00:0060 रुपए में मिलना चाहिए जो पेट्रोल उसके लिए आप 95 रुपए दे रहे हैं क्यों क्योंकि पिछले साड़े 11
00:05सालों में सरकार ने 12 बार एक्साइज जूटी बढ़ाई है
00:11हमारी खाल उतार के उसकी जूटी पहना कर हमें पहना कर हम पर ऐसान दाद रहे हैं
00:18हर्दीप पुरी जी की भाषा स्वाइज ट्वीट में कहते हैं कि भारत की जनता पर दबाव न पड़े इसलिए वो
00:24दबाव भारत की सरकार ले रहे हैं
00:26अरे साब ये सरकार और ये पैसा दोनों भारत की जनता का है एपस्टीन का नहीं
00:32साथियों आज सुभा हर्दीप पुरी जी ने एक ट्वीट किया और एहसान चताया हम सब पर की साब पेट्रोल और
00:39डीजल पर से
00:40एकसाइस ड्यूटी दस रुपे कम कर दे गई
00:43पढ़ने से ऐसा लगता है कि हमें और आपको रहत मिल गई हम पेट्रोल भराने जाएंगे तो दस रुपे सस्ता
00:48पेट्रोल मिलेगा गलत
00:50यह रहत सिर्फ और सिर्फ ओयल मार्केटिंग कमपनीज को दी गई है
00:55और हम और आप जब पेट्रोल भराने जाएंगे तो उतनी ही कीमत देंगे जो कल दे रहे थे
01:01आपको याद दिलाता हूँ जब मनमोहन सिंग जी की सरकार चुनाव हारी मई 2014 में
01:07तब अंतराश्ट्री कीमत कच्चे तेल की 106.94 थी लगभग 107.00 पर बैरल
01:16पेट्रोल मिलता था 71 रुपीज 71 पैसा। दीजल मिलता था 56 रुपीज 71 पैसा।
01:24युद से पहले ठीक युद से पहले अंतराश्ट्री कीमत थी 70 डॉलर पर बैरल अब है 90-93 डॉलर पर
01:32पेट्रोल आप कितना खर्च कर रहे हैं एक लीटर पे 94-95 रुपीज ये कीमतें क्यों बढ़ी
01:3960 रुपे में मिलना चाहिए जो पेट्रोल उसके लिए आप 95 रुपे दे रहे हैं क्यों क्योंकि पिछले साड़े 11
01:45सालों में सरकार ने 12 बार एक्साइज जूटी बढ़ाई है
01:49और अगर क्यालकुलेट करें साड़े 11 सालों में प्रति दिन सरकार ने 982 करोड इस एक्साइज जूटी से कमाया है
02:00राहत उपभोगता को न तब मिली न अब मिलेगी
02:04कल रात को नाइरा एक उयल मार्केटिंग कमपनी है प्राइवेट कमपनी है नाइरा ने 5 रुपे प्रति लीटर पेट्रोल का
02:12और 3 रुपे प्रति लीटर डीजल का बढ़ा दिया
02:15जब दबाव कंपनीज का सरकार पर पड़ा तो आज सरकार ने उन कंपनीज को थोड़ी राहत दी है, ये राहत
02:21न डीलर के लिए है, न कंजूमर के लिए है, हरदी पुरी जी की भाषा सुनी, ट्वीट में कहते हैं
02:28कि भारत की जनता पर दबाव न पड़े, इसलिए वो दबा
02:32भारत की सरकार ले रहे हैं, ये सरकार और ये पैसा दोनों भारत की जनता का है, एपस्टीन का नहीं
02:38है, तो ये एहसान लादने वाली भाषा कम से कम आप न बोलिए, आप भारत के मंत्री हैं, एपस्टीन आइलेंड
02:45के मंत्री नहीं है, हमारी खाल उतार के उसकी जूती पह
02:50करो हमें पहनाकर हम पर ऐसान लाद्रेव साब यह सरकार की बहुत पुराणी साड़े 11 साज पुरानी आदत है कि
02:58इतना निचोर दें जनता को कि हम सास भी लें तो हमये लगे साब विकास हो रहा है क्या आखे
03:06जनता समथ चुकी है प्रदान मंतरी पाँच राजियों में प्रच
03:20compromise, operations इंदूर के
03:22ceasefire, trade, deal
03:24यह सब याद आता है
03:25एक failed foreign policy याद आती है
03:27LPG की कतारे दिखाई देती है
03:30तो प्रधान मंत्री की उस मुह से जाएंगे प्रचार करने
03:32ताकि वो प्रचार के लिए
03:34जा सके हैं इसलिए आज यह इस तरह
03:36तमाम मंत्री इस तरह से tweet कर रहे है
03:38इस तरह से post कर रहे है
03:41जैसे की राहत उकभोगता को मिली है
03:42मैं फिर दोराता हूँ
03:43यह राहत उकभोगता के लिए नहीं है
03:46यह private companies के लिए है
03:48युद्ध से पहले रश्या से हम
03:50discounted कीमतों पर
03:52तेल खरीद रहे जब अमेरिका की
03:54अनुमती थी तेल खरीद नहीं है
03:56वो discount भी
03:58उस राहत को
04:00हमें नहीं दिया गया
04:01वो राहत अंबानी जी के लिए थी
04:03private companies के लिए थी
04:05मेरे और आप के लिए नहीं थी
04:07सरकार समझ ले कि अब आप हमें
04:09मूर्ख नहीं बना सकते
04:10लोग समझ चुके हैं
04:12कि आप सिर्फ दो-तीन लोगों के लिए काम करते हैं
04:16बाकी 140 करोड जनता
04:18कतारों में खड़ी रहे
04:20भुगते जिए मरे आपकी बला से
04:22जय है
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