00:00कि अभी प्रदीव जी ने का हूँ तो समय के साथ बदलती है एथिक्स और मौरेलिटी बदलती नहीं अजारों साल
00:06से प्रदीव जी माता पिता के प्रदीव क्या शर्दा बदल जाएगी समाजी की वेवस्ता होती है
00:17समाजी थोड़ी से अलग मेरा राजनेति और समाजीकसित कई माईनों में एक सकती है
00:24परदाने के लिए आप और इसाब से कर सकते हैं राजनेति के ने बाले राज Director बबदे देते हैं वे
00:41तो सामाजिक जिम्मेदारियों का परिवहन उसे साब से नहीं करता
00:56अगर आप मेरे एक दो सवालों का सीधा सीधा जवाब दे दे
00:59कि जब भी कोई बड़ा मुद्दा हो रहा है राहूल गांधी वहाँ पर पहुंश कर उसको एड्रेस करने क्यों नहीं
01:05जाते
01:07अब देखिया आप सहमत हो चाहिए समत उससे तो मैं नहीं करता आंसर तो मैं आपने पूचा जा गांधी अपने
01:13इसाप से एड्रेस करते हैं
01:14मैंने आपको शुरू आज में आपने द्यान नहीं दिया मैंने कहा कि सारी पारेटी इसमें इन गोल्ड है
01:19मोदी जी ने क्या का नौन बालेजी कर लोगों मोदी की गारंटी चार सुपार रहेगी दो भारत की जनता बड़ी
01:24समझदार है
01:25राउल गांधी को क्योंकि प्रदान मंत्री का केंडिडेट नहीं माना नहीं से तो सो सीटें देदी आप विपकस का केंडिडेट
01:30मोदी जी गारंटी को पी नीचे लिया है तो इस जनता जो है न इस बकुम समझती है
01:34अब असमिता का हो गया है यह गया जनता लेकिन आप जनता के जो आपकों सब्सक्राइब कर लोया तो
01:51सोचल सिक्योरिटी को चलेगी मैंने जो पूंधिवाद चबता प्रयोग किया फैक्ट्रिया डाल दी साब अमने कार खाने डाल दी इछले
01:5720 साल में जब से अब इसको लेना पड़ेगा मनमुन सिंग जी के कारेकाल से जब से अर्टी कुदारी करन
02:01हो इतनी फैक्ट्रिया कितनी
02:02आपको अगर द्यान हो शिदार चीर आप लोगों को कि तीन तरह के मारे इंडिस्किल सेटप बनाते थे इंडिस्किल जो
02:08स्टेट इंडिस्किल और नाइज़िशन वो सब समाप्त हो गए अब उजिवादी वहस्ता आने से किंदिर करन हो गया लगने के
02:15बाद से सारा टैक्स
02:29जनरता ने क्या मुद्दे रखे और सरकार या फिर विपक्षिदल उनको क्या बेच रहा है असाम के जो टी वर्कर्स
02:36हैं उनका कहना है कि हमें लेवर कम मिलता है लेवर का मतब जो दिहारी है वो कम मिलती है
02:41दूसरे राज्यों की तुलना में उनको बहुत कम पैसे मिलते हैं
02:45कंपनी दूसरे राज़ों में घर देती है लेकिन असाम में घर नहीं देती, असाम में जो टी वर्कर्स हैं उनमें
02:52एनेमिया बहुत पाया गया है, उसका भी सरकार ने या फिर कॉंग्रेस की सरकार ने सही टाइम पर उसको एड्रेस
03:00नहीं किया, इसके अलावा रोज मजदूर
03:03के जो टाइम है उसको धीरे-धीरे करके कम किया गया तो ये भी उनके सामने चैलेंज है कि कम
03:10काम करने पर कंपनी कम पैसा दे रही है प्लस उनके बच्चों के लिए शिक्षा वगरा ये सारी सुविधाय जो
03:16है वहाँ पर नहीं मिल पा रही है इसके अलावा अगर आप कहें त
