00:08अमेरिका के उपराष्ट्रपती जीडी वैंस और इसराइल के प्रधान मंत्री बेंजमिन नेतन याहू के बीच हुई एक तीखी फोन कॉल
00:15ने वाशिंग्टन और इसराइल के बीच बढ़ते तनाव को सब के सामने ला दिया है।
00:19इस बाचीत के दौरान वैंस ने नेतन याहू के उस दावे को सीधे चुनौती दी जिसमें उन्होंने कहा था कि
00:26इरान में सत्ता परिवर्तन करना बहुत आसान होगा।
00:29वैंस ने इस सोच को हकीकत से दूर और जरूरत से जादा उमीदों से भरा बताया।
00:34अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इसराइल जान बूच कर वैंस की छवी को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहा
00:39है क्योंकि वे इरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बाचीत का रास्ता अपना रहे हैं।
00:45अब इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं कि आखिर ये विवात क्यों हो रहा है और इसके पीछे
00:50की असली वज़ा क्या है।
01:15बिल्कुल रास नहीं आया। उन्होंने फोन पर नेतनियाहू से साफ लहजे में सवाल किया कि वे किस आधार पर इतनी
01:21बड़ी बात कह रहे हैं।
01:22वैंस का मानना है कि हकीकत नेतनियाहू के दावों से कहीं जाधा कठिन है।
01:26जेडी वैंस का शुरू से ही इस्टैंड रहा है कि अमेरिका को दूसरे देशों के अंतहीन युद्धों में नहीं फसना
01:32चाहिए। वे इस समय स्टीव विटकॉफ और जैरेट कुशनर जैसे प्रमुक वारताकारों के साथ मिलकर इरान और इसराइल के बीच
01:39चल रहे तनाव क
01:40कम करने और किसी तरह के शांती समझोते तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन के भीतर एक
01:46बड़ा वर्ग मानता है कि अगर इरान के साथ कोई समझोता होना है तो जेनी वैंस ही इसके लिए सबसे
01:51सही व्यक्ति हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर
01:54इरानी पक्ष वैंस के साथ किसी नतीजे पर नहीं पहुच पाता तो उन्हें शायद ही भविश्य में कोई और बहतर
02:00मौता मिलेगा। हाला कि इस बीच एक नया मोड तब आया जब अमेरिकी अधिकारियों ने इसराइल पर या आरोप लगाया
02:06कि वो वैंस के खिलाफ अभि
02:27इसराइल शायद ये नहीं चाहता कि अमेरिका इरान के साथ किसी भी तरह का समझाता करे बलकि वो इरान की
02:32सत्ता में बड़ा बदलाव देखना चाहता है।
02:51इसी मदभेद की वजए से दोनों देशों के बीच का रिष्टा अब तनाव पूर्ण दौर से गुजर रहा है। अमेरिका
02:56अब इसराइल की हर बात को बिना सोचे समझे मानने के मूड में नहीं दिख रहा है।
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