रुप मेहना कमा
09:06रही है तो अब आप इसको क्या कहो गए और होली दिवाली तो मिलता ही मिलता है उसके अलावा रूटीन
09:23में जो आपके घर में बनता है आती है वह चाही भी पी
09:28मिलते यह व कंडू से कम इतने जो च couch महीने में एक का नमपर आएगा उन्हें कोई समस्या के
09:45नामन पर
10:00एंसने भी पैसे वढंडी आट हो सफर कनी अब जैसे चाइ है उसकी विचैनि की जैसे यह
10:14भी आधा
10:29तो उसके एचार से किसी की बात हुई तो बोला कि गॉवर्मेंट टेक्स कम कर दे तो हम सेल्ली बढ़ा
10:36दें तो मैंनो उसको लिखता भी मैंनी कि गॉवर्मेंट के टेक्स से
10:40सेल्ली का क्या लेना देना टेक्स गॉवर्मेंट का अपनी जगह है तो बहुत सारी चीज़ें परिवेट कम्तियां हैं वह भी
10:50बहां नहीं नहीं चाहती कि जितना मोटा मैं खालूं पेट भलूं अपना कागश पूरे रखती हैं वजदूरों को अलग को
10:58है ना तो वह है कि आ
11:02आप बात कर रहे थे किसी से फोन पर मैंने सुना कि किसी को लाब भी हुआ है कि लिफ्ट
11:08मैन लिफ्ट ऑपरेटर ऐसे कुछ वह क्या लाब हो गया होने किस तरह से जानकारी बढ़ती है लोगों कि मेरे
11:16खाल से पहले उनको तेरह साड़े तेरह यार रुपे मिलते थे जिसम
11:34इस टाफ एंपलोई होता है तो उनको मिलता था तो उनका भी चल ला था कुछ जिन से बढ़ी कटकटा
11:42के उनको 10-11 रुपे मिलते थे 10-11 रुपे तो आज के समय में खर्चा चलाना बट मुश्किल काम
11:51तो है तो आप से क्या कर रहे थे अच्छा हुआ आप बतारे उनकी ज�
11:59बैती गंगा में हाथ तो लिया उन्होंने भी तिन दो तिन दिन से वह अपना चल लाई थे जो भी
12:05उनकी चल लहीं होंगी तो इसमें विचारों कि आज 17,000 रुपे हो गई प्लस जी पी एफ और इंसुरेंस
12:11ठीक है गरी वह देखो बीए में बीए करे हुए लड़की अगर
12:28है को हमें बहुतर नौकरी मिले अब लिफ्ट ऑफरेट करने तो बारही हजार मिल रहे हैं अब महां के रह
12:48रहे हैं तो आप से मैं आग्रेगर रहने वाला हूं
12:53यह सर जासे हियां की काम मिलता है अब यह सारे मज़्दूर है यूपी भी सरकार कह रही हम अपने
13:00अरोजगार पैदा कर रहे हैं वहां मिल लेया है तो इसके हला वहां रोजगार नहीं पैदा हो पार रहा है
13:06तब ही इसनी मुसीब्तों में आ रहा है
13:22यूपी यूपी कहां के। प्रेल नोईड क्यों आए वह बेहतर हूं पर्मोसं करते हुए हूं
13:32क्योंकि पहले कि महा की लाइब में और यहा की लाइब में जो एक बार यहां आ जाता है
13:40महां से तो बेटर बेटर अपॉर्चुनिटी है यह बहतर है और फिर वह जाना भी नहीं चाहता है अपने और
13:50परवारों को भी बुला लेता है दीर दीर ऐसे इस तरह के उद्योग वहां भी लग सकते हैं जैसे अगर
13:57वहां बहतर परिस्थिती हो हां बिलकुल क्यों नहीं ल�
14:10सब्सक्राइब को पंद्रह यार रुपए महां मिलना है तो महां तो बड़े आराम से आपकी कटे आएगे अपने घर हैं
14:16अपनी जोपड़ी आपना च्छत है हां सब्सक्राइब आपको तीन-चारह रहा था मुझे एक बता रहे थे कि भाई उसने
14:28गैस की दाम क्या बड़े
14:35सब्सक्राइब अगले महीने से लेलाना नहीं हमें तो इसी महीने से चाहिए खाली गर्दो भई उसको कौन सी समस्या होई
14:42जो उसने बड़ा दिये
14:44होग मिला के बहुत सारी चीजें का बात करे तो शें मुट को का आंडोलन ठीक लग रहा है लेकिन
14:51उसमें बीच में आप बंड़ लोग है कुछ वह देखिय कि भूसे
15:03इस मौके पर राजनीती करते हैं जादर मौकों पर राजनीती करते हैं तब ही उनकी दुकान चलेगी रोटी चलेगी जिसके
15:14भी हो कोई पटिकुलर किसी के लिए नहीं कह रहा हुआ है
15:23आप इस पूरे वीडियो को देखके क्या सोचते हैं कि जो मदूनों का अंदोल है क्या उसके अंदर में कुछा
15:44समाज एकत्त घुस गए है
15:46क्या उनकी जो अभी तक शैलरी बढ़ाने की सरकार ने बात कई यह 23-24 परसेंट वो ठीक है उस
15:52तो भेतर है और किस तरह की दूसरी उनकी रहने की परस्तिती हैं क्या उन सब पर आपकी क्या विटाया
15:58है और एक चीज जो है निकल क्या ही वो सबसे महत्पून जो बताया गया
16:06कि अधिक तो यहां पर थीक ठाक अंदनी होती है और ठीक परिस्तियों को काम करने को मिलता ऐसा बाइस
16:16अब बताया तो यह सारी चीजे आपको क्या लगता है आप चाहें अपने आप किसी सोसाइटी में रहते हैं कि
16:22आपको इस तरह की चीजियों से बडर लगने लगा है
16:24क्या है यह मजदूरों का अंदोलन पर आपकी रहा है और अगर आप खुछ काम है काम करते हैं मजदूर
16:29है तो कमेंट बाक्स में बताइए यह आपकी क्या रहा है फलार इस बीड़ों में इतना ही कैमरा परसन दीपक
16:34विश्ट के साथ श्रिवेंद्र गौर वन इंडिया नो
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