00:00संक्ट कितना आसन्न है कितना नजदिक है यह तो हमें नहीं पता पर पर समस्या जरूर है और वह एक्दम
00:08बिलकुल ही आपके दर्वाजे पर वह समस्या करी है हम इसका आकलन ऐसे करेंगे कि हमारे आड्रोस-पोडोस में क्या
00:15हो रहा है भारत के पास अभी तो आइल रिजर्व
00:17और उस पर उस में जैसे कि शिलंका में एक दिन की चुट्टी गोशित है पाकिस्तान में लंबी लाइने लग
00:23रही है और सरकार काफी वो ऐसा मेहसूस करें तो इतना तो तैर है कि भली भारत तक वह संकट
00:31या समस्या नहीं आई है पर उससे हमारा सामना सामना हो सकता है अगर �
00:37समस्या का कोई सटीक हल नहीं ढूना गया है दूसरी बात यह कि जो बड़ी ताक्त हैं जिसमें चाहे वो
00:44यूनाइटेट स्टेट हो या रशा हो चाइना हो इन्होंने अपने बंदोस्त कर रखे हैं और काफी बेतर तरीके से लंबे
00:52समय तक इन सब चीजों से जूंजने के �
00:54लिए उनने बंदोस कर रखे हैं भारत ने किया है पर एक सिमित हर तक सतर देन असी देन मैक्सिमम
01:01उतना उसके पास बंदोस्त है लपीजी गैस के बारे में इतना भी नहीं है तो यह हमें देखना पड़ेगा जब
01:08यहां होमुस को जब ब्लॉक किया था यह शुरुआती दि
01:23जो रिटायर डिप्लोमेट से उनने फॉन करके बोला कि सर आप ऐसा कहके क्यों लोगों को पैनिक करना चाहते हैं
01:29पर वही बात आज जब प्रदान मंत्री बोल रहे हैं तो बात तो है बात तो सच है कि जो
01:36प्रो गवर्मेंट या जो लोग चाहे कितना भी कहें कि समस्या नह
01:52है ओपोजिशन को मैं इस चीज के लिए एक प्रेशन शाह करूंगा कि उन्हों ने इसमें सरकार ने जो लीड
01:59नहीं लिया इस पूरे मसले पे उसके लिए उन्हों ने उसको कटगरे में खड़ा किया है तो एक चीज हमें
02:06देखनी पड़ेगी कि पाकिस्तान के लिए आ रहा
02:19मतलब यह भी तो बड़ा मसला है ना तो है पर कम से कम इस ऑपोचुनिटी का अगर भारत इस्तेमाल
02:26करता तो इस संकट से पार्शिली उबर सकता था क्योंकि ऐसी कंडिशन में वह अपने लिए कुछ ऐसा प्लेटफोर्म पैदा
02:35कर सकता था कि खासकर गैस और इन सब तमाम �
02:38चीजों की आवाजाई आसानी से हो सके हमसे एक स्ट्रेटजिक गल्पी हुई है पहले तो हम इरान के जो पी
02:46एं थे बिन्यमिन नितनियाओ उनसे मिलने गए उसके बाद मैं जब चीजें उलचती हुई नजर आई तो हमने क्या किया
02:54एकदम अचानक से हमने अमरीका के खिला
03:08नहीं होता है उससे जड़ा बैटर है कि नौन एलाइनमेंट ही ठीक है किसी से हम ना रहें जुड़े ना
03:14रहें हम अपना काम देखें और हमारी और यहां भारत के इंट्रेस्टेक पर थे ऐसे में बले युक्रेन और रशा
03:23वार्ड में भारत मीडियेशन ना करें कि इसमें �
03:26उसको किसी पराई चीज में टांगडा में से फायदा नहीं है पर यहां तो एडिया के इंट्रेस्टेक पर है ऐसे
03:32में उसको क्यों नहीं एक्टिवली करना चाहिए और खासकर जबकि यह पूरी लड़ाई है आपके दर्वाजी तक है अगर पाकिस्तान
03:40थोड़ा सा पार कर
03:41के आगे निकलेंगे तो इरान आजाता है अपका पूरा इंडियन ओशन डिस्टर्ब हो रहा है तो क्या खत्रा आसम नहीं
03:51है वो तो इंडियन ओशन में है ना वहां से कोई भी इंसाय ने दागी जाती तो भारत तक भी
03:56तो पहुंचती है ना अगर मानलो अमेरिका या कभी �
03:58भी संबंद बिगड़ता है तो खत्रा तो है इस पूरे हिंद माहा सागर में भारत कम से कम अगर रीजनल
04:04पावर होने का दावा करता है तो इसको इन सारी ताक्तों से फ्री तो करना पड़ेगा जब अफगानिस्तान तक सोवियत
04:11यूनियन की फौजे आ गई तो हमारी चिं�
04:26पसड़ने कई सारी बातें क्लियर करने कोशिश की बताया इसके साथ ही एक और जो तेल संकट हम देख रहे
04:32हैं चौतरफा वीडियोस हैं लोग घर की टंकियां लेकर घर के पतीले अभी तो टेंट हाउस से कई वीडियोस आये
