00:00जब तोतों ने स्टोवरी के बगिचे पर किया हमला लेकिन जो हुआ वो दिल शूजाएगा एक हरे बड़े बगिचे में
00:06सुबे की हलकी दूप खिल रही थी लाल लाल रसीले स्टोवरीया पोदों पर चमक रही थी तब ही अचानक आसमा
00:13से तोतों का एक जुन उतरता है उनक
00:15कि हरी बड़ी पंकरियों लाल चोंट जैसे प्रकृति की खुबसूरती को और बढ़ा रही थी तोते दीरे दीरे पोदों पर
00:23बैठते और मिटी स्टोवरीया खाने लगते कोई एक स्टोवरी को चोंट में पकड़ कर उदने की कोशिस करता तो कोई
00:29वहीं बैठका राम से स�
00:34शोटा सा तिहार बना लिया हो लेकिन जे सिर्फ खाने की बार नहीं थी उनके बीच एक अनोखा पनापन भी
00:41दिखरा था एक तोता जब स्टोवरी गिरा देता तो दूसरा उसे उठाकर उसके पास ले आता सब मिल जुलकर खुशी
00:48से खाते और खुश रहते कुश देर बा�
00:52गया तो पूरा जुन्ट एक साथ उठ गया पीशे से उठ गया सिर्फ एक खाली टंडल और एक प्यारी सी
00:58जाद जिद रिश्य हमें सिखाता है कि शोटी-शोटी खुशियों में भी कितना बड़ा सुकून शिपा होता है बस उसे
01:06महसूस करने की नज़त चाहिए
Comments