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Iran-US जंग का असर अब सीधे भारत पर दिखाई देने लगा है।Strait of Hormuz पर बढ़ते तनाव ने तेल सप्लाई को खतरे में डाल दिया है।भारत अपनी बड़ी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस रास्ते पर काफी हद तक निर्भर है।अगर हालात और बिगड़े, तो देश में LPG और तेल की किल्लत फिर से बढ़ सकती है।Iran और United States के बीच टकराव से ग्लोबल मार्केट भी हिल गया है।क्या भारत के पास कोई वैकल्पिक रास्ता है या संकट गहराएगा?क्या सरकार पहले से तैयारी कर रही है इस संभावित ऑयल क्राइसिस के लिए?आम आदमी पर इसका कितना असर पड़ेगा, खासकर गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों परजानिए इस वीडियो में पूरी स्थिति का विश्लेषण और भारत के सामने खड़ी चुनौतियां।

The ongoing Iran-US war is now posing a direct threat to India’s energy security.Rising tensions around the Strait of Hormuz have put global oil supply at risk.India heavily depends on this crucial route for its oil and LPG imports.If the situation worsens, fuel shortages and LPG scarcity could returnThe conflict between Iran and United States is already shaking global markets.Does India have alternative supply routes to tackle this crisis?Is the government prepared for a potential oil shock?How will this impact common people, especially fuel and gas prices?Watch this video for a complete breakdown of the crisis and India’s challenges ahead.

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~HT.410~GR.538~PR.512~ED.520~

