00:13तुम बताओ ये काज़ेस तुम किसको दियो दियो
00:15आप करिये ला केस, जुनोती देखर जा रहे हैं, वो आठी में बैश कर जुनोती देने करिये केस
00:21खुलवाई एक वोट आपकी तो बहुत चर्थी हैं सुनुके
00:269 अप्रेल 2026, असम में मतदान का दिन, लेकिन वोट डालने से ठीक पहले के बहतर घंटे में जो हुआ,
00:33वो सिर्फ राजुनीती नहीं था
00:35वो एक ऐसा राजुनीतिक भुकंप था जिसकी लहरे दिल्ली तक पहुंचे
00:39असम पुलिस दिल्ली के निजामोदीन इलाकी में कॉंग्रस नेता पवन खेडा के घर पर दस्तक देती है
00:45तीन देशों के पासपोर्ट, दुबई में संपती, अमेरिका में कंपनी ये वो आरोप थे
00:51जिन्होंने असम के मुख्यमंत्र ही बनता विस्वा सर्मा को उनके सबसे बड़े चुनाव से ठीक पहले घेर लिया था
00:58लेकिन क्या ये आरोप सच हैं, क्या ये राजुनीतिक रणीती हैं और सबसे बड़ा सवाल इन सब का असम के
01:04चुनाव पर क्या आसर पड़ेगा
01:05आज हम समझेंगे पूरा विवाद क्या है, कैसे बना बड़ा सियासी मुद्दा, सर्मा का कॉंग्रस से बीजेपी तक का सफर,
01:13सीम बनने तक की पूरी राजुनीतिक कहानी, खेडा के बयान से बीजेपी को कितना नुकसान पहुँच सकता है
01:20नमस्कार मीरा नाम है रिचा पराशर और आप देखने है वन इंडिया का ये खास प्रोग्राम आज का एक्स्प्लेइनर
01:265 और 6 अप्रेल 2026 के बीज, कॉंग्रिस प्रवक्ता पवन खेडा और MP गौरव गोगोई ने एक के बाद एक
01:32प्रेस कॉंफरेंस की
01:33आरोप था कि मुख्यमंत्र हिमंता विश्वा सर्मा की पत्नी रिनिकी भुईया सर्मा के पास तीन देशों के पासपोर्ट है
01:40युएई, एंटिग्वा बार्बुडा और मिस्रण
01:43इसके साथ ही कॉंग्रिस ने आरोप लगाया कि सर्मा परिवार ने दुबई में संपत्ती और अमेरिका में एक कंपनी को
01:50अपने चुनावी हलक नामे में छिपाया है
01:53पवन खेडा ने चुनाव आयोक सर्मा का नामांकर रद करने तक की मांग कर दी लेकिन सर्मा का जबाब भी
01:59उतनाही तीखा था
02:00इमंता विस्वा सर्मा और इनकी भूया ने तुरंत इन आरोपों को दुर्भावनापुर्ण, मंगढ़न और राजनीती से प्रेरित बताया और आपराधिक
02:10और सिविल मानहानी के मुकदमे दर्ज कराने की घोशना कर दी
02:14सर्मा ने दावा किया कि ये दस्तावे स्क्रिब्ट से चुराए गए हैं और नकली AI अभ्यान के तहत गलत तरीके
02:20से इस्तेमाल किये गए
02:21उनके अनुसार दुबाई की सबपतियां उनके परिवार की नहीं बल्की मुहम्मद एहमद और फातिमा सुलेमान नाम के व्यक्तियों की है
02:29फिर वो हुआ जिसने इस पूरे मामले को और गर्मा दिया
02:33साथ अप्रेल 2026 को असम पुलिस ने दिल्ली में पवन खेडा के आवास पर तलाशी अभ्यान चलाया
02:40ये कारवाईर इनकी भुया सर्मा द्वारा दर्ज कराई गई ए फायार के अधार पर हुआ
02:44सर्मा ने दावा किया कि पुलिस के आने की खबर मिलते ही खेडा दिल्ली छोड़ कर हैदरवाद भाग गई
02:50लेकिन इस पूरे घटना क्रम पर सवाल भी उठे
02:54पुर्व आईपेस अधिकारी ये शवर्धन जा आजाद ने कहा कि अगर दस्तावे चाहिए थे तो वीडियो कॉंफरेंस से पूछताश हो
03:01सकती थी इस तरह की शारीरिक तलाशी पैसे की बरबादी थी
03:05वही वरिष्ट पत्रकार जावेद अंसारी ने कहा कि दोनों पक्षुनाओं से पहले अपनी-अपनी कहानी बना रहे हैं