03:23को मतलब आज की टाइम में 351 रुपया प्रती दिन मिल यह भी नहीं मिल रहे हैं इसके मांग कर
03:30रहे हैं आप समझेए कि कितनी बड़ी समस्या है उनके सामने
03:38मुझे से पूछा है नहीं नहीं प्रदीब जी से इस पर जानना चाहता हूं कि आपकी सरकार वहां पर है
03:57इनकी सरकार वहां पर थी अब हम चुनाऊ की मोहाने पर खड़े हैं कौन क्या करेगा वहां पर जो टी
04:03वरकर्स थे उनकी डेली वेजेस की जो मांग थी उसको पिछले पाँस साल में सरकार ने
04:10अड्रस नहीं किया जब कॉंग्रेस की सरकार थी तब भी इन्होंने अड्रस नहीं किया उन्हें आज के आज के दिनों
04:17में मैं कहूंगा
04:19351 रुपए प्रती दिन वो दिहाडी की मांग कर रहे हैं सिर्फ साड़े 300 रुपए के लिए वो लड़ रहे
04:24हैं लेकिन उनको नहीं सुना जा रहा है
04:26जो टी वर्कर्स फीमेल हैं उनमें भारी तादाद में एनिमिया पाया गया है और साथी साथ जो मात्र मृत्यु दर
04:35है वो असम में ज्यादा है
04:37दूसरे राजों में जो चाय के बागानों में काम करने वाले मजदूर हैं उनको अच्छे पैसे मिलते हैं कंपनी से
04:43घर के लिए भी थोड़ा बहुत पैसा मिलता है बच्चों के लिए शिक्षा मिलती है लेकिन असाम में यह सब
04:48चीज़ें नहीं मिल पा रही है और यह मु�
04:56प्रदीब जी से जानुगा लेकिन आपने प्रिशले पात साल में क्या किया है वो मैं आप से जानना चाहता हूँ
05:03सबसे पहले तो जो आपने मुद्धे बताया हूँ उससे पहले मा चाहूँगा इक दिके सोशली जो है सुरक्षा का मुद्धा
05:10सबसे महत्रपोड होता है अगर आजमी सुरक्षित हस्ताल तुनिश्य तौप पर भगवाने चाहें कोई जाना चाहेगा कि उसमें सुरक्षा �
05:17सुरक्षा की कोई बाती लेकिन जो सोशल है सुरक्षा का जो महौल है वहां कि वरतमान या बीतिल कॉंग्रेस के
05:25समय से जो सिक्या रहे है उसमें और आप में बहुत परिवर्तन है आप इसको नेगटिवली भी नोट कह सकते
05:30है विपक्स तो निश्य तो निश्य तो पर कहे�
05:32लेकिन जो इंफिंट्रेंशन और इल्लीगल जहां भी स्किति होती थी आप उकलब दिल्ली में बहुत दूर मैं जाईए जो घटला
05:39होती है जो कि बहुत ज़्यादा नहीं आती वहां पर पाया जाते है वहां पर जादा है उससरे के छुटी
05:45घटला जादा होती है तो जो स�
05:52उसने मैं पक्ष नहीं रत्वा हूं कि हमारा समाज की ऐसी ज़स्ता है कि जहां प्रोश कोलोनीज है वहां सेक्योर्टी
05:58टार्टी टार्टी और जहां पर घंदत उचादा है जनने को जहां जोगी जोपडिया वहां पर इसलेखी बाते होती है तो
06:03तबसे पहले तो आसाम में
06:05को क्षोल के गए और हो जाएं सर कार्ति हुगे अगोर आगो कि और आगो लेक्ता लीट है तो जो
06:15जो चाने वाली सुधा थायं वहां जारी रहे होगा ुटल्ट जैने।
06:29करेगा कि इंप्लिमेंटेशन अब पॉजिवी इंप्लिमेंटेशन में समय मगता है। इस्ट्रक्शन बहुत शॉट होता है बहुत जल्दी हो जाता है।
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