00:00एक कहबत है हिंदी में ज्यादा जोगी मठ हुजार
00:11मैं 2009 में इस सदन का सदस्य बना
00:18और भारती जन्ता पार्टी के नेत्रित्तु का मैं सुक्रगुजार हूँ
00:22कि उन्होंने मुझे पहली ही बार फारांस कमिटी का और पब्लिक अकाउंट कमिटी का सदस्य बना दिया
00:30इस्टेंडिंग कमिटी का
00:35और उस दिन से लेके लगातार एक चीज जिसके उपर की हमारी कमिटी जितनी भी रिपोर्ट है
00:43और मैं कॉंग्रेस के अपने साथियों से कहूंगा
00:46कि उनको उस सारे कमिटी की रिपोर्ट पढ़नी चीए जो 2009 से लेके 14 तक हमारी कमिटी ने डाला
00:55हमने लगातार कहा कि जो रिजॉलिशन प्रॉसेस है आपका जो कि जगदंपिका पाल साहब बता रहे थे
01:04कि आप एक कमपनी डाउन जाती है वो पैसा पेमेंट करने के स्थिती में नहीं है उसका एन पिय होता
01:12है
01:13आप उसको जो है दूसरे मद में लोन दे देते हो और उसी लोन से वो लोन चुकाता है और
01:22ये जो मैनूपिलेशन है ये मैनूपिलेशन देश को एदिन बरबाद कर देगा
01:29लेकिन जो मैंने सब्द कहा कि ज़्यादा जोगी मठ हुजार भरपूर अर्थ सास्त्रियों से भरी हुई वो सरकार थी
01:39डॉक्टर मन मोहन सिंग जी जिनकी पूरी दुनिया आदर करती है वो खुद प्रधान मंत्री थे
01:45चिदंबरम साहब थे प्रणम मुखर जी साहब थे मौन्टेक सिंग अहलूवालिया साहब थे
01:51मलब आप नाम लीजिए रॉकुराम राजन साहब थे नाम लीजिए उस वक्त दुनिया के जितने बड़े अमर्त सेंसे लेके सारे
02:00लोग इस सरकार को मदद कर रहे थे
02:04लेकिन इन लोगों को जो अमेरिका का सब प्राइम क्राइसिस आया दोहजार आट में
02:11उस से भी इनको प्रेरना नहीं मिली और हमारी कमीटी ने 2009 में 2010 में 2011 में 2012 में कहा
02:19कि एन पिय बढ़ रहा है भाईया इसका कुछ करो जो लोन आप दे रहे हो उतना कॉलेटरल है ही
02:30नहीं उतना पैसा है ही नहीं उस कमपनियों के पास
02:33ना वो एक्यूप्मेंट ला रहा है ना वो लोगों को रुजगार दे रहा है ना उसके पास जमीन है आप
02:40केवल फोनो बैंकिंग का सहरा ले रहे हो लेकिन किसी ने बात नहीं मानी
02:452014 में जब मानी मोदी जी के नेत्रितों में सरकार बनी तो पूरा बैंक का हलत खराब था जिस जीडिपी
02:55की बात कर रहे हैं जो कॉंग्रेस के जितने लोग भासन देते हैं मुझे तो निरासा होती है वहिया आप
03:03पड़े लिखे आदमी हो कोई डॉक्टर है कोई लॉयर है को
03:09लोण जो कहते हो कि लोण जो है रिपे नहीं हो रहा है आप राइट आफ कर दे रहे हो
03:14आप बिजनसमें भाग गया मैं आपके सारी बात से सामत हूँ एकदम आप सही बोलते हो लहिन कभी आपने देखा
03:22है कि वह लोण कब का है वो लोन 2004 से लेके 2014 तक है 2014 के बात से कोई
03:33लो�
04:03भागा होगा हो सकता है कि हमारी सरकार के समय भागा हूगा मैं उसे
04:11गोल्ड लाइ vallahi और यहां के लोकल मार्केट में दीजे और आठी 1- 2
04:32जो है उसको आप बाहर बेज़ दीजिए की रिपोर्ट आई 2014-15 की मैं कॉपी बेज़ दूंगा आपके नित्रतु को
04:39वो यह कह रहा है कि पाच घंटे में डायमंड आया पाच घंटे में गोल्ड आया पाच घंटे में चांदी
04:49आया और वो प्रोसेसिंग करने के लिए कभी हर
04:53कभी द्वार चला गया कभी सूरत चला गया कभी बंबे चला गया सब दिली एरपोट पर आया और पाच घंटे
04:59में उसको प्रोसेस करके उसको एक्सपोर्ट कर दिया
05:04और निर्मोधी ने क्या किया जब सब धन एक बाइस-पसरिय हो गया तो जो नेच्टोर्ल डायमंड था और जो
