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BJP MP Nishikant Dubey ने संसद में कांग्रेस की लगा दी क्लास | Insolvency & Bankruptcy Code Bill

बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे ने संसद में Insolvency & Bankruptcy Code Bill पर बोलते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा , उन्हो ने कहा की एक कहावत है हिंदी में ज्यादा जोगी मठ उठ उजाड़ मैं 2009 में इस सदन का सदस्य बना और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व का मैं शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे पहली ही बार फाइनेंस कमेट का और पब्लिक अकाउंट्स कमेटी का सदस्य बना दिया स्टैंडिंग कमेटी का और उस दिन से लेके लगातार एक चीज जिसके ऊपर की हमारी कमेटी जितनी भी रिपोर्ट है और मैं कांग्रेस के अपने साथियों से कहूंगा कि उनको उस सारे कमेट की रिपोर्ट पढ़नी चाहिए जो 2009 से लेकर 14 तक हमारी कमेटी ने डाला है

BJP MP Nishikant Dubey, speaking on the Insolvency & Bankruptcy Code Bill in the Parliament, targeted the Congress fiercely. There are as many reports as our committee and I will tell my friends in the Congress that they should read the reports of all the committees that our committee has submitted from 2009 to 2014.


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~HT.410~ED.110~GR.538~PR.338~

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Transcript
00:00एक कहबत है हिंदी में ज्यादा जोगी मठ हुजार
00:11मैं 2009 में इस सदन का सदस्य बना
00:18और भारती जन्ता पार्टी के नेत्रित्तु का मैं सुक्रगुजार हूँ
00:22कि उन्होंने मुझे पहली ही बार फारांस कमिटी का और पब्लिक अकाउंट कमिटी का सदस्य बना दिया
00:30इस्टेंडिंग कमिटी का
00:35और उस दिन से लेके लगातार एक चीज जिसके उपर की हमारी कमिटी जितनी भी रिपोर्ट है
00:43और मैं कॉंग्रेस के अपने साथियों से कहूंगा
00:46कि उनको उस सारे कमिटी की रिपोर्ट पढ़नी चीए जो 2009 से लेके 14 तक हमारी कमिटी ने डाला
00:55हमने लगातार कहा कि जो रिजॉलिशन प्रॉसेस है आपका जो कि जगदंपिका पाल साहब बता रहे थे
01:04कि आप एक कमपनी डाउन जाती है वो पैसा पेमेंट करने के स्थिती में नहीं है उसका एन पिय होता
01:12है
01:13आप उसको जो है दूसरे मद में लोन दे देते हो और उसी लोन से वो लोन चुकाता है और
01:22ये जो मैनूपिलेशन है ये मैनूपिलेशन देश को एदिन बरबाद कर देगा
01:29लेकिन जो मैंने सब्द कहा कि ज़्यादा जोगी मठ हुजार भरपूर अर्थ सास्त्रियों से भरी हुई वो सरकार थी
01:39डॉक्टर मन मोहन सिंग जी जिनकी पूरी दुनिया आदर करती है वो खुद प्रधान मंत्री थे
01:45चिदंबरम साहब थे प्रणम मुखर जी साहब थे मौन्टेक सिंग अहलूवालिया साहब थे
01:51मलब आप नाम लीजिए रॉकुराम राजन साहब थे नाम लीजिए उस वक्त दुनिया के जितने बड़े अमर्त सेंसे लेके सारे
02:00लोग इस सरकार को मदद कर रहे थे
02:04लेकिन इन लोगों को जो अमेरिका का सब प्राइम क्राइसिस आया दोहजार आट में
02:11उस से भी इनको प्रेरना नहीं मिली और हमारी कमीटी ने 2009 में 2010 में 2011 में 2012 में कहा
02:19कि एन पिय बढ़ रहा है भाईया इसका कुछ करो जो लोन आप दे रहे हो उतना कॉलेटरल है ही
02:30नहीं उतना पैसा है ही नहीं उस कमपनियों के पास
