00:00दोस्तों पांच राज्यों में हो रहे चुनाओं में पुद्दुचेरी भी शामिल है
00:039 अपरेल को यहां भी वोटिंग है लेकिन इसकी सबसे कम चर्चा हो रही है
00:08शायद इसकी बड़ी वज़ा तो यही है कि एक छोटा सा राज्य है
00:11विधान सबह में महज 30 सीटें और लुक सबह में एक
00:14इसलिए मेन इश्रीम मीडिया इसे ने जरर अंदाज कर देता है
00:17क्योंकि यह राष्टे राजनीती में कोई बड़ा प्रभाव नहीं डालता
00:21लेकिन पुदुचेरी एक एहम राज्य है और इसकी बात जरूरी है
00:25हाला कि पुदुचेरी पूल राज्य नहीं है बलकि दिल्ली जैसा केंदर शाष्ट राज्य है
00:29जिसके पास अपनी विधान सबह है
00:31लेकिन दिल्ली की तरह ही LG के माध्यम से केंदर का ही दखल रहता है
00:36विपक्ष अगर सत्ता में भी आ जाए जैसे 2016 में आया था कॉंग्रेस गडबंदन सत्ता में
00:40लेकिन एन चुनाओं से पहले साम, दाम, दंड, भेद और LG के जरिये उसकी सरकार गिरा दी गई
00:45और फिर अगले चुनाओं में बीजेपी गडबंदन यानि NDA को जीत मिली
00:49दिल्ली से अलग एक और भी समिकरण है यहां जो बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा है
00:54वहें तीन नामित सदसे जी हां पुदुचेरी में तीस सदसों का चुनाओं होता है
00:59और तीन सदसे केंदर नॉमिनेट करता है और जाहिर है केंदर में बीजेपी की सरकार है
01:04तो वह अपने ही लोग नामित करते हैं और इन्हें विश्वाश मत में वोट देने का भी अधिकार दे दिया
01:09गया है
01:10यानि तीन सीटे तो बीजेपी बीना चुनाओ लड़े अपने पास रखती है
01:14हलाकि अभी तक वो यहाँ छोटा भाई है
01:17यानि मुख्य पार्टी नहीं बनी है इंडे की मुख्य पार्टी AI NRC
01:21यानि All India NR Congress है और इसके नेता NR यानि N Rangaswami मुख्यमंत्री है
01:27Congress गड़बंदन में Congress के साथ M.K.S.Talin की पार्टी DM के है
01:31इस बार का चनाओ का फिर रुचक है
01:34दरसल अभी तक पुदुचेरी में Congress गड़बंदन और BJP गड़बंदन ही सरकार बनाता रहा है
01:39इस बार तीसरा प्लेयर भी मैदान में आ गया है
01:42वो है साउथ के मशूर अभीनेता विजय
01:45वे अपनी नई पार्टी TVK के जरिये तमिलाडू के साथ
01:48पुदुचेरी की लड़ाई में भी उतर हैं
01:50आपको बता दूँ कि पुदुचेरी में तमिलाडू का बड़ा प्रभाव है
01:54पुदुचेरी का एक बड़ा हिस्सा तमिलाडू से जुड़ता है
01:57यही वज़ा है कि तमिलाडू की पार्टी DM के और AIDM के भी यहां की राजनिती में सक्री है
02:01यहां कोई अकेली पार्टी अब तक सक्ता में नहीं आई है
02:04लेकिन विज़ा की एंट्री ने चुनाओ को त्रिकूनिया बना दिया है
02:07वे किसी गड़बंदन का हिस्सा नहीं बने हैं
02:09लेकिन चुनाओ के बाद क्या सामिक्रण बनते हैं
02:11कहना मुश्किल है फिलाल उन्होंने बीजेपी और कॉंग्रेस से समान दूरी बनाई है
02:16कुलमिलाकर चुनाओ रोचक है पूर्ण राज्य का मुद्दा एक बार फिर चुनाओ भी मुद्दा बना है
02:20और दिल्चस्प है कि एंट्ये के मुख्यमंत्री यानि एन रंगा सौमी भी इसके पक्ष में है
02:25और बीजेपी भी खुले तोर पर इसका विरोध नहीं करती और नाहिमांग पूरी करती है
02:29इसके अलावा भ्रष्टाचार, रोजगार, विकास भी हम मुद्दे हैं
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