05:13आर्टिफेशल डायमंड था उसमें सब उसने आर्टिफेशल डायमंड जो है नेच्टोर्ट के तरह बेश्छा सुरू कर दिया
05:20पैदा आप करो, करप्शन आप करवा, उपर से जो है आप मेरे उपर कोश्चन करो, 15 लाख करोड रुपईया, एक
05:29दो पैसा नहीं, 15 लाख करोड रुपईया इस देश का बैंक में डूब गए,
05:39कोई था पोजिशन नहीं, अब भारत सरकार जब आई, मोदी जी आई, और क्योंकि जो GDP आप छोड़ कर गए,
05:472004 का एकोनॉमिक सर्वे यह दिया, आप देख लीजेगा, तो भारती जंदा पार्टी जब छोड़ कर गई,
05:53यूपिये को जब उसने अपना चार्ज दिया, तो आपने एकोनॉमिक सर्वे में, आपने, 2005 के एकोनॉमिक सर्वे में आपने कहा,
06:03कि हमको अटल विहारी बाजपे, इन्हें रोबोस्ट एकोनॉमि छोड़ी है,
06:08जीडिपी का जो लेवल था, वो 9 परसेंट था, 9 परसेंट के दर से ये देश आगे बढ़ रहा था,
06:15लेकिन जब हमने चार्ज लिया, मानने मोदी जी ने चार्ज लिया, तो ये एकोनॉमि 4.2 परसेंट के रेट से
06:23बढ़ रही थी,
06:24और 15 लाख करोड रुपया, टोटल बैंक का जो लोन था, वो लगवग लगवग 52 लाख करोड रुपया बैंकों ने
06:34पूरे 1947 ते लेके 2014 तक दिये थे लोन, उसमें से 15 लाख करोड रुपया डूब गया था,
06:44और 9 लाख करोड रुपया जो था, वो ये था कि वो मिलेगा या नहीं मिलेगा, 50 परसेंट पैसा बैंक
06:54का डुआवा था, कोई भी बैंक का चेर्मेन एक फाइल साइन करने को तयार नहीं था,
07:01इन्फलेशन का रेट जो है, आप 10 परसेंट, 11 परसेंट लेके गए थे, महगाई जो है, दिन रात आगे बढ़
07:07रही थे, क्या करती है हमारी सरकार, हमारी सरकार को यदि डवलप्मेंट कर रहा था, जिसके आधार पर की, भारत
07:16की जनता ने, मानी मोदी जी को वोट दिया थ
07:24लेकर हम जो है, इन्सॉल्वेंसी एंड बेंकरप्सी कोड लेकर आए हम, और मुझे फक्र है कि 2009 के बाद से
07:36इस देश में जितने बड़े कानून बने, चाहे आपने बनाए, चाहे यूपिये के समय बने, चाहे एंडिये के समय बने,
07:43लगवग लगवग सभी कमीटी का मैं स�
07:47आए बीसी कमीटी का भी सदस्त था, अब आए बीसी कमीटी में यह काते है कि चर्चा नहीं भी चर्चा
07:53तो यार जब आए बीसी आया, मानी सभापती महदिया, उस वक्त भी जेपीसी बनी, भुपेंदर यादर जी जेपीसी के अध्यक्स
08:01थे, और अभी जब यह रिपोर्�
08:16तो था कि फाइनली एक ऐसा रोबोस सिस्टम स्टेंथन किया जाए, जिसमें कि बैंकों को भी बचाएं, विकास भी हो,
08:26और कहीं यह करप्शन का जो है दायरा नहीं आए, तो हमने कहीं एक अधिकार दी, लेकिन अधिकार जब आप
08:35देते हैं, कानून जब आप बनाते हैं, �
08:38तो इस देश में कुछ भी हो, सबसे पहला यह होता है कि कानून को तोड़ने के रास्ते कैसे हो
08:45से, कानून के रास्ते क्या थे, कि आपने किसी कंपनी को जैसे, मान लिजे कि मैं एक मिनर्वा कंपनी का
08:55जिकर कर रहा हूँ,
08:57असी हजार करोर रुपया उसको लोन दिया, पता है उसके कोलेटरल केबल सो रुपय थे, तो जब यह कानून बना,
09:11इस कानून में लूफ होल्स थे, लूफ होल्स क्या क्या थे, जिसके लिए कि हमने बनाया और जो यह संसोधन
09:16करने के लिए हम आये हैं,
09:18पहला जो लूप फोल्स था कि जो mandatory admission है जिसके बारे में कि का रहे थे पाल साहब कि
09:27इसमें कोई भी आदमी जो secured creditor है इसमें जो 4-5 लोग हैं secured creditor है unsecured creditor है