02:33ना वो एक्यूप्मेंट ला रहा है ना वो लोगों को रुजगार दे रहा है ना उसके पास जमीन है आप
02:40केवल फोनो बैंकिंग का सहरा ले रहे हो लेकिन किसी ने बात नहीं मानी
02:452014 में जब मानी मोदी जी के नेत्रितों में सरकार बनी तो पूरा बैंक का हलत खराब था जिस जीडिपी
02:55की बात कर रहे हैं जो कॉंग्रेस के जितने लोग भासन देते हैं मुझे तो निरासा होती है वहिया आप
03:03पड़े लिखे आदमी हो कोई डॉक्टर है कोई लॉयर है को
03:09लोण जो कहते हो कि लोण जो है रिपे नहीं हो रहा है आप राइट आफ कर दे रहे हो
03:14आप बिजनसमें भाग गया मैं आपके सारी बात से सामत हूँ एकदम आप सही बोलते हो लहिन कभी आपने देखा
03:22है कि वह लोण कब का है वो लोन 2004 से लेके 2014 तक है 2014 के बात से कोई
03:33लो�
04:03भागा होगा हो सकता है कि हमारी सरकार के समय भागा हूगा मैं उसे
04:11गोल्ड लाइ vallahi और यहां के लोकल मार्केट में दीजे और आठी 1- 2
04:32जो है उसको आप बाहर बेज़ दीजिए की रिपोर्ट आई 2014-15 की मैं कॉपी बेज़ दूंगा आपके नित्रतु को
04:39वो यह कह रहा है कि पाच घंटे में डायमंड आया पाच घंटे में गोल्ड आया पाच घंटे में चांदी
04:49आया और वो प्रोसेसिंग करने के लिए कभी हर
04:53कभी द्वार चला गया कभी सूरत चला गया कभी बंबे चला गया सब दिली एरपोट पर आया और पाच घंटे
04:59में उसको प्रोसेस करके उसको एक्सपोर्ट कर दिया
05:04और निर्मोधी ने क्या किया जब सब धन एक बाइस-पसरिय हो गया तो जो नेच्टोर्ल डायमंड था और जो
05:13आर्टिफेशल डायमंड था उसमें सब उसने आर्टिफेशल डायमंड जो है नेच्टोर्ट के तरह बेश्छा सुरू कर दिया
05:20पैदा आप करो, करप्शन आप करवा, उपर से जो है आप मेरे उपर कोश्चन करो, 15 लाख करोड रुपईया, एक
05:29दो पैसा नहीं, 15 लाख करोड रुपईया इस देश का बैंक में डूब गए,
05:39कोई था पोजिशन नहीं, अब भारत सरकार जब आई, मोदी जी आई, और क्योंकि जो GDP आप छोड़ कर गए,
05:472004 का एकोनॉमिक सर्वे यह दिया, आप देख लीजेगा, तो भारती जंदा पार्टी जब छोड़ कर गई,
05:53यूपिये को जब उसने अपना चार्ज दिया, तो आपने एकोनॉमिक सर्वे में, आपने, 2005 के एकोनॉमिक सर्वे में आपने कहा,
06:03कि हमको अटल विहारी बाजपे, इन्हें रोबोस्ट एकोनॉमि छोड़ी है,
06:08जीडिपी का जो लेवल था, वो 9 परसेंट था, 9 परसेंट के दर से ये देश आगे बढ़ रहा था,
06:15लेकिन जब हमने चार्ज लिया, मानने मोदी जी ने चार्ज लिया, तो ये एकोनॉमि 4.2 परसेंट के रेट से
06:23बढ़ रही थी,
06:24और 15 लाख करोड रुपया, टोटल बैंक का जो लोन था, वो लगवग लगवग 52 लाख करोड रुपया बैंकों ने
06:34पूरे 1947 ते लेके 2014 तक दिये थे लोन, उसमें से 15 लाख करोड रुपया डूब गया था,
06:44और 9 लाख करोड रुपया जो था, वो ये था कि वो मिलेगा या नहीं मिलेगा, 50 परसेंट पैसा बैंक
06:54का डुआवा था, कोई भी बैंक का चेर्मेन एक फाइल साइन करने को तयार नहीं था,
07:01इन्फलेशन का रेट जो है, आप 10 परसेंट, 11 परसेंट लेके गए थे, महगाई जो है, दिन रात आगे बढ़
07:07रही थे, क्या करती है हमारी सरकार, हमारी सरकार को यदि डवलप्मेंट कर रहा था, जिसके आधार पर की, भारत
07:16की जनता ने, मानी मोदी जी को वोट दिया थ
07:24लेकर हम जो है, इन्सॉल्वेंसी एंड बेंकरप्सी कोड लेकर आए हम, और मुझे फक्र है कि 2009 के बाद से
