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बेबाक भाषा के दो टूक कार्यक्रम में पत्रकार भाषा सिंह ने सवाल पूछा कि आखिर हजारों मज़दूर नोएडा में क्यों मजबूर हुए आंदोलन करने को, सरकार क्यों रही नदारद। मोदी, अमित शाह, योगी- सब चुनाव प्रचार में मस्त, जबकि जनता कर रही हाहाकार.
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00:03मोदी जी ये तस्वीरें बाहर से नहीं हैं इरान, अमरीका, इसराइल, युद्ध की नहीं हैं यह देश की संसस से
00:11कुछ किलोमीटर दूर की हैं जहां पर मजदूर अपनी मांग को लेकर लंबे समय से संगर्श कर रहे थे
00:18वे जब गुसे में आए, जब उन पर पुलिस ने लाटियां बरसाई तब वे उग्र हुए, मांग क्या है, बहुत
00:26सिंपल सी मांग है कि उन्हें अपने हक का पैसा चाहिए, और यह तस्वीर देखिए, यह भी दिल्ली से कुछ
00:34ही किलोमीटर दूर की है मेरट की, जहां 900 से अ�
00:46मादाद में लोग बेरोजगार और भुकमरी के कगार पर खड़े होने के लिए मजबूर हो गएं, सब आपका नाम ले
00:52रहे हैं मोदी जी, सिर्फ इतना नहीं, यह राजी तो आपको दिखता नहीं, ध्यान से देखिए भारत के नक्षिपे, यह
00:59है मनिपूर, और इस मनिप�
01:14पर हैं, बर-बर पुलिस या दामन का शिकार हो रहे हैं, लेकिन आवाज बंद नहीं कर रहे हैं, हर्याना,
01:22हर्याना के माने सर के भी मजदूर, बस पुलिस की लाटी गोलिया मिल रही हैं, यह तस्वीर उस समय की
01:31है मोदी जी, जिस समय आप, पश्चिम बंगाल में, चुना
01:44इन तस्वीरों पर भी,
01:47आप कब अपना
01:48मेसेज लिखेंगे,
01:50कब मजदूरों की मांग सुनेंगे,
01:52कब मेरट के मजदूरों की मांग सुनेंगे,
01:55इसका सवाल,
01:57और इसका जवाब,
01:58ना आपके पास है,
02:00ना ही आपके बुल्डोजर,
02:01सी-म, योगी आदितनात
02:14आला कि मुझे शर्म इस बात की है कि जब तक मजदूर सड़क पर उतर कर पुलिसिया दमन का विरोध
02:22नहीं करते आदिवासी सड़क पर उतर कर पुलिस को खदेरते नहीं हैं तब तक वे खबर नहीं बनते लेकिन इस
02:30समय भारत का मजदूर किसान और आदिवासी संघर्ष कर �
02:34है और बस आप से जवाब मांग रहा है जो लोग कुछ पेंटिंग वगरे बना करके लाए हैं उनसे मैं
02:44प्रार्थना करता हूं अगर पीछे आपका एड्रेस लिखा होगा तो मैं आपको धन्यवाद पत्र भेजूँगा
02:57सरकार की है और सरकार की इसमें कमी ये है कि जब मजदूर अपनी मांग को लेकर क्या है तो
03:04सरकार ने सुनवाई क्यों नहीं की
03:07कोछ से लेकर की या अन्य प्रदेशों में भी मजदूरों का जब बेतन बढ़ गया मजदूरों को रमात दीज मेंगाई
03:15में
03:42देश की राजदानी दिल्ली से
03:44चंद किलोमीटर दूर नोईडा के अलग-अलग सेक्टर्स के मजदूरों ने इस समय मोर्चा खोल रखा है
03:51और खबर वे इसलिए बने हैं क्योंकि यह प्रदर्शन यह आंदोलन उग्र हुआ है
03:58पुलिसिया लाठी चार्ज के बाद उन्होंने भी जवाबी कारवाई की है
04:04सवाल बहुत साफ है जो बेबाग भाशा में हम पूछना चाहते हैं
04:08कि अगर चार दिन से यह प्रोटेस्ट हो रहा था
04:12तब क्यों सरकार खामोश थी
04:16यहां के मुख्यमंत्री योगी आदितिनाथ क्यों बंगाल में जाके बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं
04:36उन्हें अपने राज अपने सूबे की चिंता नहीं है
04:40जहां पर लोग इस तरह से मजबूर हुए प्रोटेस्ट करने के लिए
04:46और सोची जरा वे क्या मांग कर रहे हैं
04:49दा ग्रेट विक्सित भारत में
04:51कि उन्हें अपने हक का पैसा मिले
04:54बारा से तेरा घंटे काम करने के बाद उन्हें मिलते हैं
04:58दस हजार, बारा हजार, तेरा हजार
05:01अधिक्तम सैलरी मिल रही है
