Skip to playerSkip to main content
IRGC ने Sejjil Missile से Israel और U.S. ठिकानों पर वार, मिसाइल पर लिखा 'Thank You India'

ईरान ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के तहत हमलों की अपनी 83वीं लहर शुरू की है, जिसमें उसने ताकतवर सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करके पूरे इलाके में इज़राइल और U.S. के ठिकानों को निशाना बनाया है। कई लोगों को इस बात ने चौंका दिया है कि एक मिसाइल पर "थैंक यू, पीपल ऑफ इंडिया" मैसेज लिखा हुआ था, जिससे पहले से ही चल रहे तनाव में एक और हैरान करने वाला मोड़ आ गया है।

खबर है कि इस नई लहर में इज़राइल की खास जगहों पर हमला हुआ, जिसमें तेल अवीव के साथ-साथ मिडिल ईस्ट में U.S. से जुड़े मिलिट्री ठिकाने भी शामिल हैं। ईरान का दावा है कि यह हमला U.S.-इज़राइली हमले के जवाब में किया गया था, साथ ही यह भी दावा किया कि उसकी मिसाइलों ने एयर डिफेंस सिस्टम को सफलतापूर्वक भेद दिया।


Iran has launched its 83rd wave of attacks under the Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC), using powerful Sezgil ballistic missiles to target Israel and the U.S. across the region. What locations are targeted? To the surprise of many, one of the missiles had the message "Thank you, People of India" written on it, adding yet another shocking twist to the already simmering tensions.

It is reported that in this new wave, specific places in Israel were attacked, including Tel Aviv, as well as the U.S. in the Middle East. It also includes military bases associated with it. Iran claims that the attack was carried out in response to a U.S.-Israeli attack, and also claims that its missiles successfully penetrated air defense systems.

#IranIsraelWar #IRGC #SejjilMissile #IsraelUnderAttack #USBases #MiddleEastConflict #IranMissile #TelAviv #BreakingNews #India #Geopolitics #WarUpdate #DefenseNews #GlobalTensions #MilitaryStrike

~PR.338~HT.96~GR.122~

Category

🗞
News
Transcript
00:00पेट्रोल डीजल पर 10 रुपए एक्साइज कट
00:09मौजुदा रहत या चुनावी चाल
00:20सरकार के फैसले पर कई सवार
00:22जिहां पश्चिम एसिया में जारी युद्धोर बढ़ते वैस्विक तनाओ के बीच
00:26सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज डूटी 10 रुपए घटाने का बड़ा फैसला लिया है
00:32पहरी नदर मिया फैसला आम लोगों के लिए राहत की खबल लगती है
00:36क्योंकि महेंगे इंधन से परिशान जनता को अब कुछ राहत मिल सकती है
00:41लेकिन जैसे ही इस फैसले को गहराई से देखा जाए तो इसके साथ कई बड़े और असहज सवाल भी सामने
00:48आ जाते है
00:48क्या या राहत लंबे समय तक ठिकेगी या फिर चुनावई मौसम तक सीमित रहेगी
00:53सबसे पहला और सिधा सवाल यही है कि क्या या कटोती अस्थाई या आस्थाई है
00:59क्योंकि इतिहास गवा है कि कई बार चुनावई से पहले कीमतों में राहत दी जाती है
01:04लेकिन बाद में फिर धीरे धीरे बढ़ोत्री हो जाती है
01:07ऐसे में लोगों के मन में अशंका होना स्वाविक है कि क्या या कदम सच में जनता के लिए है
01:12या फिर चुनावई डर्णीत का हिस्सा
01:14दूसरा बड़ा और गंभीर सवाल है कि क्या इस कटोती के लिए युद्धो सप्लाई संकट का इंतजार करना जरूरी था
01:20जब वैसुक बाजार में पहले तेल कीमते नीचे थी तब उपभुकतों को पूरा फायदा क्यों नहीं मिला
01:26उस समय एकसाई ड्यूटी को कम क्यों नहीं किया गया कि सवाल सीधे तोर पर सरकार की नीथी और प्रत्मिक्ताओं
01:34पर उठता है
01:37तीसरा सवाल राज्यों की भूमिका को लेकर है क्या अब राज्य सरकारे भी अपने टेक्स कम करेंगी ताकि आम आदमी
01:43को और रहत मिल सके
01:45क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में केंद्र और राज्य दोनों का टेक्स सामिल होता है
01:49अगर राज इटेक्स नहीं खटाते तो क्या या राहत आधी ही रह जाएगी
01:55चोथा और सबसे एहम सवाल क्या भारत में पेट्रोल डीजल की कीमतें सच में बाजार के हिसाब सते होती है
02:01या फिर इसमें सरकारी हस्तक शेप और चुनावी कलेंडर की भूम का जादा होती है
02:06क्योंकि जब कीमतें बढ़ती हैं तो उसे एक ग्लोबल मार्केट का हवाला देकर सही ठहरा जाता है
02:11लेकिन जब घटती हैं तो उसके टाइमिंग अक्सर चुनाओं के आसपास ही क्यों दिखाई देती है
02:19या पूरा मामला सिर्फ 10 की रुपए की रहत का नहीं है बलकि या पादरिश्टा, नीती और भरोसे का सवाल
02:25है
02:25आम आदमी जानना चाहता है कि उसे जो रहत मिल रही है वह कितनी सची है और कितनी स्थाई है
02:31हलाकि 10 रुपए की जो रहत दी गई है वो तेल कमपनियों को फिलहाल दी गई है
02:36जन तक पर पढ़ने वाला बोज अभी फिलहाल किसी भी तरह से कोई कम होता नजर नहीं आ रहा है
02:42हलाकि इस बात की तसलिक की जा रही है कि आने वाले समय में जब तेल की कीमतें अंतराश्ट्रे बाजार
02:48में बढ़ेंगी
02:49तो उम्मीद की जा रही है कि भारत में उनका असर कम होगा
02:52और यही वज़ा है कि अभी से 10 रुपए की ये रहत दी गई है
02:57वैसे अब नजर सिर्फ कीमतों पर नहीं है बलकि नीतियों पर भी है क्योंकि सवाल सिर्फ पेट्रोल डीजल का नहीं
03:03बलकि उस सिस्टम का है जो तै करता है कि आम आदमी की जेब पर कितना बोज पढ़ेगा
03:09फिल हाक लिए बस इतना ही बाके बेटली बने रही है वन इंडिया हिंदी के साथ
Comments

Recommended