07:36इस देश में जितने बड़े कानून बने, चाहे आपने बनाए, चाहे यूपिये के समय बने, चाहे एंडिये के समय बने,
07:43लगवग लगवग सभी कमीटी का मैं स�
07:47आए बीसी कमीटी का भी सदस्त था, अब आए बीसी कमीटी में यह काते है कि चर्चा नहीं भी चर्चा
07:53तो यार जब आए बीसी आया, मानी सभापती महदिया, उस वक्त भी जेपीसी बनी, भुपेंदर यादर जी जेपीसी के अध्यक्स
08:01थे, और अभी जब यह रिपोर्�
08:16तो था कि फाइनली एक ऐसा रोबोस सिस्टम स्टेंथन किया जाए, जिसमें कि बैंकों को भी बचाएं, विकास भी हो,
08:26और कहीं यह करप्शन का जो है दायरा नहीं आए, तो हमने कहीं एक अधिकार दी, लेकिन अधिकार जब आप
08:35देते हैं, कानून जब आप बनाते हैं, �
08:38तो इस देश में कुछ भी हो, सबसे पहला यह होता है कि कानून को तोड़ने के रास्ते कैसे हो
08:45से, कानून के रास्ते क्या थे, कि आपने किसी कंपनी को जैसे, मान लिजे कि मैं एक मिनर्वा कंपनी का
08:55जिकर कर रहा हूँ,
08:57असी हजार करोर रुपया उसको लोन दिया, पता है उसके कोलेटरल केबल सो रुपय थे, तो जब यह कानून बना,
09:11इस कानून में लूफ होल्स थे, लूफ होल्स क्या क्या थे, जिसके लिए कि हमने बनाया और जो यह संसोधन
09:16करने के लिए हम आये हैं,
09:18पहला जो लूप फोल्स था कि जो mandatory admission है जिसके बारे में कि का रहे थे पाल साहब कि
09:27इसमें कोई भी आदमी जो secured creditor है इसमें जो 4-5 लोग हैं secured creditor है unsecured creditor है
09:37जो वहां लोगों के काम करने वाले लोग हैं और जहां माल लीजे कि society का मामला आता है या
09:44मकान का मामला आता है तो जो
09:46उसमें जिन्होंने बुक कराया हुआ है आम आदमी वो एक creditor के तोर पर हमने जो है waterfall mechanism बनाया
09:52उस waterfall mechanism ये है कि किसको सबसे पहले यदि ये समान बिकेगा तो किसको सबसे पहले इसका पैसा जाएगा
10:02उसमें हमने सबसे पहला ये तैय कि जो रोज काम करने वाले लोग है जो वह
10:11के इंपलाई है जो वहां के गरीब लोग है सबसे पहला अधिकार पैसे पर उनका है दूसरा हमने बनाया कि
10:21जो banking system है जो secured creditor है जिसका की खुले आम पैसा जो है पता है कि ये पैसा
10:28इसी बैंक का है इसी financial institution का है वो दूसरा जो है waterfall mechanism में वो था कि वो
10:34दूसरा पैसा secured creditor को जा�
10:41company में किसने गिट्टी का सप्लाई किया किसीने मिट्टी का सप्लाई किया किसीने बालू का सप्लाई किया किसीने material का
10:46सप्लाई किया तो वो unsecured creditor है उसको third हमने जो है ये माना ये हमने waterfall mechanism मनाया अब
10:55उसमें जब ये mechanism आगे बढ़ा तो एक case आगया Supreme Court में विधर्ब Industries Power Limited versus Axis Bank
11:04
11:05ये case आगया अब इस case ने कहा कि N.C.L.T. को ये अधिकार है कि वो किसी
11:13resolution process को स्विकार करे या किसी resolution process को स्विकार करे क्योंकि यहाँ जो सब्द था में और सैल
11:24मतलब आपको मैं बताओं कि जब कानून हम और आप बनाते हो हम आप तो politician हो कानून में हम
11:30को यदि lawyer होते तो Supreme Court मे
11:32कही हम सारे member of parliament जो है practice करते हम एक practical बात एक साधरन बात लेके चलते हैं
11:38अब Supreme Court ने अपने judgment में में और सेल का फर्क बता दिया कि नए N.C.L.T.