03:12एक और एहम सवाल उठा जबकि खेड़ा के खिलाफ F.I.R. पर त्वरित कारवाई हुई वहीं सर्मा के खिलाफ
03:18नामांकन रद करने के शिकायत पर कोई ऐसी ततपरता नहीं दिखाई तो ये तो थी अब तक की कहानी लेकिन
03:24चलिए इसके बाद आपको बताते हैं सबसे इं�
03:38राजनीती से लिए वे कॉलेज शातर संग के महा सच्चेव बने और यहीं से उनके सियासी पारी का पहला अध्याय
03:45लिखा गया बच्पन से ही वे असम आंदोलन के बड़े नेताओं जैसे की प्रफुल कुमार महंता के करीब रहे वे
03:52आंदोलन के दौरान संदेश पहुचा
03:54आने का काम करते थे क्योंकि वो बच्चे थे उस बच्चा होने के नाते पुलिस की नजर उन पर नहीं
03:59पड़ती थी सर्मा ने कॉटन कॉलेज से राजनीती विज्ञान में सनातक किया और सनाकोत्तर की पढ़ाई की पिर गुहाती हाई
04:05कोट में वकालत भी की
04:072006 में उन्होंने गुहाती विश्विद्याले से नौर्थ इस्ट काउंसलिंग पर पीएचडी भी पूरी की
04:132001 में उन्होंने कॉंग्रेस के टिकट पर जलूक बाडी से विधान सभा से पहली बार जीत दर्ज की
04:19इसके बाद 2006 और 2011 में भी वे कॉंग्रेस से ही जीते
04:24तरुम गोगोई की सरकार में उन्होंने स्वास्त वित शिक्षा जैसे एहम विभाग भी संभाले
04:30लेकिन 2014 में जो हुआ वो असम की राजनीती का सबसे बड़ा मोड बना
04:35कॉंग्रेस छोडी बीजेपी में गए और पलट दी पूरी तस्वीर
04:40सर्मा के अनुसार 2014 में वे मुख्यमंतरी बनने के बेहद करीब थे
04:44सोनिय गाधी ने कथे तोर पर उनका समर्तन भी किया था
04:48और अधिकतर M.L.E. उनके साथ थे
04:51लेकिन राहूल गांधी के हस्तशेप ने पासा परट दिया
04:55उन्होंने 2015 में कॉंग्रेस इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें लगा कि
04:58तत्कालीन मुख्यमंतरी तरुन गोगोई अपने बेटे गौरव गोगोई को आगे बढ़ा रहे हैं
05:04बीजेपी में जाना एक बड़ा जोखिम था लेकिन इसने उनकी किस्मत बदल दी
05:08बीजेपी ने उन्हें N.E.D.A. यानि कि North East Democratic Alliance का संयोजग बनाया
05:14इस भूमिका में उन्होंने अरुनाचल, मनिपुर, तिरपुरा और मेगाले में बीजेपी का वस्तार किया
05:192016 में बीजेपी ने असर में 15 साल बाद कॉंग्रेस को सत्ता से उखाड फेका
05:25126 सीटों में 60 बीजेपी को मिली, इस एतिहासिक जीत के पीछे सर्मा की रणीती का सबसे बड़ा हाथ माना
05:33जाता है
05:342021 के चुनाव में बीजेपी की एक बार फिर जीत हुई और इस बार सर्मा को खुद मुख्यमंतरी बनाया गया
05:4110 मई 2021 को उन्होंने असम के 15 मुख्यमंतरी के रूप में शपत लिए
05:46CM बनने के बाद का सफर, उपलबदियां और विवाद
05:49CM बनने के बाद सर्मा ने मिशन बस उंधरा लॉंच किया जिसका उदेश य भूमी और संपती से जुड़े मामलों
05:55को सुलजाना था
05:55उन्होंने राज्य द्वारा वित्पोशित 740 मदर्सों को सामान्य स्कूल में बदलने का फैसला किया
06:03कोवीड के दौरान उन्होंने स्वास्त मंतरी के रूप में जमीनी काम किया और उनकी छवी एक फैसला लेने वाले नेता
06:09की बनी
06:10लेकिन विबाद भी कम नहीं रहे उन पर लुईस बर्जो स्कैम और सारदा चिट फंड घोटाले में शामिल होने के
06:17आरोप लगे
06:17अलाकि वे इन सभी मामलों से बाहर निकलने में कामियाद रहे
06:21इस जुनाओं में सर्मा ने पूरे प्रचार को एक सभ्यगता अगत लडाई का रूप दिया
