00:04हनुमान जन्मोटसव इस साल 2 एप्रिल 2026 दिन गुरुवार को मनाय जा रहा है कई भक्तों के मन में ये
00:11सवाल है कि आखर हनुमान जैन्ती या जन्मोटसव दो बार क्यों आते हैं और जैन्ती और जन्मोटसव में अंतर क्या
00:19है
00:19सबसे पहले तो आपको बता दे कि जैन्ती या दिवंगत व्यक्ति के लिए आता है और उत्सव जीवित या चिरंजीवियों
00:26के लिए चुकि हनुमान जी अमर है इसलिए उनके जन्मोटसव या प्राकट्य उत्सव कह सकते हैं वहीं भगवान या देवी
00:35देवता के लिए जैन
00:48कैसे आ सकता है हनुमान जन्मोटसव साल में दो बार मुख्य रूप से चैत्रपूर्णिमा और कार्तिक कृष्ण चतुरदशी को मनाते
00:55हैं पहली बार चैत्रमास में हनुमान जी का जन्म हुआ था जबकि दूसरी बार नरक चतुरदशी के दिन माता सीता
01:01ने उन्हें अमरत
01:03का वर्दान दिया था जिसे विजय अभिनंदन महत्सव की रूप में मनाते हैं जा उत्तर भारत में चैत्रपूर्णिमा को तो
01:10वहीं दक्षण भारत में कार्तिक माकी चतुरदशी को अनुमान जन्मोटसव धूमधाम से मनाई जाती है फिलहाल अस वीडियो में इतना
01:18ही व
01:21सब्सक्राइब करना न भूले
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