09:37जो वहां लोगों के काम करने वाले लोग हैं और जहां माल लीजे कि society का मामला आता है या
09:44मकान का मामला आता है तो जो
09:46उसमें जिन्होंने बुक कराया हुआ है आम आदमी वो एक creditor के तोर पर हमने जो है waterfall mechanism बनाया
09:52उस waterfall mechanism ये है कि किसको सबसे पहले यदि ये समान बिकेगा तो किसको सबसे पहले इसका पैसा जाएगा
10:02उसमें हमने सबसे पहला ये तैय कि जो रोज काम करने वाले लोग है जो वह
10:11के इंपलाई है जो वहां के गरीब लोग है सबसे पहला अधिकार पैसे पर उनका है दूसरा हमने बनाया कि
10:21जो banking system है जो secured creditor है जिसका की खुले आम पैसा जो है पता है कि ये पैसा
10:28इसी बैंक का है इसी financial institution का है वो दूसरा जो है waterfall mechanism में वो था कि वो
10:34दूसरा पैसा secured creditor को जा�
10:41company में किसने गिट्टी का सप्लाई किया किसीने मिट्टी का सप्लाई किया किसीने बालू का सप्लाई किया किसीने material का
10:46सप्लाई किया तो वो unsecured creditor है उसको third हमने जो है ये माना ये हमने waterfall mechanism मनाया अब
10:55उसमें जब ये mechanism आगे बढ़ा तो एक case आगया Supreme Court में विधर्ब Industries Power Limited versus Axis Bank
11:04�
11:05ये case आगया अब इस case ने कहा कि N.C.L.T. को ये अधिकार है कि वो किसी
11:13resolution process को स्विकार करे या किसी resolution process को स्विकार करे क्योंकि यहाँ जो सब्द था में और सैल
11:24मतलब आपको मैं बताओं कि जब कानून हम और आप बनाते हो हम आप तो politician हो कानून में हम
11:30को यदि lawyer होते तो Supreme Court मे
11:32कही हम सारे member of parliament जो है practice करते हम एक practical बात एक साधरन बात लेके चलते हैं
11:38अब Supreme Court ने अपने judgment में में और सेल का फर्क बता दिया कि नए N.C.L.T.
11:44को यदिकार है कि वो किसी चीज को स्विकार कर सकता है किसी चीज को अस्विकार कर सकता है अब
11:51मालिजे कि एक गरीब आदमी है unsec
11:54secured creditor है जिसने एक लाख रुपईया का supply किया दो लाख रुपईया का supply किया वो तो मर जाएगा
12:00ना वो बड़ा आदमी तो है नहीं बैंक में तो मालिजे कि sovereign guarantee है भारत सरकार की तो बैंक
12:06में बचने की काफी संभावना है वो कैसे बचेगा और N.C.L.T. को एधिकार हो गया त
12:23अब N.C.L.T. के चारों तरफ के बंधन को हमने बान दिया कि आपको उसको स्विकार करना है
12:30पहले आप उस प्रोसेस को स्विकार करिए और फिर जो दूसरा प्रोसेस पाल सहाम ने बताया कि अब पहले क्या
12:39था कि 66% 70% जो है secured creditor यदी वोट देंगे तो होगा अब ऐसा नही
12:46कई एक बार प्रोसेस में हुआ कि कुछ लोग सामत हो सकते हैं कुछ लोग औसामत हो सकते हैं किसी
12:51बैंक का एक अलग स्टाइल है किसी का नया स्टाइल है भारत सरकार के कोई institution है वो एक साथ
12:56काम करना चाहते हैं यहाँ private sector का बहुत development हो गया है तो उस प्रोसेस को हम नीचे ल
13:14पढ़ा नहीं कि आरपी कौन बनाएगा आरपी वो बनाएगा जो secure creditor है यह जितने resolution process में वो आरपी
