00:03दोस्तों जरा कॉपी पैन निकाल लीजिए क्यों क्योंकि मैं आपको कुछ आंक्रे दिने जा रहा हूं जिसने नोट कर लीजिए
00:08कि बंगाल S.I.R. में क्या खेला हुआ है
00:10किस तरह वोटर रिविजन लिस्ट वोटर डिलिशन का काम बन गई
00:14पैन चुनाओ से पहले बंगाल में कोल 91 लाक नाम काटे गए हैं और इन में ज्यादे तर मुसल्मान और
00:23अन्य कमजोर वन्चित वर्गों के लोग हैं
00:25इसे समझना बेहत जरूरी है कि क्या मुसल्मानों को चुनाओ प्रिक्रिये से भाहर करके चुनाओ जीते जाएंगे
00:31क्या मुसल्मान भारत के नागरिक नहीं है और क्या यही हिंदू राष्ट का मॉडल है
00:35अब इसी तरह यूपी की भी वोटर लिश्ट आ गई है जिसमें दो करोड से ज्यादा लोगों के नाम वोटर्स
00:41के नाम काट दिये गए हैं
00:42इसका अलग से विश्रिशन करना जरूरी है यह पैटर्न समझना जरूरी है
00:46दोस्तों दरसल यह एक राज्य या एक चुनाओ का मामला नहीं है
00:49यह देश के लोकतंत्र का सवाल है जिस पर सोचना बात करना बेहत जरूरी है
00:54तो आज बात बंगाल की
00:56नमस्कार सलाम बेबाग भाशा में आपका स्वागत है
00:59मैं हूं मुकुल सरल
01:00पशिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 सप्राइल को वोट डाले जाएंगे
01:04फाइनल वोटर लिस्ट आ चुकी है और लगभग फ्रिज हो गई है
01:07बहले ही सुप्रिम कोर्ट अब किसी सप्लिमेंटरी लिष्ट की भी बाद कहे
01:11भरोसा दिल आए
01:12SIR का जो फाइनल आकड़ा हमारे सामने आया है
01:14उसके अनुसार 91 लाख वोटर के नाम
01:1891 लाख वोटर के नाम काटे जा चुके हैं
01:34जिने एड्जुटकेशन के नाम पर हटाया गया
01:37यह प्रिक्रिया अन्य सभी रजुसे अलग है
01:39जहाँ ऐसा यह हुआ वहाँ ऐसा देखने को नहीं मिला
01:42एड्जुटकेशन यानि न्याइक निलने के तहट विचारा धिन कैटेगरी
01:45यानि संदिक्द में आपको रख दिया गया
01:46इससे इस तरह समझे इसे दो तरह से जो वहाँ नाम डिलिट हुए हैं
01:50कुल हटाएगे नाम है 91 लाक इनमें पहले चरण में जो हटाएगे उनमें मरत इस्थानांत्रित यानि बाहर चलेगे कहीं
01:57पर्मेनलिट्ली और डुब्लिक्विट पोटर इनके नाम हटाएगे ये थे कुल 63 लाक मत दाता 63 लाक
02:04इसके बाद आता है एड्जिटुकेशन यानि नियाइक जाँच इसमें लगभग 60 लाक नामों की जाँच हुई और 27 लाक को
02:11अयोगे मानकर हटा दिया गया
02:13और यही इस पूरे विवात का केंदर है क्योंकि इन 27 लाक में जाधतर मुसलमान हैं
02:19अब आप कॉपी पैन लेकर हिसाब लगए है क्योंकि लगता है कि बीजेपी ने भी कॉपी पैन लेकर बाकाइदा हिसाब
02:25लगाया
02:25कि किस सीट पर किस जिले में टीमसी को कितने वोट से जीत मिली और बीजेपी कितने वोटों से हार
02:31गई
02:31यानि कितने बोट काटने से जीत निशित हो सकती है
02:35और आरोप है कि इसी गणित को चनाव आयोग ने लागू कर दिया
02:39जिन जिलो में सबसे ज़्यादे नाम काटे गए हैं
02:41उनमें टॉफ फाइब में हैं
02:47इस डेटा को फैक्ट चेक करने वाली जो वेबसाइट है
02:51उसने बड़ी मुश्किल से क्रैक किया है
02:53क्योंकि इसे क्रैक करने में बहुत मुश्किल थी
02:56रिपोर्ट्स को मताबिक वोटर लिष्ट सिर्फ स्कैन या पीडियेप में उपलब्द थी
03:01कोई एक्सल नहीं था