04:37हैं कि लोग पतीले लेके पहुँच गए हैं कि
04:53फिर ऐसे कुछ निर्न हैं जिसमें से एकसाइस ड्यूटी घटाना एक और पहली हो सकता है हमने देखा नायरा ने
04:595 रुपे बढ़ायते उससे पहले प्रीमियम पेट्रोल पर 2 रुपे से ज़्यादा की 22 रुपे की बढ़ाउतरी की गई तो
05:07डीजल पेट्रोल को लेकर सर कै
05:10इसा महाल देश में आप देख पा रहे हैं क्या सचमुच किसी असंतोष का भाव नजर आ रहा है वो
05:14भूगताओं में लोगों में और सरकार जब एकसाइस ड्यूटी हटाती है तो इसकी पीछे क्या मकस्त नजर आ रहा है
05:21क्या सचमुच अब डढ़ने वाला महाल बन गया है
05:24देश में पेट्रोल डीजल को लिकर स्पेशली गण जी हमारी बदकसी में यह है इस देश की कि जब भी
05:32कोई संकट आता है तो सबसे पहले आदमी का इतना सेलफिशनेस होती है कि वो सबसे पहले अपना पतीला बारा
05:38होना चाहिए चापडूसी का पतीला बिलकुल खाली रह
05:42है और यह हमने कोड़ी में भी देखा है लोग जो है सबकों पे जो है बिना ओकसीजन के मर
05:48गय और लोग नहीं इस ओ करी और उसको जो है बहुत बड़ते चलते दामों में बेजा चैयह वह सिरिंडर
05:55थे उक्सिजन सिरिंडर थे चैयह वो दवाईयां थी कुछ में थी अगर
05:58भारत सरकार कोई precautionary measures नहीं लेती है तो opposition उसको घेर लेती थी आपको पहले करना चाहिए था अब
06:05आप क्यों fire fighting कर रहे हैं तो यह अगर भारत सरकार ने अगर excise duty कम कर दी है
06:12प्राइम मिनिस्टर भारत का जो यह कह रहा है कि हमको एक जुटके होके रहना है और यह संकट है
06:18इस
06:28पता चल जाए कि यह थोड़ी मिले में दिक्कत होगी तो हम उसको सौ किलो करके रख रहे हैं तो
06:33हम यह artificial जो shortage है इसको हम create करते हैं तड़कों पर आप कई पेट्रोल पंपे लाईने दिखा रहे
06:41हैं और यह जो शोशल मीडिया है इसको थोड़ा responsibility अपनी दिखानी चाहिए ल
06:58पर इस तरीके की वीडियो जो है viral होगी तो obviously एक दर का महौल हो जाता है और फिर
07:05आदमी को जो चीज़ हो भी नहीं रोती वो भी उसको यह लगने लगती कि वाके इतनी जो है संकट
07:10है तो इसलिए मोधी जी ने जो अपना बयान दिया है वो इसलिए नहीं दिया कि आप जो ह
07:15पैनिक बटन दबा दे और आप जो है भाग दौर कर दे उन्होंने सिर्फ देश को स्तरक किया है और
07:21एक रिस्पॉंसिबल सिटिजन होने के नाते हर देश की हर देशवासी की जिम्मेवारी है जितनी जरूरत है आप उसको इसको
07:30इसको किफायत दिखाए चाहे आप गैस को �
07:36यूज कर रहे उसमें किफाय दिखाए जाए तो ये होगा लेकिन इस तरीके से वीडियो को वैरेल करो या ओपोजिशन
07:42पार्टी शोर मचाएं या ये कही जी पाकिस्तान बदेस्ता कर रहा है तो भारत क्यों नहीं कर सकता फॉरन पॉलिसी
07:49एक दिन में नहीं बनती है फॉर
08:06स्विकार करेगा बिल्कुल नहीं करेगा तो जब हम अपनी लडाई में स्विकार नहीं करते तो हमारा क्या हक वनता है
08:12कि अब दूसरों की लडाई में जांगे मज़ेस्ता करें तो ये फॉरन पॉलिसी को समझना चाहिए ऑपोजिशन का काम है
08:18गॉर्मेंट जो भी करे उसक
08:20खिलाब बोलना है ओपोजिशन रिस्पॉंसिबल नहीं है ओपोजिशन रिस्पॉंसिबल होनी चाहिए और देश के साथ इकठा इकठे होके चलना चाहिए
08:30जी मुकण जी
08:31बिल्कुल सर जो मेरा सवाल था वही कि प्रिधान मंतरी नरेंद्र मोदी का बयान तो एक तरफ उसके बाद जो
08:37आज एकसाइज ड्यूटीज घटा दी गई है उसको लेकर क्या ये एक मैसेज नहीं है कि अंदर आश्वे बाजार का
08:43अधिरिक्त दवाब है तील की कीमते बढ
08:59रही कीमते बढ़ती रहेंगी आज ही की खबर मैं देख रहा था किसी जो है ऑईल कंपनी के सीओ ने
09:06का है कि ये जो आज कीमत जो है एक सो चार या एक सो पांच रुपे जो पर डॉलर
