00:00कितने शर्म और दुख की बात है कि देश का मजदूर जब आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतरा, उसकी
00:08मांगों को सुनने, उसके दुख को हरने, कोई रास्ता निकालने के बजाए, मीडिया अपने हिसाब से एक ही बैंड बाजा
00:17बजाने लग गया, मिला पाकिस्तानी कन
00:20शर्म से इन दो कोड़ी के टट्वों को डूब मरना चाहिए, जिस तरह से ये खबरे चला रहे हैं और
00:28इन खबरों का सोर्स उत्तर प्रदेश के शर्म मंत्री हैं, जो सीधे सीधे बोलते हैं कि इस आंदोलन के पीछे
00:39बड़ी साज़िश थी, अरे शर्म कीजिए, यहाँ प
00:50कम से कम मिलनी चाहिए, हम 12 घंटे काम करते हैं, लेकिन उनका टूल किट इस बार पाकिस्तान से पहुचा
00:59हुआ है, क्योंकि वैसे भी इस बार चुनाओं में अभी तक पाकिस्तान का बैंड बाजा बारात नहीं बना पाये थे
01:06ये लोग, साथ ही साथ देखिए, मजदूरों
01:09अपना आंदोलन जारी रखा है, मजदूर अपनी मांग पर अडे हुमें और साथ ही साथ, घर में काम करने वाली
01:17घरेलू सेविकाएं, होम सपोर्ट जो देती हैं, मेर्ज जी ने कहा जाता है, उन्होंने भी आंदोलन शुरू कर दिया है,
01:26और मांग सब की एक है, कि हमें जी
01:29लायक वेतन मिलना चाहिए, और इसका एक बड़ा कनेक्शन अगर ढूनने की कोशिश करता है, या गोदी मीडिया, या उत्तर
01:38प्रदेश के मंत्री, तब उन्हें मिल जाता, कि जो महंगाई बढ़ी है, जो गैस की कीमते बढ़ी है, वह है
01:46सबसे बढ़ी दुखती रगिंग
01:48की, लेकिन नहीं, यहां तो अब साजिश ढूंडी जा रही है, और जिस समय मैं आपसे बात कर रही हूँ,
01:55करीब साड़े तीन सो से अधिक लोगों को गिरफतार किया जा चुका है, धाई सो से अधिक लोग डिटेंड हैं,
02:01और भी कनेक्शन खोजे जा रहे हैं, और इस बी�
02:18और पैसे बढ़े दो हजार, दो हजार तीन सो, दो हजार छे सो, दो हजार नौ सो, इस पूरी की
02:27पूरी कवायक का मतलब सीधा है, कि ये लोग सुधरेंगे नहीं और मजदूरों का अंदोलन अभी और तेज होगा
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