05:02पंदरा हजार रुपे
05:04बारा बारा घंटे की शिफ्ट है उनकी
05:07ये तमाम महिलाएं
05:09दे ग्रेट अमिशाजी
05:11दे ग्रेट ग्रेट मंत्री अफ दे कंट्री
05:14जो बंगाल में दावा कर रहे हैं
05:28खुस पेटिये को
05:29देश के बाहर निकालने का काम हम करेंगे
05:34आप ज़रा ध्यान से देखिए
05:37ये सड़क पर उतर के जो लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं
05:41ये सब इसी देश के नागरिक हैं
05:44दियार इंडियन सिटिजन
05:45वे मांग कर रहे हैं
05:47कि जब इतनी महेंगाई है
05:49गैस का सिलिंडर इतना महेंगा है
05:51एक एक किलो गैस उन्हें
05:53400 और 500 रुपे में खरीदनी पड़ रही है
05:55तो वो कैसे 10,000-11,000 में
05:58अपना गुजारा कर सकते हैं
06:01लेकिन सर सेलरी बहुत कम है
06:02मलोगों पर
06:04अच्छा गंटे काम करते हैं
06:07मतलब 12 गंटे काम करते हैं
06:10अब प्रिचा गिलोवर
06:14अब लेकिन हम आए रहा है
06:16चाहिए चार बच्चे बताओ
06:18तेरह अजार में बच्चे को पढ़ाएंगे
06:21बच्चे को लाएंगे
06:34अब बताओ
06:37जो यहां कमपनी ओमें कहते हूँ
06:39तो कमपनी वाले कहते हैं
06:41कि जब वहां से आदेस नहीं आया
06:43तो मैं कैसे बढ़ाऊ
06:51अब बताओ
06:53यहां आप यूहीं मगन रहेंगे
06:55पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाने के लिए
06:58लगातार दाबा करने वाले
07:00प्रधान मंत्री जी
07:01आपको रैली में गुसा आगे आज
07:04खबर बनी है कि आप बीच में रुख गए
07:08क्यों?
07:08क्योंकि ठीक से कैमरा आपके आगे नहीं आ रहा था
07:13या लोग खड़े हो गए थे परिशान हो कर
07:15मोदी जी इन लोगों की स्थिती पर भी थोड़ा गुसा कीजिए
07:20थोड़ा ध्यान दीजिए देश के नागरिकों का और मजबूरों का हाल क्या है?
07:25वरना यह आग जिस तरहा से फैल रही है पूरे नोइडा, ग्रेटर नोइडा, इंडस्ट्रियल एरिया में यह थमने वाली नहीं
07:34है
07:34जरा सिकुरिटी वाले बाबो आप थोड़े हड़ जाईए बिनाकारण वहां क्यों परिशान ही कर रहे हो?
07:43अगर आप लोग महां ठीक से बैड़ जाए तो फिर मैं अपनी बात शुरू करूँ यह मेडम को सुनने को
07:53तयार नहीं है
07:54यह जरा सिकुरिटी दोस्तों जरा यह सिकुरिटी वाले सज्जनी कैमेरा की नीचा जाओ
08:00इधर आओ और जिए रहे हाँ
08:03नोईडा का सेक्टर 62, 63, 15 हो नोईडा फेज 2 हो या फिर सूरशपुल या फिर दागरी इंडस्ट्रियल एरिया हर
08:14जगा इस समय मजदूर सडकों पर हैं
08:17और डर के मारे फैक्ट्रियों ने बंद कर दिये हैं अपने दर्वाजे
08:22ऐसा लग रहा है कि जो डियम साहिबा है हमारी नोईडा की मेधा रूपम
08:26वही हमारे मुख्य चुनाव आयुक्त की बेटी ग्यानेश जी की बेटी
08:31वह तीन-चार दिन बाद जागी हैं
08:34जब इतनी बड़ी हिंसा हो गई और इस खबर को दबाए दबाए नहीं बना
08:39तब उन्होंने यह वीडियो अपना जारी किया है
08:43मेधा जी हम आपसे पूछना चाहते हैं
08:46कि क्यों नहीं आपको पहले यह मजदूर दिखाई दिये
08:49और क्यों नहीं यह गारंटी आपने पहले की
08:51और क्यों नहीं इस समय भी आप फैक्टरी के मालिकों को मजबूर कर पाई
08:57कि वे पबलिक में आकर एनाउंस करें
09:01कि अब वे मजदूरों का शोशन करना बंद कर देंगे
09:05मजदूरों का दुख छुपा हुआ नहीं है
09:07इससे पहले हर्याना और माने सर में जबरदस प्रोटेस्ट हो चुके हैं
09:12लोगों ने फैक्टरियां बंद की
09:14इसी मांग को लेकर
09:16और यहां लोग पूछ रहे हैं मोदी जी आप से
09:19कि जिस कानून को आपने पारित किया है
09:23जो नियूनतम मजदूरी है
09:25वह क्यों नहीं मिल रही है उनको
09:27यहां लोग बोल रहे हैं महिलाओं को सुनिये ध्यान से
