00:00एक शोटे से स्कूल में सुभे की प्राहना चल रहे थी, सारे बच्चे लाइन में खड़े ओके आँखे बंद करके
00:06बगवान को जाद कर रहे थे
00:08लेकिन उसी लाइन में एक शोटा सा मासूम बच्चा भी खड़ा था, उसके हाथ में थी एक चोकलेट
00:13वो बच्चा दुबिदा में था प्राथना करूँ जा चोकलेट खाऊं दीरे दीरे उसने इदर उदर देखा सबकी आँखे बनती बस
00:21फिर क्या था उसने चुपके से चोकलेट खोलनी शुरू की और दीरे दीरे खाने लगा लेकिन मजदर बाद ये ठीकी
00:28वो साथ साथ आँ�
00:42अपने दिल की सुन रहा था कभी कभी मासूमियत ही सबसे खुबसूरत चीज होती है जहां दिल साफ होता है
00:49बहां शोटी शोटी गलतियां भी प्यारी लगती है
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