11:44को यदिकार है कि वो किसी चीज को स्विकार कर सकता है किसी चीज को अस्विकार कर सकता है अब
11:51मालिजे कि एक गरीब आदमी है unsec
11:54secured creditor है जिसने एक लाख रुपईया का supply किया दो लाख रुपईया का supply किया वो तो मर जाएगा
12:00ना वो बड़ा आदमी तो है नहीं बैंक में तो मालिजे कि sovereign guarantee है भारत सरकार की तो बैंक
12:06में बचने की काफी संभावना है वो कैसे बचेगा और N.C.L.T. को एधिकार हो गया त
12:23अब N.C.L.T. के चारों तरफ के बंधन को हमने बान दिया कि आपको उसको स्विकार करना है
12:30पहले आप उस प्रोसेस को स्विकार करिए और फिर जो दूसरा प्रोसेस पाल सहाम ने बताया कि अब पहले क्या
12:39था कि 66% 70% जो है secured creditor यदी वोट देंगे तो होगा अब ऐसा नही
12:46कई एक बार प्रोसेस में हुआ कि कुछ लोग सामत हो सकते हैं कुछ लोग औसामत हो सकते हैं किसी
12:51बैंक का एक अलग स्टाइल है किसी का नया स्टाइल है भारत सरकार के कोई institution है वो एक साथ
12:56काम करना चाहते हैं यहाँ private sector का बहुत development हो गया है तो उस प्रोसेस को हम नीचे ल
13:14पढ़ा नहीं कि आरपी कौन बनाएगा आरपी वो बनाएगा जो secure creditor है यह जितने resolution process में वो आरपी
13:25जो है जो professional बनाए जाएंगे और professional इसलिए बनाए जाएगा जो हमारे सारे पहले के वक्ताओं ने कहा कि
13:33वो यह इसलिए बनाए जाएंगे कि company यह चलती हुए company है और किसी
13:38घाटे में है तो हम दो-तीर मेंने जब तक कि यह resolution प्रोसेस पूरा नहीं हो जाता है हम
13:44उसका यह प्रयास करेंगे कि वो company बैठ नहीं जाए वो company बंद नहीं हो जाए क्योंकि company यह दिदी
13:50बंद हो जाएगी तो हम कहां से पैसा देंगे
13:53बिखती हुई company नहीं अच्छे से बिखेगी तो इसलिए आपको पता है कि अभी तक में लगवग लगवग 1300 कमपनिया
14:01जो है उसकी successfully उसका जो है resolution हो चुका है और भारत सरकार को लगवग 2024 पचीस तक
14:13450,000,000 करोर रुपया मिला है बैंक का डुबा हुआ जो पैसा है वो 450,000,000 करोर रुपया
14:19लेकर आये हैं और आप जो कहा रहे थे कि कम आया बेसी आया लगवग लगवग 49.3 परसंट मतलब
14:27यदि हमने 1,000,000 करोर रुपया दिया था तो 50,000 करोर रुपया जो हम recovery कर चुके हैं
14:33नहीं तो आपके समय जो हालत था जिसमें कि आप DRT के माध्यम से बेच रहे थे, कभी आपने देखा
14:39है 2004 से 2014 तक जो DRT प्रोसेस में जो कमपनियां विकी हैं, उसकी कितनी रिकवरी है, उसकी रिकवरी केवाल
14:4718% है, केवाल 18%
14:50और वो जो 18% में कमपनियां विकी, मैं दस कमपनियों के नाम आपको बता सकता हूँ, कि वो कमपनियां
14:58ऐसी हैं, जो कि आज बड़ी सक्सेस्फूल हैं, आपने कौडी के दाम पर जो है बेच दिया, लेकिन यह कोट
15:05का यह जो प्रोसेस है, NCLT का जो प्रोसेस है, IBC का जो यह �
15:09हम लगवग लगवग 50% इसकी रिकवरी करके आये हैं, यह एक सबसे बड़ा हमने इसमें चेंज किया है, इसके
15:19बाद आपने क्रॉस बॉर्डर इंसॉल्वेंसी की बात कही, इसमें वो है, क्रॉस बॉर्डर इंसॉल्वेंसी को जो है, और यह कहां
15:28से आया, मैं आपको बता�
15:39इसका प्रॉसेस भारत टाई करेगा, यह सुप्रिम को टाजेट्मेंट है, जिसके आधार पर यह चेंज करने की बात आई, या
15:44नीदर रेंट टाई करेगा, क्योंकि यहां जितनी कंपनिया है, यहां पहले सिविल इविशन मिनिस्टर जोतिराजिस सिंधिया साब बेटे व
16:09हमारा पैसा यदि डूब रहा है, बैंकों का पैसा लिया हुआ है, बैंकों के पैसे से जो हवाईजाज करीद रहे
16:14हैं, और यह जो चेंज करने का आया, क्रॉस बॉर्डर इंसेलवेंसी में, सबसे बड़ा सवाल जे टेरवेच के जज्मेंट के
16:22बाद, भारत सरकार ने यह �
16:24कि कोई लीगल फ्रेम वर्क नहीं होने के कारण हमको काफी लिटिगेशन में जाना पड़ता है, इसलिए NCLT में यह
16:32संसोधन करना होगा, कि भाईया यदि लीज में एरक्राफ्ट यहां आया है, तो आपको भारत सरकार का ही कानून मानना
16:39पड़ेगा और वो पाले से साइन क
16:41करना पड़ेगा, तो कि जिस तरह से अवियेशन सेक्टर आगे बढ़ रहा है, जिस तरह से चपल पानने वाले लोग
16:47जो है, उनको हवाई जहाज में चड़ना है, वो तब चड़ेंगे ना जब यहां का पैसा बचेगा, नहीं तो लोग
16:53तो भाग जाते हैं, अब आप ही सम
17:09से बाहर आते थे, पूरी कॉंग्रेस उनके पिछे पिछे चलती थे, क्योंकि बंबे वो रोज आपके सदेशियों को लेकर जाते
17:15थे, और बंबे से जो है संबार को लेकर आते थे, सुखरबार होता था, तो इस तरह के सिचुएशन में
17:20यह जो इंसॉल्वेंसी प्रोसेस है
17:22बाहर.
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