00:00लेकिन भाषा की मर्यादा भी कोई चीज होती है अगली कई पीडियां आप से सीखने वाली हैं हम लोग भी
00:06आप से सीखते हैं तो ये सारी चीज है इन चीजों के लिए जगाए नहीं होनी चाहिए
00:11बिल्कुल राहुल गांधी को लेकर भी तमाम कई बार कहा जाता है कि उनकी जबाँ फिसल गई और कई बार
00:16वो जान बूच कर भी करते हैं मंता का हमने जिकर किया उनका भाष्ण सुनाया तो हमें वो भी नहीं
00:20भूलना चाहिए
00:21सिदार्ट जी जब राहूल गांधी
00:22हिमंता के लिए तू तड़ाग जैसे शब्दों का
00:25इस्तेमाल कर रहे थे कि इसको पकड़ के डालेंगे
00:27इसको बंद कर देंगे
00:28इसको पटक के मारेंगे ये तो वो प्राधान मंतरी
00:31के लिए भी कर जो जी कई बार
00:33और कहा जाता है कई बार कि उनकी शायद हिंदी
00:35उतनी सपष्ट नहीं निकल रही तो फिर शायद
00:37की का कू तूता ये सब तुम
00:39ढंक से अलगा नहीं पाते लेकिन
00:40बार-बार उसका रिपिटेशन होना बार-बार
00:44देश के ऐसे
00:46समविधानिक पदों के लिए
00:47शब्दों का इस्तिमाल करना
00:48जो जनता भी नहीं सुविगार करेंगे
00:50और आपको भी एक जिम्मधार नाग्रिक होने के नादे
00:53जिम्मधार नेता होने के नादे
00:54मुखुल नहीं पर एक चीज़
00:56मैं राहुल गांधी का पक्ष बिलकुल नहीं रख रहा हूँ
00:58यह राहुल गांधी नहीं यह सब उन नेताओं के सामने
01:01एक भाषाई चैलेंज में कहूंगा
01:04कि जिनकी हिंदी बहुत जाद अच्छी नहीं है
01:07राहुल गांधी कोई हिंदी के विद्वार नहीं है
01:09और इस तरह से अधीर अन्यन चौधरी ने जिस तरह से
01:26बार बार नेताओं की गिरते स्टेंडर्ड दोनों ही तरफ से
01:30याँ मैं कहूंगा हर तरफ से इस तरह के बयान आते हैं
01:33कि कही ना कहीं उस पर आपती जताई जाती है
01:36कही बार ऐसा हुआ है कि चैनल में डिबेट चल रही है
01:41और अचानक से इतनी गंदी गंदी गालियों का इस्तेमाल होता है
01:44और उनको नहीं रोका जाना ही यहां तक पहुंचने का पहला स्टेप होती है
01:49और पार्टी के हाई कमान जो होते हैं मुकंद
01:52वो कहीं ना कहीं अग्रेशन दिखाने के चक्र में ठीक है ऐसा बोलना है ठीक है उतना ठोकटा की होती
01:58नहीं है
01:58और वही कारण होता है कि एक तरफ से जब ये दाग दिया जाता है तो दूसरी तरफ वाले भी
02:04अपनी तयारी करना शुरू कर देते हैं
02:06हमें भी कुछ ऐसा ही बोलना पड़ेगा नहीं तो फिर हमें नीचा देखा जाएगा और ये शुरू हो जाता है
02:12इसके पहले अगर आप केरल में जाएं तो केरल में मलिक आरजुन खड़गे ने बीजेपी की और आरेसस की तुलना
02:18साप से की थी
02:19एक आतंकवादी संगठन से भी की थी और जिसके बाद उन्होंने माफी भी मांगी
02:25जिस पर उन्होंने कहा था कि पहले साप देखे या नमाज पड़ो इस तरह का जो बयान दिया था
02:30उसको भी मैं बहुत ही गलत मानता हूं कि आपके ideological differences हो सकते हैं
02:35political differences भी होना बहुत लाजमी हैं लेकिन भाषा की मर्यादा भी कोई चीज होती है
02:41अगली कई पीडियां आप से सीखने वाली हैं हम लोग भी आप से सीखते हैं
02:46तो यह सारी चीज़ें इन चीज़ों के लिए जगए नहीं होनी चाहिए
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