09:30कि उन्हें 10,000, 11,000, 12,000 में
09:3410 से 12 घंटे काम करवाया जा रहा है
09:37जबकि नियूनतम मजदूरी
09:38यानि जो मकान बनाने वाले मजदूर है
09:41उन्हें रोजाना 700 रुपे तक मिल जाते हैं
09:44यानि महिने के 21,000 रुपे
09:47और यह महिलाओं पांच-पांच साल से काम कर रही है
09:50इन फैक्टरियों में
09:51और उनका गुसा इसलिए भढ़का है
09:54क्योंकि ना सैलरी बढ़ी
09:55ना ओवर टाइम मिल रहा है
09:58और साथ ही साथ
10:00क्योंकि गैस सिलेंडर जो आपके राज में
10:02जिसमें आग लग गई है
10:04इस समय तमाम मजदूरों को
10:06400 रुपे से लेकर
10:08500 रुपे प्रती किलो गैस मिल रही है
10:11घर चलाना मुश्किल हो गया
10:13तभी यह मजदूर
10:14सड़कों पर उतरे है
10:16सेल्डी 10,000 है
10:1829 रुपे बढ़ी है सेल्डी
10:2110,000 सेल्डी है
10:22400 रुपे की लोग गैस से बताओ
10:24कैसे चलेगा
10:25और यह लोग हम लोग के पक्ष में बोलना चाहिए
10:28तो यह कंपनी वानों की तरफ से बोल रहे है
10:30कौन? यह पुलिस वाले
10:33रसासन के लोग
10:34हम लोग के पक्ष में बोलना चाहिए
10:35नहीं बोलना चाहिए
10:36बिलकुल बोलना चाहिए
10:39आप लोग को नोकरी से निकाल दिया जाएगा
10:41नोकरी से क्यों निकाल दिया जाएगा
10:43यह बताईए अगर 10,000 सेल्डी है
10:4510,000 रुपे में अचकल क्या होता है
11:03और मोदी जी ग्रिह मंत्री जी यह मामला सिर्फ नोइडा का नहीं है यह मामला आदिवासियों का भी है
11:11देश की राष्टपती द्रॉबदी मुर्मुजी आप भी देखिए यह महिलाएं 59 गाओं से आई आदिवासी महिलाएं हैं
11:21कोरापुट इलाके की यह तमाम महिलाएं तमाम आदिवासी महिलाएं और पुरुष बस मांग कर रहे हैं
11:28कि जो सेरू बंद बांध परियोजना है जहां वेदानता को मिला है बॉक्साइट करनन का काम उसे तुरंत रोका जाए
11:37लंबा संगर्श है जिस पर जबर्दस पुलिस दमन के बावजूद वे अभी भी मोर्चा समहाले हुए हैं
11:44और मोदी जी यह है भारत का मनीपूर मैं आपको इसलिए भारत के नक्षे में दिखा रही हूँ क्योंकि शायद
11:52आप और आपका तंत्र भूल गया है कि मनीपूर भारत में है
11:57एक बार फिर मनीपूर जल रहा है मोदी जी सुलग रहा है लोग सड़कों पर उत्रे हुए हैं
12:05मांग कर रहे हैं कि यहां की सरकार निकम्मी है और आप कुछ भी कर नहीं रहे लेकिन आप छुनाओं
12:12में बिजी हैं
12:12कैसे देख पाएंगे मनीपूर की इन महिलाओं का दुख और योगी जी और मोदी जी हाँ तो इस समय पोस्टर
12:20बॉइ बन गए हैं मेरट के क्योंकि आपके सांसाद अरुन गोविल तो गायब हैं
12:27यहां पर जिस तरह से 900 से अधिक घरों पर बुल्डोजर चलने जा रहा है जिस तरह से मेरट के
12:34सेंट्रल मार्केट को आपने बंद करा दिया है सील करा दिया है दुकाने बंद अस्पिताल बंद स्कूल बंद उससे लोगों
12:41का गुसा सड़कों पर उतरा हुआ है
12:44इन लोगों को आप सुनने को तयार नहीं ये लोग चीख चीख कर कह रहे हैं कि इन्होंने आप ही
12:50को वोट दिया था आपके भरोसे पर लेकिन आज की तारीख में कोई भी भारती जनता पार्टी का नेता, सांसद,
13:00मुख्यमंत्री, विधायक, पारशद, not a single person मेरट में इन �
13:07के पास पहुचा इनके दुख को सुनने तक के लिए, ये जो सवाल है इस समय डवलप्मेंट का, यह दरसल
13:17देश का सवाल है, जो मजदूर गुसे में उतरे हैं, आप जनी करने पर आपके तंत्रे ने मजबूर किया है,
13:26आज की तारीख में देश की हकीकत को बयान कर रहे हैं
13:30बुल्डोजर इनजस्टिस है, चाहे मेरठ में चले या इन मजदूरों के उपर
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