00:00रेलवे में कोई भी बदलाव यूँ ही नहीं होता। हर फैसले के पीछे यात्रियों की जरूरत और सिस्टम की मजबूरी
00:06दोनों काम करती हैं। और इस बार जो फैसला सामने आया है वो भी इसी संतुलन का नतीजा है। एक
00:12पुरानी भरोसेमंद एक्सप्रेस ट्रेन की जगा
00:14अब उसी रूट पर क्लोन स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। अब आम यात्री के मन में पहला सवाल यही
00:20उठता है कि आखिर ये क्लोन ट्रेन है क्या। तो इसे बहुत आसान भाशा में समझे। जब किसी रूट पर
00:26यात्रियों की संख्या इतनी जादा हो जाती है कि हर �
00:29ट्रेन में वेटिंग लिस्ट लंबी होने लगती है और लोगों को कन्फर्म टिकेट मिलना मुश्किल हो जाता है तब रेलवे
00:35उसी ट्रेन के टाइम स्लोट और रूट पर एक अतिरिक्त ट्रेन चलाता है जिसे क्लोन स्पेशल कहा जाता है। जानकारी
00:41के मताबिक प्रयाग
00:56नौइडा जाने वाले लोगों को ट्राफिक से रहत मिलेगी और समय की बचत होगी। ये ट्रेन प्रयाग राज से चलकर
01:02कानपुर और अलिगड जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भी रुकेगी जिससे आसपास के यात्रियों को भी काफी सुविधा होगी। प्रयाग राज
01:08एक्सप्रेस हमसफर और रीवा एक्सप्रेस जैसी मुख्य ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट अकसर 100-200 से उपर चली जाती है। इस
01:15समस्या को दूर करने के लिए रेलवे ने तैय किया है कि जैसे ही इन ट्रेनों में नो रूम की
01:19स्थिटी बनेगी तुरंत एक क्लोन स्पेश
01:38चाहे कामकाज के लिए हो, पढ़ाई के लिए हो या फिर पारिवारिक कारणों से। ऐसे में कई रूट ऐसे हो
01:44गए हैं जहां हर दिन टिकेट मिलना चुनोती बन जाता है। त्योहारों के समय तो हाल और भी खराब हो
01:49जाते हैं। वेटिंग लिस्ट सैकडों में पहुँच
01:51जाती है और यात्रियों को आखरी समय में निराशा हाथ लगती है। रेलवे के सामने ये एक बड़ी चुनोती थी
01:57कि बढ़ती भीड को कैसे संभाला जाए। क्योंकि हर बार नई ट्रेन शुरू करना आसान नहीं होता। इसके लिए ट्रैक
02:04की उपलब्धता, टाइम टेब
02:19और आपको क्लोन ट्रेन का विकल्ब दिखे तो समझ लीजिए कि ये उसी बदलाव का हिस्सा है जो आपके सफर
02:24को थोड़ा आसान बनाने के लिए किया गया है। फिलहाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने
02:30रहिए One India Hindi के साथ।
02:51अबने फिलहा है।
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