00:00जीसे तुम शोटा समझते हो वहीं एक दिन तुमारी जान बचा सकता है एक साल पहले बेंकर सुके ने पूरे
00:05जंगल को सुना कर दिया था नदिया सुख चुकी थी पेड मुट जा गेते और हर जी प्यार से तरफ
00:09रहा था उसी समय एक शोटी सी चिंटी पानी की तलास में ब�
00:23जा दिया चिंटी की जान बचेगी उसी दिन उसने मन में सोचा एक दिन मैं एहसान का बदला जुरूर चुका
00:29ही हुई समय बीद गया फिर एक दिन वहीं मशली एक जाल में फसकी बे टड़फ रहती कोई मदद करने
00:34वाला नहीं था तवी वहीं शोटी चिंटी वहां पहुं
00:53लोड कर आती है
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