00:00हमारे जिस प्रकार से एरान के साथ रिष्टे हैं, जो बातचीत हुई दो वेसल्स पहले आए, शवालिक और नंदा देवी,
00:06दो वेसल्स अब भी स्टेट ओफ हर्मुस से निकल चुकी हैं, दो अब भी वहाँ हैं, और भी वहाँ लोग
00:11फसे हैं, या इंडिया की डिप्लोमै�
00:26वहाँ नहीं आने रोकेगा, अगर भारत का झन्डा लगाँ, लेकिन थोड़ा ज्यादा कांपलिकेटेड हो जाती हैंगे, कही बार क्या होता
00:38है, कि शिप जो है, ज़रूरे नियए कि वह हो सकता है, कि ऐसा शिप है जो कि युए कनाड़ा
00:45में रेइस्टर्ड है, तो स्टे�
01:19आपका चाहूंगा क्या भारत तयार है क्यूंकि अब प्रदान मंतरी मोधी जी जब राजसभा में ऐसी बात बोलते हैं
01:26तो देश में डर का महल बनता है, हमने अभी हफ़ता भर पहले LPG क्राइसिस देखा,
01:31और अब तो दो शिप्स आ गई हैं, दो और आ रही हैं, लेकिन ये बात भी जूट नहीं है,
01:36कि वो जो शिप्स हैं, वो दो से तीन दिन का ही LPG कपासिटी लेके आती हैं,
01:41अब ये continue अगर नहीं हो पाता है, तो what is the way for India,
01:46इंडिया तो चाहता है ये जंग रुके, पर फिर अगले अगर पंदरा दिन तक नहीं रुकती,
01:50तो क्या करेगा भारत?
01:53देखें, मैं आपको अगर शिप्स कुछ फिगर्स बताता हूँ,
02:07हम सिर्फ बात कर रहे हैं क्रूड की, यह हम बात कर रहे हैं LPG की, LNG की,
02:10इसके अलावा बहुत बड़ा ट्रेड फैक्टर है, जहां पे इंडिया इस समें लॉसिज में है,
02:14उसका सबसे बड़ा एक्जामपल है हमारा बासमती राइस, हमारी टी, चाय जो है,
02:18टेक्स्टाइल्स हैं, केले हैं और ऐसी बहुत सारी चीज़े हैं जो इंडिया उसी पास से निकालता है और गल्प को
02:24एक्स्पोर्ट करता है,
02:25और अल्मूस्ट चार लाख टन जो हमारा बासमती राइस है, उसकी कंसाइनमेंस डिले हो रही है,
02:31हमारी कंट्री में बढ़ते जा रहे हैं, हम अगर क्लूड ओयल का जो रेट है, वो सिरफ 10 डॉलर बढ़ता
02:38है,
02:38तो इंडिया को हर साल 12 से 15 बिलियन डॉलर का लॉस है, अब अगर 70 डॉलर का प्राइस है,
02:44और अगर 110 डॉलर पहुंच जाता है, तो 40 के हिसाब से 60 बिलियन डॉलर इंडियन्स लूस कर रहे हैं
02:49हर साल, बिना कुछ करें,
02:51इसके लावा एर मार्केट में हमने देखा है, अथारा सो पॉइंट प्लस जो है सिंसेक्स वो गिर गया है, साथ
02:56-साथ बहुत सारी कंपनीज ऐसी है, उन्होंने ओपनली बोल दिया है, जो क्रूड के ओपर या ओईल के ओपर जो
03:01निडिपेंडेंट है, जो हमारी पेंट इं
03:18नहीं, ओवराल बहुत सारे फैक्टर्स हैं जिनकी वज़े से इंडियन जो हैं वो बहुत क्रूशल स्टेज पे हैं, हमारे पास
03:23अपने रिजर्व हैं, लेकिन उसके एक लिबिट होती है कि रिजर्व को हम कितना चलाएंगे, लेकिन अगें, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज
03:31इ
03:45के लिए बड़ा चालेंज है, दुनिया के लिए बड़ा चालेंज है, बट फिर अब अगले पास दिन, साथ दिन हम
03:50स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में क्या देख रहे हैं, और अब मेरे हिसाब से भी जो हमारी पूरी कॉन्वर्जेशन हुई, इससे
03:55ये बात साफ आती है, कि �
03:57ने भी स्टेट ऑफ हर्मूज से जो दबाफ पड़ा है, उसी वज़े से पहले वो 18 गंटे की वर्निंग दी
04:03और उसके बाद 5 दिन का एनरजी ट्रूस लगाया कि अब चलिए 5 दिन हम कोई हमला नहीं करेंगे, लेकिन
04:09अब स्टेट ऑफ हर्मूज को क्या खुलता हुआ दे�
04:25क्या जो भी डुप्लोमाटिक चैनल पर बात होती है, जो भी शर्ते मानी जाएंगी, क्या स्ट्रेट ऑफ हर्मूज इस को
04:32अन्वरिजेशन के बाद जो एक, दो, तीन दिन में होती है, वो खुलना आपको लग रहा है कि वो खुलना
04:38अब निश्चित है, क्योंकि सब को ये �
04:39आज समझ आ गई है कि 25 दिन अगर स्ट्रेट ऑफ हर्मूज बन रहा है या खत्रे में रहा, तो
04:44वर्ल्ड एकॉनमी को लाप्स कर सकती है, तो अब नमबर वन टॉकिंग पॉइंट इस्ट्रेट ऑफ हर्मूज, देखिए आगाशन हमने देखा
04:50होगा, जैसे ही ट्रम्प साब
05:05वो आके 96 दॉलर पहुंच गिया, तो इतना वरियेशन हो रहा है सिर्फ एक स्टेटमेंट की वज़े से, इसलिए सारे
05:11लोगे समझ चुके हैं कि स्टेट ऑफ हर्मूज जो है, वो एक नर्व सेंटर है, वो गले की हड़ी है,
05:16अगर इसको हमने सौट आउट नहीं करा, तो व
05:40इसको बहुत करेगा, जहां पर उनकी विक्टरी है, उनका इगो है, वो शांत हो जाए, अगर उनको एक रिस्पेक्टेबल एग्जिट
05:46मिल जाए, उनकी कुछ कंडिशन्स जो है, वो मान लें, अगर वो बैठके बात करें, तो आइम शूर यह सिस्पार
05:50हो सकता है.