13:25जो है जो professional बनाए जाएंगे और professional इसलिए बनाए जाएगा जो हमारे सारे पहले के वक्ताओं ने कहा कि
13:33वो यह इसलिए बनाए जाएंगे कि company यह चलती हुए company है और किसी
13:38घाटे में है तो हम दो-तीर मेंने जब तक कि यह resolution प्रोसेस पूरा नहीं हो जाता है हम
13:44उसका यह प्रयास करेंगे कि वो company बैठ नहीं जाए वो company बंद नहीं हो जाए क्योंकि company यह दिदी
13:50बंद हो जाएगी तो हम कहां से पैसा देंगे
13:53बिखती हुई company नहीं अच्छे से बिखेगी तो इसलिए आपको पता है कि अभी तक में लगवग लगवग 1300 कमपनिया
14:01जो है उसकी successfully उसका जो है resolution हो चुका है और भारत सरकार को लगवग 2024 पचीस तक
14:13450,000,000 करोर रुपया मिला है बैंक का डुबा हुआ जो पैसा है वो 450,000,000 करोर रुपया
14:19लेकर आये हैं और आप जो कहा रहे थे कि कम आया बेसी आया लगवग लगवग 49.3 परसंट मतलब
14:27यदि हमने 1,000,000 करोर रुपया दिया था तो 50,000 करोर रुपया जो हम recovery कर चुके हैं
14:33नहीं तो आपके समय जो हालत था जिसमें कि आप DRT के माध्यम से बेच रहे थे, कभी आपने देखा
14:39है 2004 से 2014 तक जो DRT प्रोसेस में जो कमपनियां विकी हैं, उसकी कितनी रिकवरी है, उसकी रिकवरी केवाल
14:4718% है, केवाल 18%
14:50और वो जो 18% में कमपनियां विकी, मैं दस कमपनियों के नाम आपको बता सकता हूँ, कि वो कमपनियां
14:58ऐसी हैं, जो कि आज बड़ी सक्सेस्फूल हैं, आपने कौडी के दाम पर जो है बेच दिया, लेकिन यह कोट
15:05का यह जो प्रोसेस है, NCLT का जो प्रोसेस है, IBC का जो यह �
15:09हम लगवग लगवग 50% इसकी रिकवरी करके आये हैं, यह एक सबसे बड़ा हमने इसमें चेंज किया है, इसके
15:19बाद आपने क्रॉस बॉर्डर इंसॉल्वेंसी की बात कही, इसमें वो है, क्रॉस बॉर्डर इंसॉल्वेंसी को जो है, और यह कहां
15:28से आया, मैं आपको बता�
15:39इसका प्रॉसेस भारत टाई करेगा, यह सुप्रिम को टाजेट्मेंट है, जिसके आधार पर यह चेंज करने की बात आई, या
15:44नीदर रेंट टाई करेगा, क्योंकि यहां जितनी कंपनिया है, यहां पहले सिविल इविशन मिनिस्टर जोतिराजिस सिंधिया साब बेटे व
16:09हमारा पैसा यदि डूब रहा है, बैंकों का पैसा लिया हुआ है, बैंकों के पैसे से जो हवाईजाज करीद रहे
16:14हैं, और यह जो चेंज करने का आया, क्रॉस बॉर्डर इंसेलवेंसी में, सबसे बड़ा सवाल जे टेरवेच के जज्मेंट के
16:22बाद, भारत सरकार ने यह �
16:24कि कोई लीगल फ्रेम वर्क नहीं होने के कारण हमको काफी लिटिगेशन में जाना पड़ता है, इसलिए NCLT में यह
16:32संसोधन करना होगा, कि भाईया यदि लीज में एरक्राफ्ट यहां आया है, तो आपको भारत सरकार का ही कानून मानना
16:39पड़ेगा और वो पाले से साइन क
16:41करना पड़ेगा, तो कि जिस तरह से अवियेशन सेक्टर आगे बढ़ रहा है, जिस तरह से चपल पानने वाले लोग
16:47जो है, उनको हवाई जहाज में चड़ना है, वो तब चड़ेंगे ना जब यहां का पैसा बचेगा, नहीं तो लोग
16:53तो भाग जाते हैं, अब आप ही सम
17:09से बाहर आते थे, पूरी कॉंग्रेस उनके पिछे पिछे चलती थे, क्योंकि बंबे वो रोज आपके सदेशियों को लेकर जाते
17:15थे, और बंबे से जो है संबार को लेकर आते थे, सुखरबार होता था, तो इस तरह के सिचुएशन में
17:20यह जो इंसॉल्वेंसी प्रोसेस है
17:22बाहर.
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