Skip to playerSkip to main content
नवरात्रि के आठवें दिन Maa Mahagauri की पूजा का विशेष महत्व है। उनकी Vrat Katha सुनने से जीवन के पाप, दुख और negative energy समाप्त होती है। इस video में जानें Maa Mahagauri Katha, Puja Vidhi, Mantra और Bhog की पूरी जानकारी।
Maa Mahagauri blesses devotees with peace, purity, beauty, and prosperity. True devotion removes obstacles and fulfills wishes. Watch full video for spiritual benefits.
🙏 Jai Mata Di | Share & Follow for more Bhakti videos

#MaaMahagauri #Navratri #Navratri2026 #NavratriDay8 #Mahagauri #DurgaMaa #Navdurga #JaiMataDi #Bhakti #BhaktiVideo #HinduDharm #SanatanDharma #SpiritualIndia #Devotional #VratKatha #ReelsIndia #TrendingNow #ViralVideo #IndianCulture #FestivalVibes
Transcript
00:26
00:56
00:59वे श्वेत वस्त्र धारन करती हैं और उनका वाहन है व्रिशब जो धर्म, स्थिर्ता, धैर्य और शक्ति का प्रतीक है।
01:11एक हाथ में त्रिशूल, जो एंकार और अज्ञान का नाश करता है।
01:16दूसरे हाथ में डमरू, जो स्रिश्टी की उर्जा और ब्रहमांडिय चेतना का प्रतीक है।
01:22तीसरा हाथ अभय मुद्रा में, जो भक्तों को भैसे मुक्त करता है।
01:26और चौथा हाथ वर मुद्रा में, जो सभी इच्छाओं को पूर्ण करता है।
01:32उनका शांत और सौम्य स्वरूप यह संदेश देता है।
01:36कि जब मन पूर्ण रूप से शांत हो जाता है।
01:39तभी आत्मा को परम शांती प्राप्त होती है।
01:43मा महागौरी की दिव्यक था, शिव पुराण और देवी भागवत अनुसार।
01:47प्राचीन काल में, मा महागौरी ने पारवती के रूप में हिमाले के घर जन लिया।
01:54बचपन से ही उनका एक ही संकल्प था।
01:58भगवान शिव को पती रूप में प्राप्त करना।
02:01इस संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने अत्यल्प कठोर तपस्या आरंब की।
02:07हजारों वर्षों तक उन्होंने अन्न और जल का त्याक कर दिया।
02:13घने जंगलों में, धू, वर्षा और कठिन परिस्थितियों में अडिक होकर तप करती रही।
02:20इस कठोर तपस्या के कारण।
02:23उनका शरीर काला और कठोर हो गया।
02:26लेकिन उनकी भक्ती, उनकी श्रद्धा, उनका विश्वास कभी दी कमजोर नहीं पड़ा।
02:34उनकी इस सटूर तपस्या से प्रसन होकर भगवान शिफ प्रकट हुए।
02:40उन्होंने मा पारवती को स्वीकार किया।
02:44और गंगा जल से उनका अभिशेक किया।
02:47जैसे ही गंगा का पवित्र जल उनके शरीर को स्पर्श करता है।
02:51उनका स्वरूप अत्यंत गौर, दिव्य और प्रकाश्मय हो जाता है।
02:56तभी से वे कहलाती है।
02:58मा महागौरी
03:00यह केवल बाहरी परिवर्तन नहीं था।
03:04यह आत्मा की पूर्ण शुद्धी का प्रतीक था।
03:07यह दर्शाता है कि
03:09सच्ची भक्ती और तप से।
03:12मनुष्य अपने कर्मों और जीवन को पूरी तरह बदल सकता है।
03:16आध्यात्मिक और योगिक रहस्या।
03:19नवरात्री का आठवा दिन।
03:22साधक के आज्या चक्र को जागरित करता है।
03:25यह वही चक्र है।
03:28जो ज्ञान, अंतरज्ञान और आत्मिक शक्ती का केंद्र है।
03:32जब यह चक्र सक्रिय होता है।
03:35तो व्यक्ति को सही और गलत का ज्यान होता है निर्णय लेने की शक्ति बढ़ती है और जीवन में सपश्टता
03:43आती है मा महागौरी का ध्यान करने से मन शान्त होता है और आत्मा अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानती है
03:53शास्त्र सम्मत पूजा विधी पूर्ण क्रम सु
04:05सबसे पहले पांच से दस मिनिट ध्यान करे मन को शान्त करे फिर दाहीने हात में जल अक्षत और फूल
04:14लेकर संकल पले मैं अपना नाम श्रद्धा और भक्ति से मा महागौरी की पूजा कर रहा रही हूँ त्रिप्या मेरी
04:22मनो कामनाय पूर्ण करे अब मा की प्रतिमा या च
04:26चित्र स्थापित करे गंगाजल छिड़कर स्थान को शुद्ध करे घी का दीपक जलाए दू पर्पित करे इसके बाद पूजन क्रम
04:37करे आसन अर्पन पाध्या अर्ग्या आच्मन गंगाजल से स्नान वस्त्र अर्पन चंदन कुमकुम अक्षत सफेद पुश पर्पित करे
04:543. । दूप और दीप अर्पित करेगी
04:56यह शोडशोपचार, पूजा का पूर्ण और सरल रूप है
05:01भोग और उसका आध्यात्मेकर्द
05:03मां महागौरी को विशेश प्रिया है
05:07खीर, नारियल, दूट से बने पक्वान
05:12हल्वा
05:14यह सभी भोग शुद्धता, सात्विक्ता और पवित्रता का प्रतीक है।
05:19इनका अर्पन मन और आत्मा की शुद्धी का संकेत देता है।
05:24शक्तिशाली मंत्र, पूरी उर्जा के साथ।
05:27उर्जा के समय कम से कम 108 बार इस बीज मंत्र का जाप करें।
05:32ओम देवी महागोर्य नमा, ध्यान मंत्र, श्वेते व्रिशे समारूधा, श्वेताम बर्धरा शुभा, महागोरी शुभम दध्यान महादेव प्रमूद्धा, सार्व भौमिक मंत्र,
05:46या देवी सर्व भूतेशू, शान्ति रूपेन संस्थिता, नमस्तस्या, नमस्तस्या, �
05:531.
05:582.
05:583.
05:584.
05:585.
05:586.
05:587.
05:599.
06:0212.
06:0213.
06:0515.
06:0516.
06:0516.
06:0616.
06:0816.
06:1016.
06:2316.
06:2416.
06:2816.
06:3117.
06:3318.
06:3319.
06:3419.
06:3420.
06:3620.
06:53ुप्रात्री के 8 वे दिन मा महागौरी की सचे मन से आराध ना करें।
06:58उनकी कृपा से आपके जीवन में शांती, पवित्रता और सुख का वास होगा।
07:05यहाँ दिव्य प्रस्तुती चिंतन धारा द्वारा प्रस्तुत की गई है।
07:10जहां हम केवल कथाएं नहीं, बल्कि उनके पीछे छुपे गहरे आध्यात्मेक सत्य को आपके सामने लाते हैं।
07:18जय माता दिन।
Comments

Recommended