03:03मतलब डेटा माजूद है लेकिन उसे यूज करना बहुत मुश्किल है
03:07बड़ी इस तर पर विचलेशन उसका मुश्किल है
03:09जो अंडर एड़्जुकेशन के नाम थे उन पर बाटा मार्क लगा दिया गया था
03:13यानि उन्हें और मुश्किल बना दिया गया था
03:15चुनाव आयो का क्यान है कि ये नियमित प्रिक्रिया है
03:18फरजी डुब्लिकेट नाम हटाना जरूरी है
03:20डेटा स्ट्रक्षा कारण फॉर्मेट सीमित रखा गया है
03:23आठ नीज में खुलासा किया है कि भवानिपूर और बाली गंज में एक मुस्लिम मद्दाता को हिंदू मद्दाता के तुल्ना
03:29में विचारा धीन के रूप में मार्क किये जाने के सभावना तीन अनुपात एक गुना ज्यादा थी
03:36आठ नीज में माल्दा के मानिक चक और मोथाबारी मुर्शिद अबाद जिले के समसेर गंज और बहरामपूर की मद्दाता सूचियों
03:44का डिजिटल विश्रेशन किया और जो वहां मिला वो और भी चौकाने वाला था
03:49मानिक चक में हिंदू और मुस्लिम मद्दाताओ की संख्या लगभग बराबर है लेकिन विचारा धीन रखे गए कुल मद्दाताओं में
03:5697.97% मुस्लिम है 97.4%
04:03और मुस्लिम मद्दाताओं की समगर अज्यूटिकेशन दर 42.2% 42.2% यानि प्रति एक 100 मुस्लिम मद्दाताओं में
04:13से 42.2% को विचारा धीन श्रेणी में रखा गया
04:16इसकी विप्रित हिंदू के लिए दर 3.5% रही या सेंग तो अनुपात लगभग 12 अनुपात एक का है
04:24जी हां यानि एक हिंदू है तो 12 मुस्लिम हैं
04:28सीटवारी से गेहरा इसे समझे आर कुलासा करते हैं। माल्दा की मालिक चक सीट हिंदू मद्दाता है 50%
04:35मुसलिम है 41% जांच में रखे गए 97.4% कॉन थे मुसलिम मद्दाता इसी तरह माल्दा की मोधा
04:44वारी सीट या मुसलिम मद्दाता है 69.5%
04:48जाच में रखे गए 97.4 प्रतिशत Pratienced Muslim, मुर्शिदाबाद की समसेरकन सी ещёां जाच में रखे गए 98.8
04:57प्रतिशत Pratежд वोटर कौन
05:01थे n थे narSPbolt मुराइमि मुर्शिदाबाद थे भी वहरामपूर मुसलिम के तुछ 26.9 प्रतिशत इन जाच में रखे गए
05:17लेकिन यहां नाम जो हटाए गए उसकी दर कम रही 4.7 के प्रतिश करीब
05:22अब इसकी 2021 के चुनाओं से तुलना कर लेते हैं
05:26समसेरकन यहां जीत का अंतर था 26,389
05:30विचाराधीन में यहां कितने लोग रखेगा है एक लाग से ज्यादा
05:33एक लाग 7,663 लोग
05:35मौतिबारी जीत का अंतर था है 56,573 वोट
05:39विचाराधीन शिर्णी में कितने लोग रखेगे? 78,797 लोग
05:44मानिक चक जीत का अंतर था 33,888
05:47विचाराधीन शिर्णी में कितने लोग रखेगे? 68,421
05:51इन तीनों सीट पर जाच में डाले गए वोट जीत के अंतर से ज्यादा हैं
05:56बहरामपुर सीट बीजेपी ने जीती थी
05:58यहां जीत का अंतर था 26,852 और यहां विचारा धहिन कितने रख़े गया
06:0311,088 यहां विचारा धहिन वोटर कम हैं जीत के अंतर से
06:08इससे सवाल उठता है कि जहां TNC जीती वहां यह विचारा धहिन यह अटाने का
06:12या आयोगय या संदिग्द नाम यह ज्यादा है और जहां BJP जीती वहां कम
06:18सवाल उठता है कि यह असर्थ शेत्र रूप सा असमान क्यों हैं
06:21जिन कारणों से नाम विचारा धीन श्रेणी में डाले गए वह बहुत छोट छोटे
06:27मिश्टेक थी जैसे नाम की स्पेलिंग में मिश्टेक हो जाना उम्र में कोई फर्क माता पिता के या उसके