09:12पर बैरल है वो डेट सो डॉलर तक जाएगी तो ये कीमते बढ़ेगी और उस कीमते ब�
09:28बढ़ गई है डीजल जो इंडेस्ट्रियल यूज के लिए डीजल होता है उसके ने बढ़ी है आम जनता के लिए
09:33नहीं बढ़ी है तो आप अगर एक्साइज डूटी कम कर दी तो इसमें कौन सा पैनिक बटन बन गया इसमें
09:39जो सब को पताएगे लडाई चलती नहीं तो की
09:58प्रिधान मंत्री नरेंदर मोदी का वो सदन वाला भाशन क्या कहता है और रेकसाइज डूटी क्यों गटा दी गई लेकिन
10:05एक और थोड़ा राजनेतिक सवाल हो सकता है लेकिन चल रहे है चर्चा सर इस बात की भी क्योंकि एक
10:19एप्रिल बहुत जादा दूर नहीं है और उ
10:27अंकट की खड़ी में स्पेशली आने वाले दिनों में तेल की कीमतों को लेकर जाहिर प्रजातमत्र में अगर कोई राजनेतिक
10:36दल वो अगर चुनावों से प्रवावित ना हो तो मुझे लगता है कि कलत पहमी पालना है निश्चित रॉप से
10:43चुनाव सब के जेहन में होता
10:55अगर हम कंपेर करें तो जब भारत 95 रुपीज में ओयल खरीद रहा था तेल खरीद रहा था यहां का
11:03एक आम गरिलो आदमी पेट्रोलियम वो जो गैसुलिन खरीद रहा था तब अमेरिका में उसी की कीमत 70 रुपे 70
11:12रुपे तो लेकर 75 रुपे क्योंकि यह राज्चियों क
11:25देखिए कि भारत के एक आम इंसान का पर कैपिटा इंकम अमेरिका के आम इंसान के पर कैपिटा इंकम से
11:32बहुत कम है उसके इतनी इंकम नहीं है और कीमत वाहर अमेरिका के एक आम अमेरिका जितना पैसा देता है
11:41उससे काफी ज़्यादा दे रहा है तो ऐसा नहीं है बस हा�
11:44यह कहना चाहिए कि संकट को देखते हुए और इलक्षन या चुनाव या तमाम जो भी मजबूरी है इसको देखते
11:51हुए इसके कीमत जो है बहुत बढ़ने में दे गई है जो पहले से ही ज़्यादा है क्योंकि हमारे यहां
11:59जो गैसोलीन है उस पे बहुत सारे टैक्सिव है तो
12:12यही चीज़ है जो मुझे लगता है कि हमें ध्यान देने होगी तो हमें बहुत आसानी से समझने आ जाएगा
12:18कि सरकार कर क्या रही है या क्या करना चाहती है
12:23हमें साथ योगेंद कपूर जी भी इस शो में जोड़ चुके हैं जो कि उनसे हम जानेंगे आखिर ये देश
12:30में जो हाल चल रहा है
12:52गाउन लगने वाला है हमारे कई रिपोर्टर्स फिल्ड पर थे और उन्हें ये भी जाना कई लोग अपना बोर्या बिस्तर
12:56उठाकर गाउन लॉट गए है लॉटे इसलिए क्योंकि वह 400 रुपे की गैस नहीं भरवा सकते बाहर जाकर 100 रुपे
13:021500 रुपे का खाना नहीं खा
13:04तो सर ये किल्लत और ये पलायान ये लॉकटाउन कैसे देख पा रहे हैं क्या सच्मुच ऐसी कोई घड़ी आने
13:11वाले दिनों में बनने वाली है या फिर ये कुछ दिनों का बस बच गया है कोई डेड देख पा
13:16रहे हैं क्या असपास
13:19सबसे पहले मैं यह कहना चाहूँगा कि government का जो काम है वह है governance और जब हम governance की
13:26बात करते हैं तो उसमें बहुत जरूरी हो जाता है कि किसी भी तरीके की panic या speculation अगर चाहे
13:33social media में हो चाहे electronic media में है या print media में किसी भी form में हो उसको भी
13:39government का ही काम होता है
13:40control करना क्योंकि देखिए अगर आप कहते हैं कि आपके पास adequate stock है LPG का तो वह चीज़ जो
13:49है on ground वह visible भी होनी चाहिए
13:51अगर हम यह देखते हैं कि कहीं पर लाइन लग रही है या कहीं पर चीज़ नई मिल रही है
13:58टाइमली जो है तो इसका मतलब यह है कि कहीं न कहीं जो administration है उसमें जो है कहीं न
14:04कहीं leakages हैं जो आपको एक मैं यह कहता हूं कि जो hoarders है या जो illegal जो black marketing
14:11कर रहे हैं आप उनको एक तर
14:21जो enforcement mechanism है वो जो है एक government ही enforce कर सकती है तो ऐसे बहुत जरूरी यह है
