00:00क्या पश्रिम बंगाल में लोकतंत्र की सबसे बड़ी बुनियाद वोट ही सवालों के घेरे में आ गया है।
00:05क्या चुनाव से ठीक पहले लाखो वोटरों के नाम काटना सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया है या फर इसके पीछे कोई
00:11बड़ा सियासी खेल शिपा है।
00:13भवानीपूर से नामांकन दाखिल करते ही ममता ने केंद्र और चुनाव आयोग पर हुंकार भर दिया है।
00:43ये पूरी कारवाई मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट करने के लिए की गई है।
01:13पूच बिहार, उत्तर दिनाजपूर, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया और 24 परगना जैसे सीमा वर्ती जिलों में बड़ी संख्या में बूटरों के
01:21नाम हटाए गए है।
01:52ये ही वज़ा है कि इस पूरे मुद्धे ने राजवितिक रंग ले लिया है।
01:53बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जिनका नाम अभी भी वोटर लिस्क से बाहर है और जिनकी स्थितिस पष्ट नहीं
01:59है।
01:59इस पूरे विवाद के बीच ममता बैनर जी ने भवानी पूसीट से नामांकन विदाखिल किया है और भरोसा जताया है
02:05कि उनकी पार्टी त्रिन्वूल कॉंगरस फिर से सत्ता में आएगी।
02:08लेकिन असली सवाल अभी बना हुआ है क्या इतने बड़े पैमाने पर नाम हटने से चुनावी परिनाम प्रभावित होंगे।
02:38है कि हर प्रभावित व्यक्ति तक यह जानकारी पहुंच पा रही है यह भी ध्यान तेने वाली बात है कि
02:44अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और कुछ नाम हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि हजारों मामलों
02:50पर अभी अंतिम डिजिटल सिगनेचर वा
03:08है और अगर जाता है तो क्या फैसला आता है क्योंकि यहां सवाल सिर्क वोटर लिस्ट का नहीं है बलकि
03:14अधिकार का है जो हर नागरी को लोकतंत्र में सबसे ताकतवर
03:18बनाता है, वो है वोट देने का अधिकार, लेकिन 90 लाख नाम हटने से ममता यही सवाल उठा रही है,
03:24कि यहां तो अधिकार ही छीना जा रहा है, उस खबर में इतना ही, आप क्या सोचते हैं, कॉमेंट करके
03:29जरूर बताएं, और अपडेट के लिए देखते रहें, वानिटिया
03:34मैं आपिकार, आपना, जा ना कि मिया कि अबहुत टूंट टेहरा हैं, कि आ� Можетने ओbulूर अप्डेरिया भडेवश बोटे नाम
03:40है, उस में दो
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