06:32कोई फर्क जादा महसूस होना या कोई रिकार्ड मिसमैच होना
06:37जैसे उधारन के लिए कहते हैं कि महमद M-O-H-A-M-M-A-D-B लिखा जा सकता
06:42है और इसे M-U-H-A-M-M-A-D-B लिखा जा सकता है
06:47तो O-R-U का अंतर हुआ
06:49लेकिन इसको भी मिसमैच माना गया और नाम विचारदीन शिर्णी में डाल दिये गए
06:54राष्टे और शेत्रे मीडिया के साथ साथ सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों के डॉक्मेंट सामने आए हैं
07:19पुरक सूचिम उनका नाम नौट फाउंड मार्क कर दिया गया
07:23उनकी पत्नी और बेटे को विचारदीन शिर्णी में डाल दिया गया
07:27जबकि उन्होंने अपने पासपोर्ट से ही सभी जरूरी का ज़र्थ जमा कराए थे
07:31रिटायर्ड विंक कमांडर महम्मद शमीम अक्तर उनका नाम दोजार दू से मद्दाता सूची में था
07:38उनका नाम 23 मार्च की अनपूरुक सूची में विचारदीन मार्क कर दिया गया
07:43और फिर 28 मार्च को बिना किसी अपचारिक नोटिस के सुनवाई के उनका नाम हटा दिया गया
07:49यही नहीं मुर्शिद अबाद से फरक्ता से कांग्रेस उमिद्वार महताब शेक ने
07:5528 परवरी को पब्लिश अंतिम सूची में अपना नाम विचारा धीन पाया
07:59उन्हें नमांकन पत्र दाखिल करने से रोब दिया गया और उन्हें फिर सुप्रिम कोड़ जाना पड़ा
08:04ऐसे नजन कितने नाम कितने उधारण हैं कई जगे हर सो मुस्लिम वोटर में से 40-50 नाम
08:11विचाराधिन यानि जाज की श्रणी में डाल दिये गए और हिंदू वोटरों के संक्या बहुत कम रही अगर
08:16अल्गोरिदम ही था तो इस सब के लिए समान रूप से काम करना चाहिए था इसलिए बहुत सवाल उठ रहे
08:21हैं
08:22बंगाल के मामले में सुप्रिम कोर्ट कुछ खास मदद नहीं कर पा रहा है
08:25सुप्रिम कोर्ट तो ये कह रहा है कि इस बार वोट ना दे पाने का मतलब ये नहीं
08:28कि आपका नाम हमेशा के ले कट गया अगली बार आपको शिश कर सकते हैं
08:32जबकि चुनाओ को सबसे लोग तंतर का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है
08:36इसे लोग तंतर में एक सबसे बड़ा दिकार या करतब्य माना जाता है
08:41तो सिर्फ मामला वोट का नहीं है
08:42लोगों को ये भी डर है कि आगे जाकर यही नागरिक तक आभी आधार बन सकता है
08:47यानि SIR NRC में बदल सकती है और इसी आधार पर तैकिया जाए कि आप नागरिक हैं भारत के यह
08:53नहीं
08:53तो सुप्रिम कोट का ये रुख है जबकि गुजरात हाई कोट का रुख कुछ अलग है ऐसे ही एक मामले
08:58में
08:58गुजरात हाई कोट ने कहा कि हर निवासी को चुनाओ प्रिक्रिया में भाग लेने का अधिकार है
09:03बिना उचित प्रिक्रिया के नाम नहीं हटाया जा सकता
09:06वहां इतनी कली टिपनी कर रहा है
09:08हाई कोट और सुप्रम कोट कर रहा है
09:10कि आप अगले चुनाव में वो डाल सकते हैं
09:12कुछ मदद वो इस तरह से नहीं कर पा रहा है
09:14इसलिए बंगाल का SIR सिफ एक प्रशाशनिक
09:17exercise नहीं रह गया है
09:19बलकि चुनाव की निक्षप्रक्षता के साथ-साथ
09:22नागरिक्ता और लोकतंत्र का भी सभाल बन गया है
09:26इसलिए इस पर बात करना सोचना बहुत जरूरी है
09:29आप भी सोचेगा को और कीजिएगा
09:30और हमें कमेंट करके बताइएगा कि आपकी क्या राय है
09:33शुक्रिया
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