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00:00हमारे जिस प्रकार से एरान के साथ रिष्टे हैं, जो बातचीत हुई दो वेसल्स पहले आए, शवालिक और नंदा देवी,
00:06दो वेसल्स अब भी स्टेट ओफ हर्मुस से निकल चुकी हैं, दो अब भी वहाँ हैं, और भी वहाँ लोग
00:11फसे हैं, या इंडिया की डिप्लोमै�
00:26वहाँ नहीं आने रोकेगा, अगर भारत का झन्डा लगाँ, लेकिन थोड़ा ज्यादा कांपलिकेटेड हो जाती हैंगे, कही बार क्या होता
00:38है, कि शिप जो है, ज़रूरे नियए कि वह हो सकता है, कि ऐसा शिप है जो कि युए कनाड़ा
00:45में रेइस्टर्ड है, तो स्टे�
01:19आपका चाहूंगा क्या भारत तयार है क्यूंकि अब प्रदान मंतरी मोधी जी जब राजसभा में ऐसी बात बोलते हैं
01:26तो देश में डर का महल बनता है, हमने अभी हफ़ता भर पहले LPG क्राइसिस देखा,
01:31और अब तो दो शिप्स आ गई हैं, दो और आ रही हैं, लेकिन ये बात भी जूट नहीं है,
01:36कि वो जो शिप्स हैं, वो दो से तीन दिन का ही LPG कपासिटी लेके आती हैं,
01:41अब ये continue अगर नहीं हो पाता है, तो what is the way for India,
01:46इंडिया तो चाहता है ये जंग रुके, पर फिर अगले अगर पंदरा दिन तक नहीं रुकती,
01:50तो क्या करेगा भारत?
01:53देखें, मैं आपको अगर शिप्स कुछ फिगर्स बताता हूँ,
02:07हम सिर्फ बात कर रहे हैं क्रूड की, यह हम बात कर रहे हैं LPG की, LNG की,
02:10इसके अलावा बहुत बड़ा ट्रेड फैक्टर है, जहां पे इंडिया इस समें लॉसिज में है,
02:14उसका सबसे बड़ा एक्जामपल है हमारा बासमती राइस, हमारी टी, चाय जो है,
02:18टेक्स्टाइल्स हैं, केले हैं और ऐसी बहुत सारी चीज़े हैं जो इंडिया उसी पास से निकालता है और गल्प को
02:24एक्स्पोर्ट करता है,
02:25और अल्मूस्ट चार लाख टन जो हमारा बासमती राइस है, उसकी कंसाइनमेंस डिले हो रही है,
02:31हमारी कंट्री में बढ़ते जा रहे हैं, हम अगर क्लूड ओयल का जो रेट है, वो सिरफ 10 डॉलर बढ़ता
02:38है,
02:38तो इंडिया को हर साल 12 से 15 बिलियन डॉलर का लॉस है, अब अगर 70 डॉलर का प्राइस है,
02:44और अगर 110 डॉलर पहुंच जाता है, तो 40 के हिसाब से 60 बिलियन डॉलर इंडियन्स लूस कर रहे हैं
02:49हर साल, बिना कुछ करें,
02:51इसके लावा एर मार्केट में हमने देखा है, अथारा सो पॉइंट प्लस जो है सिंसेक्स वो गिर गया है, साथ
02:56-साथ बहुत सारी कंपनीज ऐसी है, उन्होंने ओपनली बोल दिया है, जो क्रूड के ओपर या ओईल के ओपर जो
03:01निडिपेंडेंट है, जो हमारी पेंट इं
03:18नहीं, ओवराल बहुत सारे फैक्टर्स हैं जिनकी वज़े से इंडियन जो हैं वो बहुत क्रूशल स्टेज पे हैं, हमारे पास
03:23अपने रिजर्व हैं, लेकिन उसके एक लिबिट होती है कि रिजर्व को हम कितना चलाएंगे, लेकिन अगें, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज
03:31
03:45के लिए बड़ा चालेंज है, दुनिया के लिए बड़ा चालेंज है, बट फिर अब अगले पास दिन, साथ दिन हम
03:50स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में क्या देख रहे हैं, और अब मेरे हिसाब से भी जो हमारी पूरी कॉन्वर्जेशन हुई, इससे
03:55ये बात साफ आती है, कि �
03:57ने भी स्टेट ऑफ हर्मूज से जो दबाफ पड़ा है, उसी वज़े से पहले वो 18 गंटे की वर्निंग दी
04:03और उसके बाद 5 दिन का एनरजी ट्रूस लगाया कि अब चलिए 5 दिन हम कोई हमला नहीं करेंगे, लेकिन
04:09अब स्टेट ऑफ हर्मूज को क्या खुलता हुआ दे�
04:25क्या जो भी डुप्लोमाटिक चैनल पर बात होती है, जो भी शर्ते मानी जाएंगी, क्या स्ट्रेट ऑफ हर्मूज इस को
04:32अन्वरिजेशन के बाद जो एक, दो, तीन दिन में होती है, वो खुलना आपको लग रहा है कि वो खुलना
04:38अब निश्चित है, क्योंकि सब को ये �
04:39आज समझ आ गई है कि 25 दिन अगर स्ट्रेट ऑफ हर्मूज बन रहा है या खत्रे में रहा, तो
04:44वर्ल्ड एकॉनमी को लाप्स कर सकती है, तो अब नमबर वन टॉकिंग पॉइंट इस्ट्रेट ऑफ हर्मूज, देखिए आगाशन हमने देखा
04:50होगा, जैसे ही ट्रम्प साब
05:05वो आके 96 दॉलर पहुंच गिया, तो इतना वरियेशन हो रहा है सिर्फ एक स्टेटमेंट की वज़े से, इसलिए सारे
05:11लोगे समझ चुके हैं कि स्टेट ऑफ हर्मूज जो है, वो एक नर्व सेंटर है, वो गले की हड़ी है,
05:16अगर इसको हमने सौट आउट नहीं करा, तो व
05:40इसको बहुत करेगा, जहां पर उनकी विक्टरी है, उनका इगो है, वो शांत हो जाए, अगर उनको एक रिस्पेक्टेबल एग्जिट
05:46मिल जाए, उनकी कुछ कंडिशन्स जो है, वो मान लें, अगर वो बैठके बात करें, तो आइम शूर यह सिस्पार
05:50हो सकता है.

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