14:27कि जो कोई भी item जो है अगर आप कहते हैं उसका stock available है तो वो adequately जो है
14:34वो मिलना चाहिए और आपको strict actions लेना चाहिए अगर आप इने भी लोगों को आप पगड़ते हैं कि जो
14:40illegal hoarding कर रहे हैं या black marketing कर रहे हैं
14:42इसके साथ साथ देखे मेरा यह भी मनना है कि जो current situation है जो प्राइम निस्टर का जो points
14:50है या message है जिसको मेरे हिसाब से एक misinterpret किया गया उनका point यह था कि जैसे covid के
14:58समय में हमने एक as a team idea काम किया था जिसमें चाहे center हो states हैं या common आदमी
15:05है या businesses आप सबको जो है अगर मिलके जो है
15:10ऐसी situation जो एक अपने आप में एक issue of national importance है तो उसमें जरूरी हो जादा है कि
15:17अगर कोई भी विंग साथ में मिलके काम नहीं करता है तो आप यह देखे कि आप एक तरीके से
15:22एक problem को या जो solution जो निकल सकता है इसी चीज़ का उसको जो जो प्रोलॉंग कर रहे हैं
15:28या बढ़ा र
15:40options हैं वो जो है सिर्फ एक import के point of view से नहीं है एक export के point of
15:44view से भी हम already देख रहे हैं और जो ground reports आ रहे हैं कि उनकी logistical cost जो
15:49है वो बढ़ रही है तो ऐसे में बहुत जरूरी हो जाता है कि आपको जो है एक tandem और
15:55as a team जो है work करना है और किसी भी challenge के लिए तयार रहना है और इसके साथ
16:00मैं यह भी कहूँगा कि देखे as of now जो है अगर हम यह देखें कि जो supplies है वो
16:07at the moment जो है adequate भी है और जो government के पास जो stock है उसमें मेरे एसाब से
16:12एक common आदमी को panic करने की जरूरत नहीं है और हमें यह भी समझना है कि government जो है
16:19वो sensitive है कि कि किसी भी तरीके से जो भले increased cost पढ़ी है आ�
16:30खामियाजा है या असर जो है वो एक common आदमी पर ना पड़े इसलिए government ने excise duty को जो
16:35reduce किया है और उसका benefit जो basically oil companies को देने की कोईशिश करिये वो इसलिए है कि एक
16:42oil company जो है देखें वो भी ultimately it is in the business of oil अगर आप यह नहीं देख
16:47सकते कि कोई भी profit generating company जो है उसको जो है आप losses में �
16:52या उनको आप देखें कि वो अगर bleed कर रहे है high cost की वज़े से तो उसका उनको benefit
16:57ना दिया जाए तो मेरा point यह है कि as of now your government ने जो measures लिये है they
17:03are well in line with requirements है और I think government जो है वो sensitive है कि कि किसी भी
17:11तरीके से common आदमी के ओपर जो है cost जो है वो increase जो है वो नहीं होनी चाहिए
17:15कीब्दू को लेकर कैसा फाल देख पा रहे हैं आप देश में योगिन जी क्योंकि exercise duty वाला मैं सवाल
17:21देजावर जी से रोजी से भी जानने की कोशिश की जहांपर exercise duty घटाने के बाद से एक और message
17:27गया बिशक message positive sense में गया कि कीमते बहुत जल्दी नहीं बढ़ेगी लेकिन द
17:44परी लाने वाला है एक तारीक को दोनों की कीमतों में बदलाव होता है फिर बदल होता है क्या बढ़
17:50होतरी की उम्मीद देख रहे हैं या कुछ घटने वाला है
18:12तो हम यह देखेंगे कि government जो है मेरे खाल से कोई reason है नहीं पैलेक करने का कि government
18:18जो है कहीं पर भी revise करने की सोचे cost को जो है
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