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On the third day of Navratri, devotees worship Maa Chandraghanta, the divine goddess of courage, strength, and protection from negative energies. She rides a lion and has 10 powerful arms, each holding sacred weapons, symbolizing bravery and power.
In this video, you will learn:
Complete Maa Chandraghanta Puja Vidhi (step-by-step ritual)
The significance of Day 3 of Navratri
How to offer yellow flowers, akshat (rice), and light diyas correctly
The Powerful Mantra: ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः
The spiritual benefits and blessings of worshipping Maa Chandraghanta
Common mistakes to avoid during puja
Worshipping Maa Chandraghanta during Navratri brings courage, confidence, positive energy, and protection from negative forces. This step-by-step guide ensures you perform the puja in the correct way and receive her divine blessings.


🙏 Presented by Chintan Dhara

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Transcript
00:00नवरात्री के तीसरे दिन, भक्तों की भक्ती और साहस का प्रतीक मा चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।
00:07बहुत समय पहले की बात है, संसार में भै और नकारात्मक शक्तियां फैल गई थी।
00:13लोग डर और असुरक्षा में जी रहे थे।
00:16किसी को यह समझ नहीं आ रहा था कि इस अंधकार और भै से मुक्ती कैसे पाए।
00:21तभी दिव्य लोग से प्रकट हुई मा चंद्रघंटा।
00:25उनका नाम ही उनके स्वरूप का प्रतीक था चंद्रघंटा।
00:29उनके माथे पर चंद्रमा जैसी घंटी है, जो हर भै और नकारात्मक्ता को दूर करती है।
00:35उनके तेजस्वी और वीर रूप को देख कर राक्षस और नकारात्मक शक्तियां भी भैभीत हो जाती थी।
00:42माथ चंद्रघंटा केवल शक्ति की देवी नहीं है, वे साहस, वीर्ता और आत्म विश्वास की देवी भी है।
00:49उनका रूप तेजस्वी और दिव्य है।
00:52उनकी साड़ी पीली या सुनहरी है, जो उर्जा और सकारात्मक्ता का प्रतीक है।
00:58उनके दस हाथ हैं, जिनमें उन्होंने त्रिशूल, शस्त्र, कमंडल, रत और अन्य शक्तिशाली हतियार धारन किये हुए हैं।
01:06उनकी आखों में गहराई है, जो भै और नकारात्मक शक्तियों को नश्ट करती हैं और भक्तों में आत्म विश्वास और
01:12साहस भरती है।
01:13माता शेर पर सवार है, जो वीर्ता, गती और शक्ति का प्रतीक है।
01:19उनके पीछे सूरज की किरणों जैसी दिव्यता फैलती हैं, जिससे उनके भक्तों के मन में उर्जा और उत्सा आता है।
01:27कहते हैं कि माता ने इस रूप में प्रकट होकर संसार में फैली नकारात्मक शक्तियों और भै को नश्ट किया।
01:34जो भक्त भैभीत नहीं होते, माता उन्हें अपनी दिव्यता और शक्ती से संकटों में साहस और सुरक्षा देती हैं।
01:42उनका यह रूप भक्तों को यह सिखाता है कि संकट और कठिनाईयों पर विजय केवल साहस और भक्ती से संभव
01:48है।
01:49महत्व और लाब मा चंद्रघंटा की पूजा करने से भक्तों को मिलता है।
01:55साहस और वीरता कठिन परिस्थितियों में दर ना लगे।
01:59नकारात्मक शक्तियों का नाश जीवन में नकारात्मक उर्जा कम हो।
02:03संकट में स्थिर्ता और मानसिक शक्ति, मानसिक संतुलन और धैर्य, सकारात्मक उर्जा और आत्मविश्वास, जीवन में उत्सा और सफलता, भाय
02:13और संकोट से मुक्ती भाय पर विजय और निडरता, पूजा विधी, सुभा जल्दी उठकर सनान करें, पीला या सुनहरा �
02:22वस्त्र पहने या शुबरंग है, माता की मूर्ती या चित्र के सामने बैठें, पीले फूल, दीपक और अक्षत चढ़ाए, मंत्र
02:32का जाप करें, ओम देवी चंद्र घंटाया नमा, पूजा करते समय ध्यान रखें, मन शांत और शुद्ध हो, केवल भक्ती
02:42भाव से पूज
02:42करें, दिखावा न करें, मूर्ती का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो, सुर्योदय का समय श्रेष्ट माना जाता
02:51है, मंत्र और रंग, शुब रंग, पीला, शक्तिशाली मंत्र, ओम देवी चंद्र घंटाया नमा, मंत्र जाप करते समय मन से
03:02शक्ति, साहस और सकारा
03:12पूजा स्थल और शरीर की साफ सफाई आवशक, भक्ती भाव के साथ पूजा करें, केवल बाहरी प्रदर्शन न करें, मंत्र
03:23जाप लगातार और ध्यानपूर्वक करें, नकारात्मक शक्तियों को आकर्शित करने वाली चीज़े पूजा स्थल पर न रखें, पूजा के सम
03:31मन में नकारात्मक विचार ना आए, आध्यात्मिक महत्व, मा चंद्रघंटा भक्तों को यह सिखाती है कि संकट और कठिनाई के
03:41समय भी मन स्थिर, सासिक और मजबूत रहना चाहिए, जो भक्त उनके नियमपूर्वक पूजा करते हैं, उनका जीवन संकट मुक्त,
03:50स्थिर �
03:50और सफल होता है, मा की भक्ती से भय, संकोच और नकारात्मकता दूर होती है, तो यह थी नवरात्री के
03:58तीसरे दिन की पूजा मा चंद्रघंटा, इन नियमों और भक्ती का पालन करके आप माता का पूर्ण आशिरवाद प्राप्त कर
04:06सकते हैं, कल हम जानेंगे चौथे दिन
04:08की माता मा कुश्मांडा, वीडियो प्रस्तुत है चिंतन धारा चैनल द्वारा, वीडियो को लाइक और शेर करें और माता का
04:17आशिरवाद पाएं, जय माता दी
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