06:26उन्होंने बार बार मिया समुदाई को निशाना बनाया और कहा कि पाच लाग से ज्यादा वोट मदाता सुची से हटाये
06:33जा सकते हैं
06:34पवन खेडा का वो एक बयान राजुनीतिक भुकम्प या फिर बूमरैंक
06:38पवन खेडा कॉंग्रस की मीडिया विभाग के अध्याफशें तेज तरार दस्तावेजों के साथ बोलने वाले वेक्ति हैं
06:44नजबार सवाल यह है कि उनके दाओं की नियू कितनी मजबूत थी
06:48सर्मा ने आरोप लगाया कि कॉंग्रस ने इन दाओं के लिए एक पाकस्तानी सोचल मीडिया मॉडियूल का इस्तमाल किया
06:54जो भार्तिय चुनाव को प्रभावत करने के लिए बनाया गया था
06:57परिश्च पत्रकार जावेद अंसारी का कहना था आप आरोप लगाते हैं और फिर घटनाएं आपसे आगे निकल जाती हैं
07:05चुनाव के बाद कोई सच की जाच नहीं करता
07:08दूसरी तरफ विशशग्यों का मानना था कि ये आरोप चाहे साबित हो या ना हो
07:12शहरी और युवा मत्ताताओं के वीश खास कर सोशल मीडिया पर गहरा असर छोड़ सकते हैं
07:17इस पूरे चुनाव प्रचार में एक गल्चस्क मोड आया जब दोनों तरफ से विदेशी कनेक्शन का मुद्ध उठाया गया
07:23सर्मा ने पहले कॉंग्रिस प्रदेश अध्यक्ष गौरोगोगोई की बिटिश पत्नी को निशाना बनाया और फिर कॉंग्रिस ने सर्मा की पत्नी
07:30पर तीन पासपोर्ट का आरोप लगाया
07:32यानि दोनों तरफ से खेल एक जैसा लेकिन सवाल यह है कि जनता किसे ज्यादा मानेगी
07:38तो चलिए अब समझते हैं फाइनल चैप्टर क्या है असली राजनितिक दाव
07:42असमें यह चुनाव सिर्फ बीजेपी बनाम कॉंग्रिस का नहीं है यही मनता विस्वा सर्मा की व्यक्तिगत साह की भी लड़ाई
07:50है
07:50सर्मा खुद सौ से ज्यादा सीटे जीतने का दावा कर रहे हैं लेकिन पासपोर्ट विवाद ने उनकी छवी पर सवाल
07:56खड़े कर दिये हैं
07:58वो नेता जो दूसरों के विदेशी कनेक्शन पर हमला करते थे अब खुद उसी आरोप में गिरे हैं
08:03राजनीतिक विशलेशकों को कहना है कि इस तरह के आरोप भले ही कानूनी रूप से सावित ना हो पाएं
08:08मद्दाताओं की धारना को प्रभावित करते हैं
08:12खास कर तब जब वे पहले से मौजूद शक की जमीन पर गिरें
08:16और यही वो जगए है जहां राजनीति, कानून और चुनाव तीनों एक साथ तकराते हैं
08:22और इस केस में भी ऐसा तकराव दिखाई दे रहा है
08:25तो अब सवाल यह है, चार मई को जब मतगरना होगी
08:28तो क्या असम की जनता इस पूरे पासपोर्ट विवाद को याद रखेगी
08:32या फिर रोजगार, बाढ़, महंगाई जैसे असली मुद्दों उस पर वोट देगी
08:36और वो ही वोट टै करेंगे
08:38एक बाद तो होता है, कि मनताव इस वासर मा, असम की राजनीती के सबसे चतुर खिलाडी माने जाते हैं
08:44वे कॉंगरस में रहे, बीचे पी में आये, पूर्वोतर बदल दिया और सीम बने
08:47लेकिन इस बार चुनाओ के आखरी दिनों में जो बवाल हुआ, उसने ये सवाल जरूर खड़ा कर दिया है
08:52क्या एक मजबूत नेता कि सबसे बड़ी कमजोरी उसकी अपनी आकरामक्ता हो सकती है
08:57सभी सवालों के जवाब चार मई को मिलने वाले हैं
09:00आज के एक्स्प्लेणर के इस एपिसोड में इतना ही, लेकिन ये एपिसोड कैसा लग, कॉमेंट करके ज़रूर बताईए
09:05फिर मिलेंगे कैसे ही एपिसोड के साथ, तब तक देखते रहिए One India Hindi
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